dinesh hotwani
dinesh hotwani Sep 30, 2020

JAI SHRI LAXMI NARAYAN 🙏🌹SHUBH PRABHAT 🌹🙏

JAI SHRI LAXMI NARAYAN

🙏🌹SHUBH PRABHAT 🌹🙏

+49 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 17 शेयर

कामेंट्स

Babita Sharma Oct 1, 2020
राधे राधे भाई 🙏 आपको और आपके परिवार को अधिकमास पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 हरि ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🌹 श्री हरि सदैव आपका मंगल करें।🌻🌻

🙏🌺 Anju joshi 🌺🙏 Oct 1, 2020
🥀🥀जय श्री हरि 🥀🥀 सुबह की राम राम भाई जी ईश्वर आपको हमेशा खुश रखे। ⛅⛅⛅⛅⛅⛅ 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

Poonam Aggarwai Oct 1, 2020
🌷 ओम् नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌷🙏🐚 श्री हरि जी की कृपा से आप के घर परिवार में सुख शांति और समृद्धि हमेशा बनी रहे 👣 आप सभी खुश और स्वस्थ रहे शुभ संध्या वंदन भैया जी राधे कृष्णा जी ‼️👏🌹🌹🦋🦋📿📿

dinesh hotwani Oct 19, 2020

+49 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 48 शेयर

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर

+1 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+19 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 46 शेयर

🙏🌷भगवती देवी माँ स्कंदमाता के श्री चरणों में सत्-सत् नमन !🌷👏 🌻या देवी सर्वभू‍तेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। 🌻नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।🌻 👉🌷भगवती माँ दुर्गा जी के पाचवें स्वरुप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है ! नवरात्रि के पाँचवें दिन इस देवी की पूजा-अर्चना की जाती है। 👉🌷 कहते हैं कि इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है। 🌷मां की कृपा से बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान का आशीर्वाद व पारिवारिक शांति की प्राप्ति होती है। 🌷स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है। इनके विग्रह में भगवानस्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं। 🌼 🌷इस देवी की चार भुजाएं हैं। यह दायीं तरफ की ऊपर वाली भुजा से स्कंद को गोद में पकड़े हुए हैं। नीचे वाली भुजा में कमल का पुष्प है। बायीं तरफ ऊपर वाली भुजा में वरदमुद्रा में हैं और नीचे वाली भुजा में कमल पुष्प है। 👉 🌷इनका वर्ण एकदम शुभ्र है। यह कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसीलिए इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है। सिंह इनका वाहन है। 🌷शास्त्रों में इसका पुष्कल महत्व बताया गया है। इनकी उपासना से भक्त की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। भक्त को मोक्ष मिलता है। सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनका उपासक अलौकिक तेज और कांतिमय हो जाता है। अतः मन को एकाग्र रखकर और पवित्र रखकर इस देवी की आराधना करने वाले साधक या भक्त को भवसागर पार करने में कठिनाई नहीं आती है। उनकी पूजा से मोक्ष का मार्ग सुलभ होता है। 🌼 स्नेह और ममता की देवी "मां स्कंदमाता" की पूजा संतान सुख के लिए की जाती है। 🌼 मान्यता है कि मां अपने भक्तों की रक्षा पुत्र के समान करती हैं।  🌼 यह देवी विद्वानों और सेवकों को पैदा करने वाली शक्ति है। यानी चेतना का निर्माण करने वालीं। 👉 कहते हैं कालिदास द्वारा रचित रघुवंशम महाकाव्य और मेघदूत रचनाएं स्कंदमाता की कृपा से ही संभव हुईं। 🌼🌷 पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वालीं स्कंदमाता। स्कन्दमाता की पूजा करने से आत्मबल बढ़ता है। यह देवी ममता की मूरत है और मन की कोमल भावों की शक्ति बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है। 🌼 🌷मां स्कंदमाता को केले का भोग अति प्रिय है। इसके साथ ही इन्हें केसर डालकर खीर का प्रसाद भी चढ़ाना चाहिए। 👉🌷 स्कंदमाता की पूजा का श्रेष्ठ समय है दिन का दूसरा पहर। इनकी पूजा चंपा के फूलों से करनी चाहिए। इन्हें मूंग से बने मिष्ठान का भोग लगाएं। श्रृंगार में इन्हें हरे रंग की चूडियां चढ़ानी चाहिए ! उपासना मंत्र- 🌷ॐ देवी स्कंदमातायै नमः🌷

+35 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 30 शेयर
ajay chippi Oct 21, 2020

+7 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 8 शेयर

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 11 शेयर
Champatlal mali Oct 21, 2020

+8 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 27 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB