Dev Kumar
Dev Kumar Nov 7, 2017

गणेश जी से जुड़ी कहानिया

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****कैसे पाताल लोक के राजा बने गणपति?****

एक बार गणपति मुनि पुत्रों के साथ पाराशर ऋषि के आश्रम में खेल रहे थे। तभी वहां कुछ नाग कन्याएं आ गईं। नाग कन्याएं गणेश को आग्रह पूर्वक अपने लोक लेकर जाने लगी। गणपति भी उनका आग्रह ठुकरा नहीं सके और उनके साथ चले गए।

नाग लोक पहुंचने पर नाग कन्याओं ने उनका हर तरह से सत्कार किया। तभी नागराज वासुकि ने गणेश को देखा और उपहास के भाव से वे गणेश से बात करने लगे, उनके रूप का वर्णन करने लगे। गणेश को क्रोध आ गया। उन्होंने वासुकि के फन पर पैर रख दिया और उनके मुकुट को भी स्वयं पहन लिया।

वासुकि की दुर्दशा का समाचार सुन उनके बड़े भाई शेषनाग आ गए। उन्होंने गर्जना की कि किसने मेरे भाई के साथ इस तरह का व्यवहार किया है। जब गणेश सामने आए तो शेषनाग ने उन्हें पहचान कर उनका अभिवादन किया और उन्हें नागलोक यानी पाताल का राजा घोषित कर दिया।

****किसने दिए गणपति को उनके हथियार?****

एक बार शिव कैलाश त्यागकर वन में जाकर रहने लगे। एक दिन शिव से मिलने विश्वकर्मा आए। उस समय गणेश की आयु मात्र छह वर्ष थी। गणेश ने विश्वकर्मा से कहा कि मुझसे मिलने आए हो तो मेरे लिए क्या उपहार लेकर आए हो। विश्वकर्मा ने कहा कि भगवन मैं आपके लिए क्या उपहार ला सकता हूं। आप तो स्वयं सच्चिदानंद हो।

विश्वकर्मा ने गणपति का वंदन किया और उनके सामने भेंट स्वरुप कुछ वस्तुएं रखीं, जो उनके हाथ से बनी हुई थीं। ये वस्तुएं थीं एक तीखा अंकुश, पाश और पद्म। ये आयुध पाकर गणपति को बहुत प्रसन्नता हुई। इन आयुधों से सबसे पहले छह साल के गणेश ने अपने मित्रों के साथ खेलते हुए एक दैत्य वृकासुर का संहार किया था।

***जब गणपति ने चुराया ऋषि गौतम की रसोई से भोजन****

एक बार बाल गणेश अपने मित्र मुनि पुत्रों के साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते उन्हें भूख लगने लगी। पास ही गौतम ऋषि का आश्रम था। ऋषि गौतम ध्यान में थे और उनकी पत्नी अहिल्या रसोई में भोजन बना रही थीं। गणेश आश्रम में गए और अहिल्या का ध्यान बंटते ही रसोई से सारा भोजन चुराकर ले गए और अपने मित्रों के साथ खाने लगे। तब अहिल्या ने गौतम ऋषि का ध्यान भंग किया और बताया कि रसोई से भोजन गायब हो गया है।

ऋषि गौतम ने जंगल में जाकर देखा तो गणेश अपने मित्रों के साथ भोजन कर रहे थे। गौतम उन्हें पकड़कर माता पार्वती के पास ले गए। माता पार्वती ने चोरी की बात सुनी तो गणेश को एक कुटिया में ले जाकर बांध दिया। उन्हें बांधकर पार्वती कुटिया से बाहर आईं तो उन्हें आभास होने लगा जैसे गणेश उनकी गोद में हैं, लेकिन जब देखा तो गणेश कुटिया में बंधे दिखे। माता काम में लग गईं, उन्हें थोड़ी देर बाद फिर आभास होने लगा जैसे गणेश शिवगणों के साथ खेल रहे हैं।

