मायमंदिर फ़्री कुंडली
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*जय माँ भद्रकाली*

*जय माँ भद्रकाली*

*आप सभी को गुप्त नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएं*🌹🌹🌹🌹🌹🌹* *भद्रकाली की उत्पत्ति की एक गाथा दक्ष प्रजापति के यज्ञ से भी जुड़ी हुई है। वीर भद्र और भद्रकाली की उत्पत्ति भगवान शिव की जटाओं से भी मानी जाती है ।वीरभद्र और भद्रकाली के साथ शिव की जटाओं से जिन देवियों की उत्पत्ति हुई उनमें त्वरिता व वैष्णवी का भी जिक्र आता है। हिमालय की गोद में बसा उतराखण्ड़ वास्तव में प्रकृत्ति की अमूल्य धरोहर है।यहां पहुंचने पर वास्तव में आत्मा दिव्य लोक का अनुभव करती है। जनपद बागेश्वर के भद्रकाली गांव में रचा-बसा प्राचीन भद्रकाली का प्रसिद्ध मदिरं माँ जगदम्बा का अपने भक्तों के लिए दिव्य उपहार है। वर्ष भर यंहा श्रद्वालुओं का आगमन लगा रहता है,गुप्त नवरात्रो के इन दिनों में भक्तों की चहल कदमी बढ़ जाती है। मान्यता है कि अष्टमी को रात-भर मंदिर में अखंड दीपक जलाने से मनोकामना पूर्ण होती है। इस स्थान पर शक्ति का अवतरण कब व किस प्रकार हुआ इस विषय में कोई ठोस जानकारी नही है। यहां पर भगवती के चरणों की भी पूजा होती है*🌹🌹🌹🌹* *कमस्यार घाटी से लौटकर रमाकान्त पन्त*

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Sajjan Singhal Jul 19, 2019

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Archana Mishra Jul 19, 2019

*‼ज्योतिष‼* *शयन के नियम :-* 1. *सूने तथा निर्जन* घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। *देव मन्दिर* और *श्मशान* में भी नहीं सोना चाहिए। *(मनुस्मृति)* 2. किसी सोए हुए मनुष्य को *अचानक* नहीं जगाना चाहिए। *(विष्णुस्मृति)* 3. *विद्यार्थी, नौकर औऱ द्वारपाल*, यदि ये अधिक समय से सोए हुए हों, तो *इन्हें जगा* देना चाहिए। *(चाणक्यनीति)* 4. स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु *ब्रह्ममुहुर्त* में उठना चाहिए। *(देवीभागवत)* बिल्कुल *अँधेरे* कमरे में नहीं सोना चाहिए। *(पद्मपुराण)* 5. *भीगे* पैर नहीं सोना चाहिए। *सूखे पैर* सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। *(अत्रिस्मृति)* टूटी खाट पर तथा *जूठे मुँह* सोना वर्जित है। *(महाभारत)* 6. *"नग्न होकर/निर्वस्त्र"* नहीं सोना चाहिए। *(गौतम धर्म सूत्र)* 7. पूर्व की ओर सिर करके सोने से *विद्या*, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से *प्रबल चिन्ता*, उत्तर की ओर सिर करके सोने से *हानि व मृत्यु* तथा दक्षिण की ओर सिर करके सोने से *धन व आयु* की प्राप्ति होती है। *(आचारमय़ूख)* 8. दिन में कभी नहीं सोना चाहिए। परन्तु *ज्येष्ठ मास* में दोपहर के समय 1 मुहूर्त (48 मिनट) के लिए सोया जा सकता है। (दिन में सोने से रोग घेरते हैं तथा आयु का क्षरण होता है) 9. दिन में तथा *सूर्योदय एवं सूर्यास्त* के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है। *(ब्रह्मवैवर्तपुराण)* 10. सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घण्टे) के बाद ही *शयन* करना चाहिए। 11. बायीं करवट सोना *स्वास्थ्य* के लिये हितकर है। 12. दक्षिण दिशा में *पाँव करके कभी नहीं सोना चाहिए। यम और दुष्ट देवों* का निवास रहता है। कान में हवा भरती है। *मस्तिष्क* में रक्त का संचार कम को जाता है, स्मृति- भ्रंश, मौत व असंख्य बीमारियाँ होती है। 13. हृदय पर हाथ रखकर, छत के *पाट या बीम* के नीचे और पाँव पर पाँव चढ़ाकर निद्रा न लें। 14. शय्या पर बैठकर *खाना-पीना* अशुभ है। 15. सोते सोते *पढ़ना* नहीं चाहिए। *(ऐसा करने से नेत्र ज्योति घटती है )* 16. ललाट पर *तिलक* लगाकर सोना *अशुभ* है। इसलिये सोते समय तिलक हटा दें। *इन १६ नियमों का अनुकरण करने वाला यशस्वी, निरोग और दीर्घायु हो जाता है।* नोट :- यह सन्देश जन जन तक पहुँचाने का प्रयास करें। ताकि सभी लाभान्वित हों ! 🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉

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Ramesh Agarwal Jul 20, 2019

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Mamta Chauhan Jul 19, 2019

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Ajay Jul 19, 2019

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sompal prajapati Jul 19, 2019

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