Krishna Rai
Krishna Rai Oct 30, 2020

🌷🌿जय शनिदेव 🌿🌿 🌿🌿🌷जय बजरंग बली हनुमान जी🌷 🌿🌿 🌷बारम्बार प्रणाम 🙏🙏🙏 🌷सुप्रभात जी 🙏🙏🙏

🌷🌿जय शनिदेव 🌿🌿
🌿🌿🌷जय बजरंग बली हनुमान जी🌷 🌿🌿
🌷बारम्बार प्रणाम 🙏🙏🙏
🌷सुप्रभात जी 🙏🙏🙏

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कामेंट्स

जितेन्द्र दुबे Oct 30, 2020
🚩🔱🚩शुभ प्रभात🌹 राम राम जी🚩🌺🚩🔱🚩प्रभु भक्तो को सादर प्रणाम🙏🙏 🚩🔱🚩🕉 ॐ राम रामाय नमः 🚩🚩🚩 🚩 ॐ हं हनुमते नमः 🚩ऊँ शं शनैश्चराय नमः🚩ऊँ श्री गणेशाय नमः🚩ऊँ रामेश्वाराय नमः🚩ऊँ नमः शिवाय 🚩ऊँ राधेकृष्णचंद्राय नमः🚩श्री राम भक्त हनुमानजी की कृपा दृष्टि आप सभी पर हमेशा बनी रहे आप सभी का हर पल मंगलमय हो 🚩जय श्री राम 🚩🌹🚩🚩🚩🚩राम राम जी🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🌷🌻🌷🌻🌷🌻🌷🌻🌷🌻🌷🌻

Jai Mata Di Oct 30, 2020
Ram Ram Ji. Good Morning My Dear Sister. God Bless You And Your Family

GS Rathore Oct 30, 2020
जय श्री शनि महाराज जी की🙏🙏

GOVIND CHOUHAN Oct 30, 2020
SHREE RAM JAI RAM JAI JAI SIYARAM JI 🌹 JAI BAJARANG BALI 🌹 JAI SHANI DEV MAHARAJ 🌹 SUBH PRABHT VANDAN JI DIDI 🙏 🙏 🌷 🌷 👏 👏

Ratna Nankani Oct 31, 2020
🕉️🙏 Jay shanidev🙏🕉️. 🕉️🙏 Jay bajrang bali🙏🕉️ 💥🌹 Good Morning 🌹🙏

S K Pandey 🌺🙏🏻🌺 Oct 31, 2020
🌹जय बजरंग बली जय शनिदेव🌹 💐बजरंगबली और शनिदेव की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। मंगलमय दिन की हार्दिक शुभकामनाएं।🌹 🌺🙏🏻जय हनुमान, जय श्रीराम🙏🏻🌺

madan pal Singh 🙏🏼 Oct 31, 2020
jai shree ram jiiiii shubh parbhat jiii Pawan putar Hanuman v Surya potar sani Dev Ki karpa v aapka pariwar par bani rahe jiii 🌷🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌹🕉️🌹

pramod singh Oct 31, 2020
jai Shri ram 🌹 Jai Shri sanidevay namah 🌹 good morning ji 🌹

🌸🌿 preeti Jain 🌿🌸 Oct 31, 2020
⛳🚩#जय_श्री_राम_जी🚩⛳ 🚩✨🚩✨🚩✨🚩✨🚩 *कर भरोसा राम_नाम_का,,* *धोखा कभी ना खाएगा..!* *जन्म काल से अंत काल तक,,* *राम_नाम_ही काम आएगा..!!* 🌳🚩✨🚩जय श्री राम 🚩✨🚩🌳 आप सभी को मीरा जयंती शुभकामनाएं जी 🙏 शुभ प्रभात वंदन 🙏☕👈🙋‍♀️🍫🍫🌹🙏🙏

