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Sunil upadhyaya
Sunil upadhyaya Jul 12, 2019

Good Morning..Radhey Radhey..

Good Morning..Radhey Radhey..

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prveenkumarji Jul 20, 2019

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prveenkumarji Jul 19, 2019

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Archana Mishra Jul 19, 2019

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gopal Krishna Jul 19, 2019

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जैसी करनी वैसी भरनी अपनी करनी पार उतरनी, जैसा करोगे वैसा भरोगे एक बुढ़िया थी। उसका एक ही बेटा था। वह हमेशा यही सपने देखती थी कि उसके बेटे का विवाह होगा तो बेटा और बहू दोनों मिलकर उसकी बहुत सेवा करेंगे और उसे घर का भी काम नहीं करना पड़ेगा। धीरे-धीरे वह दादी बन जाएगी और उसका घर स्वर्ग बन जाएगा। आखिर वह दिन भी आ गया जब बुढ़िया के बेटे का विवाह बड़ी धूमधाम से हुआ। वह दादी भी बन गई लेकिन संयोग से उसका कोई भी सपना पूरा नहीं हुआ। बुढ़िया का बेटा तो सुबह काम पर चला जाता और पोता स्कूल चला जाता, तब बहू उसके साथ बहुत बुरा व्यवहार करती। बहू बुढ़िया से घर में झाड़ू लगवाती, झूठे बर्तन साफ़ करवाती और टूटे-फूटे बर्तनों में उसे भोजन देती। शुरू में तो बहू अपने पति और बेटे के पीछे ही बुढ़िया से झगड़ती थी, लेकिन धीरे-धीरे वह अपने पति के सामने भी बुढ़िया का अपमान करने लगी। एक दिन टूटे बर्तनों में बुढ़िया को भोजन करते देखकर उसके बेटे को बहुत दुःख हुआ। उसने अपनी माँ का पक्ष लेते हुए अपनी पत्नी को बहुत डांटा। पति-पत्नी दोनों में बहुत कहा-सुनी हो गई। धीरे-धीरे बुढ़िया के बेटे ने भी पत्नी का विरोध करना छोड़ दिया। धीरे-धीरे पोता बड़ा होने लगा तो वह अपनी माँ का विरोध करने लगा। वह अपनी दादी से बहुत प्यार करता था। अपनी दादी पर माँ द्वारा किए गए अत्याचारों को देखकर उसे बहुत दुःख होता था। उसे अपनी दादी से हमदर्दी और सहानुभूति थी। अपनी माँ के डर से वह दादी की कुछ भी मदद नहीं करता था। धीरे-धीरे पोता बड़ा हो गया और उसका विवाह भी हो गया। पोते की नई बहू छिप-छिपकर अपनी दादी-सास पर होते अत्याचारों को चुपचाप देखती रहती थी। लेकिन पतोहू को बुढ़ापे में दादी-सास से काम करवाना जरा भी अच्छा नहीं लगता था। जब कभी पतोहू बुढ़िया की काम करने में मदद करती तो उसकी सास उसे खूब डांटती। पतोहू जब कभी दादी-सास को रोते हुए देखती तो उसे बहुत दुःख होता था। एक बार बुढ़िया बीमार पड़ गई और परलोक सिधार गई। अब बुढ़िया की बहू पतोहू से ही घर का सारा काम कराती और उसके साथ अभद्र व्यवहार करती। जब पतोहू ने देखा कि उसकी सास दादी-सास की तरह ही उस पर भी अत्याचार कर रही है तो उसने बदला लेने की ठान ली। वह भी अपनी सास से वैसा व्यवहार करने लगी जैसा व्यवहार उसकी सास अपनी सास से करती थी। अब तो पतोहू अपनी सास को फूटी थाली में भोजन देने लगी। यह देखकर उसके पति और ससुर ने बहुत विरोध किया। पतोहू ने अपने ससुर और पति से कहा-' मेरी दादी-सास जितनी मेहनती और सीधी थी जब माताजी उन्हें फूटी थाली में भोजन देती थीं तब तुम कुछ क्यों नहीं बोले। उन पर होने वाले अत्याचारों को तुम दोनों चुपचाप देखते रहे। तब क्या तुम्हारे मुख पर ताला पड़ गया था। यदि किसी ने माताजी की पैरवी की तो मुझ से बुरा कोई न होगा।' पतोहू की बातें सुनकर उसका पति और ससुर कुछ नहीं बोले। उन्होंने भी उसका विरोध करना छोड़ दिया। ससुर को अपनी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार देखकर बहुत गुस्सा भी आता था। जब ससुर पतोहू को डाँटने लगे तो वह उनके साथ भी अभद्र व्यवहार करने लगी। सास-ससुर अकेले में बैठकर अपने सुख-दुःख की बातें करते और यही सोचते थे कि जैसा करोगे वैसा भरोगे। इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें सबके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए क्योंकि जैसा व्यवहार हम दूसरों के साथ करेंगे वैसा ही व्यवहार दूसरे लोग हमारे साथ करेंगे,,, आपका समय शुभ हो हर हर महादेव जय शिव शंकर

