जय श्री केदारनाथ ।।

जय श्री केदारनाथ ।।

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Avanish Trivedi Mar 4, 2019
जय बाबा केदारेश्वर महादेव की

Munna Yadav Mar 15, 2019
ओम नमः शिवाय मेरा तो मिलवा दे बोलेगा मैं आपका कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं कृपया करके मेरा साथ मत स्वीकार करेंगे भोलेनाथ के प्रति केदारनाथ में आपका नाम

Balwatkumar MISHRA Apr 21, 2019

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श्री शिव पार्वती पूजन की सरल विधि सामग्री देव मूर्ति के स्नान के लिए तांबे का पात्र, तांबे का लोटा, जल का कलश, दूध, देव मूर्ति को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र व आभूषण। चावल, अष्टगंध, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती। चंदन, धतूरा, आक के फूल, बिल्वपत्र जनेऊ। प्रसाद के लिए फल, दूध, मिठाई, नारियल, पंचामृत, सूखे मेवे, शक्कर, पान, दक्षिणा में से जो भी हो। सकंल्प किसी विशेष मनोकामना के पूरी होने की इच्छा से किए जाने वाले पूजन में संकल्प की जरुरत होती है। निष्काम भक्ति बिना संकल्प के भी की जा सकती है।पूजन शुरू करने से पहले सकंल्प लें। संकल्प करने से पहले हाथों में जल, फूल व चावल लें। सकंल्प में जिस दिन पूजन कर रहे हैं उस वर्ष, उस वार, तिथि उस जगह और अपने नाम को लेकर अपनी इच्छा बोलें। अब हाथों में लिए गए जल को जमीन पर छोड़ दें। संकल्प का उदाहरण जैसे 21/4/2015 को श्री शिव- पार्वती का पूजन किया जाना है। तो इस प्रकार संकल्प लें। मैं ( अपना नाम बोलें ) विक्रम संवत् 2072 को, वैशाख मास के तृतीया तिथि को मंगलवार के दिन, कृतिका नक्षत्र में, भारत देश के मध्यप्रदेश राज्य के उज्जैन शहर में महाकाल तीर्थ में इस मनोकामना से (मनोकामना बोलें) श्री शिव-पार्वती का पूजन कर रही / रहा हूं। शिव- पार्वती पूजन की सरल विधि सर्वप्रथम गणेश पूजन करें। गणेश जी को स्नान कराएं। वस्त्र अर्पित करें। गंध, पुष्प, अक्षत से पूजन करें।  अब देव मूर्ति में शिव-पार्वती पूजन करें। शिव-पार्वती को स्नान कराएं। स्नान पहले जल से फिर पंचामृत से और वापिस जल से स्नान कराएं। शिव-पार्वती को वस्त्र अर्पित करें। वस्त्रों के बाद फूलों के आभूषण पहनाएं। अब पुष्पमाला पहनाएं। अब तिलक करें। ‘‘ऊँ साम्ब शिवाय नमः’’ कहते हुए भगवान शिव को अष्टगंध का तिलक लगाएं।‘‘ऊँ गौर्ये नमः’’ कहते हुए माता पार्वती को कुमकुम का तिलक लगाएं। अब धूप व दीप अर्पित करें। फूल अर्पित करें। श्रद्धानुसार घी या तेल का दीपक लगाएं। आरती करें। आरती के पश्चात् परिक्रमा करें। अब नेवैद्य अर्पित करें। भगवान शिव और पार्वती का बिल्व पत्र से पूजन करें। कनेर के पुष्प अर्पित करें। गौरी शंकर के पूजन के समय‘‘ऊँ उमामहेश्वराभ्यां नमः’’मंत्र का जप करते रहें।

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Dayal Singh Saini Apr 21, 2019

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Nimesh Sharma Apr 20, 2019

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