Renu Singh
Renu Singh Dec 20, 2019

Jai Mata Di 🌸🙏🌸 Shubh Prabhat Vandan Ji 🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏

Jai Mata Di 🌸🙏🌸 Shubh Prabhat Vandan Ji 🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏🌸🙏

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कामेंट्स

Poonam Aggarwal Dec 20, 2019
🚩 JAY MATA DI 🚩🙏 mata rani ki kripa se aap ka hr pal Shubh mangalmay ho 💐 shubh sandhya vandan sister ji 👏🌹 radhe radhe ji 🙏🌷

K K MORI Dec 20, 2019
जय माता जी 🚩 शुभ संध्या वंदन बहन जी 🙏 आप सभी पर माँ जगतजननी की कृपा दृष्टि सदैव बनी रहे। इसी शुभकामना के साथ बहन जी आपका दिन मंगलमय हो 🙏🌹🌸

दिनकर महाराज लटपटे Dec 20, 2019
राम राम जी🙏🌷श्री भगवती माँ लक्ष्मी जी की कृपा सदैव आप और आपके परिवारपर बनी रहे🌷आपका हर पल शुभ और मंगलमय हो🌷 आपको यश ,आयुष्य, शांती, समृध्दी, आनंद,ज्ञान, और अपरिमित सुख की प्राप्ती हो🙏🌼 ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, सफल जीवन का मार्ग कर्म है तथा उन्नती का मार्ग ज्ञान है.कर्म से वातावरण मिलता है,इसलिए दोनों का अनुकरण साथ-साथ करे 🌷।।जय मातादी।।,🌷 --------------------------------------------------- ज्ञान कभी नया या पुराना नही होता, जीवन के जो शाश्वत मुल्य है उन्हे जान लेना ही ज्ञान है🌷 ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ज्ञान माँगा नही जाता ,न वह किसी के द्वारा उपहार मे दिया जाता है ज्यों-ज्यों चित की शुध्दि होती जाती है तो यह क्रमशः भीतर से प्रकट होता है🌼🙏 """"""""'"''"""""""''''"'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''

Ragini Singh Dec 20, 2019
🙏🙏Jai Shri krishna ji 🙏🙏good evening didi ji🙏🙏🌹🌹sadar parnam didi ji🙏🙏 🌹🌹🌹🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹

उमेश चन्द्र मेहरा Dec 20, 2019
शुभ सन्ध्या बहन जी,🙏 आपके सुख , समृद्धि ,उत्तम स्वास्थ्य की प्रभु से नित कामना ।

Brajesh Sharma Dec 20, 2019
जय माता दी... जय माता दी

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Dec 20, 2019
Good Evening My Sweet Sister ji 🙏🙏 Jay Mata Di Mata Rani Aapki Har Manokarma Puri Khre ji 🙏🙏,🌹🌻🌻🌸🌺. God bless you and your Family Always Be Happy My Sweet Sister ji 🙏🙏🌺🌹🌹🌹🌹🌷.

Queen Dec 20, 2019
🌷🍁Radhe Radhe Jai Shree krishna My Dear Sweet Sister Ji aap or apki family pr krishna Ji Di kripa Bna rhe always be Very happy Good Evening Dear Sister Ji 🍁🌷

🌼कृष्णा🌼 Dec 20, 2019
जय श्री माता की बहन, चरण छूकर सादर प्रणाम करता हूँ मेरी प्यारी बहना रानी, श्रीमाता की कृपा से आपका हर पल खुशियाँ बिखेरता रहे,आपकी शाम शुभ और सुहानी हो बहन🌹🌹🙏🙏🙏🌹🌹

Manoj manu Dec 20, 2019
🚩🙏माँ 🌸राधे राधे जी, जगत जननी माँ भगवती की सुमधुर अनंत कल्याणी कृपा के साथ आप सभी का हर पल सुख,शाँति,समृद्धि के साथ शुभ,सुंदर एवं मंगलमय हो जी शुभ रात्रि विनम्र वंदन जी दीदी 🌿🌺🙏

Rajesh Lakhani Dec 20, 2019
JAI MATADI MATA RANI KA AASIRVAD AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER SADA BANA RAHE AAP KA AANE WALA HAR PAL SHUBH OR MANGALMAYE HO AAP OR AAP KA PARIVAR SADA SWASTH RAHE SUKHI RAHE SHUBH RATRI BEHENA PRANAM

Ramdas yadav Dec 20, 2019
🎉🎉🥦🙏🏼 राधे राधे बहना जी

Pinu Dhiman from Haryana Dec 20, 2019
Jai mata di shubh ratri vandan sister ji 🙏🕉️🙏mata rani aap pr apni kirpa sda bnay rakhe god bless u sister 🙏🙌🏵️🥀

