Chirag Hajariwala
Chirag Hajariwala Mar 25, 2020

Jay Shree Matangi Modheshwari Maa...

Jay Shree Matangi Modheshwari Maa...

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🇱 🇮 🇻 🇪 📸 🇩 🇦 🇷 🇸 🇭 🇦 🇳 *चित्तौड़गढ़ से लाइव ... 📹* *भव्य पुष्प श्रृंगार के साथ मुखारबिंद लाइव दर्शन और ब्राह्मी मैया की लाइव आरती दर्शन 🛐....* ╭─━══•❂❀⚜❀❂•══━─╮ *⚜ मेरी सर्वेश्वरी-मेरी बाणेश्वरी ⚜* _आज *ज्येष्ठ (जेठ) माह की शुक्ल पक्ष की अष्ठमी (आठम) के दिव्य वास्तविक और ममतामयी, मनमोहक, अलौकिक अतिसुंदर भव्य, विशेष आकर्षक पुष्पावली से श्रृंगारित, गौ-धूली बेला में, पुजारी जी की सच्ची मेहनत और लगन से रंगा गर्भगृह, दिव्य आभाओ से सुसज्जित संध्याकालीन दिव्य मुखारबिंद श्रृंगार दर्शन और भव्य आरती*_ _सिसोदिया गहलोत राजवंश की कुलस्वामिनी ब्रह्मस्वरूपा..ब्रह्मशक्ति हंसवाहिनी 🦢 *श्री ब्राह्मणी माता जी...*_ मुख्य पाट स्थान- *चित्तौड़गढ़* *आज के लिए विशेष ...* 🥁 👇👇👇👇👇 🔆 *ब्राह्मणी बीज मंत्र* 🔆... 👈 कल एक भक्त ने फ़ोन के माध्यम से बताया कि मैं *श्रीमद देवी भागवत पुराण महात्म्य* का नियमित अध्ययन करता हूँ जिससे मुझे देवी भागवत के माध्यम से दैवीय शक्तियों की सही और वैदिक जानकारी मिली, मैंने पहली बार देवी के वास्तविक स्वरूप को पहचान कर उनके वास्तविक स्वरूप और श्रृंगार, भोग, पूजन विधि, और मुख्य सवारी के बारे में जानकारी प्राप्त की, और अन्य भक्तों को भी देवी भागवत के भक्तिमय दैवीय रस के बारे में बताया...लेकिन मैं तीन दिन से *ब्राह्मणी बीज मंत्र* का जप कर रहा हूँ जिससे मन को शांति तो मिली लेकिन पूर्णतया शांति नही मिली, मैं ऐसा क्या करूं कि कर्मो के दोष को सुधार सकूं, मुझे तो जो भी मिला है बस देवी - देवताओं के नाम पर लूटने वाले मिले है, जगह - जगह भिन्न-भिन्न भोपो से बुझ भी करवा ली लेकिन, अभी तक सही मार्गदर्शक नही मिला .. 🤔 जिसने ब्राह्मणी माता जी के चार पुरश्चरण न किये हो जो प्रतिदिन ब्राह्मणी माता जी के 51 बीज मंत्र की माला जप नही करता हो वो व्यक्ति किस प्रकार मुक्ति और सद्गति की कामना कर सकता है 🤔 एक दो माला जपने से कोई लाभ नही है, एक दो घण्टे के पूजन से परमात्मा की कृपा नही मिलती कठिन तप और साधना अनिवार्य है पर आज के लोग सोचते है कि बिना मेहनत के ही ईश्वर सब कुछ दे दे भोग भी मोक्ष भी सद्गति भी 😃 ऋषि मुनि भी हजारों वर्ष तपस्या करके ईश्वर के दर्शन तथा मोक्ष पाते थे उतना नही कर सकते हो तो कम से कम प्रतिदिन ब्राह्मणी बीज मंत्र का अधिक से अधिक (21 या 51 बार) जप तो किया ही जा सकता है केवल शास्त्रीय ज्ञान और रट्टा, परमात्मा के घर या देवी देवताओं के सम्मुख काम नही आता है तपस्या और साधना का फल ही कार्य करता है वहां जिसने जितनी अधिक भक्ति तपस्या उपासना साधना की होगी उसे उतनी ही अधिक उन्नति और सद्गति मिलेगी । भगवान के घर ज्ञान नही भक्ति समर्पण तपस्या और साधना ही काम आती है, ज्ञान के लिये तो बड़े बड़े महाऋषि ब्रह्मऋषि बड़े बड़े देवी देवता भी जो परम ज्ञान को उपलब्ध थे परमात्मा के आगे नतमस्तक होकर उनकी महिमा का ज्ञान रूपी वर्णन करते है तब भी पार नही पाते तो इस धरती के ज्ञानी तो उस लोक में किस श्रेणी में आएंगे अतः उपासक बनकर सेवक बनकर भक्ति और तप करते हुए ही वहां उत्तम गति मिल सकती है ... 🔆 *ब्राह्मणी माता जी बीज मन्त्र* 🔆 *༒🦢ॐ ऐं ब्रह्माणीयै नमः🦢 ༒* *ब्राह्मणी तेरा नाम ही आधार है ..* *इस कलयुग में सुखी से जीवन - यापन करने के लिए ..* *जुड़े - ब्राह्मणीमय सोशल मीडिया फ़ेसबुक परिवार से ... 🤳* https://www.facebook.com/groups/563312761142961/ 🔱 श्री बाण भगवत्यै नमः 🔱 *⚜ मेरी सर्वेश्वरी-मेरी बाणेश्वरी ⚜* ╰─━══•❂❀⚜❀❂•══━─╯

