Jasbir Singh nain
Jasbir Singh nain Dec 11, 2019

शुभ प्रभात जी राधे राधे जी 🙏🙏🙏🙏🍄🌴🍄🌴🙏🙏🙏🙏 दत्त पूर्णिमा आज: जानें क्यों खास है मार्गशीर्ष की पूर्णमासी, ये है व्रत विधि हिन्दू धर्म शास्त्रों में भगवान दत्तात्रेय को त्रिदेव यानी ब्रह्म, विष्णु और महेश का स्वरूप माना गया है। इनकी गणना भगवान विष्णु के 24 अवतारों में छठे स्थान पर की जाती है। भगवान दत्तात्रेय महायोगी और महागुरु के रूप में भी पूजनीय हैं। दत्तात्रेय एक ऐसे अवतार हैं, जिन्होंने 24 गुरुओं से शिक्षा ली। इनका पृथ्वी पर अवतार मार्गशीर्ष की पूर्णिमा को प्रदोष काल में हुआ था, जो इस बार 11 दिसंबर बुधवार को है।  महाराज दत्तात्रेय आजन्म ब्रह्मचारी, अवधूत और दिगम्बर रहे थे। मान्यता है कि वे सर्वव्यापी हैं और किसी प्रकार के संकट में बहुत जल्दी से भक्त की सुध लेने वाले हैं। दत्तात्रेय की उपासना में अहं को छोड़ने और ज्ञान द्वारा जीवन को सफल बनाने का संदेश है। आइए जानते हैं मार्गशीर्ष पूर्णिमा से जुड़े और रोचक तथ्य और मान्यताएं... करें ये कार्य मार्गशीर्ष की पूर्णिमा पर प्रात: काल उठें और नित्यकर्म के बाद स्नान करें। स्नान के बाद सफेद वस्त्र धारण करें, फिर आचमन करें।  इसके बाद भगवान का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। अब ॐ नमोः नारायण कहकर, श्री हरि का आह्वान करें। इसके बाद भगवान को आसन, गंध और पुष्प आदि अर्पित करें। पूजा स्थल पर वेदी बनाएं और हवन के लिए उसमे अग्नि जलाएं।  इसके बाद हवन में तेल, घी और बूरा आदि की आहुति दें। हवन समाप्त होने पर सच्चे मन में भगवान का ध्यान करें। व्रत के दूसरे दिन गरीब लोगों या ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें दान-दक्षिणा दें। उपासना विधि श्री दत्तात्रेय जी की प्रतिमा को लाल कपड़े पर स्थापित करने के बाद चन्दन लगाकर, फूल चढ़ाकर, धूप, नैवेद्य चढ़ाकर दीपक से आरती उतारकर पूजा करें। इनकी उपासना तुरंत प्रभावी हो जाती है और शीघ्र ही साधक को उनकी उपस्थिति का आभास होने लगता है। साधकों को उनकी उपस्थिति का आभास सुगन्ध के द्वारा, दिव्य प्रकाश के द्वारा या साक्षात उनके दर्शन से होता है। विश्वास किया जाता है भगवान दत्तात्रेय बड़े दयालु हैं। पौराणिक ग्रंथों से देवी अनसूया महान तपस्विनी थीं, एक बार त्रिदेव उनके कुटिया पर पधारे और विकार-वासना रहित भोजन के इच्छा प्रकट की। यह बात सुनकर अचंभित अनसूया ने अपनी आंख मूंदकर ध्यान किया। त्रिदेव अतिथियों को अनसूया ने अपने तपोबल से शिशु बनाया और मातृत्व का अमृत पिलाया। त्रिदेव इच्छा भोजन से तृप्त हो गए और उन्हीं की कृपा से अनसूया को चंद्रमा, दत्त एवं दुर्वासा पुत्र रत्न प्राप्त हुआ।

शुभ प्रभात जी राधे राधे जी 🙏🙏🙏🙏🍄🌴🍄🌴🙏🙏🙏🙏                                                  दत्त पूर्णिमा आज: जानें क्यों खास है मार्गशीर्ष की पूर्णमासी, ये है व्रत विधि


