🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁जय माता दी🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁सुप्रभात जी🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁

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कामेंट्स

madan pal 🌷🙏🏼 Mar 4, 2021
जय माता दी शूभ प्रभात वंदन ज़ी माता रानी जी की कृपा आप व आपके परिवार पर बनीं रहे जी 💐💐💐💐🙏🏼🙏🏼🙏🏼

💞💞सुधा 💞💞 Mar 5, 2021
🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌷🌻जय माता दी जय श्रीराम जी जय हनुमानजी जय श्री राधे कृष्ण आपका हर दिन हर पल शुभ हो जी शुभदोपहर वन्दन जी 🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌻🌸🌷

BK WhatsApp STATUS Mar 6, 2021
जय माता महालक्ष्मी नमो नमः शुभ प्रभात स्नेह वंदन धन्यवाद 🌹🙏🙏

M.S.Chauhan Apr 11, 2021

*शुभ दिन सोमवार* *हर हर महादेव* *••जय श्री राम••* *जय माता रानी की* *चैत्र नवरात्रि पर्व ,गुड़ी पड़वा और भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2078 की आपको सपरिवार अग्रिम हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं* *भारतीय सनातन नववर्ष अर्थात विक्रमी संवत २०७८ (2078) चैत्र शुक्ला प्रतिपदा (एकम) तद्नुसार 13.04.2021 को है। इस दिन प्रात: ब्रह्म मुहुर्त में उठकर स्नान वगैरह करके तिलक लगाना चाहिए एवं मंदिर जाकर दर्शन करें अपने बड़ों के चरण स्पर्श करें। इस दिन अपने घर पर केसरिया घ्वज अवश्य लगाएं। हो सके तो मोहल्ले या चौराहों पर भी भगवा पताकाएं लगाएं। यह दिन बहुत पुण्यदायक है इस दिन किसी अच्छे काम का संकल्प लेकर उसे शुरू करना चाहिए। इसी दिन सृष्टी की रचना हुई। प्रकृति भी इसके स्वागत में सज धजकर तैयार रहती है, वृक्ष नये पत्ते धारण करते हैं एवं मृतप्राय: पेड़ पौधे भी हरे भरे हो जाते हैं, फसल पककर घरों में आ जाती है, चारों ओर हर्षोल्लास का वातावरण रहता है। अत: सभी सनातन धर्म बंधु अपने नये साल का जश्न जी भरकर मनाएं।* *🙏जय श्री राम🙏* 🌷🌞😷🙏😷🌞🌷

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*🚩।।श्री गणेशाय नम:।।🚩* *🥅 ÷दैनिक~पंचांग÷ 🥅* *🥅 12 - 04 - 2021* *🥅 श्रीमाधोपुर~पंचांग* 🥅 तिथि अमावस्या 08:02:25 🥅 नक्षत्र रेवती 11:29:59 🥅 करण : नाग 08:02:25 किन्स्तुघ्ना 21:08:18 🥅 पक्ष कृष्ण 🥅 योग वैधृति 14:26:24 🥅 वार सोमवार 🥅 सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ 🥅 सूर्योदय 06:07:00 🥅 चन्द्रोदय 06:21:59 🥅 चन्द्र राशि मीन - 11:29:59 तक 🥅 सूर्यास्त 18:50:32 🥅 चन्द्रास्त 19:07:59 🥅 ऋतु वसंत 🥅 हिन्दू मास एवं वर्ष 🥅 शक सम्वत 1942 शार्वरी 🥅 कलि सम्वत 5122 🥅 दिन काल 12:43:31 🥅 विक्रम सम्वत 2077 🥅 मास अमांत फाल्गुन 🥅 मास पूर्णिमांत चैत्र 🥅 शुभ और अशुभ समय 🥅 शुभ समय 🥅 अभिजित 12:03:18 - 12:54:13 🥅 अशुभ समय 🥅 दुष्टमुहूर्त : 12:54:13 - 13:45:07 15:26:55 - 16:17:49 🥅 कंटक 08:39:42 - 09:30:36 🥅 यमघण्ट 12:03:18 - 12:54:13 🥅 राहु काल 07:42:26 - 09:17:53 🥅 कुलिक 15:26:55 - 16:17:49 🥅 कालवेला या अर्द्धयाम 10:21:30 - 11:12:24 🥅 यमगण्ड 10:53:19 - 12:28:46 🥅 गुलिक काल 14:04:12 - 15:39:39 🥅 दिशा शूल 🥅 दिशा शूल पूर्व 🥅चन्द्रबल और ताराबल 🥅 ताराबल 🥅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती 🥅 चन्द्रबल 🥅 वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन 1️⃣2️⃣🔲0️⃣4️⃣🔲2️⃣1️⃣ *[]🌷🔥जय श्रीकृष्णा🔥🌷[]* *ज्योतिषशास्त्री-सुरेन्द्र कुमार चेजारा व्याख्याता राउमावि होल्याकाबास निवास-श्रीमाधोपुर* 🎴🎴🎴🎴🎴🎴🎴🎴

