nisha Sharma
nisha Sharma Apr 9, 2020

+9 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 25 शेयर

कामेंट्स

Ansouya Ansouya May 25, 2020

🕉🙏जय भोले नाथ 🕉🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏हमारा मन मननशील है 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏वह निरन्तर चिंतन-मनन करता ही रहता है 🙏🙏🙏इसी मनन से ही मन का अस्तिव है। 🌷सारा चिंतन मनन शब्दातमक होता है ।🌷🌷🌷हम शब्द के अभाव में चिंतन नहीं कर सकते । 🌷🙏चिन्तन विषयातमक होता है ।इसी प्रकार मन और विषय के बिच शब्द के माध्यम से एक संबंध बन जाता है ।मन को निर्विषय बनाने के लिए जरूरी है कि वह शब्द जगत से उपर ऊठे ।इस नाम रूप जगत से उपर उठने के लिए प्रारम्भ मे हमे नाम और रूप का भी सहारा लेना पड़ता है । 👌🙏विष का औषध विष ही होता है । वहां अमृत काम नहीं आता ।वहां विष ही अमृत बन जाता है ।⚘ऐसे ही मन को अनाम तक ले जाने के लिए पहले अनाम का ही आलम्बन लेना पहता है। 🙏नाम सुमिरन वह खिड़की है जिसके द्वारा अनाम के आकाश में छलांग लगाई जा सकती है । 🙏⚘एक डाकू रत्नाकर के मन का मरा मरा नाम से संबंध था इसलिए उसके मन ने राम नाम का सूमिरन स्वीकार नहीं किया और मरा नाम से सिमरन किया ।⚘🙏🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹⚘🙏उसी नाम सिमरन से अनाम के आकाश में छलांग लगाकर डाकू रत्नाकर परम पूजनीय महर्षि वाल्मीकि बन गये और हजारों साल पहले ही रामायण की रचना कर डाली ।⚘🌹🌹🌹⚘⚘🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹⚘⚘🌹नाम शब्दातमक होता है और शब्द अक्षरात्मक 🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹⚘⚘🌹मंगलमय संध्या वनदन सभी को जी 🌹🌹🌹⚘⚘⚘⚘⚘⚘🙏🙏🙏🙏🙏🙏⚘🙏🌹जय श्री राधे कृष्ण 🌹🙏🙏🙏🌹🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏🌹🙏🙏🙏🙏🙏

+69 प्रतिक्रिया 7 कॉमेंट्स • 2 शेयर
rupa May 25, 2020

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+4 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 2 शेयर
punam kumawat May 25, 2020

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Shyam gupta1 May 25, 2020

+3 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
pravesh May 25, 2020

+5 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Shyam gupta1 May 25, 2020

+2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB