Smt Neelam Sharma
Smt Neelam Sharma Apr 3, 2020

मैं तो राधे राधे गाऊं श्याम तेरी गलियों में , कन्हैया तेरी गलियों में श्याम तेरी गलियों में जिन गलियों में तूने माटी खाई , उस माटी का तिलक लगाऊं श्याम तेरी गलियों में जिन गलियों में तूने मटकी फोड़ी , मैं तो माखन बेचने आऊं श्याम तेरी गलियों में जिन गलियों में तूने रंग उड़ाया , मैं तो होली खेलने आऊं श्याम तेरी गलियों में जिस यमुना पे तूने चीर चुराया , मैं तो रोज नहाने आऊं श्याम तेरी गलियों में जिन गलियों में तूने रास रचाया , मैं तो रोज नाचने आऊं श्याम तेरी गलियों में🌿🔯🕉️

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कामेंट्स

मेरे साईं (Indian women ) Apr 3, 2020
🕉🕉साईं राम 🌹🙏 *सच्चे और शुभचिंतक लोग..* *हमारे जीवन में…* *सितारों की तरह होते है…!!* *वो चमकते तो सदैव ही रहते है,* *परंतु…दिखायी तभी देते है,* *जब अंधकार छा जाता है.* 💐आप का हर पल मंगलमय हो सदा खुश रहिये मुसकुराते रहिये ।🌹🌹🙏🙏

umesh bhardwaj Apr 3, 2020
राधे राधे जय श्री कृष्णा

m.r.gupta Apr 3, 2020
Jai shri Radha Kishori krashna kanihyalal ki

🙏OP JAIN🙏(RAJ) Apr 3, 2020
जय श्री राधे राधे दीदी आपका हर एक पल शुभ और मंगलमय हो जय संतोषी माता

🙏OP JAIN🙏(RAJ) Apr 3, 2020
जय श्री राधे राधे दीदी आपका हर एक पल शुभ और मंगलमय हो जय संतोषी माता

Durga Parsad Apr 3, 2020
जय श्री ललित किशोर

Dr.ratan Singh Apr 3, 2020
🚩👣🌺जय माता दी🌺👣🚩 💐🌚 शुभरात्रि वंदन दीदी🌚💐 🌹आप और आपके पूरे परिवार पर माता रानी की आशिर्वाद सदा बनी रहे जी💐 🌋 और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो आप सभी का शुक्रवार की रात्री ममतामय शुभ शान्तिमय और मंगलमय व्यतीत हो जी🙏

Renu Singh Apr 3, 2020
Jai Mata Di 🌹🙏 Shubh Ratri Vandan Sister ji 🙏🌹 Mata Rani ki kripa Se Aàpka Aane Wala pl Shubh V Mangalmay ho Sister Ji 🙏🌹🙏🌹🙏🌹

राजेश अग्रवाल Apr 3, 2020
ॐ श्री संतोषी महामाया गजानंदम दायिनी शुक्रवार प्रिये देवी नारायणी नमोस्तुते || मां संतोषी की असीम कृपा आप पर सदैव बनी रहे मंगल कामना के साथ राजेश भाई का सादर नमन वंदन🙏🌹

🌹🌹pappu 🌹🌹jha🌹🌹 Apr 3, 2020
जय श्री राधे कृष्णा शुभ रात्रि प्यारी दीदी आप का हर पल मंगलमय हो श्री कृष्ण जी की कृपा सदैव आप पर बनी रहे आप सदा ऐसे ही हंसती मुस्कुराती रहो

Narayan Tiwari Apr 3, 2020
ह्रदय के अंदर अपने ही सँगीत हैं और अपनी ही आवाज़ें हैं। भीतर के अपने ही रंग हैं,अपने ही स्वाद और सुगंध हैं! जिस दिन आपको भीतर के रंग दिखाई देंगे, उसदिन बाहर की दुनिया के सब रंग फीके पड़ जाएंगे।फिर तुम्हारी इच्छाएँ समाप्त हो जायेगी। तब संतोष और तृप्ति का भंडार मिल जाएगा! ||जय मांई की||🚩