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श्री दुर्गा सप्तशती के बारे में कुछ सामान्य जानकारी ➖➖➖➖➖➖➖ दुर्गा सप्तशती स्वयं में ही एक सिद्ध तंत्रोक्त ग्रन्थ है जिसका प्रत्येक श्लोक स्वयं सिद्ध है।बहुत से लोग रोजाना या नवरात्री में दुर्गा सप्तशति का पाठ अपनी ऊर्जा और अपनी उर्जित तरंगो को बढ़ने के लिए करते है। मगर बहुत से उसे केवल एक किताब की तरह पढ़ लेते है मगर उसकी कभी सामान्य जानकारी भी जानना उचित नहीं समझते है। दुर्गा सप्तशती के बारे में स्वयं ब्रह्माजी इस पृथ्वी के समस्त पेड़ो की कलम और सातो महासागरों की स्याही भी बनाकर लिखे तो भी उसका वर्णन नहीं किया जा सकता दुर्गासप्तशती का लेखन मार्कंडेय पुराण से लेकर कीया गया है। "दुर्गा सप्तशती'' शक्ति उपासना का श्रेष्ठ ग्रंथ है | 🍄'दुर्गा सप्तशती'के सात सौ श्लोकों को तीन भागों प्रथम चरित्र (महाकाली), मध्यम चरित्र (महालक्ष्मी) तथा उत्तर चरित्र (महा सरस्वती) में विभाजित किया गया है। 👣प्रत्येक चरित्र में सात-सात देवियों का स्तोत्र में उल्लेख मिलता है 👣 प्रथम चरित्र में - काली, तारा, छिन्नमस्ता, सुमुखी, भुवनेश्वरी, बाला, कुब्जा, 👣द्वितीय चरित्र में - लक्ष्मी, ललिता, काली, दुर्गा, गायत्री, अरुन्धती, सरस्वती तथा 👣तृतीय चरित्र में- ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही, नारसिंही तथा चामुंडा (शिवा) इस प्रकार कुल 21 देवियों के महात्म्य व प्रयोग इन तीन चरित्रों में दिए गये हैं। 👣 नन्दा, शाकम्भरी, भीमा ये तीन सप्तशती पाठ की महाशक्तियां तथा दुर्गा, रक्तदन्तिका व भ्रामरी को सप्तशती स्तोत्र का बीज कहा गया है। तंत्र में शक्ति के तीन रूप प्रतिमा, यंत्र तथा बीजाक्षर माने गए हैं। शक्ति की साधना हेतु इन तीनों रूपों का पद्धति अनुसार समन्वय आवश्यक माना जाता है। सप्तशती के सात सौ श्लोकों को तेरह अध्यायों में बांटा गया है प्रथम चरित्र में केवल पहला अध्याय, मध्यम चरित्र में दूसरा, तीसरा व चौथा तथा शेष सभी अध्याय उत्तर चरित्र में रखे गये हैं। प्रथम चरित्र में महाकाली का बीजाक्षर रूप ऊँ 'एं है। मध्यम चरित्र (महालक्ष्मी) का बीजाक्षर रूप 'हृी' तथा तीसरे उत्तम चरित्र महासरस्वती का बीजाक्षर रूप 'क्लीं' है। अन्य तांत्रिक साधनाओं में 'ऐं' मंत्र सरस्वती का, 'हृीं' महालक्ष्मी का तथा 'क्लीं' महाकाली बीज है। तीनों बीजाक्षर ऐं ह्रीं क्लीं किसी भी तंत्र साधना हेतु आवश्यक तथा आधार माने गए है 'दुर्गा सप्तशती' के सात सौ श्लोकों का प्रयोग विवरण इस प्रकार से है। प्रयोगाणां तु नवति मारणे मोहनेऽत्र तु। उच्चाटे सतम्भने वापि प्रयोगाणां शतद्वयम्॥ मध्यमेऽश चरित्रे स्यातृतीयेऽथ चरित्र के। विद्धेषवश्ययोश्चात्र प्रयोगरिकृते मताः॥ एवं सप्तशत चात्र प्रयोगाः संप्त- कीर्तिताः॥ तत्मात्सप्तशतीत्मेव प्रोकं व्यासेन धीमता॥ 👣अर्थात इस सप्तशती में मारण के नब्बे, मोहन के नब्बे, उच्चाटन के दो सौ, स्तंभन के दो सौ तथा वशीकरण और विद्वेषण के साठ प्रयोग दिए गये हैं। इस प्रकार यह कुल 700 श्लोक 700 प्रयोगों के समान माने गये हैप्रभु कृपा की आज इस माया से भरे संसार में सत्कर्म करने की इच्छा किसी की नहीं होती है । सब अपनी वासनाओं / इन्द्रियों को पुष्ट करने में लगे रहते हैं । प्रभु कृपा होने पर ही जीव की सत्कर्म करने की इच्छा जागृत होती है । अतः प्रभु कृपा प्राप्त करने के लिए धर्म के मौलिक सिद्धांतो का अनुकरण करते हुए ब्रह्म को धारण करिये l >>>>>>>>>>>>>>>>>>> 11 >>>>>>>>>>>> प्रभु कृपा की महत्ता आज इस माया से भरे संसार में सत्कर्म करने की इच्छा किसी की नहीं होती है । सब अपनी वासनाओं / इन्द्रियों को पुष्ट करने में लगे रहते हैं । प्रभु कृपा होने पर ही जीव की सत्कर्म करने की इच्छा जागृत होती है । अतः प्रभु कृपा प्राप्त करने के लिए धर्म के मौलिक सिद्धांतो का अनुकरण करते हुए ब्रह्म को धारण करिये l >>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>>> II जय श्रीहरिः II शरणागति क्या है ? शरणागति के 4 प्रकार है --- 1. जिह्वा से भगवान के नाम का जप- भगवान् के स्वरुप का चिंतन करते हुए उनके परम पावन नाम का नित्य निरंतर निष्काम भाव से परम श्रद्धापूर्वक जप करना तथा हर समय भगवान् की स्मृति रखना। 2. भगवान् की आज्ञाओं का पालन करना- श्रीमद्भगवद्गीता जैसे भगवान् के श्रीमुख के वचन, भगवत्प्राप्त महापुरुषों के वचन तथा महापुरुषों के आचरण के अनुसार कार्य करना। 3. सर्वस्व प्रभु के समर्पण कर देना-वास्तव मे तो सब कुछ है ही भगवान् का,क्योंकि न तो हम जन्म के समय कुछ साथ लाये और न जाते समय कुछ ले ही जायेंगे। भ्रम से जो अपनापन बना रखा है,उसे उठा देना है। 4 .भगवान् के प्रत्येक विधान मे परम प्रसन्न रहना-मनचाहा करते-करते तो बहुत-से जन्म व्यतीत कर दिए,अब तो ऐसा नही होना चाहिए।अब तो वही हो जो भगवान् चाहते है। भक्त भगवान् के विधानमात्र मे परम प्रसन्न रहता है फिर चाहे वह विधान मन,इंद्रिय और शरीर के प्रतिकूल हो या अनुकूल।I II ॐ नमो नारायणायः ी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, " जीवन का सत्य आत्मिक कल्याण है ना की भौतिक सुख !" ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, "सत्य वचन में प्रीति करले,सत्य वचन प्रभु वास। सत्य के साथ प्रभु चलते हैं, सत्य चले प्रभु साथ।। " ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

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Garima Gahlot Rajput Apr 11, 2021

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Poonam Aggarwal Apr 11, 2021

💗💗* जय श्री राधे गोविंद*💗💗🙏 💗💗💗💗💗💗💗💗💗 🌹🍃🌹🍃🌅🍃🌹🍃🌹🍃 ‼️‼️ राधे राधे जी ‼️‼️🙏 सुन्दर सुबह का मीठा मीठा नमस्कार..😊☺ ना कोई राह़ आसान चाहिए,,, ना ही हमें कोई पहचान चाहिए,,, एक चीज माँगते रोज भगवान से,,,दोस्तों व् रिस्तेदारो के चेहरे पे हर पल,,, प्यारी सी मुस्कान चाहिये !!! 🙏 सुप्रभात : 👌👌👌👌🌹🌹🌹🌹 *गुजरी हुई जिंदगी को* *कभी याद ना कर* *तकदीर में जो लिखा है* *उसकी फरियाद ना कर* *जो होना होगा वो होकर रहेगा* *तु कल की फिकर में* *अपनी आज की हंसी बर्बाद ना कर.* *हंस मरते हुए भी गाता है और* *मोर नाचते हुए भी रोता है.* *ये जिंदगी का फंडा है* *दुखो वाली रात नींद नहीं आती* *" और " खुशी वाली रात कौन सोता है* 🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉 ‼️‼️ राम राम सा जय श्री कृष्णा ‼️‼️🙏 ‼️🍃‼️🍃‼️🍃‼️🍃‼️

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Poonam Aggarwal Apr 11, 2021

💐💐*जय श्री राधे कृष्णा राधे राधे जी*💐💐🙏 💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐 l: ☘☘☘☘☘☘☘☘ सुन्दर सुबह का मीठा मीठा नमस्कार..😊☺ ना कोई राह़ आसान चाहिए,,, ना ही हमें कोई पहचान चाहिए,,, एक चीज माँगते रोज भगवान से,,,दोस्तों व् रिस्तेदारो के चेहरे पे हर पल,,, प्यारी सी मुस्कान चाहिये !!! 🙏 सुप्रभात l: 👌👌👌👌🌹🌹🌹🌹 *गुजरी हुई जिंदगी को* *कभी याद ना कर* *तकदीर में जो लिखा है* *उसकी फरियाद ना कर* *जो होना होगा वो होकर रहेगा* *तु कल की फिकर में* *अपनी आज की हंसी बर्बाद ना कर.* *हंस मरते हुए भी गाता है और* *मोर नाचते हुए भी रोता है.* *ये जिंदगी का फंडा है* *दुखो वाली रात नींद नहीं आती* *" और " खुशी वाली रात कौन सोता है* 🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉 ‼️‼️ राधे राधे जी जय श्री राधे गोविंद ‼️‼️🙏 🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹🍃🌹

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