jagdish singh
jagdish singh Jun 10, 2018

pakshiyon ka jhagda

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
mamta kushwah May 15, 2021

+36 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 11 शेयर
Manoj manu May 15, 2021

🚩🔔🏵जय श्री राम जी राधे राधे जी 🌿🏵🙏 🌹🌹ईश्वर कहाँ मिलेंगे आईये जानते हैं श्री राम चरित। मानस ज्ञान से ,बाबा श्री तुलसी दास जी :- 🌹🌹जाके हृदयँ भगति जसि प्रीती। प्रभु तहँ प्रगट सदा तेहिं रीती॥ 🌹🌹तेहिं समाज गिरिजा मैं रहेऊँ। अवसर पाइ बचन एक कहेउँ॥ भावार्थ:-जिसके हृदय में जैसी भक्ति और प्रीति होती है, प्रभु वहाँ (उसके लिए) सदा उसी रीति से प्रकट होते हैं। हे पार्वती! उस समाज में मैं भी था। अवसर पाकर मैंने एक बात कही-॥ 🌹🌹हरि ब्यापक सर्बत्र समाना। प्रेम तें प्रगट होहिं मैं जाना॥ 🌹🌹देस काल दिसि बिदिसिहु माहीं। कहहु सो कहाँ जहाँ प्रभु नाहीं॥ भावार्थ:-मैं तो यह जानता हूँ कि भगवान सब जगह समान रूप से व्यापक हैं, प्रेम से वे प्रकट हो जाते हैं, देश, काल, दिशा, विदिशा में बताओ, ऐसी जगह कहाँ है, जहाँ प्रभु न हों॥ 🌹🌹अग जगमय सब रहित बिरागी। प्रेम तें प्रभु प्रगटइ जिमि आगी॥ 🌹🌹मोर बचन सब के मन माना। साधु-साधु करि ब्रह्म बखाना॥ भावार्थ:-वे चराचरमय (चराचर में व्याप्त) होते हुए ही सबसे रहित हैं और विरक्त हैं (उनकी कहीं आसक्ति नहीं है), वे प्रेम से प्रकट होते हैं, जैसे अग्नि। (अग्नि अव्यक्त रूप से सर्वत्र व्याप्त है, परन्तु जहाँ उसके लिए अरणिमन्थनादि साधन किए जाते हैं, वहाँ वह प्रकट होती है। इसी प्रकार सर्वत्र व्याप्त भगवान भी प्रेम से प्रकट होते हैं।) मेरी बात सबको प्रिय लगी। ब्रह्माजी ने 'साधु-साधु' कहकर बड़ाई की॥ 🌺🌿प्रभु श्री राम जी सभी का सदा कल्याण करें सदा मंगल प्रदान करें जय श्री राम जी 🌿🌹🌿🌹🌿🙏

+39 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 1 शेयर
kanchan May 15, 2021

+4 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+53 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 1 शेयर
kanchan May 15, 2021

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
varsha gupta May 15, 2021

+4 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 0 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB