आज (13 अगस्त 2017) का हिन्दू पंचांग

आज (13 अगस्त 2017) का  हिन्दू पंचांग

🎪ॐ श्री सूर्यदेवाय नमः🎪
«आज (13 अगस्त 2017) का #हिन्दू #पंचांग »
💐जय श्री कृष्ण💐
🌞 सुप्रभातम् 🌞
कलियुगाब्द................ 5119
विक्रम संवत्............... 2074(साधारण संवत्सर)
शक संवत्.................. 1939
मास......................... भाद्रपद
पक्ष.......................... कृष्ण
तिथि......................... षष्ठी रात्रि 9 बजकर 32 मिनट पर्यंत उसके पश्चात सप्तमी तिथि।
🔆तिथि स्वामी................
* षष्ठी तिथि के स्वामी स्कंद अर्थात् कार्तिकेय हैं। इनकी पूजा करने से व्यक्ति मेधावी, सम्पन्न एवं कीर्तिवान होता है। अल्पबुद्धि एवं हकलाने वाले बच्चे के लिए कार्तिकेय की पूजा करना श्रेयस्कर होता है। जिनकी मंगल की दशा हो या कोई कोर्ट केस में फंसा हो उसके लिए कार्तिकेय की पूजा श्रेष्ठ फलदायी है।

✨तिथि नित्या देवी...... कृष्ण षष्ठी- नित्या, कृष्ण सप्तमी - कुलसुन्दरी

⚠विशेष: *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27।29-34)
*सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग होते हैं तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27।29-34)
*रविवार को अदरख न खाए, लाल रंग के साग व काँसे के पात्र में भोजन न करे। 
(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75।60 और 85।22)

रवि..................... दक्षिणायन
💮नक्षत्र..................... रेवती नक्षत्र प्रातः 5 बजकर 50 मिनट पर्यंत उसके पश्चात अश्विनी नक्षत्र
🔻अश्विनी नक्षत्र :
*जो व्यक्ति इस नक्षत्र में जन्म लेता है वह बहुत ऊर्जावान होने के साथ हमेशा सक्रिय रहना पसंद करता है। इनकी महत्वाकांक्षाएं इन्हें संतुष्ट नहीं होने देतीं। ये लोग रहस्यमयी प्रकृति के इंसान होने के साथ-साथ थोड़े जल्दबाज भी होते हैं जो पहले काम कर लेते हैं और बाद में उस पर विचार करते हैं। ये लोग अच्छे जीवनसाथी और एक आदर्श मित्र साबित होते हैं।
*इस नक्षत्र में यात्रा करना,हल चलाना,पशुओं और वाहन का क्रय-विक्रय करना सिद्ध होते हैं..आवागमन,नाव या मोटर गाडी चलाना, सड़क बनवाना, पत्राचार करना,सवारी करना,वाहन निर्माण आरम्भ करना शुभ होते हैं पशुओं को प्रशिक्षित करना,मशीनरी चालू करना जैसे कार्य करना सुयोग्य कहे गये हैं..अश्विनी नक्षत्र कुलावस्था युक्त नक्षत्र है जो कि कार्य में असफलता(पराजय) दिलाने का योग बना रहा है..

🔅योग.................. शूल योग सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर्यंत उसके पश्चात गण्ड योग
*शूल योग : यह योग बड़ा दुख भरा है। इस योग में किए काम में हर जगह दुख ही दुख मिलते हैं। इस योग में कोई भी काम शुरू करने पर कभी भी सुख की प्राप्ति हो ही नहीं सकती। वैसे तो इस योग में कोई काम कभी पूरा होता ही नहीं परंतु यदि अनेक कष्ट सहने पर पूरा हो भी जाए तो शूल की तरह हृदय में एक चुभन सी पैदा करता रहता है। अत: कभी भी इस योग में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए
*गंड योग : किसी भी काम को इस योग में करने से अड़चनें ही पैदा होती हैं तथा कभी भी कोई मामला हल नहीं होता जैसे गांठें खोलते-खोलते इंसान थक जाएगा तो भी कोई काम सही नहीं होगा। इसलिए कोई भी नया काम शुरू करने से पहले गंड योग का ध्यान अवश्य करना चाहिए।

करण........................... गर करण सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर्यंत उसके पश्चात वणिज करण रात 9 बजकर 31 मिनट पर्यन्त उसके पश्चात विष्टि करण प्रारम्भ...
*गर हाथी का द्योतक है जो चलायमान स्वभाव  का प्रतिनिधित्व करता है, ज्योतिष के अनुसार इस करण में जन्मे जातक में राज्य की चाहत रखना, काम में कम और आराम में अधिक विस्वास करना, भले रहने पर सभी के साथ चलना बिगड़ने पर किसी का नहीं होना, रोजमर्रा के कामों में आलसी होना, समय से सोना जागना सभी कुछ नही होना,अधिक भोजन करना बल वाले काम करने के अन्दर आगे रहना आदि बातें देखी जा सकती हैं...

*वणिज सांड का द्योतक है जो चलायमान होता है इस करण के अंतर्गत जन्म लेने वाले जातक में जल्दी से क्रोध आ जाना, किसी का कहना नहीं मानना, रहने वाले स्थान को बार बार बदलते रहना, दूसरे की सम्पत्ति को प्राप्त करने के लिये जी जान लगा देना, विरोधी का डट कर (मौत से भी जूझ कर) सामना करना या तो परास्त होकर मर जाना या मार देना आदि बातें देखी जाती हैं...

*विष्टि उल्लू का द्योतक है जो चलायमान होता है... इस करण में जन्मे जातक में पाप के कामों में आगे रहना, बलवान को भी परास्त करने की आशा रखना, सभी से विरोध वाले काम करना, गुप्त कामो में लगे रहना, गुप्त निवास रखना, रात को अधिक सक्रिय हो जाना, घर के सदस्यों के साथ उनके बालिग होने तक ही साथ देना, हिंसा पर अधिक ध्यान देना, शराब-मांस तामसी भोजन की रुचि बनी रहना, किसी भी प्रकार के खतरे को जल्दी भांप लेने की आदत होना और खतरा आने के पहले ही पलायन कर जाना, पुराने हवेली या महल जैसे स्थान मे रहना पसंद करना, इतिहास की अधिक जानकारी रखना आदि लक्षण पाये जा सकते हैं....विष्टि करण की अवधि को भद्रा कहते हैं यह शुभ कार्यों के लिए त्याज्य है...

ऋतु.......................... वर्षा
दिन.......................... रविवार
*रविवार को भगवान सूर्य को प्रात: ताम्बे के बर्तन में तिल, लाल चन्दन, गुड़ व लाल पुष्प डाल कर अर्घ्य देना चाहिए
*आदित्यहृदयस्तोत्रम्‌ का पाठ करना चाहिए।
*स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। 

👁‍🗨 राहुकाल :-
सायं 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक ।

🚦दिशाशूल : आज शूल पश्चिम दिशा में रहता है
इसलिये आज इस दिशा की यात्रा यथासंभव टालें।
परंतु 
रविवार के दिन पूर्व दिशा में की गयी यात्रा उत्तम रहती है।
यदि शूल की दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो तो रविवार को घी अथवा दलिया खाकर यात्रा करनी चाहिए...

🌺शिवजी की कृपा सदा आप सभी पर बनी रहे🌺
आपका दिन मंगलमय हो🔯
💐जय श्री राम💐
🇮🇳🇮🇳 भारत माता की जय🌹

