दधिमथीमाता आरती दर्शन🌹

नागौर जिले की जायल (Jayal) तहसील में जिला मुख्यालय से लगभग 40 की.मी. उत्तर-पूर्व में दधिमथीमाता (Dadhimati Mata) का प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर अवस्थित है। इस मंदिर के आस पास का प्रदेश प्राचीन काल में दधिमथी (दाहिमा) क्षेत्र कहलाता था। उस क्षेत्र से निकले हुए विभिन्न जातियों के लोग, यथा ब्राह्मण,राजपूत,जाट आदि दाहिमे ब्राह्मण, दाहिमे राजपूत, दाहीमे जाट कहलाये।

+140 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 9 शेयर

कामेंट्स

+118 प्रतिक्रिया 40 कॉमेंट्स • 163 शेयर
Santosh Hariharan Mar 6, 2021

+16 प्रतिक्रिया 2 कॉमेंट्स • 10 शेयर

🚩🌷🚩जय माता की🚩🌷🚩 🏵️🌺माँ जगतजननी जगदम्बा की जय🌺🏵️ सच्चे हृदय से की गई साधना कभी निष्फल नहीं होती। Sacchi hriday se ki gai Sadhna kabhi nishfal nahin Hoti. बहुत पुरानी बात है। हस्तिनापुर के जंगल में दो साधक अपनी नित्य साधना में लीन थे। उधर से एक देवर्षि का प्रकट होना हुआ। देवर्षि को देखते ही दोनों साधक बोल उठे – ‘ परमात्मन ! आप देवलोक जा रहे हैं क्या ? आप से प्रार्थना है कि लौटते समय प्रभु से पूछिए कि हमारी मुक्ति कब होगी। ‘ यह सुनकर देवर्षि वहां से चले गए। एक महीने के उपरांत देवर्षि वहां फिर प्रकट हुए। उन्होंने प्रथम साधक के पास जाकर प्रभु के संदेश को सुनाते हुए कहा – ‘ प्रभु ने कहा है कि तुम्हारी मुक्ति पचास वर्ष बाद होगी। ‘ यह सुनते ही वह साधक अवाक् रह गया। उसने विचार किया कि मैंने दस वर्ष तक निरंतर तपस्या की , कष्ट सहे , भूखा – प्यासा रहा , शरीर को क्षीण किया। फिर भी मुक्ति में पचास वर्ष ! मैं इतने दिन और नहीं रुक सकता। निराश हो , वह साधना को छोड़ अपने परिवार में वापस जा मिला। देवर्षि ने दूसरे साधक के पास जाकर कहा – ‘ प्रभु ने तुम्हारी मुक्ति के विषय में मुझे बताया है कि साठ वर्ष बाद होगी। ‘ साधक ने सुनकर बड़े संतोष की सांस ली। उसने सोचा , जन्म – मरण की परंपरा मुक्ति की एक सीमा तो हुई। मैंने एक दशाब्दि निरंतर तपस्या की। कष्ट सहे , शरीर को क्षीण किया। संतोष है कि वह निष्फल नहीं गया। इसके बाद वह और भी अधिक उत्साह से प्रभु के ध्यान में निमग्न हो गया। सच्चे हृदय से की गई साधना कभी निष्फल नहीं होती। इसे शेयर करे:

+130 प्रतिक्रिया 23 कॉमेंट्स • 128 शेयर
Gd Bansal Mar 5, 2021

+124 प्रतिक्रिया 60 कॉमेंट्स • 36 शेयर
Jai Mata Di Mar 5, 2021

+73 प्रतिक्रिया 15 कॉमेंट्स • 52 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB