जय श्री राम जय श्री कृष्ण राधे राधे 🙏 शुभ 🌅 शुभ रविवार जय श्री सुर्य नारायण 🌅 👣 💐 👏 🚩 मेरे भतिजे ने गाया हैं यह भजन ह. भ. प. श्री अण्णासाहेब वावरे टि व्ही रेडिओ पर गाया हैं यह भजन मराठी में है ज्ञानेश्वर महाराज का कर्नप्रिय अभंग सुनो

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मेरे भतिजे ने गाया हैं यह भजन ह. भ. प. श्री अण्णासाहेब वावरे टि व्ही रेडिओ पर गाया हैं
यह भजन मराठी में है ज्ञानेश्वर महाराज का कर्नप्रिय अभंग सुनो

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कामेंट्स

sanjay choudhary Mar 7, 2021
🙏🙏 जय सुर्य देव 🙏🙏�।।। ।।।। शुभ प्र्भात् जी।।।। *🙏🌸प्रातः!!🌼!!अभिनंदन🌸🙏* *✍️...जीवन में विजयी होने के बाद तो सारी दुनिया गले लगाती है ..!* *लेकिन* *हारने के बाद जो गले लगाए सिर्फ़ वही अपना होता है ...✍️* *🌼आज का दिन शुभ हो🌼*                         *🙏सुप्रभात🌼!!राधेराधे!!🙏* 🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃                     

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Mar 7, 2021
Good Afternoon My Bhai ji 🙏🙏 Very Beautiful Post ji 👌👌 Om Surayadev Namah 🙏🙏🌹🌹🌹 Surayadev Bhagwan 🙏🙏🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

मेरे साईं (indian women) Mar 7, 2021
💐जय श्री कृष्णा 🌹🙏 रिश्ते कभी जिंदगी के साथ साथ* *नहीं चलते..!!* रिश्ते एक बार बनते है फिर जिंदगी रिश्तो के साथ साथ चलती है...!!!! जो इंसान “खुद” के लिये जीता है...उसका एक दिन “मरण” होता है...पर जो इंसान ”दूसरों” के लिये जीता है...उसका हमेशा “स्मरण” होता है..... 🥀🌹🙏श्री राधे कृष्णा जी 🙏🌹🥀

Brajesh Sharma Mar 7, 2021
जय जय श्री राधे..जय श्री राधे कृष्णा ॐ नमः शिवाय.. हर हर महादेव

शामराव ठोंबरे पाटील Mar 7, 2021
@sushilkumarsharma29 नमस्कार सुशिल जी भाई आपको धन्यवाद 👏 जय श्री लक्ष्मी नारायण 🙏 जय श्री राम 🌹 जय श्री कृष्ण राधे राधे 🙏 शुभ रात्री वंदन 👣 💐 👏 🚩

शामराव ठोंबरे पाटील Mar 7, 2021
@kanwar नमस्कार दिदी आपको धन्यवाद जय माता की जय हो भोलेनाथ 🌹 नमस्कार 🙏 शुभ रात्री वंदन धन्यवाद आपको 👏 🚩 जय श्री राम 🌹 👏 🚩

शामराव ठोंबरे पाटील Mar 7, 2021
@brajeshsharma1 नमस्कार ब्रिजेश भाई जी जय माता महाकाली की जय हो भोलेनाथ ॐ गं गणपतये नमः ॐ नमः शिवाय 🙏 शुभ रात्री वंदन धन्यवाद आपको 👏 🚩