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻शनिवार, १७ अप्रैल २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:५७ सूर्यास्त: 🌅 ०६:४३ चन्द्रोदय: 🌝 ०९:०० चन्द्रास्त: 🌜२३:३२ अयन 🌕 उत्तराणायने (दक्षिणगोलीय) ऋतु: 🌳 बसन्त शक सम्वत: 👉 १९४३ (प्लव) विक्रम सम्वत: 👉 २०७८ (राक्षस) मास 👉 चैत्र पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 पञ्चमी (२०:३२ तक) नक्षत्र 👉 मृगशिरा (२६:३४ तक) योग 👉 शोभन (१९:१९ तक) प्रथम करण 👉 बव (०७:२१ तक) द्वितीय करण 👉 बालव (२०:३२ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मेष चंद्र 🌟 मिथुन मंगल 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी) गुरु 🌟 कुम्भ (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 मेष (अस्त, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 ११:५१ से १२:४२ अमृत काल 👉 १६:४२ से १८:३० रवियोग 👉 २६:३४ से २९:४७ विजय मुहूर्त 👉 १४:२६ से १५:१८ गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:३२ से १८:५६ निशिता मुहूर्त 👉 २३:५४ से २४:३८ राहुकाल 👉 ०९:०२ से १०:३९ राहुवास 👉 पूर्व यमगण्ड 👉 १३:५४ से १५:३१ होमाहुति 👉 बुध दिशाशूल 👉 पूर्व अग्निवास 👉 आकाश चन्द्रवास 👉 दक्षिण (पश्चिम १३:०९ से) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - काल २ - शुभ ३ - रोग ४ - उद्वेग ५ - चर ६ - लाभ ७ - अमृत ८ - काल ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - लाभ २ - उद्वेग ३ - शुभ ४ - अमृत ५ - चर ६ - रोग ७ - काल ८ - लाभ नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 उत्तर-पश्चिम (वाय विन्डिंग अथवा तिल मिश्रित चावल का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ श्रीलक्ष्मी पंचमी, हयव्रत, नवरात्रि के पंचम दिवस आदि शक्ति माँ दुर्गा के स्कन्द स्वरूप की उपासना आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज २६:३४ तक जन्मे शिशुओ का नाम मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (वे, वो, क, की) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम आर्द्रा नक्षत्र के प्रथम चरण अनुसार क्रमश (कु) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त मेष - २९:४२ बजे से ०७:१६ वृषभ - ०७:१६ से ०९:११ मिथुन - ०९:११ से ११:२६ कर्क - ११:२६ से १३:४७ सिंह - १३:४७ से १६:०६ कन्या - १६:०६ से १८:२४ तुला - १८:२४ से २०:४५ वृश्चिक - २०:४५ से २३:०४ धनु - २३:०४ से २५:०८ मकर - २५:०८ से २६:४९ कुम्भ - २६:४९ से २८:१५ मीन - २८:१५ से २९:३८ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त शुभ मुहूर्त - ०५:४८ से ०७:१६ मृत्यु पञ्चक - ०७:१६ से ०९:११ अग्नि पञ्चक - ०९:११ से ११:२६ शुभ मुहूर्त - ११:२६ से १३:४७ रज पञ्चक - १३:४७ से १६:०६ शुभ मुहूर्त - १६:०६ से १८:२४ चोर पञ्चक - १८:२४ से २०:३२ शुभ मुहूर्त - २०:३२ से २०:४५ रोग पञ्चक - २०:४५ से २३:०४ शुभ मुहूर्त - २३:०४ से २५:०८ मृत्यु पञ्चक - २५:०८ से २६:३४ अग्नि पञ्चक - २६:३४ से २६:४९ शुभ मुहूर्त - २६:४९ से २८:१५ रज पञ्चक - २८:१५ से २९:३८ अग्नि पञ्चक - २९:३८ से २९:४७ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज आपके समस्त कार्य निर्बाधित रूप से चलते रहेंगे। कार्य व्यवसाय से आर्थिक लाभ भी रुक रुक कर होने से धन संबंधित परेशानियां कुछ हद तक सुलझेंगी। दोपहर के बाद किसी गुप्त चिंता के कारण मन व्याकुल हो सकता है लेकिन जल्द ही इस समस्या से भी छुटकारा पा लेंगे। महिलाये घर को खुशहाल बनाने में सहयोग करेंगी शारीरिक दर्द के कारण थोड़ी असहजता भी रहेगी फिर भी घरेलू कार्य समय पर पूर्ण कर सकेंगी। आस-पड़ोसियों से सम्बन्धो में सुधार आएगा। संताने मनमानी करेंगी। उधार के व्यवहार में कमी आएगी। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज दिन का पूर्वार्ध आलस्य से भरा रहेगा। शारीरिक रूप से भी अस्वस्थ्य रहेंगे। जोड़ो में दर्द अकड़न की समस्या रहेगी। कार्यो को विलंब से करेंगे व्यवसाय की गति भी धीमी रहने से आर्थिक आयोजन प्रभावित होंगे। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार आएगा। नौकरी पेशा जातक आकस्मिक लाभ से रोमांचित होंगे। व्यवसायी वर्ग भी खर्च लायक लाभ अर्जित कर लेंगे। महिलाओ से आज ना उलझें अन्यथा गृह क्लेश लंबा खिंच सकता है। संध्या का समय आराम में बिताना पसंद करेंगे मनोरंजन के साधन भी सुलभ होंगे। भविष्य की योजनाएं आज ना बनाएं। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन मानसिक चंचलता के कारण बनते कार्यो को दुविधा के कारण आप स्वयं बिगाड़ लेंगे। सरकारी कार्य आज सावधानी से करें अन्यथा लंबित रखें हानि निश्चित रहेगी। संबंधो के प्रति भी आज ईमानदार नही रहेंगे। पारिवारिक वातावरण आपके गलत आचरण से कलुषित होगा। सामाजिक क्षेत्र पर लोग पीठ पीछे बुराई करेंगे। सेहत में मानसिक दबाव के चलते उतार चढ़ाव लगा रहेगा। घर के बुजुर्ग आपसे नाराज रहेंगे। धन लाभ अचानक होने से स्थिति संभाल नही सकेंगे रुपया आते ही हाथ से निकल भी जायेगा। सेहत में छोटे मोटे विकार बन सकते है। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आपको आज के दिन प्रत्येक कार्यो में सावधान रहने की आवश्यकता है। धन के पीछे भागने की प्रवृति पर आज लगाम लगाकर रखे अन्यथा धन के साथ-साथ मान हानि भी होगी। दोपहर से पहले के भाग में पुराने कार्य पूर्ण होने से थोड़ा बहुत धन मिलने से दैनिक खर्च निकल जाएंगे। इसके बाद का समय प्रतिकूल बनता जाएगा। कार्य व्यवसाय में प्रतिस्पर्धी हर प्रकार से आपके कार्यो में व्यवधान डालने का प्रयास करेंगे। परिजनों से भी मामूली बात पर झगड़ा होगा। वाणी एवं व्यवहार से संयम बरतें। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। आज जिस भी कार्य को करने का मन बनायेंगे उसी में उलझने पड़ेंगी। फिर भी आज आप हिम्मत नही हारेंगे सतत प्रयास जारी रखने से कार्य सुधरेंगे लाभ की संभावनाएं बनेगी। दौड़ धूप अधिक रहने से शारीरिक शिथिलता बनेगी। मध्यान के बाद किसी अभीष्ट सिद्धि के योग बन रहे है आलस्य ना करें अन्यथा लाभ से वंचित रह सकते है। प्रियजनों के साथ आनंद के क्षण बिताने का समय मिलेगा। घर मे स्थिति सामान्य रहेगी। आज आर्थिक मामलों के प्रति बेपरवाह भी रहेंगे। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन कार्य सफलता वाला रहेगा। प्रातः काल जल्दी कार्यो में जुटने का फल शीघ्र ही धन लाभ के रूप में मिलेगा। अधिकांश कार्य थोड़े से परिश्रम से पूर्ण हो जाएंगे। अधिकारी वर्ग मुश्किल कार्यो में सहयोग करेंगे। आज आप जोड़ तोड़ वाली नीति अपना कर कठिन परिस्थितियों में भी अपना काम निकाल लेंगे। सरकारी कार्य मे भी सफलता की उम्मद जागेगी प्रयास करते रहे। दाम्पत्य जीवन मे छोटी-मोटी बातों को दिल पर ना लें स्थिति सामान्य ही रहेगी। मित्रो से कोई दुखद समाचार मिलेगा। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आपका आज का दिन व्यर्थ की भाग दौड़ में बीतेगा। शारीरिक एवं मानसिक रूप से थकावट रहेगी फिर भी कार्यो को बेमन से करना पड़ेगा। आज आप चाहे कितना भी परोपकार करें फिर भी लोगो को खुश नही रख पाएंगे। क्रोध को वश में कर लेंगे लेकिन राग द्वेष की भावना मन मे बनी रहेगी। गृहस्थ का वातावरण लगभग सामान्य ही रहेगा। आर्थिक कारणों से कुछ महत्त्वपूर्ण कार्य अधूरे रहेंगे। सन्तानो की प्रगति से संतोष होगा। सरकारी कार्यो में धन खर्च होगा लेकिन कुछ लाभ नही मिलेगा। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन आशाओं के विपरीत रहने वाला है। सोची हुई योजनाए आरम्भ में सफल होती नजर आएंगी परन्तु मध्यान तक इनसे निराशा ही मिलेगी। आज आप जिससे भी सहायता मांगेंगे वो भ्रम की स्थिति में रखेगा। आज आप आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यो को करें। भागीदारों से धन को लेकर अनबन हो सकती है। मीठा व्यवहार रखने पर भी लोग आपको केवल कार्य निकालने के लिए इस्तेमाल करेंगे। कार्य क्षेत्र की भड़ास घर पर निकालने से घर का माहौल भी बेवजह खराब होगा। पुराने कार्यो को पूर्ण करने की चिंता रहेगी। प्रेम प्रसंगों से निराश होंगे। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज के दिन लाभ के अवसर आपकी तलाश में रहेंगे। दिन में जिस किसी के भी संपर्क में रहेंगे उससे कुछ ना कुछ लाभ अवश्य होगा। कार्य क्षेत्र पर भी एक से अधिक साधनो से आय होगी। व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़ी महिलाओ को पदोन्नति के साथ प्रोत्साहन के रूप में आर्थिक सहायता भी मिल सकती है। सामाजिक कार्यो में रुचि ना होने पर भी सम्मिलित होना पड़ेगा मान-सम्मान बढेगा। परिजनों का मार्गदर्शन आज प्रत्येक क्षेत्र पर काम आएगा। महिलाओं का सुख सहयोग मिलेगा। प्रेम प्रसंगों में निकटता रहेगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज का दिन काफी उठा पटक वाला रहेगा। व्यावसायिक योजनाओं में अचानक बदलाव करना पड़ेगा। दिन के आरंभ में कार्यो की गति धीमी रहेगी समय पर वादा पूरा ना करने से व्यावसायिक संबंध खराब हो सकते है। कार्यो के प्रति नीरसत अधिक रहेगी। किसी भी कार्य को लेकर ठोस निर्णय नही ले पाएंगे परन्तु जिस भी कार्य में निवेश करेंगे उसमे विलंभ से ही सही सफल अवश्य होंगे धन लाभ भी आवश्यकता अनुसार हों जायेगा लेकिन संध्या पश्चात धन संबंधित कोई भी कार्य-व्यवहार ना करें। परिजन आपके टालमटोल वाले व्यवहार से दुखी रहेंगे। आकस्मिक दुर्घटना के योग है। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज का दिन भी आशानुकूल रहेगा। सेहत उत्तम रहने से कार्यो को मन लगाकर करेंगे लेकिन किसी के हस्तक्षेप करने से मन विक्षिप्त हो सकता है। किसी के ऊपर ध्यान ना दें एकाग्र होकर अपने कार्य मे लगे रहे धन एवं सम्मान दोनों मिलने के योग है। लेकिन उधार के व्यवहार बढ़ने से असुविधा भी होगी। व्यावसाय में वृद्धि के लिए निवेश करना शुभ रहेगा। भाई-बंधुओ का सहयोग आज अपेक्षाकृत कम ही रहेगा। महिलाओं को छोड़ घर के अन्य सदस्य आपसे ईर्ष्यालु व्यवहार रखेंगे। स्त्री से सुखदायक समाचार मिलेंगे। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन अनैतिक कार्यो से बच कर रहें मन भ्रमित रहने के कारण निषेधात्मक कार्यो में भटकेगा। लोग आपसे भावनात्मक संबंध बनाएंगे परन्तु आवश्यकता के समय कोई आगे नही आएगा। कार्य क्षेत्र पर भी सहकर्मियो का रूखा व्यवहार रहने से स्वयं के ऊपर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा। लंबी यात्रा के प्रसंग बनेंगे संभव हो तो आज टालें। पेट अथवा स्वांस, छाती संबंधित व्याधि हो सकती है। अधिकांश समय मानसिक रूप से भी अशान्त रहेंगे। परिवार में अनावश्यक खर्च बढ़ेंगे किसी की गलती का विरोध करना भी बेवजह कलह का कारण बनेगा। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 17 अप्रैल 2021* ⛅ *दिन - शनिवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - चैत्र* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - पंचमी रात्रि 08:32 तक तत्पश्चात षष्ठी* ⛅ *नक्षत्र - मॄगशिरा 18 अप्रैल रात्रि 02:34 तक तत्पश्चात आर्द्रा* ⛅ *योग - शोभन शाम 07:19 तक तत्पश्चात अतिगण्ड* ⛅ *राहुकाल - सुबह 09:28 से सुबह 11:03 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:19* ⛅ *सूर्यास्त - 18:57* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - श्री पंचमी* 💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *आर्थिक परेशानी हो तो* 🌷 🙏🏻 *स्कंद पुराण में लिखा है पौष मास की शुक्ल पक्ष की दसमी तिथि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी(17 अप्रैल 2021 शनिवार) और सावन महीने की पूनम ये दिन लक्ष्मी पूजा के खास बताये गये हैं | इन दिनों में अगर कोई आर्थिक कष्ट से जूझ रहा है | पैसों की बहुत तंगी है घर में तो 12 मंत्र लक्ष्मी माता के बोलकर, शांत बैठकर मानसिक पूजा करे और उनको नमन करें तो उसको भगवती लक्ष्मी प्राप्त होती है, लाभ होता है, घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती हैं | उसके घर से आर्थिक समस्याए धीरे धीरे किनारा करती है | बारह मंत्र इसप्रकार हैं –* 🌷 *ॐ ऐश्‍वर्यै नम:* 🌷 *ॐ कमलायै नम:* 🌷 *ॐ लक्ष्मयै नम:* 🌷 *ॐ चलायै नम:* 🌷 *ॐ भुत्यै नम:* 🌷 *ॐ हरिप्रियायै नम:* 🌷 *ॐ पद्मायै नम:* 🌷 *ॐ पद्माल्यायै नम:* 🌷 *ॐ संपत्यै नम:* 🌷 *ॐ ऊच्चयै नम:* 🌷 *ॐ श्रीयै नम:* 🌷 *ॐ पद्मधारिन्यै नम:* 👉🏻 *सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्ति प्रदायिनि | मंत्रपूर्ते सदा देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते ||* 👉🏻 *द्वादश एतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्यय पठेत | स्थिरा लक्ष्मीर्भवेतस्य पुत्रदाराबिभिस: ||* 🙏🏻 *उसके घर में लक्ष्मी स्थिर हो जाती है | जो इन बारह नामों को इन दिनों में पठन करें |* 💥 *विशेष ~ 17 अप्रैल 2021 शनिवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *नवरात्र की पंचमी तिथि यानी पांचवे दिन माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं ।इससे परिवार में सुख-शांति रहती है ।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *स्कंदमाता की पूजा से मिलती है शांति व सुख* *नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान करने वाली हैं। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जानते हैं। स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि जीवन स्वयं ही अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है व हम स्वयं अपने सेनापति हैं। हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहे। इसलिए स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में अवस्थित होना चाहिए, जिससे कि ध्यान वृत्ति एकाग्र हो सके। यह शक्ति परम शांति व सुख का अनुभव कराती हैं।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

