जय श्री कृष्ण

जय श्री कृष्ण

साधु ने कैसे देखा गीता का उपदेश देते हुए भगवान श्री कृष्ण को?
स्वामी रामकृष्ण परमहंस के साथ एक शिष्य गंगा किनारे टहल रहे थे। उस शिष्य ने परमहंस से भगवत गीता के दर्शन और योग मार्ग पर चर्चा छेड़ी। स्वभाविक ही चर्चा गीता के ज्ञान पर केंद्रित थी। यह भी कि भगवान की वाणी और अर्जुन जैसे शिष्य की उपस्थिति में इस उपदेश का क्या महत्व है? परमहंस उस शिष्य के गहन विचारों पर हां...हूं... करते जा रहे थे।



अचानक उन्होंने घाट की पेड़ियों पर बैठे एक साधु की ओर इशारा किया। वह साधु अपने सामने श्रीकृष्ण का एक चित्र सजाए हुए था। और सामने कोई पुस्तक रखी हुई थी। शायद वह गीता की प्रति ही थी। साधु उस पुस्तक को लेकर श्रीकृष्ण के चित्र को एकटक देखता जा रहा था। और उसकी आंखों से अश्रुधार बह रही थी। परमहंस ने पूछा, बाबा यह क्या कर रहे हो। आंखों में आंसू क्यों भर आए?



उस साधु ने कहा, गीता का श्रवण कर रहा हूं। सुनते ही परमहंस के साथ आए शिष्य ने कहा, पर यहां तो पढ़ने वाला कोई नहीं है बाबा। आप किसको सुन रहे हैं? साधु चुप रहा और आनंद-अश्रु बहाता हुआ उस चित्र की ओर ही देखता रहा। परमहंस ने उस शिष्य की ओर इशारा किया, जैसे कह रहे हों कि उसी बात को दोबारा कहें।

उस शिष्य ने साधु से फिर पूछा। इस बार साधु ने कहा, बोलो मत, देखो। यह सामने अर्जुन युद्ध के मैदान में सब हथियार फेंककर खड़े हैं। भगवान उन्हें गीता का उपदेश दे रहे हैं। तुम्हें दिख नहीं रहा क्या?

वह शिष्य चकित रह गया। परमहंस की ओर देखने लगा। तब उन्होंने कहा, गीता का वास्तविक पाठ और श्रवण तो यहां हो रहा है। तुम कितनी ही पोथियां पढ़ लो, उससे क्या। मुख्य बात गीता में इतना डूब जाना है कि उस समय के सारे दृश्य साकार हो उठें।

+245 प्रतिक्रिया 16 कॉमेंट्स • 150 शेयर

कामेंट्स

Ravi pandey Nov 6, 2017
Om namo narayan jai shree Krishna radhe Radhe

Rajen Ravidas Nov 6, 2017
राधे कृष्णा राधे कृष्णा

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB