Subhash Singh
Subhash Singh May 9, 2020

🙏🌹 जय बजरंगबली जय श्री राम सुप्रभात वंदन🌹🙏

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कामेंट्स

Subhash Singh May 9, 2020
@सिम्मीसोनी 🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जय शनि देव ओम शं शनैश्चराय नमः जय श्री कृष्णा राधे राधे जय श्री राम जय हनुमान श्री राम जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹🙏🌹

Subhash Singh May 9, 2020
@sonupathk 🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जय शनि देव ओम शं शनैश्चराय नमः जय श्री कृष्णा राधे राधे जय श्री राम जय हनुमान श्री राम जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹🙏🌹

Subhash Singh May 9, 2020
@ramswaroopchaurasia 🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जय शनि देव ओम शं शनैश्चराय नमः जय श्री कृष्णा राधे राधे जय श्री राम जय हनुमान श्री राम जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹🙏🌹

Subhash Singh May 9, 2020
@हरेकृष्णा 🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जय शनि देव ओम शं शनैश्चराय नमः जय श्री कृष्णा राधे राधे जय श्री राम जय हनुमान श्री राम जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹🙏🌹

Subhash Singh May 9, 2020
@brajeshsharma1 🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जय शनि देव ओम शं शनैश्चराय नमः जय श्री कृष्णा राधे राधे जय श्री राम जय हनुमान श्री राम जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹🙏🌹

Subhash Singh May 9, 2020
@seemasoni7 🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जय शनि देव ओम शं शनैश्चराय नमः जय श्री कृष्णा राधे राधे जय श्री राम जय हनुमान श्री राम जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹🙏🌹

