💠 बड़ी सुन्दर सत्य कथा 💠 किसी भक्त के श्रीमुख से..... एक बार मैं ट्रेन से आ रहा था, मेरी साथ वाली सीट पे एक वृद्ध औरत बैठी थी जो लगातार रो रही थी... मैंने बार-बार पूछा मईया क्या हुआ, मईया क्या हुआ? बड़ी मिन्नतों के बाद मईया ने एक लिफाफा मेरे हाथ मे रख दिया। मैंने लिफाफा खोल कर देखा उसमे चार पेड़े, 200 रूपये और इत्र से सनी एक कपड़े की कातर थी। मैंने मईया से पूछा, मईया ये क्या है? मईया बोली मैं वृंदावन बिहारी जी के मंदिर गई थी, मैंने गुल्लक में 200 रूपये डाले और दर्शन के लिऐ आगे बिहारी जी के पास चली गई। वहाँ गोस्वामी जी ने मेरे हाथ मे एक पेड़ा रख दिया, मेने गोस्वामी जी को कहा मुझे दो पेड़े दे दो पर गोस्वामी जी ने मना कर दिया। मैंने उससे गुस्से मे कहा मैंने 200 रूपये डाले है मुझे पेड़े भी दो चाहिए पर गोस्वामी जी नहीं माने। मैंने गुस्से मे वो एक पेड़ा भी उन्हे वापिस दे दिया और बिहारी जी को कोसते हुए बाहर आ कर बैठ गई। मैं जैसे ही बाहर आई तभी एक बालक मेरे पास आया और बोला मईया मेरा प्रसाद पकड़ लो मुझे जूते पहनने है। वो मुझे प्रसाद पकड़ा कर खुद जूते पहनने लगा और फिर हाथ धोने चला गया। लेकिन फिर वो वापस नही आया। मैं पागलो की तरह उसका इंतजार करती रही। काफी देर के बाद मैंने उस लिफाफे को खोल कर देखा। उसमें 200 रूपये, चार पेड़े और एक कागज़ पर लिख रखा था ( मईया अपने लाला से नाराज ना हुआ करो ) ये ही वो लिफाफा है! **🌷 भाव बिना बाज़ार में वस्तु मिले न मोल, तो भाव बिना "हरी" कैसे मिले, जो है अनमोल!! 🌷**देने के बदले लेना तो एक बीमारी है और जो कुछ देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी हैं🌷 प्रेम से बोलो राधे राधे. 🙏🙏🌹

💠 बड़ी सुन्दर सत्य कथा  💠
किसी भक्त के श्रीमुख से..... 

एक बार मैं ट्रेन से आ रहा था, मेरी साथ वाली सीट पे एक वृद्ध औरत बैठी थी जो लगातार रो रही थी...
मैंने बार-बार पूछा मईया क्या हुआ, मईया क्या हुआ?
बड़ी मिन्नतों के बाद मईया ने एक लिफाफा मेरे हाथ मे रख दिया। मैंने लिफाफा खोल कर देखा उसमे चार पेड़े, 200 रूपये और इत्र से सनी एक कपड़े की कातर थी।
मैंने मईया से पूछा, मईया ये क्या है?
मईया बोली मैं वृंदावन बिहारी जी के मंदिर गई थी, मैंने गुल्लक में 200 रूपये डाले और दर्शन के लिऐ आगे बिहारी जी के पास चली गई। वहाँ गोस्वामी जी ने मेरे हाथ मे एक पेड़ा रख दिया, मेने गोस्वामी जी को कहा मुझे दो पेड़े दे दो पर गोस्वामी जी ने मना कर दिया। मैंने उससे गुस्से मे कहा मैंने 200 रूपये डाले है मुझे पेड़े भी दो चाहिए पर गोस्वामी जी नहीं माने। मैंने गुस्से मे वो एक पेड़ा भी उन्हे वापिस दे दिया और बिहारी जी को कोसते हुए बाहर आ कर बैठ गई। मैं जैसे ही बाहर आई तभी एक बालक मेरे पास आया और बोला मईया मेरा प्रसाद पकड़ लो मुझे जूते पहनने है। वो मुझे प्रसाद पकड़ा कर खुद जूते पहनने लगा और फिर हाथ धोने चला गया। लेकिन फिर वो वापस नही आया। मैं पागलो की तरह उसका इंतजार करती रही। काफी देर के बाद मैंने उस लिफाफे को खोल कर देखा। उसमें 200 रूपये, चार पेड़े और एक कागज़ पर लिख रखा था ( मईया अपने लाला से नाराज ना हुआ करो ) ये ही वो लिफाफा है! 

  **🌷 भाव बिना बाज़ार में
                 वस्तु मिले न मोल,
   तो भाव बिना "हरी" कैसे मिले,
                   जो है अनमोल!! 

    🌷**देने के बदले लेना तो एक बीमारी है 
             और जो कुछ देकर भी कुछ ना ले 
           वही तो बांके बिहारी हैं🌷

प्रेम से बोलो राधे राधे. 🙏🙏🌹

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कामेंट्स

GOVIND CHOUHAN Jan 18, 2021
OM NAMAH SHIVAY 🌺 HAR HAR MAHADEV 🌺 JAI SHIV SHAMBHU BHOLENATH 🌺 SUBH RATRI VANDAN PRANAAM JII DIDI 🙏🙏🙏🙏🙏

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Jan 18, 2021
Good Night My Sweet Sister ji 🙏🙏 Om Namah Shivay 🙏🙏🌹🌹 Har Har Mahadev 🙏🙏🌹🌷🙏💐🌹 Jay Bholenath 🙏🙏🌹🌹 Ki Kripa Dristi Aap Our Aapke Priwar Per Hamesha Sada Bhni Rahe ji 🙏 Aapka Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷.

🌀SOM DUTT SHARMA🌀 Jan 18, 2021
jai sri Gori shankar mahadev ji ki good night ji sweet dreams ji nice 👍 beautiful thanks 👍 so sweet g ❤️💝💖

Narayan Tiwari Jan 18, 2021
मैं शिव हूँ! मैं शिव हूँ! मैं शिव हूँ..!!🙏 शिवजी आपकी मनोकामनाएँ पूर्ण करें! ऊँ ह्रीं महाकालाय नमः🚩जय मृत्युंजय

💠Shuchi Singhal💠 Jan 18, 2021
Om namah shivay Har Har Mahadev Shub Ratri dear sister ji Bhole nath ki kirpa aapki family pe bni rhe sda Pyari Bhena ji🙏🌃🌹🌿🍫🙋

Rajesh Lakhani Jan 18, 2021
JAI SHREE KRISHNA RADHE RADHE SHUBH RATRI BEHENA THAKOR JI KI KRUPA AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER SADA BANI RAHE AAP KA AANE WALA HAR PAL SHUBH OR MANGALMAYE HO BEHENA JAI SHREE KRISHNA

🌷JK🌷 Jan 18, 2021
🌹🌹Radhe Radhe🌹🌹 Subh ratri vandan ji🌹

pawaR Jalindar Jan 18, 2021
ओम नमो शिवाय शिवाय 🌹🚩🌹💐🌿 हर हर महादेव जी 🌹💐 शुभ रात्री जी 🌹💐 जय श्री राधे राधे जी 🌹💐

Bhagat ram Jan 18, 2021
🌹🌹🕉️ नमः शिवाय 🙏🙏🌿🌺🌹 हर हर महादेव जी 🙏🙏🌿🌺🌹 शुभ रात्रि वंदन 🙏🙏💐🌿🌺🌹🌹

