पवन सैनी
पवन सैनी Nov 26, 2021

Om shanti...

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Deepak Jan 18, 2022

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Deepak Jan 17, 2022

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Deepak Jan 16, 2022

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*━━━━━━━ꕥ❈ꕥ❈ꕥ━━━━━━━* ┌──────────────────┐ █▓░ *༺श्रीगणेशाय नम:༻*░▓█ └──────────────────┘ *━━━━━━━ꕥ❈ꕥ❈ꕥ━━━━━━* *༺⚜❝दैनिक-पंचांग ❞⚜༻* *━━━━━━━ꕥ❈ꕥ❈ꕥ━━━━━━* _*🌷ꕥ❈दिनांक:-19-01-2022❈ꕥ🌷*_ *ꕥ श्रीमाधोपुर-पंचांग ꕥ* 🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐 🥎 तिथि द्वितीया पूर्ण रात्रि 🥎 नक्षत्र आश्लेषा पूर्ण रात्रि 🥎 करण तैतिल 19:35:02 🥎 पक्ष कृष्ण 🥎 योग प्रीति 16:03:57 🥎 वार बुधवार *🏀 सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ* 🥎 सूर्योदय 07:18:48 🥎 चन्द्रोदय 19:12:59 🥎 चन्द्र राशि कर्क 🥎 सूर्यास्त 17:58:00 🥎 चन्द्रास्त 08:22:59 🥎 ऋतु शिशिर *🏀 हिन्दू मास एवं वर्ष* 🥎शक सम्वत 1943 प्लव 🥎 कलि सम्वत 5123 🥎 दिन काल 10:39:13 🥎 विक्रम सम्वत 2078 🥎 मास अमांत पौष 🥎 मास पूर्णिमांत माघ *🏀 शुभ समय* 🥎 अभिजित कोई नहीं *🏀 अशुभ समय* 🥎 दुष्टमुहूर्त 12:17:06 - 12:59:42 🥎 कंटक 16:32:47 - 17:15:24 🥎 यमघण्ट 09:26:38 - 10:09:15 🥎 राहु काल 12:38:24 - 13:58:18 🥎 कुलिक 12:17:06 - 12:59:42 🥎 कालवेला या अर्द्धयाम 08:01:24 - 08:44:01 🥎 यमगण्ड 08:38:42 - 09:58:36 🥎 गुलिक काल 11:18:30 - 12:38:24 *🏀 दिशा शूल उत्तर* *🏀 चौघड़िया मुहूर्त* 🥎लाभ 07:18:48 - 08:38:42 🥎अमृत 08:38:42 - 09:58:36 🥎काल 09:58:36 - 11:18:30 🥎 शुभ 11:18:30 - 12:38:24 🥎रोग 12:38:24 - 13:58:18 🥎उद्वेग 13:58:18 - 15:18:12 🥎चल 15:18:12 - 16:38:06 🥎लाभ 16:38:06 - 17:58:00 🥎उद्वेग 17:58:00 - 19:38:05 🥎शुभ 19:38:05 - 21:18:09 🥎अमृत 21:18:09 - 22:58:14 🥎चल 22:58:14 - 24:38:18 🥎रोग 24:38:18 - 26:18:23 🥎काल 26:18:23 - 27:58:27 🥎लाभ 27:58:27 - 29:38:32 🥎उद्वेग 29:38:32 - 31:18:36 🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐 *पंचांग को फॉरवर्ड नहीं, शेयर करें।* 🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 li.▬▭▬▭▬--▭▬▭▬▭▬.li 1️⃣9️⃣🕋0️⃣1️⃣🕋2️⃣2️⃣ li.▬▭▬▭▬--▭▬▭▬▭▬.li 🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐 ━━━━━━━ꕥ❈ꕥ❈ꕥ━━━━━━━ _*🪴🎀 📿जयश्री कृष्णा📿🎀🪴*_ ━━━━━━━ꕥ❈ꕥ❈ꕥ━━━━━━━ *ज्योतिषशास्त्री-सुरेन्द्र कुमार चेजारा व्याख्याता राउमावि होल्याकाबास निवास-श्रीमाधोपुर* 🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐🫐 *━━━━━━━ꕥ❈ꕥ❈ꕥ━━━━━━━*

