Om Sri Surya devaya namaha

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कामेंट्स

hari shukla Mar 7, 2021
@sivanirajput jai siya ram good evening bhan ji apka subh sandhya har pal har sase magalmai ho bhan sadar pranam bhan ji

ಗಿರಿಜಾ ನೂಯಿ Mar 7, 2021
🙏 🙏Good Evening Ji🌹🌹 🕉️🕉️🕉️Om Shri Surya Devaya Namo Namah🙏☀️🙏 Super Video Devotional Song Ji👌👌👌👌👌👍👍👍👍👍 Have a blessed Sunday, Surya Dev ji , bless you & your family always be happy, healthy & wealthy dear sister ji🙏🙏🙏🙏🌷🌷🌷🌷🌸🌸🌸🌸💐💐💐💐🌻🌻🌻🌻

🔱🛕काशी विश्वनाथ धाम🛕🔱 Mar 7, 2021
🌞ॐ भाष्कराय नमः 🌞 🙏🪔शुभरात्रि वंदन दीदी🪔🙏 🥗पूजन करती दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल॥ऋतुएं तुम्हारी दासी,तुम शाश्वत अविनाशी।शुभकारी अंशुमान॥ 🙏ॐ जय सूर्य भगवान🙏 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर सूर्यदेव जी का कृपा सदा बनी रहे🌹 👏अपका रात्रि मंगलमय हो🎳

dhruv wadhwani Mar 8, 2021
भोलेनाथ जय भोलेनाथ जय भोलेनाथ भोलेनाथ

Bhavana Gupta Apr 17, 2021

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sarla rana Apr 17, 2021

. "जीवन दर्शन" एक आदमी प्रातःकाल तडके नदी की ओर जल लेकर जा रहा था। नदी के पास पहुँचने पर उसे आभास हुआ कि सूर्योदय अभी पूरी तरह नहीं निकला है और चारों ओर कुछ ज्यादा ही अंधकार फैला हुआ है। घने अंधेरे में वह मस्ती से टहलने लगा। तभी उसका पैर एक झोले से टकराया। उत्सुकतावश उसने झोले मे हाथ डाला तो पाया कि उसमें बहुत सारे पत्थर रखें है। समय बिताने के लिए वह झोले में से एक-एक पत्थर निकालकर नदी में फेंकता गया। धीरे-धीरे उसने पत्थर पानी में फेंक दिए। जब अंतिम पत्थर उसके हाथ में था तभी सूर्य की रोशनी धरती पर फैल गयी। रोशनी में देखा कि वह पत्थर बहुत तेज चमक रहा था। वह दंग रह गया। उसकी धडकने बंद होने लगीं क्योंकि जिसे वह साधारण पत्थर समझ रहा था, वह अनमोल हीरा था। वह फूट-फूटकर रोने लगा। अपने हाथों में अंतिम बचे कीमती पत्थर को देखकर अंधेरे को कोस रहा था। वह नदी किनारे शोकमग्न बैठा था तभी एक महात्मा वहाँ से गुजर रहे थे, उसका दुःख जानकर वे बोले- "बेटा ! तुम दुःखी मत हो। तुम अब भी भाग्यशाली हो कि अंतिम पत्थर फेंकने से पहले ही सूर्य की रोशनी फूट पड़ी, वरना यह कीमती पत्थर भी तुम्हारे हाथ से निकल जाता। यह कीमती हीरा अभी भी तुम्हारी जिन्दगी को संवार सकता है। जो चीज हाथ से निकल गई, उसे लेकर रोने के बजाय जो तुम्हारे हाथ में है, तुम्हें उसी में खुश होना चाहिए, आनन्द मनाना चाहिए और उज्जवल भविष्य के लिए प्रयास करना चाहिए, और ईश्वर का शुक्रिया अदा करना चाहिए।" महात्मा की बात सुनकर उसकी आँखें खुल गईं, और खुशी-खुशी घर आ गया। अर्थात जो बीत गया(चला गया), उसे भुलाकर आगे बढ़ना ही श्रेयस्कर है। ----------:::×:::---------- "जय जय श्री राधे" ******************************************* "श्रीजी की चरण सेवा" की सभी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं धारावाहिक पोस्टों के लिये हमारे पेज से जुड़े रहें👇 https://www.facebook.com/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE-724535391217853/

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Nagaraju Maanu Apr 17, 2021

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