Rohit Gupta
Rohit Gupta Aug 10, 2017

बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ, बरहमपुर आरती दर्शन

हर हर महादेव।

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कामेंट्स

Gajrajg Jun 29, 2018
🙏जय श्री कृष्ण🙏 *गलत लोग" सभी के* *जीवन में आते हैं* *लेकिन* *"सीख" हमेशा "सही"* *देकर जाते है"........!!* 🌷शुभ दिन🌷

Gajrajg Jul 8, 2018
🙏जय श्री कृष्ण🙏 "गति" के लिए "चरण"* *और* *"प्रगति" के लिए "आचरण"* *बहुत जरूरी है...* 🌷शुभ दिन🌷

Gajrajg Jul 11, 2018
🙏जय श्री कृष्ण🙏 *"प्रशंसा को हमेशा"* *विनम्रता से स्वीकार करें और* *आलोचना पर गम्भीरता से* *विचार करें..!"* 💐*वन्देप्रभात* 💐

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Kumarpal Shah Sep 19, 2020

🕉️ namah shivay ✔️ @ 🌞 ~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞 ⛅ दिनांक 19 सितम्बर 2020 ⛅ दिन - शनिवार ⛅ विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076) ⛅ शक संवत - 1942 ⛅ अयन - दक्षिणायन ⛅ ऋतु - शरद ⛅ मास - अधिक अश्विन ⛅ पक्ष - शुक्ल ⛅ तिथि - द्वितीया सुबह 09:10 तक तत्पश्चात तृतीया ⛅ नक्षत्र - चित्रा - 20 सितम्बर रात्रि 01:21 तक तत्पश्चात स्वाती ⛅ योग - ब्रह्म दोपहर 03:36 तक तत्पश्चात इन्द्र ⛅ राहुकाल - सुबह 09:29 से सुबह 11:01 तक ⛅ सूर्योदय - 06:27 ⛅ सूर्यास्त - 18:36 ⛅ दिशाशूल - पूर्व दिशा में ⛅ व्रत पर्व विवरण - तृतीया क्षय तिथि 💥 विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 पुरुषोत्तम मास 🌷 ➡ 18 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक अधिक - पुरुषोत्तम मास 🌷 पुरुषोत्तम मास में रोज़ एक बार एक श्लोक बोल सकें तो बहुत अच्छा है 🌷 गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरुपिणम | गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिका प्रियं | | 🙏🏻 हे भगवान ! हे गिरिराज धर ! गोवर्धन को अपने हाथ में धारण करने वाले हे हरि ! हमारे विश्वास और भक्ति को भी तू ही धारण करना | प्रभु आपकी कृपा से ही मेरे जीवन में भक्ति बनी रहेगी, आपकी कृपा से ही मेरे जीवन में भी विश्वास रूपी गोवर्धन मेरी रक्षा करता रहेगा | हे गोवर्धनधारी आपको मेरा प्रणाम है आप समर्थ होते हुए भी साधारण बालक की तरह लीला करते थे | गोकुल में आपके कारण सदैव उत्सव छाया रहता था मेरे ह्रदय में भी हमेशा उत्सव छाया रहे साधना में, सेवा-सुमिरन में मेरा उत्साह कभी कम न हो | 🙏🏻 मै जप, साधना सेवा,करते हुए कभी थकूँ नहीं | मेरी इन्द्रियों में संसार का आकर्षण न हो, मैं आँख से तुझे ही देखने कि इच्छा रखूं, कानों से तेरी वाणी सुनने की इच्छा रखूं, जीभ के द्वारा दिया हुआ नाम जपने की इच्छा रखूं ! हे गोविन्द ! आप गोपियों के प्यारे हो ! ऐसी कृपा करो, ऐसी सदबुद्धि दो कि मेरी इन्द्रियां आपको ही चाहे ! मेरी इन्द्रियरूपी गोपीयों में संसार की चाह न हो, आपकी ही चाह हो ! 🙏🏻 श्री सुरेशानंदजी - गोधरा 30th Aug' 2012 🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞 🌷 अधिक मास का माहात्म्य 🌷 🙏🏻 अधिक मास में सूर्य की संक्रान्ति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) न होने के कारण इसे "मलमास (मलिन मास)" कहा गया। स्वामीरहित होन से यह मास देव-पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना गया। इससे लोग इसकी घोर निंदा करने लगे। 🙏🏻 तब भगवान श्रीकृष्ण ने कहाः “मैं इसे सर्वोपरि – अपने तुल्य करता हूँ। सदगुण, कीर्ति, प्रभाव, षडैश्वर्य, पराक्रम, भक्तों को वरदान देने का सामर्थ्य आदि जितने गुण मुझमें हैं, उन सबको मैंने इस मास को सौंप दिया। 🌷 अहमेते यथा लोके प्रथितः पुरुषोत्तमः। तथायमपि लोकेषु प्रथितः पुरुषोत्तमः।। 🙏🏻 उन गुणों के कारण जिस प्रकार मैं वेदों, लोकें और शास्त्रों में ‘पुरुषोत्तम’ नाम से विख्यात हूँ, उसी प्रकार यह मलमास भी भूतल पर ‘पुरुषोत्तम’ नाम से प्रसिद्ध होगा और मैं स्वयं इसका स्वामी हो गया हूँ।” 🙏🏻 इस प्रकार अधिक मास, मलमास, ‘पुरुषोत्तम मास’ के नाम से विख्यात हुआ। 🙏🏻 भगवान कहते हैं- ‘इस मास में मेरे उद्देश्य से जो स्नान (ब्राह्ममुहूर्त में उठकर भगवत्स्मरण करते हुए किया गया स्नान), दान, जप, होम, स्वाध्याय, पितृतर्पण तथा देवार्चन किया जाता है, वह सब अक्षय हो जाता है। जो प्रमाद से इस बात को खाली बिता देते हैं, उनका जीवन मनुष्यलोक में दारिद्रय, पुत्रशोक तथा पाप के कीचड़ से निंदित हो जाता है इसमें संदेह नहीं है। 🙏🏻 सुगंधित चंदन, अनेक प्रकार के फूल, मिष्टान्न, नैवेद्य, धूप, दीप आदि से लक्ष्मी सहित सनातन भगवान तथा पितामह भीष्म का पूजन करें। घंटा, मृदंग और शंख की ध्वनि के साथ कपूर और चंदन से आरती करें। ये न हों तो रूई की बत्ती से ही आरती कर लें। इससे अनंत फल की प्राप्ति होती है। चंदन, अक्षत और पुष्पों के साथ ताँबे के पात्र में पानी रखकर भक्ति से प्रातःपूजन के पहले या बाद में अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय भगवान ब्रह्माजी के साथ मेरा स्मरण करके इस मंत्र को बोलें देवदेव महादेव प्रलयोत्पत्तिकारक। गृहाणार्घ्यमिमं देव कृपां कृत्वा ममोपरि।। स्वयम्भुवे नमस्तुभ्यं ब्रह्मणेऽमिततेजसे। नमोऽस्तुते श्रियानन्त दयां कुरु ममोपरि।। 🙏🏻 ‘हे देवदेव ! हे महादेव ! हे प्रलय और उत्पत्ति करने वाले ! हे देव ! मुझ पर कृपा करके इस अर्घ्य को ग्रहण कीजिए। तुझ स्वयंभू के लिए नमस्कार तथा तुझ अमिततेज ब्रह्मा के लिए नमस्कार। हे अनंत ! लक्ष्मी जी के साथ आप मुझ पर कृपा करें।’

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radha rani Sep 18, 2020

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Rakesh Sep 19, 2020

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