उन्होंने कुटिया में जाकर देखा तो गणेश वहीं बंधे दिखे। अब माता को हर जगह गणेश दिखने लगे। कभी खेलते हुए, कभी भोजन करते हुए और कभी रोते हुए। माता ने परेशान होकर फिर कुटिया में देखा तो गणेश आम बच्चों की तरह रो रहे थे। वे रस्सी से छुटने का प्रयास कर रहे थे। माता को उन पर अधिक स्नेह आया और दयावश उन्हें मुक्त कर दिया।

गणेशाय नमः

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Virtual Temple Mar 27, 2020

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भारतीय आयुर्वेद और योग विज्ञान पर विश्वास करने वालों के लिए - कोरोना वायरस से बचाव के लिए Respiratory system को मजबूत करना आवश्यक है। उसके उपाय- 1. भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम प्राणायाम नियमित रूप से करें। 2. Lungs की strengh को जानने के लिए गहरी श्वास ले कर कुम्भक लगाएं अर्थात रोके और कितने seconds रोक सकते हैं check करें। यदि 35 से 45 seconds रोक सकते हैं तो यह फेफड़ों की मजबूत स्थिति बताता है। लेकिन यदि यह कम है तो कोरोना वायरस के attack से बचने के लिए निम्न उपाय करें- 1. प्राणायाम दिन में दो बार करें खाली पेट या भोजन के 3 - 4 घंटे बाद। 2. गहरी सांस ले कर रोके अपनी क्षमता के अनुसार और श्वास निकलने के बाद भी इसी प्रकार रोकें। 3. गर्म पानी में हल्दी और फिटकरी डाल कर दिन में कई बार गरारे /gargle करें। 4. प्रत्येक एक डेढ़ घंटे के बाद चाहे थोड़ा सा ही लें गर्म पानी पी लें। 5. पानी को उबाल लें और उबलने के बाद उसमें नीलगिरी तेल/ eucalyptus oil की कुछ बूंदे डाल कर स्टीम लें। स्थिति के अनुसार यह एक से चार समय तक लें सकते हैं। 6. घर मे दोनो समय थोड़ी सी लकड़ी/ गाय के गोबर के उपले को गाय के घी से जला कर उस पर थोड़ा सा गुड़ या शक्कर डाले, कुछ दाने किशमिश के, दो तीन लोंग डालें। जब यह पूरा जल जाय और कुछ अँगारे रहें तो उस पर कपूर तथा गुग्गल के कुछ टुकड़े डाल कर उसके धुएं/ खुशबू को पूरे घर में फैल जाने दें। 7. भोजन हल्का लें और फलों की तथा पानी की मात्रा बढ़ा दें। 8. एकांतवास जरूरी है बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। 9. पानी मे गिलोय, तुलसी, अदरख का छोटा टुकड़ा , एक दो लोंग, एक दो काली मिर्च, कुछ नीम के पत्ते डाल कर काढ़ा बनाये और सुबह शाम लें। 10. दिन में कई बार दोनों नासिकाओं/ nostrils में सरसों का तेल लगाएं। घर से बाहर जाते समय जरूर लगाएं। 11. Mobile फ़ोन का प्रयोग कम करें। 12. ताली बजाने या शंख ध्वनि को व्यर्थ न समझे। करने पर लाभ ही होगा। सामान्य लोग भी कुछ समय तक, जब तक वायरस के संक्रमण का खतरा टलता नही है, ऊपर दिए उपायों को करें चाहे कम मात्रा में तो लाभकारी होगा। क्योंकि कोरोना वायरस का attack हो जाने के बाद चार पांच दिन तक तो पता भी नही चलता। हां, कुछ लोग सरकार के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। यह स्वभावगत है। शायद अपने शरीर की मजबूती को बताना चाह रहे

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Rudra sharma Mar 27, 2020

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RRD Bhakti Sagar✔ Mar 27, 2020

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