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. 🌞 *आज का हिन्दू पंचांग* 🌞 🌞 *17 अप्रैल 2021 (अंग्रेजी तिथि)* 🌞 ☀️ *सूर्य उदय/अस्त* - 05:57 से 18:57 तक 🌞 *विक्रमी संवत 2078* 🌞 *चैत्र मास, शुक्ल पक्ष* 1️⃣ *तिथि* - पंचमी 20:32 तक, षष्ठी 2️⃣ *नक्षत्र* - मृगशिरा 26:34 तक, आद्रा 3️⃣ *योग* - शोभन 19:19 तक, अतिगंड 4️⃣ *करण* - बव 07:21 तक, बालव 20:32 तक, कौलव 5️⃣ *वार* - शनिवार ♨️ _*शुभ मुहूर्त*_ ♨️ ✅ *ब्रह्म मुहूर्त* - 04:29 से 05:13 तक ✅ *अभिजीत मुहूर्त* - 12:01 से 12:53 तक ♨️ _*अशुभ मुहूर्त*_ ♨️ ❌ *राहुकाल* - 09:12 से 10:50 तक ❌ *दिशाशूल* - पूर्व दिशा में ♨️ _*व्रत / त्यौहार / विशेष*_ ♨️ 🚩 _लक्ष्मी पंचमी_ 🚩 _चैत्र नवरात्रि पंचम_ ♨️ _*आज का सुविचार*_ ♨️ *न विप्रपादोदक पंकिलानि न वेदशास्त्रध्वनिगर्जितानि।* *स्वाहास्वधाकारध्वनिवर्जितानि श्मशानतुल्यानि गृहाणितानि।।* *भावार्थ* : _जिस घर में विप्र के पाँवों को धुलाने से कीचड़ ना हुआ हो, जहाँ वेद आदि शास्त्रों के पाठ स्वर नहीं गूँजें हों,जो घर स्वाह की ध्वनि से रहित हो, वह घर निश्चय ही शमशान भूमि के समान है।।_ 🙏 *शुभ प्रभात* 🙏 🙏 *जय श्री राम* 🙏 🙏 *आपका दिन मंगलमय हो* 🙏

