Sandeep Kumar
Sandeep Kumar Mar 29, 2020

जय श्री सिया राम जी की

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sanjay mishra Mar 29, 2020
sita ram sita ram... 2 khiye ......jahi vidhi rakhe ram tahi vidhi rahiye...

Sanju Gupta May 31, 2020

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[email protected] May 31, 2020

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Nishi Ahuja May 31, 2020

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Sapna Patel May 31, 2020

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pooransingh22 May 31, 2020

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[*असली शिक्षा* 🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆 🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚🐚 ----------- एक बड़ी सी गाड़ी आकर बाजार में रूकी, कार में ही मोबाईल से बातें करते हुयें, महिला ने अपनी बच्ची से कहा, जा उस बुढिया से पूछ सब्जी कैंसे दी, बच्ची कार से उतरतें ही, अरें बुढिया यें सब्जी कैंसे दी? 40 रूपयें किलों, बेबी जी..... सब्जी लेते ही, उस बच्ची ने सौ रूपयें का नोट उस सब्जी वाली को फेंक कर दिया, और आकर कार पर बैठ गयी, कार जाने लगी तभी अचानक किसी ने कार के सीसे पर दस्तक दी, एक छोटी सी बच्ची जो हाथ में 60 रूपयें कार में बैठी उस औरत को देते हुये, बोलती हैं आंटी जी यें आपके सब्जी के बचें 60 रूपयें हैं, आपकी बेटी भूल आयी हैं, कार में बैठी औरत ने कहा तुम रख लों, उस बच्ची बड़ी ही मिठी और सभ्यता से कहा, नही आंटी जी हमारें जितने पैंसे बनते थें हमने ले लियें हमें, हम इसे नही रख सकतें, मैं आपकी आभारी हूं, आप हमारी दुकान पर आए, आशा करती हूं, की सब्जी आपको अच्छी लगें, जिससे आप हमारें ही दुकान पर हमेशा आए, उस लड़की ने हाथ जोड़े और अपनी दुकान लौट गयी....... कार में बैठी महिला उस लड़की से बहुत प्रभावित हुई और कार से उतर कर फिर सब्जी की दुकान पर जाने लगी, जैसें ही वहाँ पास गयी, सब्जी वाली अपनी बच्ची को पूछते हुयें, तुमने तमीज से बात की ना, कोई शिकायत का मौका तो नही दिया ना?? बच्ची ने कहा, हाँ माँ मुजे आपकी सिखाई हर बात याद हैं, कभी किसी बड़े का अपमान मत करो, उनसे सभ्यता से बात करो, उनकी कद्र करो, क्यूकि बड़े_बुजर्ग बड़े ही होते हैं, मुजे आपकी सारी बात याद हैं, और मैं सदैव इन बातों का स्मरण रखूगी, बच्ची ने फिर कहा, अच्छा माँ अब मैं स्कूल चलती हूं, शाम में स्कूल से छुट्टी होते ही, दुकान पर आ जाऊंगी....... कार वाली महिला शर्म से पानी पानी थी, क्यूकि एक सब्जी वाली अपनी बेटी को, इंसानियत और बड़ों से बात करने शिष्टाचार करने का पाठ सीखा रही थी और वो अपने अपनी बेटी को छोटा_बड़ा ऊंच_नीच का मन में बीज बो रही थी.....!! "गौर करना दोस्त, सबसे अच्छा तो वो कहलाता हैं, जो आसमान पर भी रहता हैं, और जमींन से भी जुड़ा रहता है। "बस इंसानियत, भाईचारें, सभ्यता, आचरण, वाणी में मिठास, सब की इज्जत करने की सीख दीजिए अपने बच्चों को, क्यूकि अब बस यहीं पढ़ाई हैं जो आने वाले समय में बहुत ही जादा ही मुश्किल होगी, इसे पढ़ने इसे याद रखने इसे ग्रहण करने में, और जीवन को उपयोगी बनानें में..

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Uendra Parmar May 31, 2020

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Sanju Gupta May 31, 2020

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manoj jain May 31, 2020

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