Pawan Kumar Prashar
Pawan Kumar Prashar Aug 10, 2017

Jai Shri Ram

#ज्ञानवर्षा
💐नमस्कार ! सुप्रभात !!💐

एक बार एक नदी में हाथी की लाश बही जा रही थी। एक कौए ने लाश देखी, तो प्रसन्न हो उठा, तुरंत उस पर आ बैठा।यथेष्ट मांस खाया। नदी का जल पिया।

उस लाश पर इधर-उधर फुदकते हुए कौए ने परम तृप्ति की डकार ली। वह सोचने लगा, अहा! यह तो अत्यंत सुंदर स्थान है, यहां भोजन और जल की भी कमी नहीं। फिर इसे छोड़कर अन्यत्र क्यों भटकता फिरूं?

कौआ नदी के साथ बहने वाली उस लाश के ऊपर कई दिनों तक रमता रहा। भूख लगने पर वह लाश को नोचकर खा लेता, प्यास लगने पर नदी का पानी पी लेता। अगाध जलराशि, उसका तेज प्रवाह, किनारे पर दूर-दूर तक फैले प्रकृति के मनोहरी दृश्य-इन्हें देख-देखकर वह विभोर होता रहा।

नदी एक दिन आखिर महासागर में मिली। वह मुदित थी कि उसे अपना गंतव्य प्राप्त हुआ। सागर से मिलना ही उसका चरम लक्ष्य था, किंतु उस दिन लक्ष्यहीन कौए की तो बड़ी दुर्गति हो गई। चार दिन की मौज-मस्ती ने उसे ऐसी जगह ला पटका था, जहां उसके लिए न भोजन था, न पेयजल और न ही कोई आश्रय। सब ओर सीमाहीन अनंत खारी जल-राशि तरंगित हो रही थी।

कौआ थका-हारा और भूखा-प्यासा कुछ दिन तक तो चारों दिशाओं में पंख फटकारता रहा, अपनी छिछली और टेढ़ी-मेढ़ी उड़ानों से झूठा रौब फैलाता रहा, किंतु महासागर का ओर-छोर उसे कहीं नजर नहीं आया। आखिरकार थककर, दुख से कातर होकर वह सागर की उन्हीं गगनचुंबी लहरों में गिर गया। एक विशाल मगरमच्छ उसे निगल गया।

शारीरिक सुख में लिप्त मनुष्यों की भी गति उसी कौए की तरह होती है, जो आहार और आश्रय को ही परम गति मानते हैं और अंत में अनन्त संसार रूपी सागर में समा जाते है।

जीत किसके लिए, हार किसके लिए,
ज़िंदगीभर ये तकरार किसके लिए...
जो भी आया है वो जायेगा एक दिन,
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए !

*🙏आपका दिन एवम पूरा जीवन मङ्गलमय हो🙏*

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कामेंट्स

RAHUL KUMAR JHA Aug 21, 2018

*रक्षासूत्र मात्र एक धागा नहीं बल्कि शुभ भावनाओं व शुभ संकल्पों का पुलिंदा है । यही सूत्र जब वैदिक रीति से बनाया जाता है और भगवन्नाम व भगवद्भाव सहित शुभ संकल्प करके बाँधा जाता है तो इसका सामर्थ्य असीम हो जाता है,मन

*📿कैसे बनायें वैदिक राखी ?📿*
...

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Narender Kumar Rosa Aug 21, 2018

*आज तक का सर्वश्रेष्ठ पोस्ट है।*

ईश्वर ने सृष्टि की रचना करते समय *तीन* विशेष रच ना की...

*1.* अनाज में *कीड़े* पैदा कर दिए, वरना लोग इसका सोने और चाँदी की तरह संग्रह करते।

*2.* मृत्यु के बाद देह (शरीर) में *दुर्गन्ध* उत्पन्न कर दी, वरना कोई अप...

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Water Pranam +2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 20 शेयर
Prakash Preetam Aug 21, 2018

एक बार हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम से कहा कि अशोक वाटिका में जिस समय रावण क्रोध में भरकर तलवार लेकर सीता माँ को मारने के लिए दौड़ा, तब मुझे लगा कि इसकी तलवार छीन कर इसका सिर काट लेना चाहिये, किन्तु अगले ही क्षण मैंने देखा कि मंदोदरी ने रावण का हाथ प...

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Bell Tulsi Like +9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 39 शेयर

🌹💐🌷🌻🌈🌞🌈🌻🌷💐🌹
*📕✅अगर कभी कोई पानी में डूब के मर जाये और उसका शरीर 3 से 4 घंटे में मिल जाये तो उसकी जिंदगी वापस ला सकता हूँ।अगर कभी किसी को ऐसी दूर्घटना दिखे या सुनाई दे तो तुरंत हमे बताये।।। किसी की जान बच सकती है।।*
*📕आप सभी से विनम्र ...

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ALL INDIA FEDERATION OF ASTROLOGERS SOCIETIES

वर्तमान समय में सामान्य जन अपनी मध्यम आर्थिक स्थिति के कारण तथा छोटे परिवार के कारण छोटे भूखंड पर भवन बनाते हैं। ऐसे में सभी प्रकार के कक्ष बनाना संभव नहीं हो पाता। लेकिन जो कक्ष मुख्य रूप से बनाए जात...

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Hasmukhjadav Aug 21, 2018

🙏🌹ॐ दुर्गायै नमः🌹🙏
मुझको मालूम नहीं चाहत क्या है माँ,⚘
मैंने तेरी बातों के सिवा हर बात भुला रखी है⚘
सफर मुश्किल है मालूम है मुझे ,लेकिन ⚘
तुम मेरी हो तो हर फ़िक्र मिटा रखी हैै ⚘
🙏🌹जय जय माँ🌹🙏


Good Night Jay mataji. Mitro....

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jayati cee Aug 21, 2018

बहुत ही सुंदर कथा

कन्धे पर कपड़े का थान लादे और हाट-बाजार जाने की तैयारी करते हुए नामदेव जी से पत्नि ने कहा- भगत जी! आज घर में खाने को कुछ भी नहीं है।
आटा, नमक, दाल, चावल, गुड़ और शक्कर सब खत्म हो गए हैं।
शाम को बाजार से आते हुए घर के लिए राशन का स...

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 Chapter - 01,  Serial No 66 – 70

भक्ति को प्राप्त करने का सत्संग एक साधन है क्योंकि सत्संग में हम प्रभु के प्रभाव और स्वभाव के बारे में सुनते है जिससे प्रभु के लिए प्रेम का भाव हमारे हृदय में उदित होता है ।

प्रभु के भक्तों के विचारों का सेवन कर...

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T.K Aug 21, 2018

,💝suprabhat💝

Pranam Bell Dhoop +17 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 146 शेयर
T.K Aug 21, 2018

https://goo.gl/AyztSQ

Sindoor Pranam Like +65 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 884 शेयर

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