Ajanta E bike prakesh
Ajanta E bike prakesh Apr 14, 2019

Jay🌹Mata🌹Di 🌹Shudh Ratri🌹

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कामेंट्स

sumitra Apr 16, 2019
Ram ram sister Ram ji ki kripya Aap or aapke priwar pr hmesha BNI rhe dear sister aapka din shubh v mnglmay ho sister🙏🌹

Sandhya Nagar Apr 16, 2019
आज 15-04-2019 से श्री बांके बिहारी जी के फूल बंगले संध्या से शुरू हो रहे है। बांके बांके बिहारी जी को गर्मी से बचाने के लिए होते हैं ये खास देशी-विदेशी फूलों की महक और मनमोहक छटा के बीच विराजमान ठाकुरजी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। मथुरा। भीषण गर्मी से हर कोई परेशान है। इंसान अपने तरीके से इस गर्मी से बचाव पा रहा है वहीं भगवान के लिए भी गर्मी से बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। ब्रज के मंदिरों में श्रद्धालु अपने आराध्य को ठंडक का एहसास दिलाने के लिए फूल बंगले सजवा रहे हैं। ऋतुओं के विशेष फूलों से सजता फूल बंगला देशी-विदेशी फूलों की महक और मनमोहक छटा के बीच विराजमान ठाकुरजी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। ब्रज के मंदिरों में चल रहे फूल बंगला उत्सव के दर्शनों के लिए देश के कौने-कौने से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सजने वाले फूल बंगले श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि श्रीधाम वृन्दावन में प्रिया-प्रियतम नित्य विहार करते हैं और यहां स्थित निकुंज वनों में अपनी नित्य लीलाओं के दर्शन देते हैं। यहां के प्रमुख मन्दिरों में बनने वाले फूल बंगलों को कुंज-निकुंजों का ही स्वरूप माना जाता है। ऋतुओं के विशेष फूलों से बनाई गई इन निकुंजों में प्रभु विराजते हैं और भक्तजनों को दर्शन दे रहे हैं। चार घंटे में कारीगर तैयार कर देते हैं फूल बंगला बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला महज चार घंटे में तैयार कर दिया जाता है। फूल बंगला सजाने वाले एक ठेकेदार अर्जुन सिंह ने बताया कि हर दिन अलग-अलग डिजाइन में फूल बंगला बनाकर तैयार करना होता है। दोपहर को मंदिर के पट बंद होने के बाद कारीगर अपने काम को अंजाम देने में जुट जाते हैं। युद्धस्तर पर फूलबंगला सजाने के काम में 40-45 कारीगर जुट जाते हैं। हालांकि सुबह भी थोड़ी बहुत तैयारी करके रख दी जाती है जिसमें फूलों की साफ-सफाई के साथ ही विदेशी फूलों से मत्था, तोरण आदि तैयार कर लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि चार घंटे के दौरान कारीगरों द्वारा मंदिर प्रांगण में डोला, झाड़, सीलन आदि तैयार की जाती है। 108 दिनों तक चलता है फूल बंगला उत्सव वैसे तो फूल प्रकृति की मनोहारी छटा को और भी मनभावन बनाते हैं लेकिन जब इनसे ठाकुर जी का श्रृंगार किया जाता है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इन दिनों वृन्दावन धाम के मन्दिरों में विराजमान श्री विग्रहों का फूलों से दिव्य श्रृंगार किया जा रहा है। यहां के प्रमुख मन्दिरों में ठाकुर श्री बांके विहारी मन्दिर में फूल बंगलों का विशेष महत्व है। ठा. बांके बिहारी मन्दिर में चैत्र शुक्ला एकादशी से फूल बंगलों के आयोजनों की शुरूआत हो जाती है जो श्रावण मास में पड़ने वाली हरियाली अमावस्या तक पूरे 108 दिनों तक चलता है। प्राचीन समय में ठा. बांके बिहारी मन्दिर में फूल बंगले की परम्परा का चलन इस रूप में नहीं था, परन्तु ठा.बांके विहारी महाराज के प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास जी महाराज अपने आराध्य को लाड़ लड़ाने एवं रिझाने के लिए उनका तरह-तरह के फूलों से श्रृंगार करते थे। वहीं प्राचीन फूल श्रृंगार परम्परा आज तक अनवरत रूप से चली आ रही है। साल भर पहले फूल बंगला संजवाने के लिए होती है बुकिंग बांके विहारी मन्दिर में फूल बंगला बनबाने के लिए श्रद्धालु एक वर्ष पूर्व से ही अपनी-अपनी बुकिंग कराना प्रारम्भ कर देते हैं जिन्हें मन्दिर प्रशासन द्वारा फूल बंगला बनवाने के लिए एक तिथि नियत कर दी जाती है। वर्तमान में फूलों की बढ़ती कीमतों के चलते एक फूल बंगले पर कम से कम 3-4 लाख रूपए का खर्च आता है। इसके अलावा श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुरूप फूल बंगलों में लगवाने के लिए विदेशों से भी फूल मंगाते हैं। विदेशी फूलों से तैयार होने वाले फूल बंगले में एक बार का खर्चा करीब पांच लाख से शुरू होकर इक्कीस लाख रूपए तक आता है। गर्मी शुरु होते ही वृन्दावन के मन्दिरों जिसमें ठा. राधाबल्लभ मन्दिर, राधादामोदर मन्दिर, सेवाकुंज, निधिवन, राधारमण मन्दिर, आश्रम गोदाविहार आदि प्रमुख मन्दिर हैं, जिनमें फूल बंगलों का आयोजन विशेष रूप से किया जाता है।

