Dulal Paul
Dulal Paul Jun 10, 2018

Jai Shri Ram

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Har har mahadev 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🙏🙏👍🌹🙋‍♀️🌹🙋‍♀️ *एक कहानी मुझे याद आती है* *एक घर में बहुत दिनों से एक वीणा रखी थी। उस घर के लोग भूल गए थे। उस वीणा को बजा कर पीढ़ियों पहले कभी कोई उसका उपयोग कर रहा होगा। अब तो कभी कोई भूल से बच्चा उसके तार छेड़ देता था तो घर के लोग नाराज होते थे। कभी कोई बिल्ली छलांग लगा कर उस वीणा को गिरा देती तो आधी रात में उसके तार झनझना जाते, घर के लोगों की नींद टूट जाती। वह वीणा एक उपद्रव का कारण हो गई थी। अंततः उस घर के लोगों ने एक दिन तय किया कि इस वीणा को फेंक दें -जगह घेरती है, कचरा इकट्ठा करती है और शांति में बाधा डालती है। वह उस वीणा को घर के बाहर कूड़े घर पर फेंक आए।* *वह फेंक कर लौट ही नहीं पाए थे कि एक भिखारी गुजरा , उसने वह वीणा उठा ली और उसके तारों को छेड़ दिया। वीणा को फेकनें वाले ठिठक कर खड़े हो गए, वापस लौट गए। उस रास्ते के किनारे जो भी निकला, वे ठहर गया। घरों में जो लोग थे, वे बाहर आ गए। वहां भीड़ लग गई। वह भिखारी मंत्रमुग्ध हो उस वीणा को बजा रहा था। जब उन्हें वीणा का स्वर और संगीत मालूम पड़ा और जैसे ही उस भिखारी ने बजाना बंद किया है, वे घर के लोग उस भिखारी से बोलेः वीणा हमें लौटा दो। वीणा हमारी है।* *उस भिखारी ने कहाः वीणा उसकी है जो बजाना जानता है, और तुम तो इसे फेंक चुके हो। तब वे लड़ने-झगड़ने लगे। उन्होंने कहा, हमें वीणा वापस चाहिए। उस भिखारी ने कहाः फिर कचरा इकट्ठा होगा, फिर जगह घेरेगी, फिर कोई बच्चा उसके तारों को छेड़ेगा और घर की शांति भंग होगी। वीणा घर की शांति भंग भी कर सकती है, यदि बजाना न आता हो। वीणा घर की शांति को गहरा भी कर सकती है, यदि बजाना आता हो। सब कुछ बजाने पर निर्भर करता है।* *जीवन भी एक वीणा है और सब कुछ बजाने पर निर्भर करता है। जीवन हम सबको मिल जाता है, लेकिन उस जीवन की वीणा को बजाना बहुत कम लोग सीख पाते हैं। इसीलिए इतनी उदासी है, इतना दुख है, इतनी पीड़ा है। इसीलिए जगत में इतना अंधेरा है, इतनी हिंसा है, इतनी घृणा है। इसलिए जगत में इतना युद्ध है, इतना वैमनस्य है, इतनी शत्रुता है। यह जीवन जो संगीत बन सकता था , वह कलह, द्वेष, वैमनस्यता का बेसंगीत बन गया है क्योंकि हम उसे बजाना नहीं जानते हैं।* *🌟🔸ओम शान्ति 🔸🌟* *संकलित*

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🚩🛕🔱 ॐ नमः शिवाय 🔱🛕🚩 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 👏🥗👩‍🎨विश्व महिला दिवस 👩‍🎨🥗👏 👩‍🎨👩‍🎨👩‍🎨👩‍🎨👩‍🎨👩‍🎨👩‍🎨👩‍🎨👩‍🎨👩‍🎨 💐🥗🙏शुभ सोमवार🙏🥗 💐 🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯🔯 🌻🌿🌹सुप्रभात🌹🌿🌻 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 🙏आपको सपरिवार 👩‍🎨विश्व महिला दिवस👩‍🎨 व 🔱शिवमय सोमवार 🔱की हार्दिक शुभकामनाएं🙏 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🎎मन छोड़ व्यर्थ की चिंता, 🎎 🌿तू शिव का नाम लिये जा🌿 ❤️शिव अपना काम करेंगे🐾 🥗तू अपना काम किये जा।🥗 🔱 🛕ॐ नम: शिवाय 🛕🔱 🔱आप और आपके पूरे परिवार पर बाबा भोलेनाथ की आशीर्वाद सदा बनी रहे और सभी मनोकानाएं पूर्ण हो🔱 🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗 🌻अपका सोमवार का दिन शुभ शांतिमय शिवमय और मंगलमय हो 🌻 🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗🥗 🚩🔱🌺 हर हर महादेव 🛕🔱🚩 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ 🙏🌹नमस्ते जी 🌹🙏 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ 🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾🐾

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Dheeraj Shukla Mar 8, 2021

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Ravi Kumar Taneja Mar 8, 2021

