Aruna Parmar
Aruna Parmar Mar 26, 2020

https://youtu.be/k4OnkZsRV3I

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Mavjibhai Patel Mar 26, 2020
जय माता दी जय महाकाल शुभ संध्या

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rajeet sharma May 31, 2020

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🇱 🇮 🇻 🇪 📸 🇩 🇦 🇷 🇸 🇭 🇦 🇳 *चित्तौड़गढ़ से लाइव ... 📹* *भव्य पुष्प श्रृंगार के साथ मुखारबिंद लाइव दर्शन और ब्राह्मी मैया की लाइव आरती दर्शन 🛐....* ╭─━══•❂❀⚜❀❂•══━─╮ *⚜ मेरी सर्वेश्वरी-मेरी बाणेश्वरी ⚜* _आज *ज्येष्ठ (जेठ) माह की शुक्ल (सुदी) पक्ष की नवमी (नम, नवम) के दिव्य और ममतामयी, मनमोहक, अलौकिक अतिसुंदर भव्य, आकर्षक पुष्पावली से श्रृंगारित संध्याकालीन, गौधूली बेला में पुष्प श्रृंगार, मुखारबिंद दिव्य दर्शन और लाइव ब्राह्मी आरती दर्शन*_ _सिसोदिया गहलोत राजवंश की कुलस्वामिनी ब्रह्मस्वरूपा..ब्रह्मशक्ति हंसवाहिनी 🦢 *श्री ब्राह्मणी माता जी...*_ मुख्य पाट स्थान- *चित्तौड़गढ़* *आज के लिए विशेष ...* 🥁 👇👇👇👇👇 *⛳ जय माँ ब्राह्मणी ⛳* *वेदों की महारानियों में हंसवाहिनी 🦢 ब्रह्मशक्तियाँ सर्वश्रेष्ठ* 👈 साधना की दृष्टि से ‘गायत्री’, ब्राह्मणी और समस्त ब्रह्मशक्ति को सर्वांगपूर्ण एवं सर्वसमर्थ कहा गया है, अमृत, पारस, कल्प- वृक्ष और कामधेनु के रूप में इसी *महाब्रह्मशक्ति* की चर्चा हुई है। *वेद पुराणों* में ऐसे अनेकानेक कथा प्रसंग भरे पड़े हैं जिनमें *गायत्री, ब्राह्मणी, सरस्वती उपासकों* द्वारा भौतिक ऋद्धियाँ एवं आत्मिक सिद्धियाँ प्राप्त करने का उल्लेख है। साधना विज्ञान में *ब्रह्मशक्ति गायत्री उपासना* को सर्वोपरि माना जाता रहा है। उसके माहात्म्यों का वर्णन *सर्व सिद्धिप्रद* कहा गया है और लिखा गया है कि *तराजू के एक पलड़े पर गायत्री, ब्राह्मणी को और दूसरे पर समस्त अन्य उपासनाओं को रखकर तोला जाय तो ब्रह्मशक्ति गायत्री, ब्राह्मणी ही भारी बैठती है।* राम, कृष्ण आदि अवतारों की- देवताओं और ऋषियों की *उपासना पद्धति गायत्री* ही रही है। उसे सर्वसाधारण के लिए उपासना अनुशासन माना गया है और उसकी उपेक्षा करने वालों की कटु शब्दों में भर्त्सना हुई है। सामान्य दैनिक उपासनात्मक नित्यकर्म से लेकर विशिष्ट प्रयोजनों के लिए की जाने वाली तपश्चर्याओं तक में गायत्री, ब्राह्मणी को समान रूप से महत्त्व मिला है। ब्राह्मणी या गायत्री, गङ्गा, गीता, गौ और गोविन्द हिन्दू धर्म के पाँच प्रधान आधार माने गये हैं, इनमें गायत्री प्रथम है। *बाल्मीकि रामायण* और *श्रीमद्भागवत* में एक- एक हजार श्लोकों के बाद *गायत्री मन्त्र* के एक- एक शब्द का सम्पुट लगा हुआ है। इन दोनों *ग्रन्थों में* वर्णित *रामचरित्र और कृष्णचरित्र* को *गायत्री का कथा* प्रसंगात्मक वर्णन बताया गया है। इन सब कथनोपकथनों का निष्कर्ष यही निकलता है कि *‘गायत्री मन्त्र’* के लिए भारतीय धर्म में निर्विवाद रूप से सर्वोपरि मान्यता मिली है। उसमें जिन तथ्यों का समावेश है उन्हें देखते हुए निकट भविष्य में मानव जाति का सार्वभौम मन्त्र माने- जाने की पूरी- पूरी सम्भावना है। देश, धर्म, जाति समाज और भाषा की सीमाओं से ऊपर उसे *सर्वजनीन उपासना* कहा जा सकता है। जब कभी मानवी एकता के सूत्रों को चुना जाय तो आशा की जानी चाहिए *गायत्री को महामन्त्र के रूप में* स्वीकारा जाता है। हिन्दू धर्म के वर्तमान बिखराव को समेटकर उसके केन्द्रीकरण की एकरूपता की बात सोची जाय तो उपासना क्षेत्र में ब्रह्मशक्तियों में ब्राह्मणी, गायत्री, सावित्री, सरस्वती को ही प्रमुखता दी जाती है । *卐 जय माँ ब्राह्मणी 卐* *卐 जय माँ आदिशक्ति 卐* *卐 ॐ श्री जगदम्बिकायै नमः 卐* ╭•┄┅═══❁✿❁❁✿❁═══┅┄•╮​ ❁☞■ भव तरण, ब्राह्मणी शरण ■☜❁ ╰•┄┅═══❁✿❁❁✿❁═══┅┄•╯​ *आज ही जुड़े - ब्राह्मणीमय सोशल मीडिया फ़ेसबुक परिवार से ... 🤳* https://www.facebook.com/groups/563312761142961/ 🔱 श्री बाण भगवत्यै नमः 🔱 *⚜ मेरी सर्वेश्वरी-मेरी बाणेश्वरी ⚜* ╰─━══•❂❀⚜❀❂•══━─╯

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Neelam ahir May 31, 2020

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Rajkumar Agarwal May 31, 2020

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Shyam Amarnani May 31, 2020

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rajeet sharma May 31, 2020

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