Sandhya Nagar Apr 16, 2019
आज 15-04-2019 से श्री बांके बिहारी जी के फूल बंगले संध्या से शुरू हो रहे है। बांके बांके बिहारी जी को गर्मी से बचाने के लिए होते हैं ये खास देशी-विदेशी फूलों की महक और मनमोहक छटा के बीच विराजमान ठाकुरजी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। मथुरा। भीषण गर्मी से हर कोई परेशान है। इंसान अपने तरीके से इस गर्मी से बचाव पा रहा है वहीं भगवान के लिए भी गर्मी से बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। ब्रज के मंदिरों में श्रद्धालु अपने आराध्य को ठंडक का एहसास दिलाने के लिए फूल बंगले सजवा रहे हैं। ऋतुओं के विशेष फूलों से सजता फूल बंगला देशी-विदेशी फूलों की महक और मनमोहक छटा के बीच विराजमान ठाकुरजी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। ब्रज के मंदिरों में चल रहे फूल बंगला उत्सव के दर्शनों के लिए देश के कौने-कौने से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सजने वाले फूल बंगले श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि श्रीधाम वृन्दावन में प्रिया-प्रियतम नित्य विहार करते हैं और यहां स्थित निकुंज वनों में अपनी नित्य लीलाओं के दर्शन देते हैं। यहां के प्रमुख मन्दिरों में बनने वाले फूल बंगलों को कुंज-निकुंजों का ही स्वरूप माना जाता है। ऋतुओं के विशेष फूलों से बनाई गई इन निकुंजों में प्रभु विराजते हैं और भक्तजनों को दर्शन दे रहे हैं। चार घंटे में कारीगर तैयार कर देते हैं फूल बंगला बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला महज चार घंटे में तैयार कर दिया जाता है। फूल बंगला सजाने वाले एक ठेकेदार अर्जुन सिंह ने बताया कि हर दिन अलग-अलग डिजाइन में फूल बंगला बनाकर तैयार करना होता है। दोपहर को मंदिर के पट बंद होने के बाद कारीगर अपने काम को अंजाम देने में जुट जाते हैं। युद्धस्तर पर फूलबंगला सजाने के काम में 40-45 कारीगर जुट जाते हैं। हालांकि सुबह भी थोड़ी बहुत तैयारी करके रख दी जाती है जिसमें फूलों की साफ-सफाई के साथ ही विदेशी फूलों से मत्था, तोरण आदि तैयार कर लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि चार घंटे के दौरान कारीगरों द्वारा मंदिर प्रांगण में डोला, झाड़, सीलन आदि तैयार की जाती है। 108 दिनों तक चलता है फूल बंगला उत्सव वैसे तो फूल प्रकृति की मनोहारी छटा को और भी मनभावन बनाते हैं लेकिन जब इनसे ठाकुर जी का श्रृंगार किया जाता है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इन दिनों वृन्दावन धाम के मन्दिरों में विराजमान श्री विग्रहों का फूलों से दिव्य श्रृंगार किया जा रहा है। यहां के प्रमुख मन्दिरों में ठाकुर श्री बांके विहारी मन्दिर में फूल बंगलों का विशेष महत्व है। ठा. बांके बिहारी मन्दिर में चैत्र शुक्ला एकादशी से फूल बंगलों के आयोजनों की शुरूआत हो जाती है जो श्रावण मास में पड़ने वाली हरियाली अमावस्या तक पूरे 108 दिनों तक चलता है। प्राचीन समय में ठा. बांके बिहारी मन्दिर में फूल बंगले की परम्परा का चलन इस रूप में नहीं था, परन्तु ठा.बांके विहारी महाराज के प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास जी महाराज अपने आराध्य को लाड़ लड़ाने एवं रिझाने के लिए उनका तरह-तरह के फूलों से श्रृंगार करते थे। वहीं प्राचीन फूल श्रृंगार परम्परा आज तक अनवरत रूप से चली आ रही है। साल भर पहले फूल बंगला संजवाने के लिए होती है बुकिंग बांके विहारी मन्दिर में फूल बंगला बनबाने के लिए श्रद्धालु एक वर्ष पूर्व से ही अपनी-अपनी बुकिंग कराना प्रारम्भ कर देते हैं जिन्हें मन्दिर प्रशासन द्वारा फूल बंगला बनवाने के लिए एक तिथि नियत कर दी जाती है। वर्तमान में फूलों की बढ़ती कीमतों के चलते एक फूल बंगले पर कम से कम 3-4 लाख रूपए का खर्च आता है। इसके अलावा श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुरूप फूल बंगलों में लगवाने के लिए विदेशों से भी फूल मंगाते हैं। विदेशी फूलों से तैयार होने वाले फूल बंगले में एक बार का खर्चा करीब पांच लाख से शुरू होकर इक्कीस लाख रूपए तक आता है। गर्मी शुरु होते ही वृन्दावन के मन्दिरों जिसमें ठा. राधाबल्लभ मन्दिर, राधादामोदर मन्दिर, सेवाकुंज, निधिवन, राधारमण मन्दिर, आश्रम गोदाविहार आदि प्रमुख मन्दिर हैं, जिनमें फूल बंगलों का आयोजन विशेष रूप से किया जाता है।