Dhananjay Khanna Dec 20, 2019
Jai Mata Di 🙏🙏🌹🌹✨ Radhey Radhey ji Didi 🙏🙏🌹🌹

Mavjibhai Patel Dec 24, 2019
ram ram g good afternoon and vandan didi sa ji keysi ho or kolkata me kya tufan he

champalal m kadela Jan 26, 2020

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Neha Sharma, Haryana Jan 24, 2020

जय माता दी शुभ प्रभात वंदन संकल्प या नियम क्यों आवश्यक है? 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ इसमें कोई संदेह नहीं की आज तक जितने भी कार्य सिद्ध हुए हैं, उनमे व्यक्ति की साधना और संकल्प शक्ति का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा हैं, संकल्पवान व्यक्ति ही किसी भी प्रकार की हकदार है और अपने लछ्य को पाने की योग्यिता रखता है, वह जिस कार्य को हाथ में लेता है, उसे पूरे मन और बुद्धि से पूर्ण करने के लिए अडिग व् एकनिष्ठ होता हैं। संकल्प वह लो जो बहुत छोटा हो और जिसे पूर्ण करने में किसी प्रकार की अलग से शक्ति ना लगानी पडे, बिना संकल्प के भजन आगे नही बढता, अगर भगवत भजन में आगे बढना है तो नियम चाहिये, संकल्प चाहिये, संकल्प से सोई हुई शक्तियाँ उठती हैं, जागती है। जनम कोटि लगि रगर हमारी। बरहु संभु न त रहहुँ कुआँरी।। संकल्प से भीतर की शक्तियाँ जगती है, हम संसार के भोगों को प्राप्त करने के लिये संकल्प लेते हैं, परमात्मा को सुविधा से प्राप्त करना चाहते हैं, संसार के भोगों के लिये हम जीवन को जोखिम में डालते है परन्तु परमात्मा को केवल सोफे पर बैठकर प्राप्त करना चाहते हैं। मीराबाई ने कहा है मेरा ठाकुर सरल तो है पर सस्ता नहीं, सज्जनों! सुविधा से नहर चलती है संकल्प से नदियाँ दौड़ा करती हैं, नहर बनने के लिये पूरी योजना बनेगी, नक्शा बनेगा लेकिन दस-पंद्रह किलोमीटर जाकर समाप्त हो जाती है, पर संकल्प से नदी चलती है, उसका संकल्प है महासागर से मिलना, वो नहीं जानती सागर किधर है? कोई मानचित्र लेकर नहीं बैठा, कोई मार्ग दर्शक नहीं, अन्धकार में चल दी सागर की ओर दौड़ी जा रही है, बड़ी बड़ी चट्टानों से टकराती, शिखरों को ढहाती, बड़ी-बड़ी गहरी खाइयों को पाटती जा रही है, संकल्प के साथ एक दिन नदी सागर से जाकर मिल जाती है। अगर सागर के मार्ग में पहाड के शिखर ना आये, रेगिस्तान के टीले ना आयें तो नदी भी शायद खो जाये, ये बाधायें नदी के मार्ग को अवरुद्ध नहीं करते अपितु और इससे ऊर्जा मिलती है, साधक के जीवन में जो कुछ कठिनाईयाँ आती हैं वो साधना को खंडित नहीं करती बल्कि साधना और तीक्ष्ण व पैनी हो जाया करती है। जिनको साधना के मार्ग पर चलना है उनको पहले संकल्प चाहिये, संकल्प को पूरा करने के लिये सातत्य यानी निरंतरता चाहिये, ऐसा नही है कि एक दो दिन माला जप ली और फिर चालीस दिन कहीं खो गये, साधना शुरू करने के बाद अगर एक दिन भी खंडित हो गयी तो फिर प्रारम्भ से शुरूआत करनी पडेगी, यह साधना का नियम है, इसलिये सतत-सतत-सतत। ऐसा नियम बनाइये जिसको पालन कर सके, कई लोग कहते है भजन में मन नहीं लगता, क्या इसके लिये आपने कोई संकल्प किया है कि मन लगे, इसकी कोई पीडा, दर्द या बेचैनी है आपके अन्दर, कभी ऐसा किया है आपने कि आज भजन नहीं किया तो फिर आज भोजन भी नहीं करेंगे, मौन रखेंगे, आज भजन छूट गया आज सोयेंगे नहीं। कभी ऐसी पीडा पैदा की है क्या? संकल्प बना रहे इसकी सुरक्षा चाहिये, छोटे पौधे लगाते हैं उनकी रक्षा के लिये बाड बनाते हैं, देखभाल करते हैं, वैसे ही भजन के पौधे की सुरक्षा करनी चाहिये कहीं कोई ताप न जला दे, कहीं वासना की बकरी उसे कुतर ना दे, जिनको भजन के मार्ग पर चलना हो सिर्फ, इस पर चलें। दो नावों पर पैर न रखें, इससे जीवन डूब जाता है, अन्धकार में पूरे डूबे या फिर प्रकाश की ओर चलना है तो सिर्फ प्रकाश की ओर चलो, ऐसा नहीं हो सकता कि भोग भी भोगें और भगवान् भी प्राप्त हो जायें, हमारी दशा ऐसी है घर में रोज बुहारी लगा रहे है कूड़ा बाहर डालते हैं, दरवाजे खुले रखे, हवा का झोंका आया कूड़ा सारा अन्दर आ गया, फिर बुहारी, फिर कूड़ा बाहर, फिर कूड़ा