Beena kuntal
Beena kuntal Sep 14, 2021

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GOVIND CHOUHAN Sep 14, 2021
Jai Shree Radhe Radhe Jiii 🌺🙏 Shubh Raatri Vandan Jiii 🙏🙏 Radha Ashtami Ki Hardik subh kamnaye jiii 🙏🙏🙏

Kailash Pandey Oct 26, 2021

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Ramesh Kumar Shiwani Oct 26, 2021

https://youtu.be/Phb2SjfLmtU 🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 26 अक्टूबर 2021* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - हेमंत* ⛅ *मास - कार्तिक (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अश्विन)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - पंचमी सुबह 08:23 तक तत्पश्चात षष्ठी* ⛅ *नक्षत्र - आर्द्रा पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *योग - शिव रात्रि 01:32 तक तत्पश्चात सिध्द* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:15 से शाम 04:40 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:39* ⛅ *सूर्यास्त - 18:05* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - 💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *पटाखों से जलने पर* 🌷 🎆 *पटाखों से जलने पर जले हुए स्थान पर कच्चे आलू के पतले पतले चिप्स काट कर रख दें या आलू का रस लगा दें । और कुछ ना लगाये । इससे १-२ घंटे में आराम हो जायेगा ।* 🙏🏻 *पूज्य बापूजी - Urli Kanchan 16th Oct 10* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *राहु मंत्र* 🌷 🙏🏻 *राहुदेवता का मंत्र है ..* 🌷 *ॐ राहवे नम: | ॐ राहवे नम: |* 🙏🏻 *अर्धकाय महावीर्यं, चंद्रादित्य विमर्दनं |* *सिंहिका गर्भसंभूतं ,तं राहूं प्रणमाम्यहं ||* 🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Ahemdabad 13th Jan' 2013* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *शास्त्रों के अनुसार* 🌷 🔵 *दीपावली के दिनों में न करें ये 7 काम* 🙏🏻 *दीपावली के दिनों में देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जाते है, पूजा की जाती है, लेकिन इन उपायों के साथ ही कुछ सावधानियां भी रखनी जरूरी हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि दीपावली के दिनों में हमें कौन-कौन काम नहीं करना चाहिए। यदि वर्जित किए गए काम दीपावली पर किए जाते हैं तो कई उपाय करने के बाद भी लक्ष्मी कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है।* 🔵 *यहां जानिए दीपोत्सव में कौन-कौन से काम न करें...* ❌ *सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए* *वैसे तो हर रोज सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए, लेकिन काफी लोग ऐसे हैं जो सुबह देर से ही उठते हैं। शास्त्रों के अनुसार दीपावली के दिनों में ब्रह्म मुहूर्त में ही उठ जाना चाहिए। जो लोग इन दिनों में सूर्योदय के बाद तक सोते रहते हैं, उन्हें महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है।* ❌ *माता-पिता और बुजुर्गों का अपमान न करें* *दीपावली पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी परिस्थिति में कोई अधार्मिक काम न हो। माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करें। जो लोग माता-पिता का अनादर करते हैं, उनके यहां देवी-देवताओं की कृपा नहीं होती है और दरिद्रता बनी रहती है। किसी को धोखा ना दें। झूठ न बोलें। सभी से प्रेम पूर्वक व्यवहार करें।* ❌ *घर में गंदगी न रखें* *दीपावली पर घर में गंदगी नहीं होना चाहिए। घर का कोना-कोना एकदम साफ एवं स्वच्छ होना चाहिए। किसी भी प्रकार की बदबू घर में या घर के आसपास नहीं होनी चाहिए। सफाई के साथ ही घर को महकाने के लिए सुगंधित पदार्थों का उपयोग किया जा सकता है।* ❌ *क्रोध न करें* *दीपावली पर क्रोध नहीं करना चाहिए और जोर से चिल्लाना भी अशुभ रहता है। जो लोग इन दिनों क्रोध करते हैं या जोर से चिल्लाते हैं, उन्हें लक्ष्मी की कृपा प्राप्त नहीं हो पाती है। घर में शांत, सुखद एवं पवित्र वातावरण बनाए रखना चाहिए। लक्ष्मी ऐसे घरों में निवास करती हैं जहां शांति रहती है।* ❌ *शाम के समय न सोएं* *कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर दिन में या शाम के समय सोना नहीं चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बीमार है, वृद्ध है या कोई स्त्री गर्भवती है तो वह दिन में या शाम को सो सकती हैं, लेकिन स्वस्थ व्यक्ति को दिन में या शाम को सोना नहीं चाहिए। शास्त्रों के अनुसार जो लोग ऐसे समय में सोते हैं, वे निर्धन बने रहते हैं।* ❌ *वाद-विवाद न करें* *इन दिनों में इस बात का भी ध्यान रखें कि घर में किसी भी प्रकार का कलह या झगड़ा नहीं होना चाहिए। घर-परिवार के सभी सदस्य प्रेम से रहें और खुशी का माहौल बनाकर रखें। जिन घरों में झगड़ा या कलह होता है, वहां देवी की कृपा नहीं होती है। घर के साथ ही बाहर भी इस बात का ध्यान रखें कि किसी से वाद-विवाद या झगड़ा ना करें।* ❌ *नशा न करें* *शास्त्रों के अनुसार इन दिनों में किसी भी प्रकार का नशा करना वर्जित किया गया है। जो लोग दीपावली के दिन नशा करते हैं, वे हमेशा दरिद्र रहते हैं। नशे की हालत में घर की शांति भंग हो सकती है और सभी सदस्यों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। इससे बचना चाहिए। अन्यथा वाद-विवाद हो सकते हैं और लक्ष्मी पूजा भी ठीक से नहीं हो पाती है।* 📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर* 📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🏻🌷💐🍀🌺🍁🌻🌹🌸🙏🏻