Rk Soni(Ganesh Mandir) Apr 4, 2020
जय गणेश देवा🌹🙏 🙏जय हनुमान जी,जय शनिदेव आप व आपके परिवार के सारे संकट दूर करके आपको हर पल खुश व स्वस्थ २खे जी🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏

Ramswaroop Chaurasia Apr 4, 2020
jai shre sita ram ji jai shre🍁🍁🌷⚘⚘🌷🍁🍁 anjanilal ki kirpa hamesa bani rahe🌺🌺🌺🌹🌹❤❤❤❤❤❤❤ ji with your famliy jai Mata di 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Neha Sharma, Haryana Apr 4, 2020
Jai Shri Radhe Krishna🥀🙏 Ishwar ki Apaar kripa aap aur aapke parivar pr hamesha bani rahe 🙏🥀Aapka hr pl shubh V mangalmay ho bahana ji🥀🙏

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Radha Sharma May 9, 2020

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savi chaudhary May 11, 2020

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Sunil Vohra May 10, 2020

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Meena Dubey May 9, 2020

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Sarla rana May 10, 2020

🌼🌼🥀एक बार भगवान नारायण लक्ष्मी जी से बोले,🥀🌼🌼 “लोगो में कितनी भक्ति बढ़ गयी है …. सब “नारायण नारायण” करते हैं !” .. तो लक्ष्मी जी बोली, “आप को पाने के लिए नहीं!, मुझे पाने के लिए भक्ति बढ़ गयी है!” .. तो भगवान बोले, “लोग “लक्ष्मी लक्ष्मी” ऐसा जाप थोड़े ही ना करते हैं !” .. तो माता लक्ष्मी बोली कि , “विश्वास ना हो तो परीक्षा हो जाए!” ..भगवान नारायण एक गाँव में ब्राह्मण का रूप लेकर गए…एक घर का दरवाजा खटखटाया…घर के यजमान ने दरवाजा खोल कर पूछा , “कहाँ के है ?” तो …भगवान बोले, “हम तुम्हारे नगर में भगवान का कथा-कीर्तन करना चाहते है…” .. यजमान बोला, “ठीक है महाराज, जब तक कथा होगी आप मेरे घर में रहना…” … गाँव के कुछ लोग इकट्ठा हो गये और सब तैयारी कर दी….पहले दिन कुछ लोग आये…अब भगवान स्वयं कथा कर रहे थे तो संगत बढ़ी ! दूसरे और तीसरे दिन और भी भीड़ हो गयी….भगवान खुश हो गए..की कितनी भक्ति है लोगो में….! लक्ष्मी माता ने सोचा अब देखा जाये कि क्या चल रहा है। .. लक्ष्मी माता ने बुढ्ढी माता का रूप लिया….और उस नगर में पहुंची…. एक महिला ताला बंद कर के कथा में जा रही थी कि माता उसके द्वार पर पहुंची ! बोली, “बेटी ज़रा पानी पिला दे!” तो वो महिला बोली,”माताजी , साढ़े 3 बजे है…मेरे को प्रवचन में जाना है!” .. लक्ष्मी माता बोली..”पिला दे बेटी थोडा पानी…बहुत प्यास लगी है..” तो वो महिला लौटा भर के पानी लायी….माता ने पानी पिया और लौटा वापिस लौटाया तो सोने का हो गया था!! .. यह देख कर महिला अचंभित हो गयी कि लौटा दिया था तो स्टील का और वापस लिया तो सोने का ! कैसी चमत्कारिक माता जी हैं !..अब तो वो महिला हाथ-जोड़ कर कहने लगी कि, “माताजी आप को भूख भी लगी होगी ..