Dhiraj Jaiswal
Dhiraj Jaiswal Dec 21, 2016

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Vandana Singh Apr 4, 2020

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Jay Lalwani Apr 4, 2020

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Pushap Lata Apr 4, 2020

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R K Rathour Apr 4, 2020

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pooja kumari Apr 4, 2020

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🙏OP JAIN🙏 Apr 4, 2020

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☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ *अंतरमन में संघर्ष *और फिर भी *मुस्कुराता हुआ चेहरा , *यही जीवन का श्रेष्ठ अभिनय है…. 🌹🙏🐚*ओम् नमो भगवते वासुदेवाय नमः*🐚🙏🌹 🙏🌹🚩*जय वीर बजरंग बली की*🚩🌹🙏 🌹🙏🌹*जय श्री शनिदेव की*🌹🙏🌹 🙏🌹🙏*शुभ प्रभात् नमन*🙏🌹🙏 *आप सभी भाई-बहनों का हर पल शुभ व मंगलमय हो ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ *श्री राधे" नाम अनंत हैं "श्री राधे" नाम अनमोल... जीवन सफल हो जायेगा बन्दे, जय श्री राधे राधे बोल...| *जय जय श्री राधेकृष्णा* 🙏🏼🌷🙏🏻 *आप सभी भाई-बहनों को कामदा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं*🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 *सांसारिक कामनाओं की पूर्ति करता है कामदा एकादशी का व्रत: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। सभी सांसारिक कामनाओं की पूर्ति हेतु कामदा एकादशी का व्रत किया जाता है। कामदा एकादशी को फलदा एकादशी भी कहा जाता है। कामदा एकादशी वर्ष भर में आने वाली सभी एकादशियों में सबसे खास है। *नवसंवस्तर में आने के कारण खास है कामदा एकादशी। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति कामदा एकादशी का उपवास करता है उसे प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है। साथ ही कामदा एकादशी को भलीभांति करने से वाजपेयी यज्ञ के समान फल मिलता है।कहा गया है कि ‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करनेवाली है। इसके पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। *कामदा एकादशी से जुड़ी कथा*..... *एक राजा युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से कामदा एकादशी के बारे में जानने की इच्छा व्यक्त की। तब राजा की बात सुनकर श्रीकृष्ण ने उन्हें विधिवत कथा सुनायी। प्राचीन काल में एक नगर था उसका नाम रत्नपुर था। वहां के राजा बहुत प्रतापी और दयालु थे जो पुण्डरीक के नाम से जाने जाते थे। पुण्डरीक के राज्य में कई अप्सराएं और गंधर्व निवास करते थे। इन्हीं गंधर्वों में एक जोड़ा ललित और ललिता का भी था। ललित तथा ललिता में अपार स्नेह था। एक बार राजा पुण्डरीक की सभा में नृत्य का आयोजन किया गया जिसमें अप्सराएं नृत्य कर रही थीं और गंधर्व गीत गा रहे थे। उन्हीं गंधर्वों में ललित भी था जो अपनी कला का प्रदर्शन कर रहा था। गाना गाते समय वह अपनी पत्नी को याद करने लगा जिससे उसका एक पद खराब गया। कर्कट नाम का नाग भी उस समय सभा में ही बैठा था। उसने ललित की इस गलती को पकड़ लिया और राजा पुण्डरीक को बता दिया। कर्कट की शिकायत पर राजा ललित पर बहुत क्रुद्ध हुए और उन्होंने उसे राक्षस बनने का श्राप दे दिया। राक्षस बनकर ललित जंगल में घूमने लगा। इस पर