Ramesh Kumar Shiwani
Ramesh Kumar Shiwani Mar 3, 2021

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कामेंट्स

Ramesh Kumar Shiwani Mar 3, 2021
JAI SHREE GANESHAY NAMAH JI SUPRABHAT VANDAN PRANAM JI JAI SACHIDANAND JI 🙏🌹🙏

Renu Singh Mar 3, 2021
🙏 Jai Shree Ganesh Ji 🙏🌹 Shubh Prabhat Vandan Bhai Ji Ganpati Bappa Aapki Har Manokamna Puri Karein Aapka Din Mangalmay ho Bhai Ji 🙏🌹

Mira nigam 7007454854 Mar 3, 2021
ओम जय श्री गणेशाय नमः ओम गन गणपतए नमः ओम गन गणपतए नमो नमः जय-जय

Ramesh Kumar Shiwani Mar 3, 2021
JAI SHREE RADHE KRISHNA JI SUPRABHAT VANDAN PRANAM JI 🙏🌹🙏 SHREE RADHE KRISHNA JI 🙏🌹🙏

Mira nigam 7007454854 Mar 3, 2021
जय जय श्री राधे कृष्णा जी की जय अति सुंदर अति सुंदर

HAZARI LAL JAISWAL Mar 3, 2021
जय श्री गणेश जी श्री गणेशाय नमः 🙏🙏 शुभ प्रभात वंदन जी आप का दिन शुभ हो

PRAHLAD JHAWAR Mar 3, 2021
सुपभात जय श्री राधे कृष्णा जय श्री

pramod singh Mar 3, 2021
जय श्री गणेशाय नमः शुभ प्रभात जी

Mamta Chauhan Mar 3, 2021
Jai shri ganesh ji🌷🙏Shubh sandhya vandan bhai ji aapka har pal khushion bhra ho aapki sbhi manokamna puri ho shri ganesh ji ki kripa sda aap or aapke priwar pr bni rhe🌷🌷🙏🙏

1. गणपति मुख्य मंत्र - "ॐ गं गणपतये नमः" गणेशाचा या मंत्राचा जप केल्याने जीवनातील सर्व विघ्न नाहीसे होतात. 2. गणपती षडाक्षर विशिष्ट मंत्र - "वक्रतुण्डाय हुं " हे अत्यंत लाभकारी आहे. या मंत्राचा जप केल्याने कोणत्याही कार्यात अडथळे येत नाही. 3. रोजगार प्राप्ती आणि आर्थिक समृद्धीसाठी "ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।" मंत्राचा जप करावा. 4. शीघ्र विवाह आणि योग्य जीवनसाथीसाठी त्रैलोक्य मोहन गणेश मंत्र "ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा" मंत्र जप करावा. नमस्कार शुभप्रभात 🌅 वंदन 🌹 👣 👏 शुभ बुधवार ॐ गं गणपतये नमः 👏 🌿 🚩 हर हर महादेव जय श्री महाकाली जय श्री महाकाल जी ॐ नमः शिवाय

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Madhuben patel Apr 13, 2021

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Harpal bhanot Apr 13, 2021

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Durgeshgiri Apr 13, 2021

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नवरात्रीच्या पवित्र सणावार 9 दिवस दुर्गा चालीसाचा नित्य पाठ केल्याने देवी दुर्गा प्रसन्न होते आणि प्रत्येक संकटापासून मुक्ती देते. दुर्गा चालीसा नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥ तुम संसार शक्ति लै कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥ प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥ शिव योगी तुम्हरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥ रूप सरस्वती को तुम धारा। दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥ धरयो रूप नरसिंह को अम्बा। परगट भई फाड़कर खम्बा॥ रक्षा करि प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥ लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥ क्षीरसिन्धु में करत विलासा। दयासिन्धु दीजै मन आसा॥ हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥ मातंगी अरु धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥ श्री भैरव तारा जग तारिणी। छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥ केहरि वाहन सोह भवानी। लांगुर वीर चलत अगवानी॥ कर में खप्पर खड्ग विराजै। जाको देख काल डर भाजै॥ सोहै अस्त्र और त्रिशूला। जाते उठत शत्रु हिय शूला॥ नगरकोट में तुम्हीं विराजत। तिहुंलोक में डंका बाजत॥ शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे। रक्तबीज शंखन संहारे॥ महिषासुर नृप अति अभिमानी। जेहि अघ भार मही अकुलानी॥ रूप कराल कालिका धारा। सेन सहित तुम तिहि संहारा॥ परी गाढ़ संतन पर जब जब। भई सहाय मातु तुम तब तब॥ अमरपुरी अरु बासव लोका। तब महिमा सब रहें अशोका॥ ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी। तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥ प्रेम भक्ति से जो यश गावें। दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥ ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई। जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥ जोगी सुर मुनि कहत पुकारी। योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥ शंकर आचारज तप कीनो। काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥ निशिदिन ध्यान धरो शंकर को। काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥ शक्ति रूप का मरम न पायो। शक्ति गई तब मन पछितायो॥ शरणागत हुई कीर्ति बखानी। जय जय जय जगदम्ब भवानी॥ भई प्रसन्न आदि जगदम्बा। दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥ मोको मातु कष्ट अति घेरो। तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥ आशा तृष्णा निपट सतावें। रिपू मुरख मौही डरपावे॥ शत्रु नाश कीजै महारानी। सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥ करो कृपा हे मातु दयाला। ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला। जब लगि जिऊं दया फल पाऊं । तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ॥ दुर्गा चालीसा जो कोई गावै। सब सुख भोग परमपद पावै॥ देवीदास शरण निज जानी। करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥ ॥ इति श्री दुर्गा चालीसा सम्पूर्ण ॥ ॐ गं गणपतये नमः ॐ नमः शिवाय ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे जय माता की जय श्री महाकाल जी जय श्री महाकाली माता की ॐ दुर्गाये नम:🌹 नमस्कार शुभप्रभात शुभ बुधवार 🌅वंदन 👣🌹 👏🌿🔥🎪🌻🎉🌷✨🌹🎊🌙नमस्कार 🙏 शुभ नवरात्री जय माता दी आप सभी भारतवासी मित्रों को माता रानी कल्याण करें 🎪👏🚩🐚☝

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Kamlesh Apr 13, 2021

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