खाना खा लीजिये..!” ये सोचा कि खाना खाएगी तो थाली, कटोरी, चम्मच, गिलास आदि भी सोने के हो जायेंगे। माता लक्ष्मी बोली, “तुम जाओ बेटी, तुम्हारा प्रवचन का टाइम हो गया!” .. वह महिला प्रवचन में आई तो सही … लेकिन आस-पास की महिलाओं को सारी बात बतायी…. .. अब महिलायें यह बात सुनकर चालू सत्संग में से उठ कर चली गयी !! अगले दिन से कथा में लोगों की संख्या कम हो गयी….तो भगवान ने पूछा कि, “लोगो की संख्या कैसे कम हो गयी ?” …. किसी ने कहा, ‘एक चमत्कारिक माताजी आई हैं नगर में… जिस के घर दूध पीती हैं तो गिलास सोने का हो जाता है,…. थाली में रोटी सब्जी खाती हैं तो थाली सोने की हो जाती है !… उस के कारण लोग प्रवचन में नहीं आते..” .. भगवान नारायण समझ गए कि लक्ष्मी जी का आगमन हो चुका है! इतनी बात सुनते ही देखा कि जो यजमान सेठ जी थे, वो भी उठ खड़े हो गए….. खिसक गए! .. पहुंचे माता लक्ष्मी जी के पास ! बोले, “ माता, मैं तो भगवान की कथा का आयोजन कर रहा था और आप ने मेरे घर को ही छोड़ दिया !” माता लक्ष्मी बोली, “तुम्हारे घर तो मैं सब से पहले आनेवाली थी ! लेकिन तुमने अपने घर में जिस कथा कार को ठहराया है ना , वो चला जाए तभी तो मैं आऊं !” सेठ जी बोले, “बस इतनी सी बात !… अभी उनको धर्मशाला में कमरा दिलवा देता हूँ !” .. जैसे ही महाराज (भगवान्) कथा कर के घर आये तो सेठ जी बोले, “ " महाराज आप अपना बिस्तर बांधो ! आपकी व्यवस्था अबसे धर्मशाला में कर दी है !!” महाराज बोले, “ अभी तो 2/3 दिन बचे है कथा के…..यहीं रहने दो” सेठ बोले, “नहीं नहीं, जल्दी जाओ ! मैं कुछ नहीं सुनने वाला ! किसी और मेहमान को ठहराना है। ” .. इतने में लक्ष्मी जी आई , कहा कि, “सेठ जी , आप थोड़ा बाहर जाओ… मैं इन से निबट लूँ!” माता लक्ष्मी जी भगवान् से बोली, “ " प्रभु , अब तो मान गए?” भगवान नारायण बोले, “हां लक्ष्मी तुम्हारा प्रभाव तो है, लेकिन एक बात तुम को भी मेरी माननी पड़ेगी कि तुम तब आई, जब संत के रूप में मैं यहाँ आया!! संत जहां कथा करेंगे वहाँ लक्ष्मी तुम्हारा निवास जरुर होगा…!!” यह कह कर नारायण भगवान् ने वहां से बैकुंठ के लिए विदाई ली। अब प्रभु के जाने के बाद अगले दिन सेठ के घर सभी गाँव वालों की भीड़ हो गयी। सभी चाहते थे कि यह माता सभी के घरों में बारी 2 आये। पर यह क्या ? लक्ष्मी माता ने सेठ और बाकी सभी गाँव वालों को कहा कि, अब मैं भी जा रही हूँ। सभी कहने लगे कि, माता, ऐसा क्यों, क्या हमसे कोई भूल हुई है ? माता ने कहा, मैं वही रहती हूँ जहाँ नारायण का वास होता है। आपने नारायण को तो निकाल दिया, फिर मैं कैसे रह सकती हूँ ?’ और वे चली गयी। शिक्षा : जो लोग केवल माता लक्ष्मी को पूजते हैं, वे भगवान् नारायण से दूर हो जाते हैं। अगर हम नारायण की पूजा करें तो लक्ष्मी तो वैसे ही पीछे 2 आ जाएँगी, क्योंकि वो उनके बिना रह ही नही सकती । ✅ 🅾जहाँ परमात्मा की याद है। वहाँ लक्ष्मी का वास होता है। केवल लक्ष्मी के पीछे भागने वालों को न माया मिलती ना ही राम।🅾 सम्पूर्ण पढ़ने के लिए धन्यबाद . इसे सबके साथ बाँटकर आत्मसात् करें। ज्ञान बांटने से बढ़ता है और केवल अपने पास रखने से खत्म हो जाता है। 🌹🌹मेरे कान्हा 🌹🌹 🌹🌹जय श्री लष्मी नारायण🌹🌹

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