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Mahesh Bhargava
Mahesh Bhargava May 24, 2019

आप सभी माय मंदिर परिवार को सुप्रभात जी आप सभी का दिन शुभ हो ( NO COMMENTS PLZ )

आप सभी माय मंदिर परिवार को सुप्रभात जी आप सभी का दिन शुभ हो ( NO COMMENTS PLZ )

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कामेंट्स

Ashish shukla May 24, 2019
absolutely right Bhai ji Jay shree Radhe Krishna ji

Anilkumar Marathe May 24, 2019
🌹Jai Shree Krishna 🌹 जितनी खूबसूरत ये गुलाबी सुबह है, उतना ही खूबसूरत आपका हर पल हो, जितनी भी खुशियाँ आज आपके पास हैं, उससे भी अधिक आने वाले कल हो! 🌹 *आप का दिन शुभ* *जीवन सुखी और* *समय अनुकूल हो।*

poonam aggarwal May 24, 2019
👌👌Jay Shri krishna ji 🌹🙏aapka hr pal Shub mangalamay ho 🍀🍀be happy tc good morning ji 🌹🌹🙏😊

🌲राजकुमार राठोड🌲 May 24, 2019
🌿शुभ प्रभात वंदन जी 🌿 🌹🌹जय माता दी 🌹🌹 🌿🙏जय श्री हरि 🙏🌿 🌿आपका हर पल शुभ एवं मंगलमय रहे🌿

🕉️आरुषं जैन🕉️ May 24, 2019
🌹जय माता दी🌹जय श्री राधेकृष्णा भैया सुप्रभात जी राधे राधे🕉️🙂🙏वेरी वेरी नाईस पोस्ट👌

Vinod Agrawal May 24, 2019
🌷Jai Mata Di Jai Maa Ambey Maharani Jai Shree Radhe Krishna🌷

Queen May 24, 2019
Jai Shree Radhe Radhe krishna bhai Ji Good morning Ji have a nice day Happy Friday Ji

अंजू जोशी May 24, 2019
जय माता दी 🌷🙏 शुभ शुक्रवार की प्रातःकाल की हार्दिक शुभकामनाएं भाई जी 🌷🙏 ********************************,

Shivani May 24, 2019
बहुत सुन्दर जय श्री राधे कृष्णा जी भाई श्री आपका हर पल मंगलमय हो प्रातः वंदन जी भाई खुश रहिये 🌹🙏🌹😊💞

Lalit Mohan Jakhmola May 24, 2019
*कहीं मिलेगी जिंदगी में प्रशंसा तो*, *कहीं नाराजगियों का बहाव मिलेगा* *कहीं मिलेगी सच्चे मन से दुआ तो*, *कहीं भावनाओं में दुर्भाव मिलेगा* *तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे*, *जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा।* *🌞🌻सुप्रभात 🌻🌞*

sujatha May 24, 2019
जय श्री राधे कृष्ण जी * सुप्रभात 🙏🙏

netaji Jun 24, 2019

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Anju Mishra Jun 23, 2019

मंदिर में प्रतिमाओं की परिक्रमा क्यों की जाती है...  🙏🌹🚩जय श्री कृष्णा 🙏🌹🚩 प्राण-प्रतिष्ठित देवमूर्ति जिस स्थान पर स्थापित होती है, उस स्थान के मध्य से चारों ओर कुछ दूरी तक दिव्य शक्ति का आभामंडल रहता है। उस आभामंडल में उसकी आभा-शक्ति के सापेक्ष परिक्रमा करने से श्रद्धालु को सहज ही आध्यात्मिक शक्ति मिलती है। दैवीय शक्ति के आभामंडल की गति दक्षिणवर्ती होती है। इसी कारण दैवीय शक्ति का तेज और बल प्राप्त करने के लिए भक्त को दाएं हाथ की ओर परिक्रमा करनी चाहिए। बाएं हाथ की ओर से परिक्रमा करने से दैवीय शक्ति के आभामंडल की गति और हमारे अंदर की आंतरिक शक्ति के बीच टकराव होने लगता है। परिणामस्वरूप हमारा अपना जो तेज है, वह भी नष्ट होने लगता है। अतएव देव प्रतिमा की विपरीत परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। दूसरे शब्दों में, भगवान की मूर्ति और मंदिर की परिक्रमा हमेशा दाहिने हाथ की ओर से शुरू करनी चाहिए, क्योंकि प्रतिमाओं में मौजूद सकारात्मक ऊर्जा उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है। बाएं हाथ की ओर से परिक्रमा करने पर इस सकारात्मक ऊर्जा से हमारे शरीर का टकराव होता है, इस वजह से परिक्रमा का लाभ नहीं मिल पाता है। दाहिने का अर्थ दक्षिण भी होता है, इस कारण से परिक्रमा को प्रदक्षिणा भी कहा जाता है।  किसकी कितनी परिक्रमा सूर्य देव की सात, श्रीगणेश की चार, भगवान विष्णु और उनके सभी अवतारों की चार, देवी दुर्गा की एक, हनुमानजी की तीन, शिवजी की आधी प्रदक्षिणा करने का नियम है। शिवजी की आधी प्रदक्षिणा ही की जाती है, इस संबंध में मान्यता है कि जलधारी को लांघना नहीं चाहिए। जलधारी तक पंहुचकर परिक्रमा को पूर्ण मान लिया जाता है। परिक्रमा में इस मंत्र का करें जाप यानि कानि च पापानि जन्मांतर कृतानि च। तानि सवार्णि नश्यन्तु प्रदक्षिणे पदे-पदे।। इस मंत्र का अर्थ यह है कि जाने-अनजाने में किए गए और पूर्वजन्मों के सारे पाप प्रदक्षिणा के साथ-साथ नष्ट हो जाए। परमेश्वर मुझे सद्बुद्धि प्रदान करें। परिक्रमा किसी भी देवमूर्ति या मंदिर में चारों ओर घूमकर की जाती है। कुछ मंदिरों में मूर्ति की पीठ और दीवार के बीच परिक्रमा के लिए जगह नहीं होती है, ऐसी स्थिति में मूर्ति के सामने ही गोल घूमकर प्रदक्षिणा की जा सकती है

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Gishi Harwansh Jun 23, 2019

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Jayshree Shah Jun 23, 2019

एक अती सुन्दर महिला ने विमान में प्रवेश किया और अपनी सीट की तलाश में नजरें घुमाईं। उसने देखा कि उसकी सीट एक ऐसे व्यक्ति के बगल में है। जिसके दोनों ही हाथ नहीं है। महिला को उस अपाहिज व्यक्ति के पास बैठने में झिझक हुई। उस 'सुंदर' महिला ने एयरहोस्टेस से बोला "मै इस सीट पर सुविधापूर्वक यात्रा नहीं कर पाऊँगी। क्योंकि साथ की सीट पर जो व्यक्ति बैठा हुआ है उसके दोनों हाथ नहीं हैं। " उस सुन्दर महिला ने एयरहोस्टेस से सीट बदलने हेतु आग्रह किया। असहज हुई एयरहोस्टेस ने पूछा, "मैम क्या मुझे कारण बता सकती है..?" 'सुंदर' महिला ने जवाब दिया "मैं ऐसे लोगों को पसंद नहीं करती। मैं ऐसे व्यक्ति के पास बैठकर यात्रा नहीं कर पाउंगी।" दिखने में पढी लिखी और विनम्र प्रतीत होने वाली महिला की यह बात सुनकर एयरहोस्टेस अचंभित हो गई। महिला ने एक बार फिर एयरहोस्टेस से जोर देकर कहा कि "मैं उस सीट पर नहीं बैठ सकती। अतः मुझे कोई दूसरी सीट दे दी जाए।" एयरहोस्टेस ने खाली सीट की तलाश में चारों ओर नजर घुमाई, पर कोई भी सीट खाली नहीं दिखी। एयरहोस्टेस ने महिला से कहा कि "मैडम इस इकोनोमी क्लास में कोई सीट खाली नहीं है, किन्तु यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना हमारा दायित्व है। अतः मैं विमान के कप्तान से बात करती हूँ। कृपया तब तक थोडा धैर्य रखें।" ऐसा कहकर होस्टेस कप्तान से बात करने चली गई। कुछ समय बाद लोटने के बाद उसने महिला को बताया, "मैडम! आपको जो असुविधा हुई, उसके लिए बहुत खेद है | इस पूरे विमान में, केवल एक सीट खाली है और वह प्रथम श्रेणी में है। मैंने हमारी टीम से बात की और हमने एक असाधारण निर्णय लिया। एक यात्री को इकोनॉमी क्लास से प्रथम श्रेणी में भेजने का कार्य हमारी कंपनी के इतिहास में पहली बार हो रहा है।" 'सुंदर' महिला अत्यंत प्रसन्न हो गई, किन्तु इसके पहले कि वह अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करती और एक शब्द भी बोल पाती... एयरहोस्टेस उस अपाहिज और दोनों हाथ विहीन व्यक्ति की ओर बढ़ गई और विनम्रता पूर्वक उनसे पूछा "सर, क्या आप प्रथम श्रेणी में जा सकेंगे..? क्योंकि हम नहीं चाहते कि आप एक अशिष्ट यात्री के साथ यात्रा कर के परेशान हों। यह बात सुनकर सभी यात्रियों ने ताली बजाकर इस निर्णय का स्वागत किया। वह अति सुन्दर दिखने वाली महिला तो अब शर्म से नजरें ही नहीं उठा पा रही थी। तब उस अपाहिज व्यक्ति ने खड़े होकर कहा, "मैं एक भूतपूर्व सैनिक हूँ। और मैंने एक ऑपरेशन के दौरान कश्मीर सीमा पर हुए बम विस्फोट में अपने दोनों हाथ खोये थे। सबसे पहले, जब मैंने इन देवी जी की चर्चा सुनी, तब मैं सोच रहा था। की मैंने भी किन लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और अपने हाथ खोये..? लेकिन जब आप सभी की प्रतिक्रिया देखी तो अब अपने आप पर गर्व हो रहा है कि मैंने अपने देश और देशवासियों के लिए अपने दोनों हाथ खोये।" और इतना कह कर, वह प्रथम श्रेणी में चले गए। 'सुंदर' महिला पूरी तरह से अपमानित होकर सर झुकाए सीट पर बैठ गई। अगर विचारों में उदारता नहीं है तो ऐसी सुंदरता का कोई मूल्य नहीं है। मैरे पास ये कहानी आई थी। मैंने इसे पढ़ा तो हृदय को छू गई इसलिये पोस्ट कर रही हूँ। उम्मीद करती हूँ कि आप लोगों को भी बहुत पसंद आएगी। 🇮🇳🇮🇳🙏🏻जय हिन्द🙏🇮🇳🇮🇳

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Gishi Harwansh Jun 23, 2019

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netaji Jun 22, 2019

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