sumitra
sumitra Dec 6, 2019

jAi Mata Di 🙏🙏🙏🚩🚩🚩🚩

jAi Mata Di 🙏🙏🙏🚩🚩🚩🚩

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कामेंट्स

🙋ANJALI️️🌹MISHRA️🙏 Dec 6, 2019
Good night, pranam meri didi ji 🙏, apka aane vala har pal shubh ho aap sukhi rahe hamesha 👌👌🌹🌹🌹🌹🙏🙏🙏🙏jai mata di🙏

Ramswaroop Chaurasia Dec 7, 2019
jai shre sita ram ji jai shre🍁🍁🌷🌷⚘⚘⚘🌷🌷🌷 anjanilal ki jai shre shani maharaj ji ki❤❤🌞🍒🏠🌹🌺🌻🌻🌲🌲 jai Mata di jai Mata di jai Mata di 🙏🏽🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼

Bhavna Dec 7, 2019
Jai Mata Di 🌹 good morning dear sister ji God bless you Ram Ram jiji 🌹🙏

Rajesh Lakhani Dec 7, 2019
JAI SHREE KRISHNA RADHE RADHE SHUBH PRABHAT BEHENA AAP OR AAP KE PARIVAR PER THAKOR JI KA AASIRVAD HAMESA BANA RAHE AAP KA DIN SHUBH OR MANGALMAYE HO BEHENA PRANAM

sandu Dec 7, 2019
🙏जय अंबे सुप्रभात 🙏

Seema Valluvar Dec 7, 2019
श्री राधे राधे दीदी, सुप्रभात स्नेह वंदन दीदी, शनिदेव सदैव आपके अनुकूल रहे दीदी, जय शनिदेव 🙏🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🚩🍧👌😄

Sanjna Dec 7, 2019
जय माता दी बहन शुभ प्रभात माता रानी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदा बनी रहे

sitaram pareek Dec 7, 2019
🚩🌾 Jay shriram jay hanumanjii🚩🌾Good Cool Cool morning ,Have A Nice Day God bless youuu my dear sister shree jay shri ram 🙏🏻🙏🏻🌻🏵🌼🌸🌠🕰

Bal Raj🌷🌹🌹🌹 Dec 10, 2019
🌷🌹 जय हो माँ भवानी की 🙏🏽 🙏🏽माताजी मनोकामना पूर्ण करे🙏🏽 🌷🌷🌷🌷🔱🔱🔱🔱🔱

Kamlesh Jaiman Jan 2, 2020
राधे राधे मेरी आदरणीय प्यारी बहन श्री सादर शुभ रात्रि वंदन🙏🙏

sumitra Jan 2, 2020
@kamleshjaiman radhe radhe Bhai ji Aapka aane vala pl dero khushiya lekr aaye Malik aapko hmesha Khush rkhe Bhai ji 🙏🚩🌹🌲

Kamlesh Jaiman Jan 2, 2020
@sumitrasoni2 जी आदरणीय बहना श्री हम ठीक हैं,राधे राधे सादर मंगल सुप्रभात वंदन🙏🙏

champalal m kadela Jan 26, 2020

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champalal m kadela Jan 26, 2020

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Neha Sharma, Haryana Jan 27, 2020