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शिव समान दाता नहीं विपत्ति विदारण हार,, लज्जा मेरी राखियो शिव वरदा के असवार,, विचारणीय विंदु, आजकल प्रतिदिन संदेश आ रहे हैं कि महादेव को दूध की कुछ बूंदें चढाकर शेष निर्धन बच्चों को दे दिया जाए। सुनने में बहुत अच्छा लगता है लेकिन हर हिन्दू त्योहार पर ऐसे संदेश पढ़कर थोड़ा दुख होता है। दीवाली पर पटाखे ना चलाएं, होली में रंग और गुलाल ना खरीदें, सावन में दूध ना चढ़ाएं, उस पैसे से गरीबों की मदद करें। लेकिन त्योहारों के पैसे से ही क्यों? ये एक साजिश है हमें अपने रीति-रिवाजों से विमुख करने की। हम सब प्रतिदिन दूध पीते हैं तब तो हमें कभी ये ख्याल नहीं आया कि लाखों गरीब बच्चे दूध के बिना जी रहे हैं। अगर दान करना ही है तो अपने हिस्से के दूध का दान करिए और वर्ष भर करिए। कौन मना कर रहा है। शंकर जी के हिस्से का दूध ही क्यों दान करना? आप अपने व्यसन का दान कीजिये दिन भर में जो आप सिगरेट, पान-मसाला, शराब, मांस अथवा किसी और क्रिया में जो पैसे खर्च करते हैं उसको बंद कर के गरीब को दान कीजिये | इससे आपको दान के लाभ के साथ साथ स्वास्थ्य का भी लाभ होगा। महादेव ने जगत कल्याण हेतु विषपान किया था इसलिए उनका अभिषेक दूध से किया जाता है। जिन महानुभावों के मन में अतिशय दया उत्पन्न हो रही है उनसे मेरा अनुरोध है कि एक महीना ही क्यों, वर्ष भर गरीब बच्चों को दूध का दान दें। घर में जितना भी दूध आता हो उसमें से ज्यादा नहीं सिर्फ आधा लीटर ही किसी निर्धन परिवार को दें। महादेव को जो 50 ग्राम दूध चढ़ाते हैं वो उन्हें ही चढ़ाएं। !!ॐ नम: शिवाय !! शिवलिंग की वैज्ञानिकता .... भारत का रेडियोएक्टिविटी मैप उठा लें, तब हैरान हो जायेगें ! भारत सरकार के नुक्लियर रिएक्टर के अलावा सभी ज्योतिर्लिंगों के स्थानों पर सबसे ज्यादा रेडिएशन पाया जाता है। शिवलिंग और कुछ नहीं बल्कि न्यूक्लियर रिएक्टर्स ही हैं, तभी तो उन पर जल चढ़ाया जाता है ताकि वो शांत रहे। महादेव के सभी प्रिय पदार्थ जैसे किए बिल्व पत्र, आक, आकमद, धतूरा, आदि सभी न्यूक्लिअर एनर्जी सोखने वाले है। क्यूंकि शिवलिंग पर चढ़ा पानी भी रिएक्टिव हो जाता है इसीलिए तो जल निकासी नलिका को लांघा नहीं जाता। भाभा एटॉमिक रिएक्टर का डिज़ाइन भी शिवलिंग की तरह ही है। शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ जल नदी के बहते हुए जल के साथ मिलकर औषधि का रूप ले लेता है। तभी तो हमारे पूर्वज हम लोगों से कहते थे कि महादेव शिवशंकर अगर नाराज हो जाएंगे तो प्रलय आ जाएगी। ध्यान दें, कि हमारी परम्पराओं के पीछे कितना गहन विज्ञान छिपा हुआ है। जिस संस्कृति की कोख से हमने जन्म लिया है, वो तो चिर सनातन है।विज्ञान को परम्पराओं का जामा इसलिए पहनाया गया है ताकि वो प्रचलन बन जाए और हम भारतवासी सदा वैज्ञानिक जीवन जीते रहें।.. हो सके तो शेयर भी कर दें, दूसरे भक्त भी बाबा के दर्शन का आनंद ले पाएंगे. जय बाबा अपना व्यवहार बदलो हमारे धर्म को बदलने का प्रयास मत करो 🙏🕉🙏