Sandhya Nagar Apr 16, 2019
आज 15-04-2019 से श्री बांके बिहारी जी के फूल बंगले संध्या से शुरू हो रहे है। बांके बांके बिहारी जी को गर्मी से बचाने के लिए होते हैं ये खास देशी-विदेशी फूलों की महक और मनमोहक छटा के बीच विराजमान ठाकुरजी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। मथुरा। भीषण गर्मी से हर कोई परेशान है। इंसान अपने तरीके से इस गर्मी से बचाव पा रहा है वहीं भगवान के लिए भी गर्मी से बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं। ब्रज के मंदिरों में श्रद्धालु अपने आराध्य को ठंडक का एहसास दिलाने के लिए फूल बंगले सजवा रहे हैं। ऋतुओं के विशेष फूलों से सजता फूल बंगला देशी-विदेशी फूलों की महक और मनमोहक छटा के बीच विराजमान ठाकुरजी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। ब्रज के मंदिरों में चल रहे फूल बंगला उत्सव के दर्शनों के लिए देश के कौने-कौने से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सजने वाले फूल बंगले श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि श्रीधाम वृन्दावन में प्रिया-प्रियतम नित्य विहार करते हैं और यहां स्थित निकुंज वनों में अपनी नित्य लीलाओं के दर्शन देते हैं। यहां के प्रमुख मन्दिरों में बनने वाले फूल बंगलों को कुंज-निकुंजों का ही स्वरूप माना जाता है। ऋतुओं के विशेष फूलों से बनाई गई इन निकुंजों में प्रभु विराजते हैं और भक्तजनों को दर्शन दे रहे हैं। चार घंटे में कारीगर तैयार कर देते हैं फूल बंगला बांके बिहारी मंदिर में फूल बंगला महज चार घंटे में तैयार कर दिया जाता है। फूल बंगला सजाने वाले एक ठेकेदार अर्जुन सिंह ने बताया कि हर दिन अलग-अलग डिजाइन में फूल बंगला बनाकर तैयार करना होता है। दोपहर को मंदिर के पट बंद होने के बाद कारीगर अपने काम को अंजाम देने में जुट जाते हैं। युद्धस्तर पर फूलबंगला सजाने के काम में 40-45 कारीगर जुट जाते हैं। हालांकि सुबह भी थोड़ी बहुत तैयारी करके रख दी जाती है जिसमें फूलों की साफ-सफाई के साथ ही विदेशी फूलों से मत्था, तोरण आदि तैयार कर लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि चार घंटे के दौरान कारीगरों द्वारा मंदिर प्रांगण में डोला, झाड़, सीलन आदि तैयार की जाती है। 108 दिनों तक चलता है फूल बंगला उत्सव वैसे तो फूल प्रकृति की मनोहारी छटा को और भी मनभावन बनाते हैं लेकिन जब इनसे ठाकुर जी का श्रृंगार किया जाता है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इन दिनों वृन्दावन धाम के मन्दिरों में विराजमान श्री विग्रहों का फूलों से दिव्य श्रृंगार किया जा रहा है। यहां के प्रमुख मन्दिरों में ठाकुर श्री बांके विहारी मन्दिर में फूल बंगलों का विशेष महत्व है। ठा. बांके बिहारी मन्दिर में चैत्र शुक्ला एकादशी से फूल बंगलों के आयोजनों की शुरूआत हो जाती है जो श्रावण मास में पड़ने वाली हरियाली अमावस्या तक पूरे 108 दिनों तक चलता है। प्राचीन समय में ठा. बांके बिहारी मन्दिर में फूल बंगले की परम्परा का चलन इस रूप में नहीं था, परन्तु ठा.बांके विहारी महाराज के प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास जी महाराज अपने आराध्य को लाड़ लड़ाने एवं रिझाने के लिए उनका तरह-तरह के फूलों से श्रृंगार करते थे। वहीं प्राचीन फूल श्रृंगार परम्परा आज तक अनवरत रूप से चली आ रही है। साल भर पहले फूल बंगला संजवाने के लिए होती है बुकिंग बांके विहारी मन्दिर में फूल बंगला बनबाने के लिए श्रद्धालु एक वर्ष पूर्व से ही अपनी-अपनी बुकिंग कराना प्रारम्भ कर देते हैं जिन्हें मन्दिर प्रशासन द्वारा फूल बंगला बनवाने के लिए एक तिथि नियत कर दी जाती है। वर्तमान में फूलों की बढ़ती कीमतों के चलते एक फूल बंगले पर कम से कम 3-4 लाख रूपए का खर्च आता है। इसके अलावा श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुरूप फूल बंगलों में लगवाने के लिए विदेशों से भी फूल मंगाते हैं। विदेशी फूलों से तैयार होने वाले फूल बंगले में एक बार का खर्चा करीब पांच लाख से शुरू होकर इक्कीस लाख रूपए तक आता है। गर्मी शुरु होते ही वृन्दावन के मन्दिरों जिसमें ठा. राधाबल्लभ मन्दिर, राधादामोदर मन्दिर, सेवाकुंज, निधिवन, राधारमण मन्दिर, आश्रम गोदाविहार आदि प्रमुख मन्दिर हैं, जिनमें फूल बंगलों का आयोजन विशेष रूप से किया जाता है।

