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कामेंट्स

Madhuben patel May 5, 2021
RADHEY RADHEY GOOD MORNING HAVE A GREAT DAY GOD BLESS YOU & YOUR FAMILY

Sanjay parashar May 5, 2021
Happy Wednesday 🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒🙏🏻🍒 Ganesh ji Maharaj Or maa Laxmi ki kripa Aap per Or aapke parivar per hamesha bani Rahe 🍁🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄 jai shiree Ram 🌻🌻 Jai Shri Krishna 💐💐 Radhe Radhe 🌻🌻 good morning my lovely sister 👌👋👋

Arvid bhai May 5, 2021
om shri ganesay nmh subh prbhat vandan radhe radhe nmskar ji

Bm. Nama May 5, 2021
aapke aur aapke Parivar per Ganesh Ji Maharaj ki sadaiv kripa Bani Rahe suprabhat Vandan🙏🙏🌹🌹🌹🌹🙏

RAJ RATHOD May 5, 2021
🌹🌹 सुप्रभात वंदन जी 🙏🙏🌺💐🌿🌹 🌹🌹 भगवान श्री गणेश जी की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे 🙏🙏🌺💐🌿🌹💐💐🌺🌿🌿🌹💐🌹🌹 🌹🌹 आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो 🌹🌹

न प May 5, 2021
🌷जयश्री राधे कृष्ण जी🌷 🌹🌹राधे राधे जी 🌹🌹 🍁आपका हर पल शुभ मंगलमय हो 🍁

⊰᯽⊱●🕉️●⊰᯽⊱ ••╌──┈⊰᯽⊱🌹⊰᯽⊱┈──╌•• 🌷(((( पिछले जन्म का कर्ज )))) . संसार चक्रवत् घूम रहा है, हमारे कर्म, कर्म फल बनकर कभी न कभी अवश्य भोगने पड़ते हैं । . ये कर्म व्यवस्था के नियम सब पर लागू होते हैं, हम पर भी और आप पर भी। अतः बुरे कर्म कभी न करें। . मथुरा की माँट तहसील के एक ग्राम में एक युवक गम्भीर रूप से बीमार पड़ा। उसकी पत्नी ने दिन रात एक कर अपने पति की सेवा की। . वृद्ध पिता ने यथाशक्ति सब जमा-पूंजी खर्चकर पुत्र का इलाज कराया; परंतु कोई लाभ न हुआ। युवक ठीक नहीं हुआ। . एक दिन पुत्र ने पिता को अपने पास बुलाकर कहा कि ‘पास के ग्राम में अमुक वैद्य जी से दवा ले आइये; दवा की कीमत साढ़े तीन रुपये होगी। उस दवा से मैं ठीक होऊँगा।’ . पिता पास के उस ग्राम में जाकर वैद्यजी से दवा ले आये थे। दवा खाकर युवक सो गया। . दो-तीन घण्टे के बाद पिता ने पुत्र को जगाकर उसका हाल जानना चाहा तो पुत्र पिता पर बिगड़ उठा और कहने लगा.. . ‘अब न मैं तुम्हारा पुत्र हूँ, न तुम मेरे पिता।’ पिछले जन्म में तुम एक डाकू थे और मेरी यह पत्नी पिछले जन्म में मेरी घोड़ी थी। . एक दिन मैं अपनी घोड़ी पर चढ़ा कहीं जा रहा था। रास्ते में तुमने मुझे लूट लिया था और मेरी हत्या कर दी थी। . पिछले जन्म का बदला मैंने इस जन्म में तुम्हारा बीमार पुत्र बनकर ले लिया है और तुम्हारी सारी कमाई खर्च करा दी है । . पिछले जन्म में मेरी घोड़ी ने मुझे संकट में डालकर तुम्हारे हवाले करा दिया था और... . जब तुमने पास ही खेत की मेंड़ पर घास की गठरी लिए बैठे हुए घसियारे को डरा-धमकाकर उसकी घास मेरी घोड़ी के आगे डलवा दी थी तो मेरे लाख प्रयास करने पर भी घोड़ी अड़कर खड़ी हो गयी थी; . तब तुम्हें मुझको लूटने और मेरी हत्या करने का मौका मिल गया। . इस जन्म में भी मैं इसे आज अकेला छोड़कर (विधवा बनाकर) ही जा रहा हूँ । उस घसियारे के साढ़े तीन रुपये का कर्जा भी तुमसे अदा करवा दिया है । . वह घसियारा ही इस जन्म में वैद्य है । मैं अब जा रहा हूँ ।’ और तभी युवक के प्राणपखेरू उड़ गये। . यह घटना हमें संकेत करती है कि जीवन में किये कर्मों का फल अवश्य भुगतना पड़ता है, इसलिए हमारा हमेशा यही प्रयास होना चाहिए कि हमारे किसी भी कार्य से किसी को कोई कष्ट न पहुंचे। . अवश्यमेव भोक्तव्यं कृते कर्म शुभाशुभम् । नाभुक्तं क्षीयते कर्म कल्पकोटिशतैरपि ॥ . नीति किए गए शुभ एवं अशुभ कर्मों का कभी क्षय नहीं होता है, उसे अवश्य ही भोगना पड़ता है । ~~~~~~~~~ ((((((( जय जय श्री राधे )))))))

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*🔹 आज का प्रेरक प्रसंग 🔹* *!! अंत का साथी !!* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ एक व्यक्ति के तीन साथी थे। उन्होंने जीवन भर उसका साथ निभाया। जब वह मरने लगा तो अपने मित्रों को पास बुलाकर बोला, “अब मेरा अंतिम समय आ गया है। तुम लोगों ने आजीवन मेरा साथ दिया है। मृत्यु के बाद भी क्या तुम लोग मेरा साथ दोगे?” पहला मित्र बोला, “मैंने जीवन भर तुम्हारा साथ निभाया। लेकिन अब मैं बेबस हूँ। अब मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता।” दूसरा मित्र बोला, ” मैं मृत्यु को नहीं रोक सकता। मैंने आजीवन तुम्हारा हर स्थिति में साथ दिया है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि मृत्यु के बाद तुम्हारा अंतिम संस्कार सही से हो। तीसरा मित्र बोला, “मित्र! तुम चिंता मत करो। में मृत्यु के बाद भी तुम्हारा साथ दूंगा। तुम जहां भी जाओगे, मैं तुम्हारे साथ रहूंगा।” मनुष्य के ये तीन मित्र हैं- माल (धन), इयाल (परिवार) और आमाल (कर्म)। तीनों में से मनुष्य के कर्म ही मृत्यु के बाद भी उसका साथ निभाते हैं। *शिक्षा :-* उपर्युक्त प्रसंग से हमें यह सीख मिलती हैं कि हमें अच्छे कर्म करने चाहिए। यही वो दौलत हैं जो मरने के बाद भी इंसान के साथ जाती हैं। अतः अच्छे कार्यों में इस अनमोल जीवन को बिताना चाहिए। *सदैव प्रसन्न रहिये।* *जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।* 📝📝📝📝📝📝📝📝📝📝

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Ramesh Agrawal May 5, 2021

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ritu saini May 5, 2021

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riya panday May 5, 2021

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Amit Kumar May 5, 2021

एक प्रेरणादायक कथा सभी पढ़े, कि कैसे आम की गुटली......... सभी पढ़े एक गरीब वृद्ध पिता के पास अपने अंतिम समय में दो बेटों को देने के लिए मात्र एक आम था। पिताजी आशीर्वादस्वरूप दोनों को वही देना चाहते थे, किंतु बड़े भाई ने आम हठपूर्वक ले लिया। रस चूस लिया छिल्का अपनी गाय को खिला दिया। गुठली छोटे भाई के आँगन में फेंकते हुए कहा- ' लो, ये पिताजी का तुम्हारे लिए आशीर्वाद है।' छोटे भाई ने ब़ड़ी श्रद्धापूर्वक गुठली को अपनी आँखों व सिर से लगाकर गमले में गाढ़ दिया। छोटी बहू पूजा के बाद बचा हुआ जल गमले में डालने लगी। कुछ समय बाद आम का पौधा उग आया, जो देखते ही देखते बढ़ने लगा। छोटे भाई ने उसे गमले से निकालकर अपने आँगन में लगा दिया। कुछ वर्षों बाद उसने वृक्ष का रूप ले लिया। वृक्ष के कारण घर की धूप से रक्षा होने लगी, साथ ही प्राणवायु भी मिलने लगी। बसंत में कोयल की मधुर कूक सुनाई देने लगी। बच्चे पेड़ की छाँव में किलकारियाँ भरकर खेलने लगे। पेड़ की शाख से झूला बाँधकर झूलने लगे। पेड़ की छोटी-छोटी लक़िड़याँ हवन करने एवं बड़ी लकड़ियाँ घर के दरवाजे-खिड़कियों में भी काम आने लगीं। आम के पत्ते त्योहारों पर तोरण बाँधने के काम में आने लगे। धीरे-धीरे वृक्ष में कैरियाँ लग गईं। कैरियों से अचार व मुरब्बा डाल दिया गया। आम के रस से घर-परिवार के सदस्य रस-विभोर हो गए तो बाजार में आम के अच्छे दाम मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत हो गई। रस से पाप़ड़ भी बनाए गए, जो पूरे साल मेहमानों व घर वालों को आम रस की याद दिलाते रहते। ब़ड़े बेटे को आम फल का सुख क्षणिक ही मिला तो छोटे बेटे को पिता का ' आशीर्वाद' दीर्घकालिक व सुख- समृद्धिदायक मिला। यही हाल हमारा भी है परमात्मा हमे सब कुछ देता है सही उपयोग हम करते नही हैं दोष परमात्मा और किस्मत को देते हैं। जय श्री कृष्णा

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