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🏵️🕉️शुभ शनिवार 🏵️शुभ प्रभात् 🕉️🏵️ 2078-विजय श्री हिंदू पंचांग-राशिफल-1943 🏵️-आज दिनांक--17.04.2021-🏵️ श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 74.30 - रेखांतर मध्यमान - 75.30 जन्मकुंडली हस्तरेखा राशिरत्न और वास्तुदोष (प्रामाणिक जानकारी--प्रभावी समाधान) --------------------------------------------------------- -विभिन्न शहरों के लिये रेखांतर(समय) संस्कार- (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट---------जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट-------------मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54 मिनट-जैसलमेर -15 मिनट __________________________________ _____________आज विशेष_____________ धन लक्ष्मी प्राप्ति के लिए प्रातःकालीन उपाय ___________________________________ आज दिनांक.......................17.04.2021 कलियुग संवत्.............................. 5122 विक्रम संवत................................ 2078 शक संवत....................................1943 संवत्सर...................................श्री राक्षस अयन..................................... उत्तरायण गोल.............................................उत्तर ऋतु.............................................वसंत मास..............................................चैत्र पक्ष........................................... .शुक्ल तिथि........... पंचमी. रात्रि. 8.32 तक / षष्ठी वार........................................ शनिवार नक्षत्र....... मृगशिरा. रात्रि. 2.32 तक / आर्द्रा चंद्र राशि...!वृषभ. अपरा. 1.08 तक / मिथुन योग....... शोभन. रात्रि. 7.16 तक / अतिगंड करण...................... बव. प्रातः 7.21 तक करण........ बालव. रात्रि. 8.32 तक / कौलव ____________________________________ सूर्योदय..............................6.08.20 पर सूर्यास्त...............................6.53.58 पर दिनमान............................... 12.45.37 रात्रिमान................................11.13.27 चंद्रोदय................प्रातः 09.26.35 AM पर चंद्रास्त............... रात्रि. 11.35.20 PM पर राहुकाल........प्रातः 9.20 से 10.55 (अशुभ) यमघंट......... अपरा. 2.07 से 3.43 (अशुभ) अभिजित...... (मध्या)12.06 से 12.57 तक पंचक................................. आज नहीं है शुभ हवन मुहूर्त(अग्निवास)....... आज नहीं है दिशाशूल.................................पूर्व दिशा दोष निवारण.... उड़द का सेवन कर यात्रा करें __________________________________ ____आज की सूर्योदय कालीन ग्रह स्थिति__ सूर्य.............?मेष 3°5' अश्विनी, 1 चु चन्द्र .... ...वृषभ 26°32' मृगशीर्षा, 1वे बुध............ मेष 0°49' अश्विनी, 1 चु शुक्र ...........मेष 8°40' अश्विनी, 3 चो मंगल.. ...मिथुन 1°57' मृगशीर्षा, 3का गुरु..............कुम्भ 2°0' धनिष्ठा, 3 गु शनि .... ... .मकर 18°23' श्रवण, 3 खे राहू.........वृषभ 19°11' रोहिणी, 3 वी केतु............. वृश्चिक 19°11' ज्येष्ठा,1 ___________________________________ चौघड़िया (दिन-रात)........केवल शुभ कारक * चौघड़िया दिन * शुभ...................प्रातः 7.44 से 9.20 तक चंचल.............अपरा. 12.31 से 2.07 तक लाभ................अपरा. 2.07 से 3.43 तक अमृत...............अपरा. 3.43 से 5.18 तक * चौघड़िया रात्रि * लाभ..........सायं-रात्रि. 6.54 से 8.18 तक शुभ.............. रात्रि. 9.42 से 11.07 तक अमृत.....रात्रि. 11.07 से 12.31 AM तक चंचल..रात्रि.12.31 AM से 1.55 AM तक लाभ....रात्रि. 4.43 AM से 6.07 AM तक ___________________________________ *शुभ शिववास की तिथियां* शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13. कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30. ____________________________________ जानकारी विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड मूल(रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) नक्षत्रों में होता है तो नक्षत्र शांति को आवश्यक माना गया है.. आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार नामाक्षर.. 06.24 AM तक--मृगशिरा---1-------(वे) 01.08 PM तक--मृगशिरा ---2------(वो) (पाया - स्वर्ण) __________सभी की राशि वृषभ_________ ___________________________________ 07.51 PM तक--मृगशिरा---3-------(क) 02.32 AM तक--मृगशिरा---4------(की) (पाया - स्वर्ण) उपरांत रात्रि तक-----आर्द्रा---1------(कू) (पाया-रजत) __________सभी की राशि मिथुन_________ ___________________________________ ____________आज का दिन_____________ व्रत विशेष............नवरात्रि अनुष्ठान व्रत जारी दिन विशेष.. नवरात्रि पंचम - स्कंदमातृका पूजा दिन विशेष...............................श्री पंचमी सर्वा.सि.योग...................................नहीं सिद्ध रवियोग.................................. नही ____________________________________ _____________कल का दिन_____________ दिनांक..............................18.04.2021 तिथि..................... चैत्र शुक्ला षष्ठी रविवार व्रत विशेष............नवरात्रि अनुष्ठान व्रत जारी दिन विशेष..... नवरात्रि षष्ठम्-कात्यायनी पूजा दिन विशेष...............................स्कंद षष्ठी दिन विशेष... .शुक्रास्त पश्चिमे. रात्रि. 9.34 पर सर्वा.सि.योग...................................नहीं सिद्ध रवियोग. .प्रातः 6.07 से रात्रि.5.00 AM ___________________________________ _____________आज विशेष ____________ मां लक्ष्मी धन ऐश्वर्य की देवी हैं। इनकी कृपा से ही व्यक्ति को अन्न, वस्त्र और धन की प्राप्ति होती है। प्रत्येक मनुष्य की कामना रहती है कि उसके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा दृष्टि बनी रहे, लेकिन मां लक्ष्मी चंचला हैं। एक स्थान पर ठहरना उनका स्वभाव नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जिन्हें यदि आप प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर करते हैं तो आपके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। जिससे आपके घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। दरअसल प्रातः काल में वातावरण में सकारात्मकता होती है, इसलिए पढ़ाई या कोई भी शुभ कार्य करने के लिए सुबह का समय सबसे उत्तम माना जाता है। प्रातः काल में मां लक्ष्मी का पूजन और उपाय करने से उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं उपाय। पहले के समय में प्रत्येक घर के आंगन में तुलसी का पौधा अवश्य लगा होता था। यह बहुत ही शुभ रहता है। अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य रखना चाहिए और प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना चाहिए। तुलसी में जल चढ़ाते समय विष्णु जी के मंत्र, 'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करना चाहिए। इससे आपके घर की दरिद्रता दूर होती है आपके ऊपर विष्णु भगवान लक्ष्मी की कृपा रहती है। जिससे आपके घर में समृद्धि का वास होता है। प्रतिदिन सुबह उठकर अपने घर की साफ-सफाई करने के बाद स्नान करने के बाद शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में देवी-देवताओं का वास होता है और लक्ष्मी माता की कृपा बनी रहती है। प्रतिदिन जल्दी उठकर स्नानादि करके सूर्य को अर्घ्य अवश्य देना चाहिए। इसके लिए एक तांबे के लोटे में जल और लाल सिंदूर डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के सभी कार्य बनने लगते हैं लेकिन ध्यान रखें कि यह कार्य सुबह जल्दी उठकर कर लेना चाहिए। *संकलनकर्त्ता* श्री ज्योतिष सेवाश्रम सेवाश्रम संस्थान (राज) ___________________________________ ___________आज का राशिफल__________ मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज आप आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। अतिरिक्त आय के लिए अपने सृजनात्मक विचारों का सहारा लें। दोस्तों की परेशानियों और तनाव के चलते आप अच्छा महसूस नहीं करेंगे। आज आप किसी का दिल टूटने से बचा सकते हैं। वक़ील के पास जाकर क़ानूनी सलाह लेने के लिए अच्छा दिन है। आज आप अपने जीवनसाथी से काफ़ी आत्मीय बातचीत कर सकते हैं। आप बहुत कुछ करना चाहते हैं, फिर भी मुमकिन है कि आप आज चीज़ों को बाद के लिए टाल दें। दिन ख़त्म होने से पहले उठें और काम में लग जाएँ, नहीं तो आपको महसूस होगा कि पूरा दिन बर्बाद हो गया है। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) आज आपका बच्चों जैसा भोला स्वभाव फिर सतह पर आ जाएगा और आप शरारती मनोदशा में होंगे। बोलते समय और वित्तीय लेन-देन करते समय सावधानी बरतने की ज़रूरत है। अपने परिवार को पर्याप्त समय दें। उन्हें महसूस होने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। उनके साथ अच्छा वक़्त बिताएँ और शिकायत करने का मौक़ा न दें। जो अपने प्रिय के साथ छुट्टियाँ बिता रहे हैं, ये उनकी ज़िन्दगी के सबसे यादगार लम्हों में से होंगे। आज कुछ ऐसा दिन है जब चीजें उस तरह नहीं होंगी, जैसी आप चाहते हैं। थोड़ी-सी कोशिश करें तो यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे विशेष दिनों में से एक हो सकता है। अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए बेहद ज़रुरी है; आप थोड़ा अधिक सो सकते हैं। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आप अपने आहार पर नियंत्रण रखें और चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए नियमित व्यायाम करें। जीवनसाथी की खराब तबीयत के कारण आज आपका धन खर्च हो सकता है लेकिन आपको इसको लेकर चिंता करने की जरुरत नहीं है क्योंकि धन इसीलिये बचाया जाता है कि बुरे समय में वो आपके काम आ सके। छोटे बच्चे आपको व्यस्त रखेंगे और दिली सुकून देंगे। संभव है कि कोई आपसे अपने प्यार का इज़हार करे। समय का पहिया बहुत तेजी से चलता है इसलिए आज से ही अपने कीमती समय का सही इस्तेमाल करना सीख लें। यह शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक है। आपको प्रेम की गहराई का अनुभव करेंगे। मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए आज किसी नदी का किनारा या पार्क की सैर बेहतर विकल्प हो सकता है। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज आप तनाव से बचने के लिए अपना क़ीमती वक़्त बच्चों के साथ गुज़ारें। आप बच्चों की उपचार करने की शक्ति महसूस करेंगे। वे आध्यात्मिक तौर पर धरती पर सबसे ज़्यादा ताक़तवर और भावनात्मक लोग हैं। उनके साथ आप ख़ुद को ऊर्जा से भरपूर ऐपाएंगे। जो व्यापारी अपने कारोबार के सिलसिले में घर से बाहर जा रहे हैं वो अपने धन को आज बहुत संभालकर रखें। धन चोरी होने की संभावना है। कुल मिलाकर फ़ायदेमंद दिन है। लेकिन आप समझते थे जिसपर आप आँखें बंद करके यक़ीन कर सकते हैं, वह आपके भरोसे को तोड़ सकता है। आज आप अपने प्रिय से अपने जज़्बात का इज़हार करने में मुश्किल महसूस करेंगे। आज ऐसे बर्ताव करें जैसे कि आप ‘सुपर-स्टार’ हैं, लेकिन सिर्फ़ उन चीज़ों की ही प्रशंसा करें जो उसके क़ाबिल हैं। आस-पड़ोस की किसी सुनी-सुनाई बात को लेकर आपका जीवनसाथी तिल-का-ताड़ बना सकता है। आज अचानक तबीयत खराब हो सकती है जिससे आप सारे दिन भर परेशान रह सकते हैं। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज के दिन आपका बच्चों जैसा भोला स्वभाव फिर सतह पर आ जाएगा और आप शरारती मनोदशा में होंगे। अगर आपने अपने घर के किसी सदस्य से उधार लिया था तो उसे आज लौटा दें नहीं तो वो आपके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकता है। बच्चे आपको अपनी उपलब्धियों से गर्व का अनुभव कराएंगे। लेकिन अपने जज़्बात क़ाबू में रखें, नहीं तो रिश्ते में खटास पैदा हो सकती है। अपने जरुरी कामों को निपटाकर आज आप अपने लिए समय तो अवश्य निकालेंगे लेकिन इस समय का उपयोग आप अपने हिसाब से नहीं कर पाएंगे। वैवाहिक जीवन में आप कुछ निजता की ज़रूरत महसूस करेंगे। सप्ताह में छुट्टी वाले दिन स्मार्टफ़ोन स्क्रीन पर बॉस का नाम देखना किसे अच्छा लगता है भला? लेकिन इस बार आपके साथ यही हो सकता है। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) आज आप उम्मीदों की दुनिया में हैं। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। आपको ख़ुश रखने के लिए आपके बच्चे जो कुछ बन पड़ेगा, वह करेंगे। प्यार का जज़्बा अनुभव के परे है, लेकिन आज आप प्यार की कुछ झलक पा सकेंगे। इस राशि के छात्र-छात्राएं आज अपने कीमती समय का दुरुपयोग कर सकते हैं। आप मोबाइल या टीवी पर आवश्यकता से अधिक समय जाया कर सकते हैं। आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा नहीं रहेगा क्योंकि कई मामलों में आपसी असहमति रह सकती है; और इससे आपके रिश्ते कमजोर होंगे। आज आपको अपनी किसी पुरानी गलती का अहसास हो सकता है और आपका मन उदास हो सकता है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज के दिन आप बिना झंझट विश्राम कर सकेंगे। अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए तैल से मालिश करें। कार्यक्षेत्र में या करोबार में आपकी कोई लापरवाही आज आपको आर्थिक नुक्सान करा सकती है। मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियाँ मज़ेदार रहेंगी, अगर पूरे परिवार की उसमें सहभागिता हो। ज़रा संभल कर, क्योंकि आपका प्रिय रूमानी तौर पर आपको मक्खन लगा सकता है - मैं तुम्हारे बग़ैर इस दुनिया में नहीं रह सकता/सकती। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होगा। आपके प्रेम को देखकर आज आपका प्रेमी गदगद हो जाएगा। थोड़ी-सी कोशिश करें तो यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे विशेष दिनों में से एक हो सकता है। आपके दोस्त आपके काम नहीं आते यह शिकायत आज आपको हो सकती है। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आपका प्रबल आत्मविश्वास और आज के दिन का आसान कामकाज मिलकर आपको आराम के लिए काफ़ी वक़्त देंगे। आज निवेश के जो नए अवसर आपकी ओर आएँ, उनपर विचार करें। लेकिन धन तभी लगाएँ जब आप उन योजनाओं का भली-भांति अध्ययन कर लें। अपनी महत्वाकांक्षाओं को ऐसे बड़ों के साथ बांटें, जो आपकी सहायता कर सकते हैं। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। आपके हँसने-हँसाने का अन्दाज़ आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। मुमकिन है कि आज आपका जीवनसाथी ख़ूबसूरत शब्दों में यह बताए कि आप उनके लिए कितने क़ीमती हैं। घर का कोई वरिष्ठ आज आपको कोई ज्ञान की बात बता सकता है। उनकी बातें आपको अच्छी लगेंगी और आप उनपर अमल भी करेंगे। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज मानसिक दबाव के बावजूद आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आज के दिन आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है - मुमकिन है कि आप ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करें या आपका बटुआ खो भी सकता है- ऐसे मामलों में सावधानी की कमी आपको नुक़सान पहुँचा सकती है। आपका कोई क़रीबी आज काफ़ी अजीब मूड में होगा और उसे समझना लगभग असंभव साबित होगा। सच्चे और पवित्र प्रेम का अनुभव करें। दिल के करीबी लोगों के साथ आपका वक्त बिताने का मन करेगा लेकिन आप ऐसा कर पाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। ऐसा लगता है कि आपके जीवनसाथी आज आपके ऊपर ख़ास ध्यान देंगे। अपने जीवनसाथी के साथ एक कैंडल लाइट डिनर सम्भवतः आपकी हफ़्ते भर की थकान को दूर कर सकता है। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) आज आप अपने काम के लिए दूसरों पर दबाव न डालें। दूसरे लोगों की इच्छाओं और दिलचस्पियों पर भी ग़ौर करें, इससे आपको दिली ख़ुशी हासिल होगी। जिन लोगों ने किसी अनजान शख्स की सलाह पर कहीं निवेश किया था आज उन्हें उस निवेश से फायदा होने की पूरी संभावना है। आज आपमें धैर्य की कमी रहेगी। इसलिए संयम बरतें, क्योंकि आपकी तल्ख़ी आस-पास के लोगों को दुःखी कर सकती है। आपकी मुस्कुराहट आपके प्रिय की नाराज़गी दूर करने के लिए सबसे अच्छी दवा है। आप खाली समय में अपने पसंदीदा काम करना पसंद करते हैं, आज भी आप ऐसा ही कुछ करने का सोचेंगे लेकिन किसी शख्स के घर में आने की वजह से आपका यह प्लान चौपट हो सकता है। क्या आपको पता है कि आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्ता है। उनपर ग़ौर करें, यह बात आपको ख़ुद-ब-ख़ुद दिख जाएगी। इस सप्ताहांत परिवार के साथ शॉपिंग पर जाना संभव लग रहा है, लेकिन शॉपिंग जेब पर भारी भी पड़ सकती है। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आपको आज खेल-कूद में हिस्सा लेने की ज़रूरत है, क्योंकि चिर यौवन का रहस्य यही है। दिन चढ़ने पर वित्तीय तौर पर सुधार आएगा। दिन को ख़ास बनाने के लिए शाम को परिवार के साथ किसी अच्छी जगह खाने जाएँ। रोमांस आपके दिल पर क़ाबिज़ है। किसी भी स्थिति में आपको अपने समय का ख्याल रखना चाहिए याद रखिये अगर समय की कद्र नहीं करेंगे तो इससे आपको ही नुकसान होगा। थोड़ी-सी कोशिश करें तो यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे विशेष दिनों में से एक हो सकता है। यदि आप किसी खेल में महारत रखते हैं तो आज के दिन आपको वो खेल खेलना चाहिए। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) अगर आपकी योजना आज बाहर घूमने-फिरने की है तो आपका वक़्त हँसी-ख़ुशी और सुकून भरा रहेगा। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। परिवार के साथ सामाजिक गतिविधियाँ सभी को ख़ुश रखेंगी। आज प्यार के नज़रिए से दिन काफ़ी विवादास्पद रहेगा। आज आप कोई नई पुस्तक खरीदकर किसी कमरे में खुद को बंद करके पूरा दिन गुजार सकते हैं। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह थोड़ा मुश्किल वक़्त है। आपके किये गये कामों को आज आपके सीनियर्स के द्वारा सराहा जाएगा जिससे आपके चेहरे पर भी मुस्कान दौड़ जाएगी। __________________________________ 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ - संकलनकर्त्ता- ज्योतिर्विद् पं. रामपाल भट्ट श्री ज्योतिष सेवा संस्थान भीलवाड़ा (राज.) 🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️🏵️ __________________________________