*ओम् नमः शिवाय*🥀🥀🙏 *शुभ प्रभात् वंदन*🥀🥀🙏 भगवान शिव ने मातापार्वती को बताए थे जीवन के ये पांच रहस्य भगवान शिव ने देवी पार्वती को समय-समय पर कई ज्ञान की बातें बताई हैं। जिनमें मनुष्य के सामाजिक जीवन से लेकर पारिवारिक और वैवाहिक जीवन की बातें शामिल हैं। भगवान शिव ने देवी पार्वती को 5 ऐसी बातें बताई थीं जो हर मनुष्य के लिए उपयोगी हैं, जिन्हें जानकर उनका पालन हर किसी को करना ही चाहिए- 1. क्या है सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ा पाप देवी पार्वती के पूछने पर भगवान शिव ने उन्हें मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा धर्म और अधर्म मानी जाने वाली बात के बारे में बताया है। भगवान शंकर कहते है- श्लोक- नास्ति सत्यात् परो नानृतात् पातकं परम्।। अर्थात- मनुष्य के लिए सबसे बड़ा धर्म है सत्य बोलना या सत्य का साथ देना और सबसे बड़ा अधर्म है असत्य बोलना या उसका साथ देना। इसलिए हर किसी को अपने मन, अपनी बातें और अपने कामों से हमेशा उन्हीं को शामिल करना चाहिए, जिनमें सच्चाई हो, क्योंकि इससे बड़ा कोई धर्म है ही नहीं। असत्य कहना या किसी भी तरह से झूठ का साथ देना मनुष्य की बर्बादी का कारण बन सकता है। 2. काम करने के साथ इस एक और बात का रखें ध्यान श्लोक- आत्मसाक्षी भवेन्नित्यमात्मनुस्तु शुभाशुभे। अर्थात- मनुष्य को अपने हर काम का साक्षी यानी गवाह खुद ही बनना चाहिए, चाहे फिर वह अच्छा काम करे या बुरा। उसे कभी भी ये नहीं सोचना चाहिए कि उसके कर्मों को कोई नहीं देख रहा है। कई लोगों के मन में गलत काम करते समय यही भाव मन में होता है कि उन्हें कोई नहीं देख रहा और इसी वजह से वे बिना किसी भी डर के पाप कर्म करते जाते हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और ही होती है। मनुष्य अपने सभी कर्मों का साक्षी खुद ही होता है। अगर मनुष्य हमेशा यह एक भाव मन में रखेगा तो वह कोई भी पाप कर्म करने से खुद ही खुद को रोक लेगा। 3. कभी न करें ये तीन काम करने की इच्छा श्लोक-मनसा कर्मणा वाचा न च काड्क्षेत पातकम्। अर्थात- आगे भगवान शिव कहते है कि- किसी भी मनुष्य को मन, वाणी और कर्मों से पाप करने की इच्छा नहीं करनी चाहिए। क्योंकि मनुष्य जैसा काम करता है, उसे वैसा फल भोगना ही पड़ता है। यानि मनुष्य को अपने मन में ऐसी कोई बात नहीं आने देना चाहिए, जो धर्म-ग्रंथों के अनुसार पाप मानी जाए। न अपने मुंह से कोई ऐसी बात निकालनी चाहिए और न ही ऐसा कोई काम करना चाहिए, जिससे दूसरों को कोई परेशानी या दुख पहुंचे। पाप कर्म करने से मनुष्य को न सिर्फ जीवित होते हुए इसके परिणाम भोगना पड़ते हैं बल्कि मारने के बाद नरक में भी यातनाएं झेलना पड़ती हैं। 4. सफल होने के लिए ध्यान रखें ये एक बात संसार में हर मनुष्य को किसी न किसी मनुष्य, वस्तु या परिस्थित से आसक्ति यानि लगाव होता ही है। लगाव और मोह का ऐसा जाल होता है, जिससे छूट पाना बहुत ही मुश्किल होता है। इससे छुटकारा पाए बिना मनुष्य की सफलता मुमकिन नहीं होती, इसलिए भगवान शिव ने इससे बचने का एक उपाय बताया है। श्लोक-दोषदर्शी भवेत्तत्र यत्र स्नेहः प्रवर्तते। अनिष्टेनान्वितं पश्चेद् यथा क्षिप्रं विरज्यते।। अर्थात- भगवान शिव कहते हैं कि- मनुष्य को जिस भी व्यक्ति या परिस्थित से लगाव हो रहा हो, जो कि उसकी सफलता में रुकावट बन रही हो, मनुष्य को उसमें दोष ढूंढ़ना शुरू कर देना चाहिए। सोचना चाहिए कि यह कुछ पल का लगाव हमारी सफलता का बाधक बन रहा है। ऐसा करने से धीरे-धीरे मनुष्य लगाव और मोह के जाल से छूट जाएगा और अपने सभी कामों में सफलता पाने लगेगा। 5. यह एक बात समझ लेंगे तो नहीं करना पड़ेगा दुखों का सामना श्लोक-नास्ति तृष्णासमं दुःखं नास्ति त्यागसमं सुखम्। सर्वान् कामान् परित्यज्य ब्रह्मभूयाय कल्पते।। अर्थात- आगे भगवान शिव मनुष्यो को एक चेतावनी देते हुए कहते हैं कि- मनुष्य की तृष्णा यानि इच्छाओं से बड़ा कोई दुःख नहीं होता और इन्हें छोड़ देने से बड़ा कोई सुख नहीं है। मनुष्य का अपने मन पर वश नहीं होता। हर किसी के मन में कई अनावश्यक इच्छाएं होती हैं और यही इच्छाएं मनुष्य के दुःखों का कारण बनती हैं। जरुरी है कि मनुष्य अपनी आवश्यकताओं और इच्छाओं में अंतर समझे और फिर अनावश्यक इच्छाओं का त्याग करके शांत मन से जीवन बिताएं। *🌻कान दर्द से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय* *🌻लहसुन की 10-12 कलियों को छीलकर रख लें। इन कलियों को अच्छी तरह पीस या कूट लें। पीसते या कूटते समय इसमें 10-12 बूंद पानी मिला लें। अब इसे किसी कपड़े या महीन छन्नी से छान या निचोड़ लें। दर्द बाली कान में उस रस के 2 बून्द रस कान में डालने से दर्द से राहत मिलता है ।* *🌻लहसुन की कलियों को 2 चम्‍मच तिल के तेल में तब तक गरम करें जब तक कि वह काला ना हो जाए। फिर इसे तेल की 2-3 बूंदे कानों में टपका लें।* *🌻जैतून के पत्तों के रस को गर्म करके बूंद-बूंद करके कान में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।* *🌻तुलसी के पत्तों का रस गुनगुना कर दो-दो बूंद सुबह-शाम डालने से कान के दर्द में राहत मिलती है।* *🌻प्याज का रस निकाल लें,अब रुई के फाये या किसी वूलेन कपडे के टुकडे को इस रस में डुबायें अब इसे कान के ऊपर निचोड़ दें ,इससे कान में उत्पन्न सूजन,दर्द ,लालिमा एवं संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है।* *🌻कान में दर्द हो रहा है तो अदरक का रस निकालकर दो बूंद कान में टपका देने से भी दर्द और सूजन में काफी आराम मिलता है।*