अर्जुन वर्मा Jan 18, 2021
🙏!! श्री शिवाय नमस्तुभ्यं!!🙏 🌹🙏🙏🙏🌹 🙏!!नमः पार्वती पतये हर हर महादेव!!🙏 !! good night and sweet dreams ji !!🙏

saumya sharma Jan 18, 2021
Good night my dear sis 🌛🌹🙏 may new morning bring all the happiness in your life 😊🌹🙏

keerti Ballabh Jan 19, 2021
जय श्री राम 🙏🌺 जय श्री हनुमान 🙏🌺 सुप्रभात वंदना बहना जी 🙏🌺 भगवान श्री राम भक्त हनुमान जी का आशिर्वाद आप और आपके समस्त परिवार पर सदैव बना रहे भगवान आप को सदैव स्वस्थ और खुश रखें 🙏🌺🙏🌺

Rajesh Lakhani Jan 19, 2021
JAI SHREE RAM JAI SHREE HANUMAN SHUBH PRABHAT BEHENA PAVAN PUTRA HANUMAN JI MAHARAJ KI KRUPA DRASHTI AAP PER OR AAP KE PARIVAR PER SADA BANI RAHE AAP KA DIN SHUBH OR MANGALMAYE HO BEHENA PRANAM

dinesh patidar Jan 19, 2021
Jay shree ram suprabhat vandan Ji 🙏 aap ka din mangalmay ho 🙏

*मौत का भय* दो उल्लू एक वृक्ष पर आ कर बैठे थे। एक ने अपने मुंह में सांप को दबोच रखा था। दूसरा उल्लू एक चूहा पकड़ लाया था। दोनों वृक्ष पर पास—पास बैठे थे —सांप ने चूहे को देखा तो वह यह भूल ही गया कि वह उल्लू के मुंह में है और मौत के करीब है, चूहे को देख कर उसके मुंह में लार बहने लगी। चूहे ने जैसे ही सांप को देखा वह कांपने लगा, जबकि दोनों ही मौत के मुंह मे बैठे हैं। दोनों उल्लू बड़े हैरान हुए। एक उल्लू ने दूसरे उल्लू से पूछा कि भाई, इसका कुछ राज समझे? दूसरे ने कहा, बिल्कुल समझ में आया। पहली बात तो यह है कि जीभ की इच्छा इतनी प्रबल है कि सामने मृत्यु खड़ी हो तो भी दिखाई नहीं पड़ती। दूसरी बात यह समझ में आयी कि भय मौत से भी बड़ा भय है। मौत सामने खड़ी है, उससे यह भयभीत नहीं है चूहा; लेकिन भय से भयभीत है कि कहीं सांप हमला न कर दे। *शिक्षा:-* हम भी मौत से भयभीत नहीं हैं, भय से ज्यादा भयभीत हैं। ऐसे ही जिह्वा का स्वाद इतना प्रगाढ़ है कि मौत चौबीस घंटे खड़ी है, फिर भी हमें दिखाई नहीं पड़ती है और हम अंधे होकर कुछ भी डकारते रहते हैं। *सदैव प्रसन्न रहिये।* *जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*shree ganesha namah ji🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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*💐ध्यान में मौत का उत्सव.💐* एक साधु जीवनभर इतना प्रसन्न था कि लोग हैरान थे। लोगों ने कभी उसे उदास नहीं देखा, कभी पीड़ित नहीं देखा। उसके शरीर छोड़ने का वक्त आया और उसने कहा कि अब मैं तीन दिन बाद मर जाऊंगा। यह मैं इसलिए बता रहा हूं कि जो आदमी जीवन भर हंसता था, उसकी मौत पर कोई रोए नहीं। जब मैं मर जाऊं, तो इस झोपड़े पर कोई उदासी न आए। यहां हमेशा आनंद था, यहां हमेशा खुशी थी। मेरी मौत को दुख मत बनाना, मेरी मौत को एक उत्सव बनाना। लोग बहुत दुखी हुए। वह तो अदभुत आदमी था। और जितना अदभुत आदमी हो, उतना उसके मरने का दुख घना था। उसको प्रेम करने वाले बहुत थे, वे सब तीन दिन से इकट्ठे होने शुरू हो गए। वह मरते वक्त तक लोगों को हंसा रहा था, अदभुत बातें कह रहा था और उनसे प्रेम की बातें कर रहा था। सुबह मरने के पहले उसने एक गीत गाया। गीत गाने के बाद उसने कहा, ‘स्मरण रहे, मेरे कपड़े मत उतारना। मेरी चिता पर मेरे पूरे शरीर को कपड़ों सहित चढ़ा देना । मुझे नहलाना मत।’ वह मर गया। उस की इच्छा थी इसलिए उसे कपड़े सहित चिता पर चढ़ा दिया। वह जब कपड़े सहित चिता पर रखा गया, लोग उदास खड़े थे, लेकिन देखकर हैरान हुए। उसने कपड़ों में फुलझड़ी और पटाखे छिपा रखे थे। वे चिता पर चढ़े और फुलझड़ी और पटाखे छूटने शुरू हो गए। चिता उत्सव बन गयी। लोग हंसने लगे और उन्होंने कहा, ‘जिसने जिंदगी में हंसाया, वह मौत में भी हमको हंसाकर गया है।’ जिंदगी को हंसना बनाना है। जिंदगी को एक खुशी और मौत को भी एक खुशी और जो आदमी ऐसा करने में सफल हो जाता है, उसे बड़ी धन्यता मिलती है और बड़ी कृतार्थता उपलब्ध होती है। जीवन और मृत्यु बिल्कुल पास पास हैं एक ही सिक्के के दो पहलू की तरह। जो क्रियाओं के अभ्यास से स्वांसों को पहचान कर मृत्यु को जान लेता है वह जीवन को भी जान लेता है और शांति का अनुभव कर लेता है। और हृदय में बैठे परमानंद की प्राप्ति करके सत्-चित्-आनंद का भी अनुभव कर लेता है और अपना मनुष्य जीवन सफल बना लेता है..!! चंचलता ईश्वर में है, स्थिरता आप में होनी चाहिए । 👉 *आज से हम* अपने मन को और दिल को खूबसूरत बनाएँ...