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻शनिवार, १७ अप्रैल २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०५:५७ सूर्यास्त: 🌅 ०६:४३ चन्द्रोदय: 🌝 ०९:०० चन्द्रास्त: 🌜२३:३२ अयन 🌕 उत्तराणायने (दक्षिणगोलीय) ऋतु: 🌳 बसन्त शक सम्वत: 👉 १९४३ (प्लव) विक्रम सम्वत: 👉 २०७८ (राक्षस) मास 👉 चैत्र पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 पञ्चमी (२०:३२ तक) नक्षत्र 👉 मृगशिरा (२६:३४ तक) योग 👉 शोभन (१९:१९ तक) प्रथम करण 👉 बव (०७:२१ तक) द्वितीय करण 👉 बालव (२०:३२ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 मेष चंद्र 🌟 मिथुन मंगल 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी) गुरु 🌟 कुम्भ (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 मेष (अस्त, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 ११:५१ से १२:४२ अमृत काल 👉 १६:४२ से १८:३० रवियोग 👉 २६:३४ से २९:४७ विजय मुहूर्त 👉 १४:२६ से १५:१८ गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:३२ से १८:५६ निशिता मुहूर्त 👉 २३:५४ से २४:३८ राहुकाल 👉 ०९:०२ से १०:३९ राहुवास 👉 पूर्व यमगण्ड 👉 १३:५४ से १५:३१ होमाहुति 👉 बुध दिशाशूल 👉 पूर्व अग्निवास 👉 आकाश चन्द्रवास 👉 दक्षिण (पश्चिम १३:०९ से) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - काल २ - शुभ ३ - रोग ४ - उद्वेग ५ - चर ६ - लाभ ७ - अमृत ८ - काल ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - लाभ २ - उद्वेग ३ - शुभ ४ - अमृत ५ - चर ६ - रोग ७ - काल ८ - लाभ नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 उत्तर-पश्चिम (वाय विन्डिंग अथवा तिल मिश्रित चावल का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️〰️〰️〰️ तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ श्रीलक्ष्मी पंचमी, हयव्रत, नवरात्रि के पंचम दिवस आदि शक्ति माँ दुर्गा के स्कन्द स्वरूप की उपासना आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज २६:३४ तक जन्मे शिशुओ का नाम मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (वे, वो, क, की) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम आर्द्रा नक्षत्र के प्रथम चरण अनुसार क्रमश (कु) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त मेष - २९:४२ बजे से ०७:१६ वृषभ - ०७:१६ से ०९:११ मिथुन - ०९:११ से ११:२६ कर्क - ११:२६ से १३:४७ सिंह - १३:४७ से १६:०६ कन्या - १६:०६ से १८:२४ तुला - १८:२४ से २०:४५ वृश्चिक - २०:४५ से २३:०४ धनु - २३:०४ से २५:०८ मकर - २५:०८ से २६:४९ कुम्भ - २६:४९ से २८:१५ मीन - २८:१५ से २९:३८ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त शुभ मुहूर्त - ०५:४८ से ०७:१६ मृत्यु पञ्चक - ०७:१६ से ०९:११ अग्नि पञ्चक - ०९:११ से ११:२६ शुभ मुहूर्त - ११:२६ से १३:४७ रज पञ्चक - १३:४७ से १६:०६ शुभ मुहूर्त - १६:०६ से १८:२४ चोर पञ्चक - १८:२४ से २०:३२ शुभ मुहूर्त - २०:३२ से २०:४५ रोग पञ्चक - २०:४५ से २३:०४ शुभ मुहूर्त - २३:०४ से २५:०८ मृत्यु पञ्चक - २५:०८ से २६:३४ अग्नि पञ्चक - २६:३४ से २६:४९ शुभ मुहूर्त - २६:४९ से २८:१५ रज पञ्चक - २८:१५ से २९:३८ अग्नि पञ्चक - २९:३८ से २९:४७ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज आपके समस्त कार्य निर्बाधित रूप से चलते रहेंगे। कार्य व्यवसाय से आर्थिक लाभ भी रुक रुक कर होने से धन संबंधित परेशानियां कुछ हद तक सुलझेंगी। दोपहर के बाद किसी गुप्त चिंता के कारण मन व्याकुल हो सकता है लेकिन जल्द ही इस समस्या से भी छुटकारा पा लेंगे। महिलाये घर को खुशहाल बनाने में सहयोग करेंगी शारीरिक दर्द के कारण थोड़ी असहजता भी रहेगी फिर भी घरेलू कार्य समय पर पूर्ण कर सकेंगी। आस-पड़ोसियों से सम्बन्धो में सुधार आएगा। संताने मनमानी करेंगी। उधार के व्यवहार में कमी आएगी। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज दिन का पूर्वार्ध आलस्य से भरा रहेगा। शारीरिक रूप से भी अस्वस्थ्य रहेंगे। जोड़ो में दर्द अकड़न की समस्या रहेगी। कार्यो को विलंब से करेंगे व्यवसाय की गति भी धीमी रहने से आर्थिक आयोजन प्रभावित होंगे। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार आएगा। नौकरी पेशा जातक आकस्मिक लाभ से रोमांचित होंगे। व्यवसायी वर्ग भी खर्च लायक लाभ अर्जित कर लेंगे। महिलाओ से आज ना उलझें अन्यथा गृह क्लेश लंबा खिंच सकता है। संध्या का समय आराम में बिताना पसंद करेंगे मनोरंजन के साधन भी सुलभ होंगे। भविष्य की योजनाएं आज ना बनाएं। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन मानसिक चंचलता के कारण बनते कार्यो को दुविधा के कारण आप स्वयं बिगाड़ लेंगे। सरकारी कार्य आज सावधानी से करें अन्यथा लंबित रखें हानि निश्चित रहेगी। संबंधो के प्रति भी आज ईमानदार नही रहेंगे। पारिवारिक वातावरण आपके गलत आचरण से कलुषित होगा। सामाजिक क्षेत्र पर लोग पीठ पीछे बुराई करेंगे। सेहत में मानसिक दबाव के चलते उतार चढ़ाव लगा रहेगा। घर के बुजुर्ग आपसे नाराज रहेंगे। धन लाभ अचानक होने से स्थिति संभाल नही सकेंगे रुपया आते ही हाथ से निकल भी जायेगा। सेहत में छोटे मोटे विकार बन सकते है। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आपको आज के दिन प्रत्येक कार्यो में सावधान रहने की आवश्यकता है। धन के पीछे भागने की प्रवृति पर आज लगाम लगाकर रखे अन्यथा धन के साथ-साथ मान हानि भी होगी। दोपहर से पहले के भाग में पुराने कार्य पूर्ण होने से थोड़ा बहुत धन मिलने से दैनिक खर्च निकल जाएंगे। इसके बाद का समय प्रतिकूल बनता जाएगा। कार्य व्यवसाय में प्रतिस्पर्धी हर प्रकार से आपके कार्यो में व्यवधान डालने का प्रयास करेंगे। परिजनों से भी मामूली बात पर झगड़ा होगा। वाणी एवं व्यवहार से संयम बरतें। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। आज जिस भी कार्य को करने का मन बनायेंगे उसी में उलझने पड़ेंगी। फिर भी आज आप हिम्मत नही हारेंगे सतत प्रयास जारी रखने से कार्य सुधरेंगे लाभ की संभावनाएं बनेगी। दौड़ धूप अधिक रहने से शारीरिक शिथिलता बनेगी। मध्यान के बाद किसी अभीष्ट सिद्धि के योग बन रहे है आलस्य ना करें अन्यथा लाभ से वंचित रह सकते है। प्रियजनों के साथ आनंद के क्षण बिताने का समय मिलेगा। घर मे स्थिति सामान्य रहेगी। आज आर्थिक मामलों के प्रति बेपरवाह भी रहेंगे। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन कार्य सफलता वाला रहेगा। प्रातः काल जल्दी कार्यो में जुटने का फल शीघ्र ही धन लाभ के रूप में मिलेगा। अधिकांश कार्य थोड़े से परिश्रम से पूर्ण हो जाएंगे। अधिकारी वर्ग मुश्किल कार्यो में सहयोग करेंगे। आज आप जोड़ तोड़ वाली नीति अपना कर कठिन परिस्थितियों में भी अपना काम निकाल लेंगे। सरकारी कार्य मे भी सफलता की उम्मद जागेगी प्रयास करते रहे। दाम्पत्य जीवन मे छोटी-मोटी बातों को दिल पर ना लें स्थिति सामान्य ही रहेगी। मित्रो से कोई दुखद समाचार मिलेगा। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आपका आज का दिन व्यर्थ की भाग दौड़ में बीतेगा। शारीरिक एवं मानसिक रूप से थकावट रहेगी फिर भी कार्यो को बेमन से करना पड़ेगा। आज आप चाहे कितना भी परोपकार करें फिर भी लोगो को खुश नही रख पाएंगे। क्रोध को वश में कर लेंगे लेकिन राग द्वेष की भावना मन मे बनी रहेगी। गृहस्थ का वातावरण लगभग सामान्य ही रहेगा। आर्थिक कारणों से कुछ महत्त्वपूर्ण कार्य अधूरे रहेंगे। सन्तानो की प्रगति से संतोष होगा। सरकारी कार्यो में धन खर्च होगा लेकिन कुछ लाभ नही मिलेगा। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन आशाओं के विपरीत रहने वाला है। सोची हुई योजनाए आरम्भ में सफल होती नजर आएंगी परन्तु मध्यान तक इनसे निराशा ही मिलेगी। आज आप जिससे भी सहायता मांगेंगे वो भ्रम की स्थिति में रखेगा। आज आप आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यो को करें। भागीदारों से धन को लेकर अनबन हो सकती है। मीठा व्यवहार रखने पर भी लोग आपको केवल कार्य निकालने के लिए इस्तेमाल करेंगे। कार्य क्षेत्र की भड़ास घर पर निकालने से घर का माहौल भी बेवजह खराब होगा। पुराने कार्यो को पूर्ण करने की चिंता रहेगी। प्रेम प्रसंगों से निराश होंगे। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज के दिन लाभ के अवसर आपकी तलाश में रहेंगे। दिन में जिस किसी के भी संपर्क में रहेंगे उससे कुछ ना कुछ लाभ अवश्य होगा। कार्य क्षेत्र पर भी एक से अधिक साधनो से आय होगी। व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़ी महिलाओ को पदोन्नति के साथ प्रोत्साहन के रूप में आर्थिक सहायता भी मिल सकती है। सामाजिक कार्यो में रुचि ना होने पर भी सम्मिलित होना पड़ेगा मान-सम्मान बढेगा। परिजनों का मार्गदर्शन आज प्रत्येक क्षेत्र पर काम आएगा। महिलाओं का सुख सहयोग मिलेगा। प्रेम प्रसंगों में निकटता रहेगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज का दिन काफी उठा पटक वाला रहेगा। व्यावसायिक योजनाओं में अचानक बदलाव करना पड़ेगा। दिन के आरंभ में कार्यो की गति धीमी रहेगी समय पर वादा पूरा ना करने से व्यावसायिक संबंध खराब हो सकते है। कार्यो के प्रति नीरसत अधिक रहेगी। किसी भी कार्य को लेकर ठोस निर्णय नही ले पाएंगे परन्तु जिस भी कार्य में निवेश करेंगे उसमे विलंभ से ही सही सफल अवश्य होंगे धन लाभ भी आवश्यकता अनुसार हों जायेगा लेकिन संध्या पश्चात धन संबंधित कोई भी कार्य-व्यवहार ना करें। परिजन आपके टालमटोल वाले व्यवहार से दुखी रहेंगे। आकस्मिक दुर्घटना के योग है। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज का दिन भी आशानुकूल रहेगा। सेहत उत्तम रहने से कार्यो को मन लगाकर करेंगे लेकिन किसी के हस्तक्षेप करने से मन विक्षिप्त हो सकता है। किसी के ऊपर ध्यान ना दें एकाग्र होकर अपने कार्य मे लगे रहे धन एवं सम्मान दोनों मिलने के योग है। लेकिन उधार के व्यवहार बढ़ने से असुविधा भी होगी। व्यावसाय में वृद्धि के लिए निवेश करना शुभ रहेगा। भाई-बंधुओ का सहयोग आज अपेक्षाकृत कम ही रहेगा। महिलाओं को छोड़ घर के अन्य सदस्य आपसे ईर्ष्यालु व्यवहार रखेंगे। स्त्री से सुखदायक समाचार मिलेंगे। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन अनैतिक कार्यो से बच कर रहें मन भ्रमित रहने के कारण निषेधात्मक कार्यो में भटकेगा। लोग आपसे भावनात्मक संबंध बनाएंगे परन्तु आवश्यकता के समय कोई आगे नही आएगा। कार्य क्षेत्र पर भी सहकर्मियो का रूखा व्यवहार रहने से स्वयं के ऊपर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा। लंबी यात्रा के प्रसंग बनेंगे संभव हो तो आज टालें। पेट अथवा स्वांस, छाती संबंधित व्याधि हो सकती है। अधिकांश समय मानसिक रूप से भी अशान्त रहेंगे। परिवार में अनावश्यक खर्च बढ़ेंगे किसी की गलती का विरोध करना भी बेवजह कलह का कारण बनेगा। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️

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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 16 अप्रैल 2021* ⛅ *दिन - शुक्रवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078 (गुजरात - 2077)* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - चैत्र* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - चतुर्थी शाम 06:05 तक तत्पश्चात पंचमी* ⛅ *नक्षत्र - रोहिणी रात्रि 11:40 तक तत्पश्चात मॄगशिरा* ⛅ *योग - सौभाग्य शाम 06:24 तक तत्पश्चात शोभन* ⛅ *राहुकाल - सुबह 11:04 से दोपहर 12:39 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:20* ⛅ *सूर्यास्त - 18:56* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी* 💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *नवरात्रि की पंचमी तिथि* 🌷 🙏🏻 *17 अप्रैल 2021 शनिवार को चैत्र - शुक्ल पक्ष की पंचमी की बड़ी महिमा है | इसको श्री पंचमी भी कहते है | संपत्ति वर्धक है |* 🙏🏻 *इन दिनों में लक्ष्मी पूजा की भी महिमा है | ह्रदय में भक्तिरूपी श्री आये इसलिए ये उपासाना करें | इस पंचमी के दिन हमारी श्री बढ़े, हमारी गुरु के प्रति भक्तिरूपी श्री बढ़े | उसके लिए भी व्रत, उपासाना आदि करना चाहिए | पंचमं स्कंध मातेति | स्कंध माता कार्तिक स्वामी की माँ पार्वतीजी .... उस दिन मंत्र बोलो – ॐ श्री लक्ष्मीये नम: |* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *चैत्र मास की नवरात्रि का आरंभ 13 अप्रैल, मंगलवार से हो गया है । नवरात्रि में रोज देवी को अलग-अलग भोग लगाने से तथा बाद में इन चीजों का दान करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। जानिए नवरात्रि में किस तिथि को देवी को क्या भोग लगाएं-* 👉🏻 गताअं से आगे........... 🙏🏻 *नवरात्रि के चौथे दिन यानी चतुर्थी तिथि को माता दुर्गा को मालपुआ का भोग लगाएं ।इससे समस्याओं का अंत होता है ।* 👉🏻 शेष कल............ 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक वासंतिक नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार वासंतिक नवरात्रि का प्रारंभ 13 अप्रैल, मंगलवार से हो गया है, धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है। जानिए नवरात्रि में किस दिन देवी के कौन से स्वरूप की पूजा करें-* 👉🏻 गताअं से आगे........... 🌷 *रोग, शोक दूर करती हैं मां कूष्मांडा* 🌷 *नवरात्रि की चतुर्थी तिथि की प्रमुख देवी मां कूष्मांडा हैं। देवी कूष्मांडा रोगों को तुरंत नष्ट करने वाली हैं। इनकी भक्ति करने वाले श्रद्धालु को धन-धान्य और संपदा के साथ-साथ अच्छा स्वास्थ्य भी प्राप्त होता है। मां दुर्गा के इस चतुर्थ रूप कूष्मांडा ने अपने उदर से अंड अर्थात ब्रह्मांड को उत्पन्न किया। इसी वजह से दुर्गा के इस स्वरूप का नाम कूष्मांडा पड़ा।* 🙏🏻 *मां कूष्मांडा के पूजन से हमारे शरीर का अनाहत चक्रजागृत होता है। इनकी उपासना से हमारे समस्त रोग व शोक दूर हो जाते हैं। साथ ही, भक्तों को आयु, यश, बल और आरोग्य के साथ-साथ सभी भौतिक और आध्यात्मिक सुख भी प्राप्त होते हैं।* 👉🏻 शेष कल........... 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

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🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक -:16/04/2021,शुक्रवार* चतुर्थी, शुक्ल पक्ष चैत्र """""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि------------चतुर्थी 18:05:09 तक पक्ष-------------------------- शुक्ल नक्षत्र-----------रोहिणी 23:38:48 योग------------ सौभाग्य 18:21:34 करण--------- विष्टि भद्र 18:05:09 वार------------------------- शुक्रवार माह-----------------------------चैत्र चन्द्र राशि------------------- वृषभ सूर्य राशि--------------------- मेष रितु----------------------------वसंत आयन-------------------- उत्तरायण संवत्सर------------------------प्लव संवत्सर (उत्तर)---------आनंद विक्रम संवत-----------------2078 विक्रम संवत (कर्तक)---- 2077 शाका संवत----------------- 1943 वृन्दावन सूर्योदय--------------- 05:54:57 सूर्यास्त------------------ 18:43:19 दिन काल--------------- 12:48:21 रात्री काल--------------- 11:10:38 चंद्रोदय---------------- 08:26:30 चंद्रास्त------------------22:34:00 लग्न---- मेष 2°6' , 2°6' सूर्य नक्षत्र-------------------अश्विनी चन्द्र नक्षत्र-------------------रोहिणी नक्षत्र पाया--------------------लोहा *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* वा----रोहिणी 10:06:05 वी----रोहिणी 16:52:47 वु----रोहिणी 23:38:48 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य= मेष 02°52 ' अश्विनी , 1 चु चन्द्र = वृषभ 14°23 'रोहिणी 2 वा बुध = मीन 28°57' रेवती' 4 ची शुक्र= मेष 07°55, अश्विनी' 3 चो मंगल=मिथुन 01°30 ' मृगशिरा ' 3 का गुरु=कुम्भ 01°22 ' धनिष्ठा , 3 गु शनि=मकर 17°43 ' श्रवण ' 3 खे राहू=(व)वृषभ 19°10 'मृगशिरा , 3 वि केतु=(व)वृश्चिक 19°10 ज्येष्ठा , 1 नो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 10:43 - 12:19 अशुभ यम घंटा 15:31 - 17:07 अशुभ गुली काल 07:31 - 09:07 अशुभ अभिजित 11:54 -12:45 शुभ दूर मुहूर्त 08:29 - 09:20 अशुभ दूर मुहूर्त 12:45 - 13:36 अशुभ 💮चोघडिया, दिन चर 05:55 - 07:31 शुभ लाभ 07:31 - 09:07 शुभ अमृत 09:07 - 10:43 शुभ काल 10:43 - 12:19 अशुभ शुभ 12:19 - 13:55 शुभ रोग 13:55 - 15:31 अशुभ उद्वेग 15:31 - 17:07 अशुभ चर 17:07 - 18:43 शुभ 🚩चोघडिया, रात रोग 18:43 - 20:07 अशुभ काल 20:07 - 21:31 अशुभ लाभ 21:31 - 22:55 शुभ उद्वेग 22:55 - 24:19* अशुभ शुभ 24:19* - 25:42* शुभ अमृत 25:42* - 27:06* शुभ चर 27:06* - 28:30* शुभ रोग 28:30* - 29:54* अशुभ *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------पश्चिम* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 4 + 6 + 1 = 11 ÷ 4 = 3 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 4 + 4 + 5 = 13 ÷ 7 = 6 शेष क्रीड़ायां = शोक,दुःख कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* सांय 18:05 तक समाप्त स्वर्ग लोक = शुभ कारक *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* *रोहिणी व्रत * विनायक चतुर्थी * गुरु अंगददेव एवं हरकिशन देव पुण्य दिवस *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* दुर्जनस्य च सर्पस्य वरं सर्पो न दुर्जनः । सर्पो दंशति काले तु दुर्जनस्तु पदे पदे ।। ।।चा o नी o।। एक दुर्जन और एक सर्प मे यह अंतर है की साप तभी डंख मरेगा जब उसकी जान को खतरा हो लेकिन दुर्जन पग पग पर हानि पहुचने की कोशिश करेगा . *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: ज्ञानकर्म सन्यासयोग अo-4 बहूनि मे व्यतीतानि जन्मानि तव चार्जुन ।, तान्यहं वेद सर्वाणि न त्वं वेत्थ परन्तप ॥, श्री भगवान बोले- हे परंतप अर्जुन! मेरे और तेरे बहुत से जन्म हो चुके हैं।, उन सबको तू नहीं जानता, किन्तु मैं जानता हूँ॥,5॥ *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष कार्यस्थल पर सुधार होगा। योजना फलीभूत होगी। पूछ-परख रहेगी। निवेश लाभदायक रहेगा। सामाजिक कार्य करेंगे। पत्नी से आश्वासन मिलेगा। आपकी मिलनसारिता एवं धैर्य आपको परिवार एवं समाज में आदर-सम्मान दिलाएँगे। आय से अधिक व्यय न करें। 🐂वृष यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल लाभ देंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। प्रसन्नता बनी रहेगी। अधिकारी सहयोग करेंगे। व्यापार के विस्तार हेतु प्रयास अधिक करना होंगे। शुभ कार्यों पर व्यय होगा। दूसरों के काम में हस्तक्षेप नहीं करें। 👫मिथुन यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। भाग्योन्नति होगी। प्रमाद न करें। पराक्रम क्षमता के कारण आपको यश की प्राप्ति होगी। मानसिक संतोष, प्रसन्नता रहने से कार्यक्षमता बढ़ेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। 🦀कर्क वाणी संयम रखते हुए कार्य करें। आजीविका के क्षेत्र में प्रगति के योग हैं। व्यापार, नौकरी में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। यात्रा न करें। आकस्मिक खर्च अधिक होंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। कुसंगति से बचें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। 🐅सिंह अच्‍छी खबर मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। मान बढ़ेगा। धनार्जन होगा। थकान रहेगी। आजीविका में परिवर्तन अथवा नवीन अवसर प्राप्त हो सकेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। दांपत्य जीवन सुखद। आडंबरों से दूर रहें। आगंतुकों पर व्यय होगा। 🙍‍♀️कन्या रुके कार्य पूर्ण होंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। निवेश शुभ रहेगा। प्रमाद न करें। प्रसन्नता व आशाजनक वातावरण के कारण प्रयास सार्थक होंगे। भेंट-उपहार आदि की प्राप्ति संभव है। अर्थ संबंधी सुख मिलेगा। ⚖️तुला किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल व पूर्ण होंगे। प्रसन्नता रहेगी। सही निर्णय ले पाएँगे। मित्रों से मदद प्राप्त होगी। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। पूर्व में किए गए कार्यों के शुभ परिणाम देखने को मिलेंगे। वाहन सावधानी से चलाएँ। 🦂वृश्चिक पुराना रोग उभर सकता है। नकारात्मकता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। झंजटों में न पड़ें। धैर्य रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। जोखिम के कार्यों से दूर रहना चाहिए। दिन मिश्र फलदायी रहेगा। आर्थिक तंगी होगी। संतान के व्यवहार से दुःख होगा। व्यय बढ़ेंगे। 🏹धनु यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएँगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएँ रखें। मित्रों में वर्चस्व बढ़ेगा। आजीविका में नए प्रस्ताव मिलेंगे। 🐊मकर आर्थिक चिंता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय सामान्य चलेगा। जोखिम उठाने व जल्दबाजी से बचें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। पुराना रोग उभर सकता है, धैर्य रखें। निजीजनों में असंतोष का वातावरण रहेगा। भूमि-आवास की समस्याओं में वृद्धि होगी। 🍯कुंभ परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। प्रमाद न करें। ईश्वर पर आस्था बढ़ेगी। साहस, पराक्रम में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ की संभावना है। शीत संबंधी विकार हो सकते हैं। 🐟मीन घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। लाभ होगा। बुद्धि एवं तर्क से कार्य के प्रति सफलता के योग बनेंगे। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। धनार्जन होगा। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। राजकीय सहयोग मिलेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। व्यापार-व्यवसाय सामान्य चलेगा। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