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🌷 *विजया एकादशी* 🌷 🌾🍁🏯👏👏🛕👏👏🏯🍁🌾 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ➡ *08 मार्च 2021 सोमवार को शाम 03:45 से 09 मार्च, मंगलवार को शाम 03:02 तक एकादशी है ।* 💥 *विशेष - 09 मार्च, मंगलवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।* 🙏🏻 *युधिष्ठिर ने पूछा: हे वासुदेव! फाल्गुन (गुजरात महाराष्ट्र के अनुसार माघ) के कृष्णपक्ष में किस नाम की एकादशी होती है और उसका व्रत करने की विधि क्या है? कृपा करके बताइये ।* 🙏🏻 *भगवान श्रीकृष्ण बोले: युधिष्ठिर ! एक बार नारदजी ने ब्रह्माजी से फाल्गुन के कृष्णपक्ष की ‘विजया एकादशी’ के व्रत से होनेवाले पुण्य के बारे में पूछा था तथा ब्रह्माजी ने इस व्रत के बारे में उन्हें जो कथा और विधि बतायी थी, उसे सुनो :* 🙏🏻 *ब्रह्माजी ने कहा : नारद ! यह व्रत बहुत ही प्राचीन, पवित्र और पाप नाशक है । यह एकादशी राजाओं को विजय प्रदान करती है, इसमें तनिक भी संदेह नहीं है ।* 🙏🏻 *त्रेतायुग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचन्द्रजी जब लंका पर चढ़ाई करने के लिए समुद्र के किनारे पहुँचे, तब उन्हें समुद्र को पार करने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा था । उन्होंने लक्ष्मणजी से पूछा : ‘सुमित्रानन्दन ! किस उपाय से इस समुद्र को पार किया जा सकता है ? यह अत्यन्त अगाध और भयंकर जल जन्तुओं से भरा हुआ है । मुझे ऐसा कोई उपाय नहीं दिखायी देता, जिससे इसको सुगमता से पार किया जा सके ।‘* 🙏🏻 *लक्ष्मणजी बोले : हे प्रभु ! आप ही आदिदेव और पुराण पुरुष पुरुषोत्तम हैं । आपसे क्या छिपा है? यहाँ से आधे योजन की दूरी पर कुमारी द्वीप में बकदाल्भ्य नामक मुनि रहते हैं । आप उन प्राचीन मुनीश्वर के पास जाकर उन्हींसे इसका उपाय पूछिये ।* 🙏🏻 *श्रीरामचन्द्रजी महामुनि बकदाल्भ्य के आश्रम पहुँचे और उन्होंने मुनि को प्रणाम किया । महर्षि ने प्रसन्न होकर श्रीरामजी के आगमन का कारण पूछा ।* 🙏🏻 *श्रीरामचन्द्रजी बोले : ब्रह्मन् ! मैं लंका पर चढ़ाई करने के उद्धेश्य से अपनी सेनासहित यहाँ आया हूँ । मुने ! अब जिस प्रकार समुद्र पार किया जा सके, कृपा करके वह उपाय बताइये ।* 🙏🏻 *बकदाल्भय मुनि ने कहा : हे श्रीरामजी ! फाल्गुन के कृष्णपक्ष में जो ‘विजया’ नाम की एकादशी होती है, उसका व्रत करने से आपकी विजय होगी । निश्चय ही आप अपनी वानर सेना के साथ समुद्र को पार कर लेंगे । राजन् ! अब इस व्रत की फलदायक विधि सुनिये :* 🙏🏻 *दशमी के दिन सोने, चाँदी, ताँबे अथवा मिट्टी का एक कलश स्थापित कर उस कलश को जल से भरकर उसमें पल्लव डाल दें । उसके ऊपर भगवान नारायण के सुवर्णमय विग्रह की स्थापना करें । फिर एकादशी के दिन प्रात: काल स्नान करें । कलश को पुन: स्थापित करें । माला, चन्दन, सुपारी तथा नारियल आदि के द्वारा विशेष रुप से उसका पूजन करें । कलश के ऊपर सप्तधान्य और जौ रखें । गन्ध, धूप, दीप और भाँति भाँति के नैवेघ से पूजन करें । कलश के सामने बैठकर उत्तम कथा वार्ता आदि के द्वारा सारा दिन व्यतीत करें और रात में भी वहाँ जागरण करें । अखण्ड व्रत की सिद्धि के लिए घी का दीपक जलायें । फिर द्वादशी के दिन सूर्योदय होने पर उस कलश को किसी जलाशय के समीप (नदी, झरने या पोखर के तट पर) स्थापित करें और उसकी विधिवत् पूजा करके देव प्रतिमासहित उस कलश को वेदवेत्ता ब्राह्मण के लिए दान कर दें । कलश के साथ ही और भी बड़े बड़े दान देने चाहिए । श्रीराम ! आप अपने सेनापतियों के साथ इसी विधि से प्रयत्नपूर्वक ‘विजया एकादशी’ का व्रत कीजिये । इससे आपकी विजय होगी ।* 🙏🏻 *ब्रह्माजी कहते हैं : नारद ! यह सुनकर श्रीरामचन्द्रजी ने मुनि के कथनानुसार उस समय ‘विजया एकादशी’ का व्रत किया । उस व्रत के करने से श्रीरामचन्द्रजी विजयी हुए । उन्होंने संग्राम में रावण को मारा, लंका पर विजय पायी और सीता को प्राप्त किया । बेटा ! जो मनुष्य इस विधि से व्रत करते हैं, उन्हें इस लोक में विजय प्राप्त होती है और उनका परलोक भी अक्षय बना रहता है ।* 🙏🏻 *भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं : युधिष्ठिर ! इस कारण ‘विजया’ का व्रत करना चाहिए । इस प्रसंग को पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है ।* 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾

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Ajit sinh Parmar Mar 8, 2021

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