sumitra Apr 17, 2019
jAi Shree Ganesh Sister ganpati bappa aapki HR mnokamna Puri kre MERI Pyari bahena Aapka HR pl Shubh v ho sister🌹🙏

Madhu sharma Apr 17, 2019
Shree Ganeshay Namah jai sairam ji Sister ji 🙏🌷🌷 mangalmurti ka Aashirwad aap avam aap ki family par Har pal bana rhe ji deva aap ki Har manokamnaye puran karein ji Inke Aashirwad se aap ka Jeevan Sda khushiyo se bhararhe ji Good Afternoon ji 🙏🙏🌷🌷🌷🌷🌷

Vanita Kale Apr 17, 2019
🙏🌷very nice post jai mata Di mata Rani ki Kripa app per are aapke pariwar per Sada hi bani rahe Shubh ratri sister ji 🌷🙏

sumitra Apr 18, 2019
Om Nmh bhgvty vasudevay nmh dear sister Shree Hari ji Aapki HR mnokamna Puri kre Sister Aapka din shubh v mnglmay ho sister🌹🙏

sumitra Apr 19, 2019
hnuman jynti ki Hardik shubkamny Sister Aapka din shubh v mnglmay ho sister hnuman ji SDA Àapka mngl kre MERI Pyari bahena🙏🌹

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Vikash Srivastava Apr 19, 2019

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Shanti Pathak Apr 21, 2019

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Ritu Sen Apr 21, 2019

Good night ji

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