Narayan Giri
Narayan Giri Sep 29, 2017

नवरात्रि अनुष्ठान पूर्ण जालोर राजस्थान में

नवरात्रि अनुष्ठान पूर्ण जालोर राजस्थान में
नवरात्रि अनुष्ठान पूर्ण जालोर राजस्थान में
नवरात्रि अनुष्ठान पूर्ण जालोर राजस्थान में
नवरात्रि अनुष्ठान पूर्ण जालोर राजस्थान में

।।नौ दिवसीय शतचंडी यज्ञ की हुई पूर्णाहुति।।

जालोर जिले के बागरा के निकट डुडसी गांव में चल रहे नौ दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ में प्रातः 09 बजे से 10 बजे तक आवाहित देवी देवताओं का पूजन के बाद विसर्जन, माता जी का स्थापना, कन्या पूजन वैदिक मंत्रोच्चार बीच विधि-विधान पूर्वक शुक्रवार को की गई। इसमें विशेष रूप से महामंडलेश्वर स्वामी श्री रामचरणजी जी महाराज इंद्रप्रस्थ पीठाधीश्वर, श्रीमहंत रणछोड़ भारती जी, श्रीमहंत महेन्द्र भारती जी,श्रीमहंत प्रेम भारती जी, राजा करनवीर सिंह जी,लाल सिंह जी, संत वृंदा राम जी, कांग्रेस नेता जगदीश जी एवं बड़ी संख्या में संतों सहित नर-नारियों व बच्चों ने पूर्णाहुति में भाग लिया।इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय मंत्री श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, एवं दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने उपस्थित ग्रामीणों को महानवमी की महत्ता से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि
शारदीय नवरात्रि में आने वाली नवमी को महानवमी भी कहा जाता है। नवमी नवरात्रि का नौवां दिन और दुर्गा पूजा का तीसरा यानि आखिरी दिन होता है। मां दुर्गा के ये नौ दिन हिंदू धर्म में बहुत ही धूम-धाम से मनाए जाते हैं। इसके बाद दसवें दिन दशहरा जिसे विजयदशमी भी कहा जाता है।शास्त्रों के अनुसार ऐसी मानयता है कि मां पार्वती ने महिषासुर नामक राक्षस को मारने के लिए दुर्गा का रुप लिया था। महिषासुर से मुकाबला करना सभी देवताओं के लिए मुश्किल हो गया था। इसलिए आदिशक्ति ने दुर्गा का रुप धारण किया और महिषासुर से 8 दिनों तक युद्ध किया और नौवें दिन महिषासुर का वध कर दिया। इसके साथ ही सबसे पहले भगवान राम ने रावण से युद्ध करने से पहले नौ दिन मां दुर्गा की पूजा की थी और इसके बाद लंका पर चढ़ाई करके दसवें दिन रावण का वध किया था। इसलिए नवरात्रि के अगले दिन विजयदशमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन को सत्य की असत्य पर जीत और धर्म की अधर्म की जीत के रुप में मनाया जाता है।
यज्ञ में उपस्थित श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर (गाजियाबाद)के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार ने बताया कि इस आयोजन में पारसनाथ जी रामेश्वर तमिलनाडु,श्रीमहंत पर्वत गिरि जी सुरेश्वर महादेव,भीमराज पुरोहित जी, रतन सिंह जी, नरेंद्र सिंह धानसा, संतम मोथा जालोर, विजय सिंह जी जालोर,अनिल शर्मा जी,बुधगिरि जालोर, ईश्वर सिंह भवरानी,शैतान सिंह पूर्व सरंपच डूडसी,ठा. प्रदीप सिंह सिहना,लाल सिंह जी धानपुर,देवी सिंह चौहान, शिशोदिया जी SDM जालोर, नेन सिंह जी,अर्जुन सिंह विसानगढ़, ईश्वर सिंह जी भावरानी,जुगत सिंह जी,ठा. रूप सिंह जी, रघुवीर सिंह जी,एवं ग्राम धानसा के अनेकों ग्रामीणों को महाराज श्री ने रूद्राक्ष की माला एवं पटका पहनाकर आशीर्वाद दिया।


निवेदक
धीरज कुमार
सह मीडिया प्रभारी
दुधेश्वर नाथ मन्दिर गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश

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shiv prakash soni Jan 25, 2020

गुप्त नवरात्र के अवसर पर बाधा निवारण के लिए आप दुर्गा मां की साधना कर सकते हैं सबसे अच्छा है आप यह यंत्र भोजपत्र पर बना ले केसर से बना लें या अष्टगंध से बना ले और सबसे अच्छा यंत्र बनता है काम्या सिंदूर से यह यंत्र बनाकर के प्राण प्रतिष्ठा कर ले इस यंत्र की चेतना के लिए दुर्गा जी का मंत्र जप कर ले एवं संकल्प लेकर के आपको जिस भी प्रकार की बाधा है उस प्रकार का संकल्प ले ले उस बाधा निवारण के लिए संकल्प लेकर आप दुर्गा कवच जोकि दुर्गा सप्तशती में संस्कृत और हिंदी में दिया हुआ होता है उसके 108 पाठ पूरे करें 9 दिन में 108 पाठ पूरे हो जाएं या आप रोज भी 108 पाठ कर सकते हैं जैसा आपके पास समय हो और जितना आप साधना में बैठ सकें ज्यादा से ज्यादा दुर्गा कवच आप पाठ कर सकते नित्य 2121 भी कर सकते हैं 5151 भी कर सकते हैं 108 पाठ भी नित्य कर सकते हैं दुर्गा कवच पाठ के प्रभाव से आपके बहुत सी बाधाएं स्वता ही आपसे दूर होंगी✍🏻

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