Mamta Sharma
Mamta Sharma Apr 11, 2021

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कामेंट्स

Mavjibhai patel Apr 11, 2021
जय श्री राधे राधे शुभ रात्री वंदन

Ramesh Soni.33 Apr 11, 2021
जय श्री राम जय श्री राम 🌹🚩🌹ओम भगवते वासुदेवाय नमः🚩🚩🚩🌹🌹🙏🙏🌹🌹

Rajpal singh Apr 11, 2021
jai shree krishna Radhey Radhey ji good night ji 🙏🙏🙏🙏🙏

dhruv wadhwani Apr 11, 2021
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

Mavjibhai patel Apr 12, 2021
जय श्रीराम श्रीराम श्रीराम श्रीराम श्रीराम श्रीराम जय वीर हनुमान शुभ दोपहर वंदन

Mamta Sharma May 9, 2021

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🌳🦚आज की कहानी🦚🌳 💐💐आशा है, तो जीवन है💐💐 एक राजा ने दो लोगों को मौत की सजा सुनाई l उसमें से एक यह जानता था कि राजा को अपने घोड़े से बहुत ज्यादा प्यार है l उसने राजा से कहा कि यदि मेरी जान बख्श दी जाए तो मैं एक साल में उसके घोड़े को उड़ना सीखा दूँगा l यह सुनकर राजा खुश हो गया कि वह दुनिया के इकलौते उड़ने वाले घोड़े की सवारी कर सकता है l दूसरे कैदी ने अपने मित्र की ओर अविश्वास की नजर से देखा और बोला, तुम जानते हो कि कोई भी घोड़ा उड़ नहीं सकता ! तुमने इस तरह पागलपन की बात सोची भी कैसे ? तुम तो अपनी मौत को एक साल के लिए टाल रहे हो l पहला कैदी बोला, ऐसी बात नहीं है l मैंने दरअसल खुद को स्वतंत्रता के चार मौके दिए हैं .. पहली बात राजा एक साल के भीतर मर सकता है ! दूसरी बात मैं मर सकता हूं ! तीसरी बात घोड़ा मर सकता है ! और चौथी बात... हो सकता है, मैं घोड़े को उड़ना सीखा दूं !! सीख बुरी से बुरी परिस्थितियों में भी आशा नहीं छोड़नी चाहिए। रिकवरी रेट बढ़ रहा हैं, पॉज़िटिवीटी रेट घट रहा हैं, बिस्तर बढ़ रहे हैं, आक़्सिजन बढ़ रही है, इंजेक्शन का बड़ा उत्पादन शुरू हो गया है । वैक्सीन आ गई है !! रेल एक्सप्रेस, वायुयान दौड़ रहे है और योग शक्ति दे रहा हैं,धेर्य रखें हम जीत रहें हैं । आत्मविश्वास बनाए रखना है और सकारात्मक रहना है । 💐 सदैव प्रसन्न रहिये। जो प्राप्त है, पर्याप्त है।। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Tanu May 11, 2021

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🌳🦚आज की कहानी🦚🌳 💐💐नजरिया अपना-अपना💐💐 मास्टर जी क्लास में पढ़ा रहे थे, तभी पीछे से दो बच्चों के आपस में झगड़ा करने की आवाज़ आने लगी। “क्या हुआ तुम लोग इस तरह झगड़ क्यों रहे हो ?” मास्टर जी ने पूछा। राहुल : सर, अमित अपनी बात को लेकर अड़ा है और मेरी सुनने को तैयार ही नहीं है। अमित : नहीं सर, राहुल जो कह रहा है वह बिलकुल गलत है इसलिए उसकी बात सुनने से कोई फायदा नही। और ऐसा कह कर वे फिर तू-तू मैं-मैं करने लगे। मास्टर जी ने पास आने का इशारा कहा,”तुम दोनों यहाँ मेरे पास आओ।” अगले ही पल दोनो परस्पर व्यंगात्मक भाव लिए मास्टर जी की टेबल पर पँहुच गए। मास्टर जी ने दोनों छात्रों को अपनी टेबल के दाएं बाएं बैठने को कहा। अब शेष छात्रों को सम्बोधित करते हुए बोले, ”Fingure On The Lips. सभी छात्र पूर्ण शान्ति से बैठे रहें।” कक्षा में पूर्ण सन्नाटा छा गया सभी छात्रों की कौतुक नजरें मास्टर जी की तरफ। “जब तक ये दोनों छात्र यँहा मेरे पास हैं तब तक आप में से कोई छात्र कुछ नहीं बोलेगा।”मास्टर जी ने एक बार पुनः अपना आदेश दोहराया। अब मास्टर जी ने कवर्ड से एक बड़ी सी गेंद निकाली और अपनी टेबल के बीचो-बीच रख दी। मास्टर जी ने अपनी दायीं ओर बैठे राहुल से पूछा, “बताओ,यह गेंद किस रंग की है। राहुल ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,” जी यह सफ़ेद रंग की है।” मास्टर जी ने वही प्रश्न बाएं ओर के अमित से भी पूछा,”तुम बताओ यह गेंद किस रंग की है? अमित पूर्ण विश्वास के साथ बोला,”जी काली है।” दोनों छात्र अपने जवाब को लेकर पूरी तरह कॉंफिडेंट थे। अब फिर दोनों ने गेंद के रंग को लेकर बहस शुरू कर दी। मास्टर जी ने उन्हें शांत कराते हुए कहा,”अब तुम दोनों अपना अपना स्थान बदल लो और फिर बताओ की गेंद किस रंग की है ?” कक्षा के शेष छात्र कौतुक दृष्टि से तमाशा देख रहे थे। अमित अब दायीं ओर जबकि राहुल बाईं ओर आ गया था। इस बार उनके जवाब भी बदल चुके थे।राहुल ने गेंद का रंग काला तो अमित ने सफ़ेद बताया। मास्टर जी ने दोनों को अपनी अपनी सीट पर भेज कर गंभीर स्वर में कहा ,” बच्चों! यह गेंद दो रंगो से बनी है और जिस तरह यह एक जगह से देखने पर काली और दूसरी जगह से देखने पर सफ़ेद दिखाई देती है। उसी प्रकार हमारे जीवन में भी हर एक चीज को अलग अलग दृष्टिकोण से देखा जा सकता है। ज़रूरी नहीं कि जिस तरह से आप किसी चीज को देखते हैं उसी तरह दूसरा भी उसे देखें... इसलिए यदि कभी हमारे बीच विचारों को लेकर मतभेद हो तो यह ना सोचें कि सामने वाला बिलकुल गलत है बल्कि चीजों को उसके नज़रिये से देखने और उसे अपना नजरिया समझाने का प्रयास करें। तभी आप एक अर्थपूर्ण संवाद कर सकते हैं।” सभी छात्रों ने करतल ध्वनि से मास्टर जी की बात का समर्थन किया। शिक्षा :- आईये उक्त कथा से सीख लेते हुए हम भी एक दूसरे के नज़रिए को समझ कर अपने बीच उपजी संवादहीनता को दूर करने का प्रयास करें क्योंकि संवाद ही एकमात्र वह प्रक्रिया है जो हमारी गलतवहमी को दूर कर आपसी रिश्तों को मजबूत बनाती है। सदैव प्रसन्न रहिये। जो प्राप्त है, पर्याप्त है।। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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Dheeraj Shukla May 11, 2021

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Jai Mata Di May 11, 2021

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