Brajesh Sharma May 9, 2020
आज शनिवार है, आज हम आपको बतायेगें कि,शनिदेव - कैसे हुआ जन्म और कैसे टेढ़ी हुई नजर?????? अक्सर शनि का नाम सुनते ही शामत नजर आने लगती है, सहमने लग जाते हैं, शनि के प्रकोप का खौफ खा जाते हैं। कुल मिलाकर शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है लेकिन असल में ऐसा है नहीं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि न्यायधीश या कहें दंडाधिकारी की भूमिका का निर्वहन करते हैं। वह अच्छे का परिणाम अच्छा और बूरे का बूरा देने वाले ग्रह हैं। अगर कोई शनिदेव के कोप का शिकार है तो रूठे हुए शनिदेव को मनाया भी जा सकता है। शनि जयंती का दिन तो इस काम के लिये सबसे उचित माना जाता है। आइये जानते हैं शनिदेव के बारे में, क्या है इनके जन्म की कहानी और क्यों रहते हैं शनिदेव नाराज। शनिदेव जन्मकथा?????? शनिदेव के जन्म के बारे में स्कंदपुराण के काशीखंड में जो कथा मिलती वह कुछ इस प्रकार है। राजा दक्ष की कन्या संज्ञा का विवाह सूर्यदेवता के साथ हुआ। सूर्यदेवता का तेज बहुत अधिक था जिसे लेकर संज्ञा परेशान रहती थी। वह सोचा करती कि किसी तरह तपादि से सूर्यदेव की अग्नि को कम करना होगा। जैसे तैसे दिन बीतते गये संज्ञा के गर्भ से वैवस्वत मनु, यमराज और यमुना तीन संतानों ने जन्म लिया। संज्ञा अब भी सूर्यदेव के तेज से घबराती थी फिर एक दिन उन्होंने निर्णय लिया कि वे तपस्या कर सूर्यदेव के तेज को कम करेंगी लेकिन बच्चों के पालन और सूर्यदेव को इसकी भनक न लगे इसके लिये उन्होंने एक युक्ति निकाली उन्होंने अपने तप से अपनी हमशक्ल को पैदा किया जिसका नाम संवर्णा रखा। संज्ञा ने बच्चों और सूर्यदेव की जिम्मेदारी अपनी छाया संवर्णा को दी और कहा कि अब से मेरी जगह तुम सूर्यदेव की सेवा और बच्चों का पालन करते हुए नारीधर्म का पालन करोगी लेकिन यह राज सिर्फ मेरे और तुम्हारे बीच ही बना रहना चाहिये। अब संज्ञा वहां से चलकर पिता के घर पंहुची और अपनी परेशानी बताई तो पिता ने डांट फटकार लगाते हुए वापस भेज दिया लेकिन संज्ञा वापस न जाकर वन में चली गई और घोड़ी का रूप धारण कर तपस्या में लीन हो गई। उधर सूर्यदेव को जरा भी आभास नहीं हुआ कि उनके साथ रहने वाली संज्ञा नहीं सुवर्णा है। संवर्णा अपने धर्म का पालन करती रही उसे छाया रूप होने के कारण उन्हें सूर्यदेव के तेज से भी कोई परेशानी नहीं हुई। सूर्यदेव और संवर्णा के मिलन से भी मनु, शनिदेव और भद्रा (तपती) तीन संतानों ने जन्म लिया। एक अन्य कथा के अनुसार शनिदेव का जन्म महर्षि कश्यप के अभिभावकत्व में कश्यप यज्ञ से हुआ। छाया शिव की भक्तिन थी। जब शनिदेव छाया के गर्भ में थे तो छाया ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कि वे खाने-पीने की सुध तक उन्हें न रही। भूख-प्यास, धूप-गर्मी सहने के कारण उसका प्रभाव छाया के गर्भ मे पल रही संतान यानि शनि पर भी पड़ा और उनका रंग काला हो गया। जब शनिदेव का जन्म हुआ तो रंग को देखकर सूर्यदेव ने छाया पर संदेह किया और उन्हें अपमानित करते हुए कह दिया कि यह मेरा पुत्र नहीं हो सकता। मां के तप की शक्ति शनिदेव में भी आ गई थी उन्होंने क्रोधित होकर अपने पिता सूर्यदेव को देखा तो सूर्यदेव बिल्कुल काले हो गये, उनके घोड़ों की चाल रूक गयी। परेशान होकर सूर्यदेव को भगवान शिव की शरण लेनी पड़ी इसके बाद भगवान शिव ने सूर्यदेव को उनकी गलती का अहसास करवाया। सूर्यदेव अपने किये का पश्चाताप करने लगे और अपनी गलती के लिये क्षमा याचना कि इस पर उन्हें फिर से अपना असली रूप वापस मिला। लेकिन पिता पुत्र का संबंध जो एक बार खराब हुआ फिर न सुधरा आज भी शनिदेव को अपने पिता सूर्य का विद्रोही माना जाता है। क्यों है शनिदेव की दृष्टि टेढ़ी????? शनिदेव के गुस्से की एक वजह उपरोक्त कथा में सामने आयी कि माता के अपमान के कारण शनिदेव क्रोधित हुए लेकिन वहीं ब्रह्म पुराण इसकी कुछ और ही कहानी बताता है। ब्रह्मपुराण के अनुसार शनिदेव भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त थे। जब शनिदेव जवान हुए तो चित्ररथ की कन्या से इनका विवाह हुआ। शनिदेव की पत्नी सती, साध्वी और परम तेजस्विनी थी लेकिन शनिदेव भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में इतना लीन रहते कि अपनी पत्नी को उन्होंनें जैसे भुला ही दिया। एक रात ऋतु स्नान कर संतान प्राप्ति की इच्छा लिये वह शनि के पास आयी लेकिन शनि देव हमेशा कि तरह भक्ति में लीन थे। वे प्रतीक्षा कर-कर के थक गई और उनका ऋतुकाल निष्फल हो गया। आवेश में आकर उन्होंने शनि देव को शाप दे दिया कि जिस पर भी उनकी नजर पड़ेगी वह नष्ट हो जायेगा। ध्यान टूटने पर शनिदेव ने पत्नी को मनाने की कोशिश की उन्हें भी अपनी गलती का अहसास हुआ लेकिन तीर कमान से छूट चुका था जो वापस नहीं आ सकता था अपने श्राप के प्रतिकार की ताकत उनमें नहीं थी। इसलिये शनि देवता अपना सिर नीचा करके रहने लगे। शनि देव से जुड़ी महत्त्वपूर्ण बातें!!!! शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। शनि देव का वाहन गिद्ध, कुत्ता, भैंस आदि हैं। शनिवार को तेल, काले तिल, काले कपड़े आदि दान करने से शनि देव प्रसन्न रहते हैं। मान्यता है कि शनि देव की अपने पिता सूर्यदेव से अच्छे रिश्ते नहीं हैं। एक कथानुसार हनुमान जी ने शनि देव को रावण की कैद से मुक्त कराया था। तभी से हनुमान जी की आराधना करने वाले जातकों को शनि देव नहीं सताते। शनि देव की गति मंद यानि बेहद धीमी है। इसी कारण एक राशि में वह करीब साढ़ेसात साल तक रहते हैं।