ललिता बहुत दुखी हुयी और वह ललित के पीछ जंगलों में विचरण करने लगी। जंगल में भटकते हुए ललिता श्रृंगी ऋषि के आश्रम में पहुंची। तब ऋषि ने उससे पूछा तुम इस वीरान जंगल में क्यों परेशान हो रही हो। इस पर ललिता ने अपने अपनी व्यथा सुनायी। श्रृंगी ऋषि ने उसे कामदा एकादशी का व्रत करने को कहा। कामदा एकादशी के व्रत से ललिता का पति ललित वापस गंधर्व रूप में आ गया। इस तरह दोनों पति-पत्नी स्वर्ग लोक जाकर वहां खुशी-खुशी रहने लगे। *कामदा एकादशी का शुभ मुहूर्त  चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 03 अप्रैल को रात्रि 12 बजकर 58 मिनट पर हो रहा है तथा एकादशी की समाप्ति 04 अप्रैल को रात्रि 10 बजकर 30 मिनट पर होगा। तत्पश्चात द्वादशी ति​थि का प्रारंभ हो जाएगा। *कामदा एकादशी का महत्‍व हिन्‍दू धर्म में कामदा एकादशी का विशेष महत्‍व है. कहते हैं कि इस व्रत को करने से राक्षस योनि से तो छुटकारा मिलता ही है साथ ही व्‍यक्ति को सभी संकटों और पापों से मुक्ति मिल जाती है. यही नहीं यह एकादशी सर्वकार्य सिद्धि और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती है. मान्‍यता है कि सुहागिन महिलाएं अगर इस एकादशी का व्रत रखें तो उन्‍हें अखंड सौभाग्‍य का वरदान मिलता है. कुंवारी कन्‍याओं की विवाह में आ रही बाधा दूर होती है. घर में अगर उपद्रव और कलेश है तो वो भी इस एकादशी के व्रतं के प्रभाव से दूर हो जाता है. इस व्रत को करने से घर में सुख-संपन्नता और प्रसन्‍नता आती है. *हरिॐ नमो भगवते वासुदेवाय*🐚🌹🙏 ☘️💨🙏*जय श्री राम*🙏💨☘️ राम राम क्यों कहा जाता है?👌 क्या कभी सोचा है कि बहुत से लोग जब एक दूसरे से मिलते हैं तो आपस में एक दूसरे को दो बार ही “राम राम” क्यों बोलते हैं ? एक बार या तीन बार क्यों नही बोलते ? दो बार “राम राम” बोलने के पीछे बड़ा गूढ़ रहस्य है क्योंकि यह आदि काल से ही चला आ रहा है… हिन्दी की शब्दावली में ‘र’ सत्ताइसवां शब्द है, ‘आ’ की मात्रा दूसरा और ‘म’ पच्चीसवां शब्द है… अब तीनो अंको का योग करें तो 27 + 2 + 25 = 54, अर्थात एक “राम” का योग 54 हुआ- इसी प्रकार दो “राम राम” का कुल योग 108 होगा। हम जब कोई जाप करते हैं तो 108 मनके की माला गिनकर करते हैं। सिर्फ ‘राम राम’ कह देने से ही पूरी माला का जाप हो जाता है आप सभी भाई-बहनों को...........🌹🌹🌹🌹 🌹🚩🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🚩🌹 🙏*आप सभी भाई-बहन सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें*🙏 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️ . *मोदीजी की अपील*🙏 *सभी देशवासियों को 5 अप्रैल रविवार रात 9 बजे 9 मिनिट के लिए अपने घर की सभी लाइट बंद करनी है। और सभी अपने घर की बालकोनी या छत पर खड़े होकर एक दीपक या मोमबत्ती या टोर्च या मोबाइल की लाइट जलाए। ये हमारे देश की एकता को प्रदर्शित करेगा । तथा सभी को अहसास होगा कि इस मुसीबत की घड़ी में हम सब एक साथ है कोई अकेला नही है।🙏🙏🙏 🪔🇮🇳🪔🇮🇳🪔🇮🇳🪔 *भगवान के सामने दीपक रोज जलाते हैं* *एक बार पूरे देश के लिए दिया जलाये* 🪔🕯️🪔🕯️🪔🕯️🪔 *भारतीय एकता दिखाएं* *जय हिंद जय भारत* 🇮🇳🪔🇮🇳🪔🇮🇳🪔🇮🇳 🌹*बहुत ही सुंदर सुविचार*🌹 *लूडो खेलते खेलते एक सीख मिली आज........* *लूडो के खेल का एक नियम है कि जो गोटी घर में है उसे कोई नहीं मार सकता।* *आज हमारी ज़िंदगी में भी यही नियम लागू हो रहा है। कृपया घर पर ही सुरक्षित रहें।