gopal jalan
gopal jalan Jan 14, 2020

Happy janmashtami

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*भगवान की कृपा हम सबके ऊपर है।भगवान की कृपा न होती तो ये देव दुर्लभ मनुष्य जन्म प्राप्त ही न होता।* *मुझ पर भगवान की कृपा कम है, ऐसा मानने वाला भूल करता है। भगवान की कृपा तो सब पर है और अनंत है। हम चाहे कैसे भी क्यों न हो भगवान की कृपा हमे छोड़ ही नहीं सकता।* *जैसे माता अपने बच्चे के कल्याण के लिए, रोग मिटाने के लिए कड़वी दवा देती है, वैसे ही भगवान जागतिक कष्ट, दारिद्र्य, अपमान, रोग आदि भेजते हैं। वे देखने में कठोर हैं पर है भगवान का आशीर्वाद। वे शुद्ध करने के लिए, निर्मल बनाने के लिए ही आते हैं।* 🙏जय श्री कृष्णा 🙏🏻*तोरण क्या है* 🔸🔸🔹🔸🔸 कुछ लोग जानकारी के अभाव मे गलती कर रहे हे हिन्दू समाज में शादी में तोरण मारने की एक आवश्यक रस्म है। जो सदियों से चली आ रही है। लेकिन अधिकतर लोग नहीं जानते कि यह रस्म कैसे शुरू हुई। दंत कथानुसार कहा जाता है कि एक तोरण नामक राक्षस था जो शादी के समय दुल्हन के घर के द्वार पर तोते का रूप धारण कर बैठ जाता था तथा दूल्हा जब द्वार पर आता तो उसके शरीर में प्रवेश कर दुल्हन से स्वयं शादी रचाकर उसे परेशान करता था। एक बार एक राजकुमार जो विद्वान एवं बुद्धिमान था शादी करने जब दुल्हन के घर में प्रवेश कर रहा था अचानक उसकी नजर उस राक्षसी तोते पर पड़ी और उसने तुरंत तलवार से उसे मार गिराया व शादी संपन्न की। बताया जाता है कि तब से ही तोरण मारने की परंपरा शुरू हुई अब इस रस्म में दुल्हन के घर के दरवाजे पर लकड़ी का तोरण लगाया जाता है, जिस पर एक तोता (राक्षस का प्रतीक) होता है। बगल में दोनों तरफ छोटे तोते होते हैं। दूल्हा शादी के समय तलवार से उस लकड़ी के बने राक्षस रूपी तोते को मारने की रस्म पूर्ण करता है। गांवों में तोरण का निर्माण खाती करता है, लेकिन आजकल बाजार में बने बनाए सुंदर तोरण मिलते हैं, जिन पर गणेशजी व स्वास्तिक जैसे धार्मिक चिह्न अंकित होते हैं और दूल्हा उन पर तलवार से वार कर तोरण (राक्षस) मारने की रस्म पूर्ण करता है। यानी दूल्हा राक्षस की जगह गणेशजी या धार्मिक चिन्हों पर वार करता है जो कि भारतीय परंपरा और धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं है। एक तरफ हम शादी में गणेश पूजन कर उनको रिद्धि-सिद्धि सहित शादी में पधारने का निमंत्रण देते हैंऔर दूसरी तरफ तलवार से वार कर उनका अपमान करते हैं, यह उचित नहीं है। अत: तोरण की रस्म पर ध्यान रखकर परंपरागत राक्षसी रूपी तोरण ही लाकर रस्म निभाएं । कोई अशुभ कार्य नहीं करे🌹🌹👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏🍅✴☀❣जय मां अंबे भवानी ❣☀✴🍅❣ 🍂🐚 गंगा गीता गायत्री 🍂🐚 (¯`•.•´¯) *`•.¸(¯`•.•´¯)¸.•´ `•.¸.•´ ჱܓ*“ 🍅✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴☀✴🍅 ☆*´¨`☽  ¸.★* ´¸.★*´¸.★*´☽ (  ☆** Ψ त्रिवेणी घाट हरिद्वार .Ψ `★.¸¸¸. ★• ° 🙏भरत ब्यास बागा॓॔ हिसार

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Raj Jan 22, 2020

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Vinita Chauhan Jan 22, 2020

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anushka chauhan Jan 22, 2020

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Dilip Kumar Sharma Jan 22, 2020

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Suraj yadav Jan 22, 2020

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Sunita Porwal Jan 22, 2020

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