Subhash Singh May 9, 2020
@brajeshsharma1 🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जय शनि देव ओम शं शनैश्चराय नमः जय श्री कृष्णा राधे राधे जय श्री राम जय हनुमान श्री राम जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹🙏🌹

Subhash Singh May 9, 2020
🙏🌹 शुभ संध्या वंदन जय शनि देव ओम शं शनैश्चराय नमः जय श्री कृष्णा राधे राधे जय श्री राम जय हनुमान श्री राम जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🌹🙏🌹

Preeti jain May 9, 2020
🍃🍃🙏🙏🌹🙋🏼‍♀️ जय श्री कृष्णा राधे राधे जी भेजते रहिए अपनेपन के रंग एक दूसरे तक जी मुलाकात चाहे जब भी हो 🍂🌼🌼🥀🥀👌👌👈🍁🍃🙏🌹🙏 अपनेपन का एहसास है तो रोज महसूस होता रहे जय श्री कृष्णा राधे राधे शुभ रात्रि वंदन आप सभी का आने वाला कल मंगलमय हो जी🥀🥀🥀🍂🍂🍃🍃🌹🙏🙏

Preeti jain May 9, 2020
jai shree krishna bhaiya ji 🙏🌹 god bless you good night ji 🍒🙏

Mamta Chauhan May 9, 2020
Ram eam ji 🙏shubh ratri vabdan bhai ji prabhu ram jinki kripa sda aap or aapke priwar pr bni rhe bhai ji 🌷🙏🌷🙏

Anjana Gupta May 9, 2020
राम राम भाई जी आप और आप के परिवार पर राम जी की कृपा सदैव बनी रहे आप का हर पल खुशियों भरा हो शुभ रात्रि वंदन भाई जी 🙏🌹

Subhash Singh May 10, 2020
@preetijain1 🙏🌹 सुप्रभात वंदन जय श्री कृष्णा राधे-राधे ओम सूर्य देवाय नमः सूर्य देव की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे 🌹🙏

Subhash Singh May 10, 2020
@mamtachauhan3 🙏🌹 सुप्रभात वंदन बहन जी जय श्री कृष्णा राधे-राधे ओम सूर्य देवाय नमः सूर्य देव की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे 🌹🙏

Subhash Singh May 10, 2020
@anjanagupta4 🙏🌹 सुप्रभात वंदन बहना जी जय श्री कृष्णा राधे-राधे ओम सूर्य देवाय नमः सूर्य देव की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे 🌹🙏

Subhash Singh May 10, 2020
@sanjayawasthi7 🙏🌹 सुप्रभात वंदन जय श्री कृष्णा राधे-राधे ओम सूर्य देवाय नमः सूर्य देव की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे 🌹🙏

LALAN KUMAR May 9, 2020

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Dr. SEEMA SONI May 9, 2020

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Mamta Chauhan May 9, 2020

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Radha Sharma May 9, 2020

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