🌹 जय श्री बालाजी🌹 एक पुरानी कथा जो आज भी बिल्कुल प्रसांगिक है एक राजा को राज करते काफी समय हो गया था। बाल भी सफ़ेद होने लगे थे। एक दिन उसने अपने दरबार में उत्सव रखा और अपने मित्र देश के राजाओं को भी सादर आमन्त्रित किया व अपने गुरुदेव को भी बुलाया। उत्सव को रोचक बनाने के लिए राज्य की सुप्रसिद्ध नर्तकी को भी बुलाया गया। राजा ने कुछ स्वर्ण मुद्रायें अपने गुरु जी को भी दी, ताकि नर्तकी के अच्छे गीत व नृत्य पर वे भी उसे पुरस्कृत कर सकें। सारी रात नृत्य चलता रहा। ब्रह्म मुहूर्त की बेला आई, नर्तकी ने देखा कि मेरा तबले वाला ऊँघ रहा है और तबले वाले को सावधान करना ज़रूरी है, वरना राजा का क्या भरोसा दंड दे दे। तो उसको जगाने के लिए नर्तकी ने एक दोहा पढ़ा - ...✍ *"घणी गई थोड़ी रही,* *या में पल पल जाय।* *एक पलक के कारणे,* *युं ना कलंक लगाय।"* ...✍ अब इस *दोहे* का अलग-अलग व्यक्तियों ने अपने अनुरुप अर्थ निकाला। तबले वाला सतर्क होकर बजाने लगा। ...✍ जब यह दोहा *गुरु जी* ने* *सुना, तो गुरुजी ने सारी मोहरें उस नर्तकी को अर्पण कर दी। ...✍ दोहा सुनते ही *राजकुमारी* ने भी अपना *नौलखा हार* *नर्तकी को भेंट कर दिया। ...✍ *दोहा* *सुनते ही राजा के *युवराज* *ने भी अपना *मुकुट* *उतारकर नर्तकी को समर्पित कर दिया ।* *राजा बहुत ही अचम्भित हो गया।* *सोचने लगा रात भर से नृत्य चल रहा है पर यह क्या! *अचानक *एक दोहे* *से सब अपनी मूल्यवान वस्तु बहुत ही ख़ुश हो कर नर्तकी को समर्पित कर रहें हैं ?* *राजा* सिंहासन से उठा और नर्तकी को बोला *एक दोहे* द्वारा एक नीच या सामान्य नर्तकी होकर तुमने सबको लूट लिया। ...✍ *जब यह बात राजा के गुरु ने सुनी तो गुरु के नेत्रों में आँसू आ गए और गुरुजी कहने लगे - "राजा ! इसको *नीच नर्तकी मत कह, ये अब मेरी गुरु बन गयी है, क्योंकि इसके दोहे ने मेरी आँखें खोल दी हैं*। *दोहे से यह कह रही है कि *मैं सारी उम्र जंगलों में भक्ति करता रहा और आखिरी समय में नर्तकी का मुज़रा देखकर अपनी साधना नष्ट करने यहाँ चला आया हूँ,* *भाई ! मैं तो चला ।" यह कहकर गुरुजी तो अपना कमण्डल उठाकर जंगल की ओर चल पड़े।* ...✍ *राजा की लड़की* *ने कहा - "पिता जी ! मैं जवान हो गयी हूँ। आप आँखें बन्द किए बैठे हैं, मेरा विवाह नहीं कर रहे थे। आज रात मैं आपके महावत के साथ भागकर अपना जीवन बर्बाद करने वाली थी। लेकिन इस *नर्तकी के दोहे ने मुझे सुमति दी, कि जल्दबाज़ी न कर, हो सकता है तेरा विवाह कल हो जाए, क्यों अपने पिता को कलंकित करने पर तुली है ?"* ...✍ *युवराज ने कहा -* *महाराज ! आप वृद्ध हो चले हैं, फिर भी मुझे राज नहीं दे रहे थे। मैं आज रात ही आपके सिपाहियों से मिलकर आपको मारने वाला था। लेकिन इस *दोहे ने समझाया कि पगले ! आज नहीं तो कल आखिर राज तो तुम्हें ही मिलना है, क्यों अपने पिता के खून का कलंक अपने सिर पर लेता है! थोड़ा धैर्य रख।"* ...✍ *जब ये सब बातें राजा ने सुनी तो राजा को भी आत्म ज्ञान हो गया ।* *राजा के मन में वैराग्य आ गया। राजा ने तुरन्त फैंसला लिया -* *"क्यों न मैं अभी युवराज का राजतिलक कर दूँ।" फिर क्या था, उसी समय राजा ने युवराज का राजतिलक किया और अपनी पुत्री को कहा - "पुत्री ! दरबार में एक से एक राजकुमार आये हुए हैं। तुम अपनी इच्छा से किसी भी राजकुमार के गले में वरमाला डालकर पति रुप में चुन सकती हो।"* *राजकुमारी ने ऐसा ही किया और राजा सब त्याग कर जंगल में गुरु की शरण में चला गया ।* ...✍ *यह सब देखकर नर्तकी ने सोचा -* *"मेरे एक दोहे से इतने लोग सुधर गए, लेकिन मैं क्यूँ नहीं सुधर पायी ?"* *उसी समय नर्तकी में भी वैराग्य आ गया । उसने उसी समय निर्णय लिया कि आज से मैं अपना नृत्य बन्द करती हूँ* *"हे प्रभु ! मेरे पापों से मुझे क्षमा करना। बस, आज से मैं सिर्फ तेरा नाम सुमिरन करुँगी ।"* *lockdown भी काफ़ी निकल चुका है, बस ! थोड़ा ही बचा है* *---- आज हम इस दोहे को कोरोना को लेकर अपनी समीक्षा करके देखे , तो हमने पिछले 22 मार्च से जो संयम बरता, परेशानियां झेली , ऐसा न हो कि अंतिम क्षण में एक छोटी सी भूल, हमारी लापरवाही, हमारे साथ पूरे समाज/गाँव/शहर/राज्य को न ले बैठे।* *आओ हम सब मिलकर कोरोना से संघर्ष करें।* घणीगई #थोड़ी रही, या पल-पल में जाय।* एक पलक रे कारणे युं ना कलंक लगाय।"* *घर पर रहें ,सुरक्षित रहें व सावधानियों का विशेष ध्यान रखें।* अपना ख्याल रखे👍👍