अन्दर, बस यही चलता रहता है हमारी जिन्दगी में, सारा जीवन चला जाता है, एक हाथ में बुहारी और एक हाथ में कूड़ा। सीढ़ी पर या तो ऊपर की ओर चढ़ो या नीचे की ओर, दोनो ओर नहीं चल सकते, घसीटन हो जायेगी, दोस्तों! हमारा अनुभव कहता है कि हमारा जीवन भजन के नाम पर घसीटन है, भजन की सुरक्षा चाहिये, ऐसा नही हो सकता कि प्रातः काल शिवालय हो आये और सायं काल मदिरालय, सुबह गीता पढी और शाम को मनोहर कहानियाँ, ये नहीं हो सकता। तो आत्म निरीक्षण किया करों कि मेरा नियम नहीं टूटे, मैं प्रारम्भ से कह रहा हूँ कि इसकी पूरी एक आचार संहिता है, कोई न कोई नियम बनाओ, नियम से निष्ठा पैदा होती है, निष्ठा से रूचि बढती है, रूचि से भजन में आसक्ति होने लगती है आसक्ति से फिर राग हो जाता है, राग से अनुराग होता है और अनुराग से भाव, ये भाव ही परमात्मा के प्रेम में परिवर्तित हो जाता हैं। ये पूरी की पूरी सीढ़ी है, नियम से प्रारम्भ करिये और प्रेम के शिखर तक पहुँच जाइये, किसी को कोई दोष मत दिजिये कि मेरा नियम क्यों टूटा, आत्म निरीक्षण किजिये कि मेरा नियम क्यों टूटा? नियम कहे नहीं जाते, घोषित नहीं होते, भजन को जितना छुपाओगे उतना सफल रहोगे,इसलिए नियम बनाइयें और ख्याल रखें कि नियम कभी खंडित ना हो। - डॉ0 विजय शंकर मिश्र 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ अंतिम सांस गिन रहे जटायु ने कहा कि मुझे पता था कि मैं रावण से नही जीत सकता लेकिन तो भी मैं लड़ा..यदि मैं नही लड़ता तो आने वाली पीढियां मुझे कायर कहती 🙏जब रावण ने जटायु के दोनों पंख काट डाले... तो काल आया और जैसे ही काल आया ... तो गीधराज जटायु ने मौत को ललकार कहा, -- "खबरदार ! ऐ मृत्यु ! आगे बढ़ने की कोशिश मत करना... मैं मृत्यु को स्वीकार तो करूँगा... लेकिन तू मुझे तब तक नहीं छू सकता... जब तक मैं सीता जी की सुधि प्रभु "श्रीराम" को नहीं सुना देता...! मौत उन्हें छू नहीं पा रही है... काँप रही है खड़ी हो कर... मौत तब तक खड़ी रही, काँपती रही... यही इच्छा मृत्यु का वरदान जटायु को मिला। किन्तु महाभारत के भीष्म पितामह छह महीने तक बाणों की शय्या पर लेट करके मौत का इंतजार करते रहे... आँखों में आँसू हैं ... रो रहे हैं... भगवान मन ही मन मुस्कुरा रहे हैं...! कितना अलौकिक है यह दृश्य ... रामायण मे जटायु भगवान की गोद रूपी शय्या पर लेटे हैं... प्रभु "श्रीराम" रो रहे हैं और जटायु हँस रहे हैं... वहाँ महाभारत में भीष्म पितामह रो रहे हैं और भगवान "श्रीकृष्ण" हँस रहे हैं... भिन्नता प्रतीत हो रही है कि नहीं... ? अंत समय में जटायु को प्रभु "श्रीराम" की गोद की शय्या मिली... लेकिन भीष्म पितामह को मरते समय बाण की शय्या मिली....! जटायु अपने कर्म के बल पर अंत समय में भगवान की गोद रूपी शय्या में प्राण त्याग रहा है.... प्रभु "श्रीराम" की शरण में..... और बाणों पर लेटे लेटे भीष्म पितामह रो रहे हैं.... ऐसा अंतर क्यों?... ऐसा अंतर इसलिए है कि भरे दरबार में भीष्म पितामह ने द्रौपदी की इज्जत को लुटते हुए देखा था...विरोध नहीं कर पाये थे ...! दुःशासन को ललकार देते... दुर्योधन को ललकार देते... लेकिन द्रौपदी रोती रही... बिलखती रही... चीखती रही... चिल्लाती रही... लेकिन भीष्म पितामह सिर झुकाये बैठे रहे... नारी की रक्षा नहीं कर पाये...! उसका परिणाम यह निकला कि इच्छा मृत्यु का वरदान पाने पर भी बाणों की शय्या मिली और .... जटायु ने नारी का सम्मान किया... अपने प्राणों की आहुति दे दी... तो मरते समय भगवान "श्रीराम" की गोद की शय्या मिली...! जो दूसरों के साथ गलत होते देखकर भी आंखें मूंद लेते हैं ... उनकी गति भीष्म जैसी होती है ... जो अपना परिणाम जानते हुए भी...औरों के लिए संघर्ष करते है, उसका माहात्म्य जटायु जैसा कीर्तिवान होता है। 🙏 तो , गलत का विरोध जरूर करना चाहिए। "सत्य परेशान जरूर होता है, पर पराजित नही"। 🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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champalal m kadela Jan 24, 2020

