जय श्री कृष्ण

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Ravi Kumar Taneja Oct 20, 2020

🌹🌹🌹राधे राधे ॥ आज का भगवद चिन्तन ॥ 🕉️ औषधि केवल रोग निवृत्ति के लिए होती है, स्वास्थ्य के लिए नहीं। स्वास्थ्य तो उपलब्ध है। साबुन से कपडे में कभी भी चमक नहीं आती, साबुन केवल कपडे पर लगी गंदगी को साफ करता है। 🌸🌸🌸 💜💜💜इसी प्रकार शांति के लिए हमें कोई प्रयत्न नहीं करना, वह तो प्राप्त ही है। आनन्द तो नित्य है, सहज है, मिला हुआ ही है।💜💜💜 🕉️ अशांति देने वाले, विषाद देने वाले कर्मों से हमें बचना है। जिस प्रकार रोड़ पर चलते समय हमें स्वयं गाड़ियों से बचना पड़ता है लेकिन इस नियम को हम जीवन में और बहुत जगह पर लागू नहीं करते हैं।🌸🌸🌸 🕉️ क्लेश की, कलह की स्थितियों से विवेकपूर्वक बचते रहो। वो उत्पन्न होंगी और रोज नए-नए रूप में आएँगी। जिस प्रकार एक कुशल नाविक तेज धार में समझदारी से अपनी नाव को किनारे लगा देता है उसी प्रकार आप भी समझदारी पूर्वक जीवन रुपी नाव को शांति और आनंद के किनारे पर रोज पहुँचाओ।💛💛💛 🌷🌷🌷 Suprabhat Vandana ji 🌷🌷🌷 🤗Khud bhi Khush rahe Aur Sabko Muskurahat Bate...👍 Ganpati Bappa Morya 🙏🙏🙏

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Harcharan Pahwa Oct 20, 2020

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Ravi Kumar Taneja Oct 20, 2020

🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *नवरात्र का चौथा दिन- 🐾मां कुष्माण्डा🐾 *🌹🌹🌹नवरात्र के चौथे दिन दुर्गा जी के चतुर्थ रूप मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। माना जाता है कि जब सृष्टि में चारों ओर अंधकार था और कोई भी जीव-जंतु नही था। तब मां ने सृष्टि की रचना की। इसी कारण इन्हें कुष्मांडा देवी के नाम से जाना जाता है।* 🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️ 🌷🌷🌷आदिशक्ति दुर्गा के कुष्मांडा रूप में चौथा स्वरूप भक्तों को संतति सुख प्रदान करने वाला है। आज के दिन पहले मां का ध्यान मंत्र पढ़कर उनका आहवान किया जाता है और फिर मंत्र पढ़कर उनकी आराधना की जाती है।* 🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️ 🌸🌸🌸कूष्मांडा का मतलब है कि जिन्होंने अपनी मंद (फूलों) सी मुस्कान से सम्पूर्ण ब्रहमाण्ड को अपने गर्भ में उत्पन्न किया। माना जाता है कि मां कुष्मांडा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। मां कुष्मांडा अत्यल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। इनकी आराधना करने से भक्तों को तेज, ज्ञान, प्रेम, उर्जा, वर्चस्व, आयु, यश, बल, आरोग्य और संतान का सुख प्राप्त होता है।* 🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️ 💛💛💛मां की उपासना भवसागर से पार उतारने के लिए सर्वाधिक सुगम और श्रेयष्कर मार्ग है। जैसा कि दुर्गा सप्तशती के कवच में लिखा गया है -* *कुत्सित: कूष्मा* *कूष्मा-त्रिविधतापयुत: संसार: ।* *स अण्डे मांसपेश्यामुदररूपायां यस्या: सा कूष्मांडा ।।* *अर्थात: "वह देवी जिनके उदर में त्रिविध तापयुक्त संसार स्थित है वह कुष्मांडा हैं। देवी कुष्मांडा इस चराचार जगत की अधिष्ठात्री हैं। जब सृष्टि की रचना नहीं हुई थी। उस समय अंधकार का साम्राज्य था।"* 🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️ 💐💐💐मां कुष्मांडा की उपासना करने से सारे कष्ट और बीमारियां दूर हो जाती है। उनकी पूजा से हमारे शरीर का अनाहत चक्र जागृत होता है। इनकी उपासना से जीवन के सारे शोक खत्म हो जाते हैं। इससे भक्तों को आयु, यश, बल और आरोग्य की प्राप्ति होती है। देवी मां के आशीर्वाद से सभी भौतिक और आध्यात्मिक सुख भी हासिल होते हैं।* 🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️ ☘️☘️☘️मान्यता के अनुसार ये ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है। वहाँ निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं।* 🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️ 🍁🍁🍁देवी कुष्मांडा का स्वरूप:* -------------------------------- *इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएं प्रकाशित हो रही हैं। ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है। मां की आठ भुजाएं हैं। अतः ये अष्टभुजा देवी के नाम से भी विख्यात हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। इनका वाहन सिंह है।* 🕉️🐾🕉️🐾🕉️🐾🕉️ 🌺🌺🌺श्लोक: *सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च | दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ||* 🕉️🚩🕉️ *मां कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है। माँ कूष्माण्डा अत्यल्प सेवा और भक्ति से प्रसन्न होने वाली हैं। यदि मनुष्य सच्चे हृदय से इनका शरणागत बन जाए तो फिर उसे अत्यन्त सुगमता से परम पद की प्राप्ति हो सकती है।* *विधि-विधान से मां के भक्ति-मार्ग पर कुछ ही कदम आगे बढ़ने पर भक्त साधक को उनकी कृपा का सूक्ष्म अनुभव होने लगता है। यह दुःख स्वरूप संसार उसके लिए अत्यंत सुखद और सुगम बन जाता है।* *मां की उपासना मनुष्य को सहज भाव से भवसागर से पार उतारने के लिए सर्वाधिक सुगम और श्रेयस्कर मार्ग है।* 🕉️💜🕉️💜🕉️💜🕉️ *मां कूष्माण्डा की उपासना मनुष्य को आधियों-व्याधियों से सर्वथा विमुक्त करके उसे सुख, समृद्धि और उन्नति की ओर ले जाने वाली है। अतः अपनी लौकिक, पारलौकिक उन्नति चाहने वालों को इनकी उपासना में सदैव तत्पर रहना चाहिए।* 🕉️🚩🕉️🚩🕉️🚩🕉️ Mata Rani Sabka Kalyan Kare... 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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Gopal Jalan Oct 20, 2020

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