🙏* *"पूरे समुंद्र का पानी भी एक जहाज को नहीं डुबा सकता, जब तक पानी को जहाज अन्दर न आने दे।* *इसी तरह दुनिया का कोई भी नकारात्मक विचार आपको नीचे नहीं गिरा सकता, जब तक आप उसे अपने अंदर आने की अनुमति न दें।"* *#StayHomeIndia* *परिवार हो या संगठन* *सब में सफलता का राज है* *एक दूसरे के विचारों को* *सुनना और सम्मान देना...* *🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌹* *वजह छोटी* और.. *नुकसान बड़ा* उसका नाम है *क्रोध*.... !! *🌹🙏*बहुत ही ज़रूरी संदेश*🙏🌹* : 🙏🏻Pls बच्चो को बिल्कुल बाहर नही भेजें बड़े भी बाहर नहीं जायें, आज उस बेबी के नज़दीक भी कोई जा नहीं सकता है बहुत ध्यान रखें सब लोग🙏🏻 [********महामारी******* ---------------------------------- *एक बार एक राजा के राज्य में महामारी फैल गयी। चारों ओर लोग मरने लगे। राजा ने इसे रोकने के लिये बहुत सारे उपाय करवाये मगर कुछ असर न हुआ और लोग मरते रहे। दुखी राजा ईश्वर से प्रार्थना करने लगा। तभी अचानक आकाशवाणी हुई। आसमान से आवाज़ आयी कि हे राजा तुम्हारी राजधानी के बीचो-बीच जो पुराना सूखा कुंआ है अगर अमावस्या की रात को राज्य के प्रत्येक घर से एक – एक बाल्टी दूध उस कुएं में डाला जाये तो अगली ही सुबह ये महामारी समाप्त हो जायेगी और लोगों का मरना बन्द हो जायेगा। *राजा ने तुरन्त ही पूरे राज्य में यह घोषणा करवा दी कि महामारी से बचने के लिए अमावस्या की रात को हर घर से कुएं में एक-एक बाल्टी दूध डाला जाना अनिवार्य है! *अमावस्या की रात जब लोगों को कुएं में दूध डालना था उसी रात राज्य में रहने वाली एक चालाक एवं कंजूस बुढ़िया ने सोंचा कि सारे लोग तो कुंए में दूध डालेंगे अगर मै अकेली एक बाल्टी "पानी" डाल दूं तो किसी को क्या पता चलेगा। इसी विचार से उस कंजूस बुढ़िया ने रात में चुपचाप एक बाल्टी पानी कुंए में डाल दिया। अगले दिन जब सुबह हुई तो लोग वैसे ही मर रहे थे। कुछ भी नहीं बदला था क्योंकि महामारी समाप्त नहीं हुयी थी। राजा ने जब कुंए के पास जाकर इसका कारण जानना चाहा तो *उसने देखा कि सारा कुंआ पानी से भरा हुआ है। *दूध की एक बूंद भी वहां नहीं थी। *राजा समझ गया कि इसी कारण से महामारी दूर नहीं हुई और लोग अभी भी मर रहे हैं। *दरअसल ऐसा इसलिये हुआ कि जो विचार उस बुढ़िया के मन में आया था वही विचार पूरे राज्य के लोगों के मन में आ गया और किसी ने भी कुंए में दूध नहीं डाला। मित्रों , जैसा इस कहानी में हुआ वैसा ही हमारे जीवन में भी होता है। *जब भी कोई ऐसा काम आता है जिसे बहुत सारे लोगों को मिल कर करना होता है तो अक्सर हम अपनी जिम्मेदारियों से यह सोच कर पीछे हट जाते हैं कि कोई न कोई तो कर ही देगा और हमारी इसी सोच की वजह से स्थितियां वैसी की वैसी बनी रहती हैं। अगर हम दूसरों की परवाह किये बिना अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने लग जायें तो पूरे देश में भी ऐसा बदलाव ला सकते हैं जिसकी आज ज़रूरत है।.........✍️ ☘️💨🙏जय श्री राम जय हनुमान जय श्री शनिदेव🙏💨☘️ *हित चाहने वाला पराया भी अपना है* *और अहित करने वाला अपना भी पराया है* *रोग अपनी देह में पैदा होकर भी हानि पहुंचाता है* *और..... *औषधि वन में पैदा होकर भी हमारा लाभ ही करती है।* 🍃🌹🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌹🍃 ☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️💨☘️

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