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Ramesh Kumar Shiwani Oct 26, 2021

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 27 अक्टूबर 2021* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत -1943* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - हेमंत* ⛅ *मास - कार्तिक (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार अश्विन)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - षष्ठी सुबह 10:50 तक तत्पश्चात सप्तमी* ⛅ *नक्षत्र - आर्द्रा सुबह 07:08 तक तत्पश्चात पुनर्वसु* ⛅ *योग - सिध्द रात्रि 02:10 तक तत्पश्चात साध्द* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:22 से दोपहर 01:48 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:40* ⛅ *सूर्यास्त - 18:04* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - 💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *पुष्य नक्षत्र योग* 🌷 ➡ *28 अक्टूबर 2021 गुरुवार को सुबह 09:42 से 29 अक्टूबर को सूर्योदय तक गुरुपुष्यमृत योग है ।* 🙏🏻 *१०८ मोती की माला लेकर जो गुरुमंत्र का जप करता है, श्रद्धापूर्वक तो २७ नक्षत्र के देवता उस पर खुश होते हैं और नक्षत्रों में मुख्य है पुष्य नक्षत्र, और पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं देवगुरु ब्रहस्पति | पुष्य नक्षत्र समृद्धि देनेवाला है, सम्पति बढ़ानेवाला है | उस दिन ब्रहस्पति का पूजन करना चाहिये | ब्रहस्पति को तो हमने देखा नहीं तो सद्गुरु को ही देखकर उनका पूजन करें और मन ही मन ये मंत्र बोले –* *ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |...... ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |* 🙏🏻 *- Shri Sureshanandji Kharghar -Navi Mumbai 7th Apr'13* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में* 🌷 🌳 *बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें |* 🙏🏻 *-लोककल्याण सेतु – जून २०१४ से* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *गुरूपुष्यामृत योग* 🌷 🙏🏻 *‘शिव पुराण’ में पुष्य नक्षत्र को भगवान शिव की विभूति बताया गया है | पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से अनिष्ट-से-अनिष्टकर दोष भी समाप्त और निष्फल-से हो जाते हैं, वे हमारे लिए पुष्य नक्षत्र के पूरक बनकर अनुकूल फलदायी हो जाते हैं | ‘सर्वसिद्धिकर: पुष्य: |’ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है | पुष्य नक्षत्र में किये गए श्राद्ध से पितरों को अक्षय तृप्ति होती है तथा कर्ता को धन, पुत्रादि की प्राप्ति होती है |* 🙏🏻 *इस योग में किया गया जप, ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है परंतु पुष्य में विवाह व उससे संबधित सभी मांगलिक कार्य वर्जित हैं | (शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याय 10)* 📖 *हिन्दू पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर* 📒 *हिन्दू पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏

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