हिन्दू धर्म शास्त्रों में भगवान दत्तात्रेय को त्रिदेव यानी ब्रह्म, विष्णु और महेश का स्वरूप माना गया है। इनकी गणना भगवान विष्णु के 24 अवतारों में छठे स्थान पर की जाती है। भगवान दत्तात्रेय महायोगी और महागुरु के रूप में भी पूजनीय हैं। दत्तात्रेय एक ऐसे अवतार हैं, जिन्होंने 24 गुरुओं से शिक्षा ली। इनका पृथ्वी पर अवतार मार्गशीर्ष की पूर्णिमा को प्रदोष काल में हुआ था, जो इस बार 11 दिसंबर बुधवार को है। 

महाराज दत्तात्रेय आजन्म ब्रह्मचारी, अवधूत और दिगम्बर रहे थे। मान्यता है कि वे सर्वव्यापी हैं और किसी प्रकार के संकट में बहुत जल्दी से भक्त की सुध लेने वाले हैं। दत्तात्रेय की उपासना में अहं को छोड़ने और ज्ञान द्वारा जीवन को सफल बनाने का संदेश है। आइए जानते हैं मार्गशीर्ष पूर्णिमा से जुड़े और रोचक तथ्य और मान्यताएं...

करें ये कार्य
मार्गशीर्ष की पूर्णिमा पर प्रात: काल उठें और नित्यकर्म के बाद स्नान करें।
स्नान के बाद सफेद वस्त्र धारण करें, फिर आचमन करें। 
इसके बाद भगवान का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
अब ॐ नमोः नारायण कहकर, श्री हरि का आह्वान करें।
इसके बाद भगवान को आसन, गंध और पुष्प आदि अर्पित करें।
पूजा स्थल पर वेदी बनाएं और हवन के लिए उसमे अग्नि जलाएं। 
इसके बाद हवन में तेल, घी और बूरा आदि की आहुति दें।
हवन समाप्त होने पर सच्चे मन में भगवान का ध्यान करें।
व्रत के दूसरे दिन गरीब लोगों या ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें दान-दक्षिणा दें।

उपासना विधि
श्री दत्तात्रेय जी की प्रतिमा को लाल कपड़े पर स्थापित करने के बाद चन्दन लगाकर, फूल चढ़ाकर, धूप, नैवेद्य चढ़ाकर दीपक से आरती उतारकर पूजा करें। इनकी उपासना तुरंत प्रभावी हो जाती है और शीघ्र ही साधक को उनकी उपस्थिति का आभास होने लगता है। साधकों को उनकी उपस्थिति का आभास सुगन्ध के द्वारा, दिव्य प्रकाश के द्वारा या साक्षात उनके दर्शन से होता है। विश्वास किया जाता है भगवान दत्तात्रेय बड़े दयालु हैं।

पौराणिक ग्रंथों से
देवी अनसूया महान तपस्विनी थीं, एक बार त्रिदेव उनके कुटिया पर पधारे और विकार-वासना रहित भोजन के इच्छा प्रकट की। यह बात सुनकर अचंभित अनसूया ने अपनी आंख मूंदकर ध्यान किया। त्रिदेव अतिथियों को अनसूया ने अपने तपोबल से शिशु बनाया और मातृत्व का अमृत पिलाया। त्रिदेव इच्छा भोजन से तृप्त हो गए और उन्हीं की कृपा से अनसूया को चंद्रमा, दत्त एवं दुर्वासा पुत्र रत्न प्राप्त हुआ।

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कामेंट्स

K N Padshala🙏 Dec 11, 2019
जय श्री राधे कृष्ण जय श्री राधे श्याम जय सीताराम शुभ प्रभात स्नेह वंदन भाई जी जय श्री कृष्ण 🌹🙏🙏👌👌👌🕉🌞

Suman Lata Dec 11, 2019
🌷🙏Om Ganeshaay Namah Subh prbhaat vanden bhai ji aap ka din subh v manglmai ho ganesh ji aap ki sabhi mnokamna puri kre Bhai ji 🙏🌷

Neha Sharma, Haryana Dec 11, 2019
Jai Shri Radhe Krishna bhai ji Shubh dophar and have a great day bhai ji God bless you and your family ji 🙏🌹

🔴RAMA🔴 Dec 11, 2019
शुभ दोपहर प्रणाम राम राम भाई जी जय श्री राम जय श्री राधे कृष्णा जी ॐ जय श्री गणेशाय नमः🙏🌹🌹

Ⓜ@Nisha Dec 11, 2019
⚜⚜ ॐ श्री गणेशाय नमः ⚜⚜ *भ्रम हमेशा*..... *रिश्तों को बिखेरता है*..... *और प्रेम से.*..... *अजनबी भी बंध जाते है*... *"किसी के लिए समर्पण करना मुश्किल नहीं है* *मुश्किल है उस व्यक्ति को ढूंढना जो आप के "समर्पण" की कद्र करे !"* *🙏🌹 शुभ बुधवार🌹🙏* ⚜👏⚜👏⚜👏⚜👏⚜👏⚜

Shyama Saksena Dec 11, 2019
Jai Shri Radhe Krishna ji 🍁 Shubh ratri vandan Ji 🌹

Dr.ratan Singh Dec 11, 2019
🌹Om Ganeshay Namah🌹shubh sandhya vandan Bhai🙏First of all, with the blessings of the venerable Ganesha and Thakur ji, every one of you is auspicious and happy and all the wishes are fulfilled.🎎 Your Wednesday evening is of concern. 🌹Jay shri krishna 🌹

Jagdish Kukadiya Dec 12, 2019
RADHERADHERADHERADHE and, RadheRadheRadheRadhe RadheRadheRadheRadhe

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Pt Vinod Pandey 🚩 Jan 26, 2020

🌞 *~ आज का हिन्दू #पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 27 जनवरी 2020* ⛅ *दिन - सोमवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076* ⛅ *शक संवत - 1941* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - शिशिर* ⛅ *मास - माघ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - तृतीया पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *नक्षत्र - शतभिषा पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *योग - वरीयान् 28 जनवरी रात्रि 02:52 तक तत्पश्चात परिघ* ⛅ *राहुकाल - सुबह 08:34 से सुबह 09:56 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:18* ⛅ *सूर्यास्त - 18:24* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - तृतीया क्षय तिथि* 💥 *विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 ➡ *28 जनवरी 2020 (सुबह 08:23 से 29 जनवरी सूर्योदय तक )* 🌷 *मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग* 🙏🏻 *मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है ।* 👉🏻 *मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना ... जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है...* 🌷 *मंगलवारी चतुर्थी* 🌷 🙏 *अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…* 🌷 *> बिना नमक का भोजन करें* 🌷 *> मंगल देव का मानसिक आह्वान करो* 🌷 *> चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें* 💵 *कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |* 🌐 http://www.vkjpandey.in 🌷 *मंगलवार चतुर्थी* 🌷 👉 *भारतीय समय के अनुसार 28 जनवरी 2020 (सुबह 08:23 से 29 जनवरी सूर्योदय तक) चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं..* *👉🏻मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-* 🌷 *1) ॐ मंगलाय नमः* 🌷 *2) ॐ भूमि पुत्राय नमः* 🌷 *3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः* 🌷 *4) ॐ धन प्रदाय नमः* 🌷 *5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः* 🌷 *6) ॐ महा कायाय नमः* 🌷 *7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः* 🌷 *8) ॐ लोहिताय नमः* 🌷 *9) ॐ लोहिताक्षाय नमः* 🌷 *10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः* 🌷 *11) ॐ धरात्मजाय नमः* 🌷 *12) ॐ भुजाय नमः* 🌷 *13) ॐ भौमाय नमः* 🌷 *14) ॐ भुमिजाय नमः* 🌷 *15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः* 🌷 *16) ॐ अंगारकाय नमः* 🌷 *17) ॐ यमाय नमः* 🌷 *18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः* 🌷 *19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः* 🌷 *20) ॐ वृष्टि हराते नमः* 🌷 *21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः* 🙏 *ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :-* 🌷 *भूमि पुत्रो महा तेजा* 🌷 *कुमारो रक्त वस्त्रका* 🌷 *ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम* 🌷 *ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे* 🙏 *हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..* 🌐 http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌹🌻☘🌷🌺🌸🌼💐🙏

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Kalpana bist Jan 26, 2020

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