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Renu Singh Nov 24, 2020

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Renu Singh Nov 24, 2020

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🌹श्रीराम के जीवन से हम क्या सीख सकते हैं🌹 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 🚩🌿🌹जय श्री राम 🌹🌿🚩 🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯 🚩💐🛕जय श्री हनुमान🛕💐🚩 🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕 🌺🍀⚛️ शुभ मंगलवार ⚛️🍀🌺 ⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️ 🌈🌲🌻सुप्रभात 🌻🌲🌈 🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈 🎎जिनके सीने में श्री राम है, 🙏जिनके चरणों में धाम है, 🌹जिनके लिए सब कुछ दान है, 🎎अंजनी पुत्र वो हनुमान है। 💐*कभी हँसते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी* 🌀*कभी रोते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी।* 🚩*न पूर्ण विराम सुख में,* 🌲*न पूर्ण विराम दुःख में,* 🌻*बस जहाँ देखो वहाँ अल्पविराम , 👩‍🎨*छोड़ देती है ये जिंदगी।* 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 🌹श्रीराम केजीवन से हम क्या सीख सकते हैं 🌹 🌿What can we learn from Shriram's life🌿 ******************************************* 1. अपने आँसू खुद पोंछो, दूसरे पोछेंगे तो सौदा करेंगे। जैसे सुग्रीव ने पहले अपना खोया हुआ राज्य और पत्नी को प्राप्त किया, उसके पश्चात श्रीराम की सहायता की। उसी प्रकार विभीषण सम्मानित जीवन और राज्य का प्रलोभन पाने के बाद श्रीराम की सहायता हेतु तत्पर हुआ। 1. Wipe your tears yourself, if others wipe your tears, you have to go through negotiations. As Sugriva first regained his lost kingdom and wife, thereafter assisted Shri Ram. In the same way, Vibhishan, was ready to help Shri Ram only after getting the honor of life and the temptation of the state. 🌹 2. अपनी मुश्किलों का सामना करने की क्षमता स्वयं में पैदा करो। परिवार और रिश्तेदार की सहायता मत लो नहीं तो ये लोग पूरा जीवन उपहास करेंगें। जैसे राम ने अयोध्या और जनक से अपनी मुश्किल दूर करने के लिए कोई सहायता नही ली। 2. Cultivate your ability to face your difficulties. Do not take help of family and relatives, otherwise these people will ridicule you their whole life. As Shri Ram did not seek any help from Ayodhya and Janak to overcome his difficulties. 🌺 3. अधर्म और अनीति की बुनियाद पर साम्राज्य स्थापित मत क़रो क्योंकि इनकी दीवारें कमजोर होती है। इसलिए सत्य तथा धर्म के मार्ग पर चलकर शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से सामर्थ्यवान बनो, क्योंकि शक्तिशाली व्यक्ति से ही लोग प्रेम करते हैं। 3. Do not put the empire on the foundation of unrighteousness and evil because their walls are weak. Therefore, walk on the path of truth and Dharma, become physically, mentally, economically, socially and spiritually empowered, because people love a powerful person. 🎎 4. आदर्श प्रस्थापित करने के लिए सर्वस्व त्याग के लिए तत्पर रहो और समाज में प्रत्येक वर्ग तथा व्यक्ति की अहमियत को समझो, किसी की उपेक्षा मत करो, अपितु उनका उपयोग करो। जैसे श्री राम ने सभी वर्गों से सहयोग प्राप्त किया। 4. To establish the ideal, be ready to sacrifice everything and understand the importance of every class and person in the society, do not ignore anyone, but use them effectively. Like Shri Ram got support from all classes. 👩‍🎨 5. राष्ट्र प्रेम, पिता- पुत्र का आदर्श, भाई- भाई के प्रति समर्पण का भाव, पति -पत्नी का प्रेम और शासक तथा प्रजा का धर्म, सत्य और निष्ठा के साथ बलिदान के लिए तत्पर रहना इत्यादि आदर्शों को अपने जीवन में धारण करना ही श्रीराम की अनुपम भक्ति है। 5. Love for the nation, father-son ideal, devotion among brothers, husband-wife love, ruler-ruled equation and ready to sacrifice with truth and loyalty etc. are the ideals to imbibe as a true devotion to Shri Ram. 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 🙏 आप और आपके पूरे परिवार पर शिव के रुद्रावतार श्री राम भक्त हनुमान जी की कृपा सदा बनी रहेऔर सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो🏵️ 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🎭आपका मंगलवार का दिन शुभ अतिसुन्दर💐 🌹शांतिमयऔर मंगल ही मंगलमय व्यतीत हो🌹 🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕 🚩🌿🌹जय श्री राम 🌹🌿🚩 🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯 🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕

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Manoj Kumar dhawan Nov 25, 2020

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