Sonia Walia
Sonia Walia Aug 26, 2017

jai mataji

#ज्ञानवर्षा
"आसरा ईश्वर का......."
।।प्राचीन गाथा।।
यह बहुत पुरानी कहानी है.. एक राजा बहुत दिनो से पुत्र की प्राप्ती के लिये आशा लगाये बैठा था, पर पुत्र नही हुआ। उसके सलाहकारों ने तांत्रिकों से सहयोग की बात बताई। सुझाव मिला कि अगर किसी बच्चे की बलि दे दी जाये तो उन्हें पुत्र प्राप्ती हो जायेगी।

राजा ने पूरे राज्य में ये बात फैलाई कि जो कोई अपना बच्चा देगा उसे बहुत सारा धन दिया जाएगा। एक परिवार में कई बच्चें थे, गरीबी भी बहुत थी, एक ऐसा बच्चा भी था जो ईश्वर पर आस्था रखता था तथा सन्तों के संग सत्संग में ज्यादा समय देता था ।

परिवार को लगा कि इसे राजा को दे दिया जाये क्योंकि ये कुछ काम भी नही करता है, हमारे किसी काम का भी नही। इससे राजा प्रसन्न होकर बहुत सारा धन देगा। अतः उस परिवार ने ऐसा ही किया गया वह बच्चा राजा को दे दिया गया।

राजा के तात्रिकों द्वारा बच्चे की बलि की तैयारी हो गई, राजा को भी बुलाया गया, उस बच्चे से पुछा गया कि तुम्हारी आखरी इच्छा क्या है ?क्योंकि अाज तुम्हारा जीवन का अन्तिम दिन है।

बच्चे ने कहा कि ठीक है मेरे लिये रेत मंगा दि जाये। रेत अा गया, बच्चे ने रेत से चार ढ़ेर बनाये, एक-एक करके तीन रेत के ढ़ेर को तोड़ दिया और चौथे के सामने हाथ जोड़कर बैठ गया और कहा कि अब जो करना है करे। ये सब देखकर तॉत्रिक डर गये बोले कि ये तुमने क्या किया है पहले बताओं।

राजा ने भी पुछा तो बच्चे ने कहा कि पहली ढ़ेरी मेरे माता पिता की है, मेरी रक्षा करना उनका कर्तब्य था पर उन्होने पैसे के लिये मुझे बेच दिया, इसलिये मैने ये ढ़ेरी तोड़ी। दुसरा मेरे सगे-सम्बन्धियों का था, उन्होंने भी मेरे माता-पिता को नही समझाया इसलिए इसे भी तोड़ दिया।

तीसरा आपका है राजा क्योंकि राज्य के सभी इंसानों की रक्षा करना राजा का ही काम होता है पर राजा ही मेरी बलि देना चाह रहा है तो ये ढ़ेरी भी मैने तोड़ दी। अब सिर्फ मेरे सतगुरु और ईश्वर पर मुझे भरोसा है इसलिये ये एक ढ़ेरी मैने छोड़ दी है।

राजा ने सोचा कि पता नही बच्चे की बलि से बाद भी पुत्र प्राप्त हो या न हो क्यों ना इस बच्चे को ही अपना पुत्र बना ले, इतना समझदार और ईश्वर भक्त बच्चा है। इससे अच्छा बच्चा ओर कहा मिलेगा। तब उस राजा ने उस बच्चे को अपना बेटा बना लिया और उसे राजकुमार घोषित कर दिया।

कहानी का भाव कि जो ईश्वर और सतगुरु पर जो यकीन रखते है, उनका बाल भी बाका नही होता है, हर मुश्किल में एक का ही जो आसरा लेते है उनका कही से किसी प्रकार का कोई अहित नही होता है।

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कामेंट्स

सुशीला शर्मा Aug 27, 2017
सुप्रभातम शुभमगंलम जय श्री कृष्णा राधे राधे अतिसुंदर

Pawan Saini Feb 23, 2020

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Sanjay Singh Feb 23, 2020

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Sanjay Singh Feb 23, 2020

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Raj Shekhawat Feb 23, 2020

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Deepak Chaudhary Feb 23, 2020

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ANURADHA TIWARY Feb 23, 2020

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sandip Feb 23, 2020

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sanjay agarwal Feb 23, 2020

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