Shyam Sharma
Shyam Sharma Aug 14, 2017

भूतों ने आधी रात में बनाया था गोविन्द देव मंदिर

भूतों ने आधी रात में बनाया था गोविन्द देव मंदिर
भूतों ने आधी रात में बनाया था गोविन्द देव मंदिर

#कृष्णजन्माष्टमी
इस #मंदिर का नाम है गोविन्द देव मंदिर। इसे भूतों का मंदिर भी कहा जाता है। कहा जाता है कि मंदिर को भूतों ने आधी रात में बनाया था।  जब वे बना रहे थे, तभी सुबह होते ही किसी महिला ने चाकी चला दी। उसी की आवाज़ से भूत भाग गए। इस मंदिर की 7 मंजिल हुआ करती थीं। औरंगजेब ने तीन मंजिल तुड़वा दीं
1590 में राजा मान सिंह ने बनवाया
गोविन्द देव जी का मंदिर 1590 से 1647 के बीच में बना है। मंदिर के शिला लेखों से यह जानकारी पूरी तरह सुनिश्चित हो जाती है रूप एवं सनातन नाम के दो गुरुओं की देखरेख में मंदिर के निर्माण होने का उल्लेख भी मिलता है। यह मन्दिर भारत के मन्दिरों में बड़ा शानदार है। मंदिर निर्माण में 5 से 10 वर्ष लगे। लगभग एक करोड़ रुपये ख़र्च हुए।
वृंदावन से दिल्ली तक प्रकाश, इसी कारण तुड़वाया
मंदिर की भव्यता का अनुमान इस उद्धरण से लगाया जा सकता है औरंगज़ेब ने शाम को टहलते हुए दक्षिण पूर्व में दूर से दिखने वाली रोशनी के बारे जब पूछा तो पता चला कि यह चमक वृन्दावन के वैभवशाली मंदिर के ऊपर जलने वाले घी के दिए की थी, जो वृंदावन से दिल्ली तक प्रकाश किया करती थी। ये प्रकाश औरंगजेब को भाया नहीं। इसी से परेशान होकर औरंगजेब ने इस मंदिर पर हमला कर दिया और ऊपर की चार मंजिलों को तुड़वा दिया। मंदिर जितना तोड़ा जा सकता था, उतना तोड़ा गया अब इस मंदिर में तीन मंजिल हैं। ऊपर की मंजिल साफ़ टूटी हुई दिखाई देती है। इस मंदिर में भगवन कृष्ण का विग्रह विराजमान है।  । 
जयपुर में असली मूर्ति
मंदिर के पुजारी औरंगजेब के डर से गोविन्द देव भगवान की मूर्ति को लेकर जयपुर चले गए। मूर्ति को जयपुर के राजा द्वारा गोविन्द देव का मंदिर बनवाकर स्थापित किया, जो आज भी मौजूद है। अब इस मंदिर पर सरकार का आधिपत्य है। यह मंदिर जयपुर में जय निवास गार्डन में स्थित है। इस मंदिर में रखी गई मूर्ति पहले वृंदावन मंदिर में रखी  हुई थी इस मंदिर में हर साल हजारों भक्‍त दर्शन करने  आते हैं यह जयपुर के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है।

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