Corona virus के कारण चैत्र नवरात्र में घर बैठे करें माँ के शक्तिपीठों के दर्शन माँ ब्रजेश्वरी देवी (कांगड़ा) दर्शन Must watch and share नव संवत 2077 सभी के जीवन में स्वास्थ्य, सुख-शांति लेकर आए। माँ के नवरात्र में दरबार की रौनक लौट आए, इसी प्रार्थना के साथ नव संवत की हार्दिक बधाई। जय माता की।

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Radhika Saini Mar 27, 2020

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Ramit Singh Mar 27, 2020

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white beauty Mar 27, 2020

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🎎🌲🐯 शुभ नवरात्रि 🐯🌲🎎 🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯 🎎🌺नवरात्रि का तीसरा दिन🌺🎎 🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲 🔔🚩👣ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः 👣🚩🔔 👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣 🌋🌻🌺 सुप्रभात 🌺🌻🌋 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 🏵 🌿🌹शुभ शुक्रवार 🌹🌿 🏵 ⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️ 🚩या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघंटा रूपेण संस्थिता।🚩 🚩नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।🚩 🏖मंगलमय सुबह की शुरुआत माँ चन्द्रघंटा देवी के चरण कमलों के दर्शन के साथ।🙏 👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣 3. 🔔 चंद्रघंटा 🔔 🎎पिंडज प्रवरारूढ चंडकोपास्त्रक औरुता। 🎎 🦁प्रसाद तनुते महे चंद्रघण्टेति विश्रुता ।।🦁 👣 माता शक्ति के तीसरे स्वरुप के माथे पर आधा चन्द्रमा है जो की एक घंटे (बेल) की तरह नजर आता है इसीलिए इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा है | 🚩माता का चंद्रघंटा स्वरुप सुहागन स्त्री की स्वरुप है |🌹 🐯माता का स्वरूप। :-- 🔔 माँ दुर्गा के तीसरे स्वरुप चंद्रघंटा की सवारी शेर | उनके माथे पर आधा चन्द्रमा सुशोभित है | उनके 10 हाथ हैं | 🌷उनके बाएं हाथ में त्रिशूल, गदा, तलवार और कमंडल हैं | और पांचवा हत वरदमुद्रा में है | 🌺उनके दाहिने हाथों में कमल का फूल, धनुष बाण, और जप माला है और पाँचवा हत अभय मुद्रा में है | 👣माता का स्वरूप🌹 माता का यह स्वरुप स्पष्ट का नाश करने वाला है | स्पष्ट के दोहराए जाने से हमेशा लड़ने के लिए तैयार रहता है | 💐 माता के इस स्वरुप की पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है और जीवन में शांति और खुशहाली आती है | 🎎 मंत्र: ऊँ देवी कैंड्रघैयै नमो न्द्र देवी चन्द्रघंटायै नम:🌷 🌹ध्यान :- वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम्। सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम् चंद्र मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्। खंग, गदा, त्रिशूल, चापर, पदम कमण्डलु माला व्रहीतकराम्। पटाम्बर परिधान मृदुहास्या नानालंकार भूशिताम्। मंजीर हार केयूर, कि बुटी, रत्नकुंडल मण्डिताम य प्रफुल्ल वंदना बिबाइड कांत कपोलां तुगं कुचाम्। कमनीयां लावाण्या क्षीणकट्टी नितम्बनीम् ण 🦁स्तोत्र पाठ। :-- आपदुधर्नि त्व त्वहि आद्या शक्तिः शुभपराम्। अनिमादि सिद्धिदात्री चंद्रघटा प्रणमभ्यम् सि चन्द्रमुखी पदार्थ दात्री वं मन्त्र स्वरूपणीम्। धनदात्री, आनंददात्री चन्द्रघंटे प्रणमाभ्यम् आनन्द नानारूपधारिणी अर्थानाय ऐश्वर्यदायनीम्। सौभाग्यरोग्यिनी चंद्रघंट्रपन्ममाभ्यम् दाय 🏵कवच :-- रहस्यं श्रुणु वक्ष्यामि शैवेशी कमलानने। श्री चन्द्रघंटास्य कवचं सर्वसिद्धिप्रदम् न्ट बिना नापसँ बिना विनियोगं बिना शापोध्दा बिना होमं। स्नानं शुचादि नस्ति श्रध्दामत्रयेण सिद्धिधामम् ि कुशीश्याम कुटिलाय वंचित नाट्यशास्त्रीय च न दतिव्यं न दात्यं न दातव्यं न संचितम् ट 🎭भगवती चन्द्रघनता का ध्यान, स्तोत्र और कवच का पाठ करने से मणिपुर चक्र जाग्रत हो जाता है और सांसारिक परेशानियों से मुक्ति मिल जाता है। 🔔🚩👣 जय माता दी 👣🚩🔔 👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔

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