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सादर सुप्रभात 🙏🙏 *अपने अंदर झांकिए* *जीवन के कितने ही बरस यूं ही गुजर गए, नया साल भी आया और गया। आप अपनी स्थिति को देखिए और कमी पूरी कीजिए।* *साधना करते-करते आप के अंदर प्रेम पैदा हुआ है या नहीं, और हुआ है तो कैसा है? कहीं प्रेम के स्थान पर मोह तो नहीं बढ़ रहा है?* *आपको अपने बच्चों और दूसरों के बच्चों में विशेष अन्तर तो नहीं दिखाई दे रहा है? यदि सभी अपने जैसे लगते हैं तो समझो कुछ प्रेम का संचार हो रहा है।* *सेवा करने के बजाय सेवा लेने का रोग तो पैदा नहीं हो गया है? इस रोग की रोकथाम अच्छी तरह कर रहे हैं या नहीं?* *कहीं और किसी तरफ से अभिमान तो सिर नहीं निकाल रहा है? आप उस पर पूरी निगरानी किए हैं या नहीं क्योंकि वह बहुत छिप कर आता है।* *यह दूसरी बात है कि आपके अंदर कुछ अच्छे गुण हो, पर कहीं उन्हें दूसरों को दिखाने का प्रयत्न तो नहीं हो रहा है। यदि ऐसा है तो इससे बचने का प्रयत्न करो, 'दर्प' इसी को कहते हैं।* *जो बात आपमें नहीं है उसे दूसरों के सामने झूठ-मुठ दिखाने का नाटक तो नहीं कर रहे हैं? इसे 'दंभ' कहते हैं जो बहुत बड़ा दोष है।* *परम भागवत परम संत पंडित मिहीलाल जी* *प्रवचन पराग*