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HEMANT JOSHI Apr 16, 2021

🌞 ~ *आज का पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 16 अप्रैल 2021* ⛅ *दिन - शुक्रवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2078* ⛅ *शक संवत - 1943* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - चैत्र* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - चतुर्थी शाम 06:05 तक तत्पश्चात पंचमी* ⛅ *नक्षत्र - रोहिणी रात्रि 11:40 तक तत्पश्चात मॄगशिरा* ⛅ *योग - सौभाग्य शाम 06:24 तक तत्पश्चात शोभन* ⛅ *राहुकाल - सुबह 11:04 से दोपहर 12:39 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:20* ⛅ *सूर्यास्त - 18:56* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी* 💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *नवरात्रि की पंचमी तिथि* 🌷 🙏🏻 *17 अप्रैल 2021 शनिवार को चैत्र - शुक्ल पक्ष की पंचमी की बड़ी महिमा है | इसको श्री पंचमी भी कहते है | संपत्ति वर्धक है |* 🙏🏻 *इन दिनों में लक्ष्मी पूजा की भी महिमा है | ह्रदय में भक्तिरूपी श्री आये इसलिए ये उपासाना करें | इस पंचमी के दिन हमारी श्री बढ़े, हमारी गुरु के प्रति भक्तिरूपी श्री बढ़े | उसके लिए भी व्रत, उपासाना आदि करना चाहिए | पंचमं स्कंध मातेति | स्कंध माता कार्तिक स्वामी की माँ पार्वतीजी .... उस दिन मंत्र बोलो – ॐ श्री लक्ष्मीये नम: |* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *चैत्र मास की नवरात्रि का आरंभ 13 अप्रैल, मंगलवार से हो गया है । नवरात्रि में रोज देवी को अलग-अलग भोग लगाने से तथा बाद में इन चीजों का दान करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। जानिए नवरात्रि में किस तिथि को देवी को क्या भोग लगाएं-* 👉🏻 गताअं से आगे........... 🙏🏻 *नवरात्रि के चौथे दिन यानी चतुर्थी तिथि को माता दुर्गा को मालपुआ का भोग लगाएं ।इससे समस्याओं का अंत होता है ।* 👉🏻 शेष कल............ 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷 🙏🏻 *चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक वासंतिक नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार वासंतिक नवरात्रि का प्रारंभ 13 अप्रैल, मंगलवार से हो गया है, धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है। जानिए नवरात्रि में किस दिन देवी के कौन से स्वरूप की पूजा करें-* 🌷 *रोग, शोक दूर करती हैं मां कूष्मांडा* 🌷 *नवरात्रि की चतुर्थी तिथि की प्रमुख देवी मां कूष्मांडा हैं। देवी कूष्मांडा रोगों को तुरंत नष्ट करने वाली हैं। इनकी भक्ति करने वाले श्रद्धालु को धन-धान्य और संपदा के साथ-साथ अच्छा स्वास्थ्य भी प्राप्त होता है। मां दुर्गा के इस चतुर्थ रूप कूष्मांडा ने अपने उदर से अंड अर्थात ब्रह्मांड को उत्पन्न किया। इसी वजह से दुर्गा के इस स्वरूप का नाम कूष्मांडा पड़ा।* 🙏🏻 *मां कूष्मांडा के पूजन से हमारे शरीर का अनाहत चक्रजागृत होता है। इनकी उपासना से हमारे समस्त रोग व शोक दूर हो जाते हैं। साथ ही, भक्तों को आयु, यश, बल और आरोग्य के साथ-साथ सभी भौतिक और आध्यात्मिक सुख भी प्राप्त होते हैं।* 👉🏻 शेष कल........... 🌞 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

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