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Queen Jan 26, 2020

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*👣।।संत महिमा।।👣* एक जंगल में एक संत अपनी कुटिया में रहते थे। एक किरात (शिकारी), जब भी वहाँ से निकलता संत को प्रणाम ज़रूर करता था। एक दिन किरात संत से बोला की बाबा मैं तो मृग का शिकार करता हूँ, आप किसका शिकार करने जंगल में बैठे हैं.? संत बोले - श्री कृष्ण का, और फूट फूट कर रोने लगे। किरात बोला अरे, बाबा रोते क्यों हो ? मुझे बताओ वो दिखता कैसा है ? मैं पकड़ के लाऊंगा उसको। संत ने भगवान का वह मनोहारी स्वरुप वर्णन कर दिया.... कि वो सांवला सलोना है, मोर पंख लगाता है, बांसुरी बजाता है। किरात बोला: बाबा जब तक आपका शिकार पकड़ नहीं लाता, पानी भी नही पियूँगा। फिर वो एक जगह जाल बिछा कर बैठ गया... 3 दिन बीत गए प्रतीक्षा करते करते, दयालू ठाकुर को दया आ गयी, वो भला दूर कहाँ है, बांसुरी बजाते आ गए और खुद ही जाल में फंस गए। किरात तो उनकी भुवन मोहिनी छवि के जाल में खुद फंस गया और एक टक शयाम सुंदर को निहारते हुए अश्रु बहाने लगा, जब कुछ चेतना हुयी तो बाबा का स्मरण आया और जोर जोर से चिल्लाने लगा शिकार मिल गया, शिकार मिल गया, शिकार मिल गया, और ठाकुरजी की ओर देख कर बोला, अच्छा बच्चू .. 3 दिन भूखा प्यासा रखा, अब मिले हो, और मुझ पर जादू कर रहे हो। शयाम सुंदर उसके भोले पन पर रीझे जा रहे थे एवं मंद मंद मुस्कान लिए उसे देखे जा रहे थे। किरात, कृष्ण को शिकार की भांति अपने कंधे पे डाल कर और संत के पास ले आया। बाबा, आपका शिकार लाया हूँ.... बाबा ने जब ये दृश्य देखा तो क्या देखते हैं किरात के कंधे पे श्री कृष्ण हैं और जाल में से मुस्कुरा रहे हैं। संत के तो होश उड़ गए, किरात के चरणों में गिर पड़े, फिर ठाकुर जी से कातर वाणी में बोले - हे नाथ मैंने बचपन से अब तक इतने प्रयत्न किये, आप को अपना बनाने के लिए घर बार छोडा, इतना भजन किया आप नही मिले और इसे 3 दिन में ही मिल गए...!! भगवान बोले - इसका तुम्हारे प्रति निश्छल प्रेम व कहे हुए वचनों पर दृढ़ विश्वास से मैं रीझ गया और मुझ से इसके समीप आये बिना रहा नहीं गया। भगवान तो भक्तों के संतों के आधीन ही होतें हैं। जिस पर संतों की कृपा दृष्टि हो जाय उसे तत्काल अपनी सुखद शरण प्रदान करतें हैं। किरात तो जानता भी नहीं था की भगवान कौन हैं। पर संत को रोज़ प्रणाम करता था। संत प्रणाम और दर्शन का फल ये है कि 3 दिन में ही ठाकुर मिल गए । यह होता है संत की संगति का परिणाम!! *"संत मिलन को जाईये तजि ममता अभिमान, ज्यो ज्यो पग आगे बढे कोटिन्ह यज्ञ समान"*

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M.S.Chauhan Jan 26, 2020

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yogeshraya Jan 26, 2020

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champalal m kadela Jan 26, 2020

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