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✨✨ *रात्रि कहानी* ✨✨ 🔥🌺🔥🌺🔥🌺🔥🌺🔥 🤔 *जीवन में परेशानीयां तो लगे ही रहेंगे* 😊 🔷 एक व्यक्ति था. उसके पास नौकरी, घर-परिवार, रुपया-पैसा, रिश्तेदार और बच्चे सभी कुछ था। कहने का सार यह है उस व्यक्ति के पास किसी चीज़ की कोई कमी नही थी। अब जीवन है तो कुछ परेशानियां भी थी उसके जीवन में, जिससे हर पल वह जूझता ही रहता था। वह किसी भी तरह अपनी परेशानियों से मुक्ति चाहता था, कि जीवन में सुख-शांति से रह सके। 🔶 एक बार किसी ने उसे बताया की नगर सीमा पर कोई बहुत बड़े संत ठहरे हुए है, जिनके पास हर समस्या और प्रश्न का हल है। इतना सुनते ही वह व्यक्ति भागा-भागा संत की कुटिया में पहुँचा. वहाँ भीड़ बहुत होने के कारण उसकी बारी आते-आते रात हो गई। उसने संत से पूछा, बाबा, मेरे जीवन की परेशानियां कैसे ख़त्म होगी? मैं भी सुख-शांति से जीवन जीना चाहता हूँ। 🔷 संत ने कहा, ”इसका उत्तर मैं कल सुबह दूंगा। तब तक तुम एक काम करो. मेरे साथ जो ऊँटों का रखवाला आया था वो बीमार हो गया। तुम आज की रात ऊँटों की देखभाल का जिम्मा ले लो. जब यह सभी ऊँट सो जायें, तब तुम भी सो लेना। 🔶 सुबह वह व्यक्ति संत के पास पहुँचा और कहने लगा, मैं तो रात भर जगा रहा, सो ही नही पाया. कभी कोई ऊँट खड़ा हो जाता है तो कभी कोई. एक को बिठाने का प्रयास करता हूँ तो दूसरा खड़ा हो जाता है। कई ऊँट तो बैठना ही नही चाहते तो कई ऊँट थोड़ी देर में अपने आप बैठ जाते है। कुछ ऊँटों ने तो बैठने में बहुत ही समय लिया। मैं तो सारी रात भाग-दौड़ ही करता रहा। 🔷 संत ने मुस्कुराहट के साथ कहा, यही तुम्हारे कल के प्रश्नों का उत्तर है. कल पूरी रात का घटनाक्रम तुम्हारा जीवन है। अगर ऊँटों को परेशानियां मान ली जायें, तो समझना आसान होगा कि जीवन में कभी भी किसी भी क्षण सारी परेशानियां ख़त्म नही हो सकती। कुछ ना कुछ हमेशा लगा ही रहेगा. लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नही है कि हम जीवन का आनंद ही ना ले। हमें समस्याओं के बीच रहते हुए भी सुख के पल खोजने होंगे। 🔶 संत ने आगे कहा, अगर तुम्हारें जीवन में समस्याओं का ताँता लगा हुआ है तो उन्हें सुलझाने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन हर पल उनके पीछे ही नही भागना चाहिए. ऊँटों के व्यवहार से तुम जान गये होंगे कि कुछ समस्याएं कोशिशों से ख़त्म हो जाती है, तो कुछ अपने आप सुलझ जाती है, कुछ पे कोई असर नही होगा और कुछ समय के साथ धीरे-धीरे सुलझ जाएंगी। 🔷 लेकिन इस बीच कुछ नई समस्याएं भी जन्म लेगी, जिनका सामना भी ऐसे ही करना पड़ेगा और इस तरह जीवन चलता ही रहेगा। अब यह तुम पर निर्भर करता है कि तुम इस बीच जीवन में आनंद लेते हो या समस्याओं के पीछे हैरान-परेशान व दुखी होकर भागते रहते हो। 🔥🌺🔥🌺🔥🌺🔥🌺🔥 *नित याद करो मन से शिव को* ☝🏻💥 💎💎💎💎💎💎💎💎💎

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mohan Feb 24, 2021

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ramkumarverma Feb 24, 2021

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