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Vanita Kale Jan 24, 2020

🙏🌹शुभ शुक्रवार जय माता दी🌹 🌴G⭕⭕D🌴〽⭕➰NING🌴 आप सभी को माैनी अमावस्या हार्दिक शुभकामनाएं 🌷🙏 .•*""*•.¸ ¸.•*""*•.¸ ¸.•*""*•.¸ 🌴🌻🌹सुभप्रभातम🌹 🌻🌴 💞💞जय माता दी *कौन जाने क्या पाप ,* *क्या पुण्य* , *बस............* *किसी का दिल न दुखे* *अपने स्वार्थ के लिए* , *बाकी सब* ...... *कुदरत पर छोड़ दो* *ना पैसा बड़ा.. ना पद बड़ा ।* *मुसीबत में जो साथ खड़ा...* *वो सबसे बड़ा ।।* *कष्ट और विपत्ति* *मनुष्य को शिक्षा देने वाले* *श्रेष्ठ गुण हैं* *जो व्यक्ति साहस के साथ* *उनका सामना करते हैं* *वे सदैव सफल* *होते हैं* 👌 ¸.•*""*•.¸ 🌹🎁🌹🎁🌹 ""सदा मुस्कुराते रहिये"" 😊🍀🙏शुभ प्रभात🙏🍀😊 🌹┣━┫α ρ ρ у 🌹 🌹 *ℳỖŘŇĮŇĞ*🌹 ┈┉┅━❀꧁ω❍ω꧂❀━┅┉┈ *आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो* #🌞 Good Morning🌞🙏🌹शुभ शुक्रवार जय माता दी🌹 🌴G⭕⭕D🌴〽⭕➰NING🌴 आप सभी को माैनी अमावस्या हार्दिक शुभकामनाएं 🌷🙏 .•*""*•.¸ ¸.•*""*•.¸ ¸.•*""*•.¸ 🌴🌻🌹सुभप्रभातम🌹 🌻🌴 💞💞जय माता दी *कौन जाने क्या पाप ,* *क्या पुण्य* , *बस............* *किसी का दिल न दुखे* *अपने स्वार्थ के लिए* , *बाकी सब* ...... *कुदरत पर छोड़ दो* *ना पैसा बड़ा.. ना पद बड़ा ।* *मुसीबत में जो साथ खड़ा...* *वो सबसे बड़ा ।।* *कष्ट और विपत्ति* *मनुष्य को शिक्षा देने वाले* *श्रेष्ठ गुण हैं* *जो व्यक्ति साहस के साथ* *उनका सामना करते हैं* *वे सदैव सफल* *होते हैं* 👌 ¸.•*""*•.¸ 🌹🎁🌹🎁🌹 ""सदा मुस्कुराते रहिये"" 😊🍀🙏शुभ प्रभात🙏🍀😊 🌹┣━┫α ρ ρ у 🌹 🌹 *ℳỖŘŇĮŇĞ*🌹 ┈┉┅━❀ *आपका दिन शुभ #🌞 Good Morning🌞

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simran Jan 24, 2020

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champalal m kadela Jan 26, 2020

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