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Hari shankar Shukla May 30, 2020

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Sunil Thantharate May 30, 2020

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Shanti Pathak May 30, 2020

🌺🙏🌺जय श्री राम जय श्री हनुमानजी 🌺🙏🌺 राम नाम जप की महिमा एक गुरु युवा बालकों के एक समूह को विष्णु सहस्त्रनाम सिखा रहे थे। गुरु ने श्लोक दोहराया: श्री राम राम रामेति रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ॥ फिर उन्होंने लड़कों से कहा, अगर तुम तीन बार राम नाम का जाप करते हो तो यह सम्पूर्ण विष्णु सहस्त्रनाम या १००० बार ईश्वर के नाम का जाप करने के बराबर है। उनमें से एक लड़का अध्यापक से सहमत नहीं था। उसने शिक्षक से प्रशन किया, गुरूजी! ३ बार = १००० बार कैसे हो सकता है? मुझे इसका तर्क समझ में नहीं आया। ३ नाम = १००० नाम कैसे? ज्ञानी तथा निपुण गुरु, जो भगवान राम के एक महान भक्त थे, ने अति सरलता से समझाया, भगवान शिव कहतें हैं कि भगवान राम का नाम सभी शब्दों से अधिक मधुर है और इस नाम का जाप, सम्पूर्ण विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु के १००० नामों के जाप के समतुल्य है। इस बात की पुष्टि करने के लिए कि ३ बार राम नाम का जाप = १००० बार या सम्पूर्ण विष्णु सहस्त्रनाम के जाप के बराबर है, यहाँ एक दिलचस्प संख्यात्मक गणना है- राम के नाम में संस्कृत के दो अक्षर हैं- र एवं म र (संस्कृत का द्वितीय व्यंजन : य, र, ल, व, स, श) म (संस्कृत का पाँचवा व्यंजन : प, फ, ब, भ, म) र और म के स्थान पर २ तथा ५ रखने से राम = २* ५= १० अतः तीन बार राम राम राम बोलना = २ * ५* २* ५* २* ५ = १० * १० * १० = १००० इस प्रकार ३ बार राम नाम का जाप १००० बार के बराबर है। बालक इस उत्तर से प्रसन्न हुआ और उसने पूरी एकाग्रता और निष्ठा से विष्णुसहस्त्रनाम सिखना शुरू कर दिया। आइए इस जिज्ञासु बालक का धन्यवाद करते हुए इस जानकारी को अधिकतम बंधुओं में फैलाएँ और प्रतिदिन सुबह- शाम राम नाम का जाप कम-से-कम १००० बार करें। जब किसी रीति-रिवाज़ या पूजा को करने का अर्थ या उद्देश्य दूसरों, खासकर बच्चों, को समझाते हैं तो वे इन्हें सराहते हैं। और इनका अभिप्राय समझकर, जबरदस्ती में नहीं अपितु श्रद्धा से, इनका पालन करते हैं। ज्ञान व अनुभव द्वारा बुद्धिमत्ता आती है।

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maadhvi brj vaasi May 30, 2020

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Maya Rathore May 30, 2020

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ramkumarverma May 30, 2020

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