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बूढ़ी मां क्या गुजरी होगी उस बुढ़ी माँ के दिल पर जब उसकी बहु ने कहा -: माँ जी,आप अपना खाना बना लेना, मुझे और इन्हें आज एक पार्टी में जाना है ..!! बुढ़ी माँ ने कहा, बेटी मुझे गैस चुल्हा चलाना नहीं आता ..!! तो बेटे ने कहा, माँ, पास वाले मंदिर में आज भंडारा है, तुम वहाँ चली जाओ ना खाना बनाने की कोई नौबत ही नहीं आयेगी..!!! माँ चुपचाप अपनी चप्पल पहन कर मंदिर की ओर हो चली.. यह पुरा वाक्या 10 साल का बेटा रोहन सुन रहा था | पार्टी में जाते वक्त रास्ते में रोहन ने अपने पापा से कहा -: पापा, मैं जब बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा ना तब मैं भी अपना घर किसी मंदिर के पास ही बनाऊंगा ..!!! माँ ने उत्सुकतावश पुछा -: क्यों बेटा ? रोहन ने जो जवाब दिया उसे सुनकर उस बेटे और बहु का सिर शर्म से नीचे झुक गया जो अपनी माँ को मंदिर में छोड़ आए थे.. रोहन ने कहा -: क्योंकि माँ, जब मुझे भी किसी दिन ऐसी ही किसी पार्टी में जाना होगा तब तुम भी तो किसी मंदिर में भंडारे में खाना खाने जाओगी ना और मैं नहीं चाहता कि तुम्हें कहीं दूर के मंदिर में जाना पड़े..!!!! पत्थर तब तक सलामत है जब तक वो पर्वत से जुड़ा है पत्ता तब तक सलामत है जब तक वो पेड़ से जुड़ा है इंसान तब तक सलामत है जब तक वो परिवार से जुड़ा है क्योंकि परिवार से अलग होकर आज़ादी तो मिल जाती है लेकिन संस्कार चले जाते हैं .. जय श्री राम

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Archana Mishra Jul 19, 2019

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Sunil upadhyaya Jul 19, 2019

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🕉️🕉️जय श्री सच्चिदानंद स्वरूपाय नमः 🕉️🕉️ 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 सतसंग वाणी 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 एक समय ऋषभदेव के पुत्र नौ योगी ऋषियों के साथ चौमासा व्यतीत करने के लिए महाराज जनक जी के यहाँ ठहरने के लिए आये हुए थे। तब वही पर महाराज जनक जी ने योगीश्वर से हाथ जोड़कर पूछा हे-- महात्मन ! भक्ति किस प्रकार हो सकती है। ***** योगी सुखद और सुहावने वचन के साथ बोला ---हे विदेहराज जनक मै उसके सुन्दर लक्षण बतलाता हू सुनो- कभी हँसते हुए जब चित प्रसन्न हो जाता है, तो उसी को कभी क्रोध के लक्षण भी हो जाते हैं। इसलिए तुम भगवान् से स्नेह कर सकने के लिए भक्ति धारण करो।सगुण ज्ञान से ही सब भवसागर से तर जाते हैं। **** हमारी आयु बड़ी बीत गई , हम ममता में फसे रहे आयु रोती है कि बिना हरि भक्ति के इतनी आयु बीत गई। **** भक्ति के तीन लक्षण बताये गए हैं--उत्तम, मध्यम और निष्कृत । जो सारे चराचर जगत में उस एक ही परब्रम्ह को देखता है वही भक्ति का सर्वोत्तम लक्षण है। *** संतजनों की संगति से सत्यमार्ग पर चलना मध्यम भक्ति के लक्षण है। ***** जो रज के बराबर भी एक को नही समझते हैं उस निष्कृत लक्षण में तो सारी दुनिया मोह माया में फँसी हुयी है। जब तक तृष्णा नही मिटती तब तक विरक्त नही होता है। ******************************************* सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः। अर्थात :- सर्वदा सत्य की विजय और असत्य की पराजय और सत्य से ही विद्वानों व् महर्षियो का मार्ग विस्तृत होता है। ।।। 🌷🌷🕉️ जय श्री गुरुदेवाय नमः 🕉️🌷🌷 🔲✔️ सत्य सनातन धर्म की सदा जय हो।👏 🔲✔️ धर्म की जय हो। 🔲✔️अधर्म का नाश हो। 🔲✔️मानव समाज का कल्याण हो। 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🕉️जय श्री राम🕉️

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