Rekha Apr 17, 2021

सुख और ऐश्वर्यदायक हैं देवी स्कंदमाता, इस श्लोक—स्तुति से प्राप्त होती है मां की कृपा स्कंदमाता की पूजा से हर इच्छा पूरी होती है। मां स्कंदमाता को जहां अग्नि देवी के रूप में भी पूजा जाता है वहीं वे ममता की भी प्रतीक हैं। देवी स्कंदमाता की चार भुजा हैं। मां के दो हाथों में कमल पुष्प हैं और एक हाथ में बालरूप में भगवान कार्तिकेय हैं। मां का एक हाथ वरमुद्रा में है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है। स्कंद का मतलब होता है शिव—पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय अथवा मुरुगन। इस प्रकार मां स्कंदमाता का शाब्दिक अर्थ है — स्कंद की माता। मां स्कंदमाता की पूजा से हर इच्छा पूरी होती है। मां स्कंदमाता को जहां अग्नि देवी के रूप में भी पूजा जाता है वहीं वे ममता की भी प्रतीक हैं। देवी स्कंदमाता की चार भुजा हैं। मां के दो हाथों में कमल पुष्प हैं और एक हाथ में बालरूप में भगवान कार्तिकेय हैं। मां का एक हाथ वरमुद्रा में है। स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार यही कारण है कि इनका प्रभामंडल सूर्य के समान अलौकिक तेजोमय दिखाई देता है। मां स्कंदमाता कमल पर विराजमान हैं। स्कंदमाता की विश्वासपूर्वक पूजा करने पर मोक्ष मिल जाता है। इनकी उपासना सुख, ऐश्वर्यदायक है। श्लोक—स्तुति 1. सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया | शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी || 2. या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। हिंदी भावार्थ : हे मां! आप सर्वत्र विराजमान हैं. स्कंदमाता के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बारंबार प्रणाम है या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूं।

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भजन के पाॅइण्ट हम जो भी, जितना भजन करते हैं, उसके पाॅइण्ट इकट्ठे होते रहते हैं, जैसे क्रैडिट कार्ड में होते हैं । भजन का फल भजन के स्तर में वृद्धि है फिर भी हम भजन के बल पर कभी अपनी लौकिक कामनाओं की भी पूर्ति चाहते हैं, कामनाऐं पूर्ण होती भी, नहीं भी होती। ये निर्भर करता है कि हमारे कितने पाॅइण्ट इकट्ठे हुए हैं । माना हमारे चार हजार पाॅइण्ट हैं, और कामना तीन हजार की हुयी तो पूरी होगी, पाँच हजार पाॅइण्ट की हुयी तो नहीं होगी। साथ ही यदि कामना पूर्ण हुयी तो तीन हजार पाॅइण्ट कम हो जाऐंगे और भजन वृद्धि रुकी रहेगी। इसलिए कामना हेतु अपने नियमित भजन से अलग भजन कर लेना चाहिये। इससे नियमित भजन से भजन वृद्धि नहीं रुकेगी। वैसे कामना-पूर्ति की बजाय कामना-नाश पर जोर देना चाहिए हमें । समस्त वैष्णव जन को राधा दासी का प्रणाम जय श्री राधे ।। जय निताई

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jatan kurveti Apr 16, 2021

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Rekha Apr 16, 2021

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। यह मां दुर्गा का चौथा स्वरूप हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कूष्मांडा ने ही इस सृष्टि की रचना की थी। इसी के चलते इन्हें सृष्टि की आदिस्वरूपा और आदिशक्ति भी कहा जाता है। मान्यता है कि शुरुआत में हर ओर अंधेरा व्याप्त था। तब देवी ने ब्रह्मांड की रचना अपनी मंद हंसी से की थी। अष्टभुजा देवी अपने हाथों में धनुष, बाण, कमल-पुष्प, कमंडल, जप माला, चक्र, गदा और अमृत से भरपूर कलश रखती हैं। आइए पढ़ते हैं मां कूष्मांडा की पूजन विधि, मंत्र, आरती और व्रत कथा। देवी कूष्मांडा के मंत्र: या देवी सर्वभू‍तेषु मां कूष्‍मांडा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। ध्यान मंत्र: वन्दे वांछित कामर्थेचन्द्रार्घकृतशेखराम्। सिंहरूढाअष्टभुजा कुष्माण्डायशस्वनीम्॥ आज विनायक चतुर्थी पर इस तरह करें गणेश जी की पूजा सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥ देवी कूष्मांडा की आरती: कूष्मांडा जय जग सुखदानी। मुझ पर दया करो महारानी॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली। शाकंबरी मां भोली भाली॥ लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे॥ भीमा पर्वत पर है डेरा। स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥ सबकी सुनती हो जगदम्बे।

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