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PRABHAT KUMAR Jan 18, 2022

🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔 🕉️ *#जय_श्री_राम_जय_जय_महावीर_हनुमान* 🕉️ 🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔 *#सभी_आदरणीय_साथियों_को_मंगलमय_शुभ_रात्री* 🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔 *जय श्री राम, जय बजरंगबली....आज के दिन ये नाम जपने से सब मंगल ही मंगल होगा। जानिए मंगल को जन्मे मंगलकारी हनुमान के अद्भुत और चमत्कारी बारह नामों के बारे में जिनके जाप से आपके सारे कष्ट, रोग, पीड़ा और संकट खुद ब खुद नष्ट हो जाएंगे और जीवन में सब मंगलमय होगा।* 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *#शीघ्र_प्रसन्न_हो_जाते_हैं_हनुमान* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *अजर-अमर हैं हनुमान। अपने भक्तों पर कृपा करते हैं और उनके सारे कष्‍ट संकटमोचन हर लेते हैं। वह महावीर भी हैं और हर युग में अपने भक्तों की समस्याओं का समाधान करते हैं। माना जाता है कि हनुमान एक ऐसे देवता है जो थोड़ी-सी प्रार्थना और पूजा से ही शीघ्र प्रसन्न हो जाते है। मंगलवार और शनिवार हनुमान जी के पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन हैं।* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#हर_लेते_हैं_सारे_संकट* 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *हनुमान चालीसा में लिखा हुआ है कि संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमरे हनुमत बलवीरा। जी हाँ यह अटल सत्य है। भूत पिसाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे। जी हाँ यह भी अटल सत्य है, जैसे- राम नाम की महिमा अपरम्‍पार मानी जाती है। ठीक वैसे ही श्री हनुमान के नाम की महिमा भी अनंत फलदायी मानी गई है।* *अगर आप अपनी परेशानियों से निजात पाना चाहते हैं तो जानिए कैसे करें महाबली को प्रसन्न.... जैसा कि रामचरित मानस में लिखा हुआ है कि कलयुग केवल नाम अधरा सुमरि-सुमरि नर उतरहीं पारा और यह भी माना जाता है कि कलयुग में हनुमान ही सबसे प्रभावशाली देवता हैं. उनका नाम सुमरने से ही आप सारे काम बन जाएंगे।* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *प्रभु श्री राम के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा से ही हनुमान जी को अष्टसिद्धियों और नवनिधियों का वरदान मिला है। ये वही अष्टसिद्धियां और नव निधियां हैं जो कलयुग में हनुमान उपासकों के कल्याण का काम करती हैं। कलयुग में राम भक्त हनुमान के द्वादश यानि बारह नामों का स्मरण किया जाये तो सारी तकलीफें, समस्याएं, व्याधियों को हर लेते हैं हनुमान। तो आइए जानें हनुमान जी के नामों की महिमा के बारे में*... *1. #हनुमान* *2. #अंजनीसुत* *3. #वायुपुत्र* *4. #महाबल* *5. #रामेष्ट* *6. #फाल्गुनसखा* *7. #पिंगाक्ष* *8. #अमितविक्रम* *9. #उदधिक्रमण* *10. #सीताशोकविनाशन* *11. #लक्षमणप्राणदाता_और* *12. #दशग्रीवदर्पहा* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *महाबली बजरंग के इन नामों का उच्चारण करने से आपकी कई वर्षों से चली आ रही परेशानियां पल भर में छूमंतर हो जाएंगी। आइए अब जानते हैं कि संकटमोचन हनुमान के नामों का किन समस्‍याओं में कब और कैसे स्मरण करना चाहिए*... 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *#दीर्घायु_पाने_के_लिए* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *रोजाना सुबह सोकर उठने के साथ ही बिस्तर पर बैठे-बैठे इन बारह नामों को ग्यारह बार बिना रूके उच्‍चारण करने से आप दीर्घायु होंगे। इसके अलावा आपके ऊपर आने वाली शारीरिक समस्याओं का भी निदान होगा।* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#धनवान_बने_रहने_के_लिए* 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *हनुमान के इन नामों की महिमा वैसे तो अनंत है, लेकिन दोपहर के समय अपने ऑफिस, घर या दुकान में बैठकर भी इन बारह नामों का स्मरण करने वाले भक्त के जीवन में पैसे की कोई कमी नहीं रहती। इसके अलावा रूका हुआ धन वापस मिलता है और हनुमान के ये बारह नाम कर्ज से भी मुक्ति दिलाते हैं।* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *#खत्म_कर_देते_हैं_गृह_क्लेश* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *चाहे स्त्री हो या पुरूष यदि उसके जीवन में पारिवारिक क्लेश रहता है। ऐसे लोग यदि महावीर के इन बारह नामों का जाप संध्याकाल में करते हैं तो उनके परिवार में सुख शांति बनी रहती है।* 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *#भय_और_शत्रु_से_करते_हैं_रक्षा* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *यदि आपके जीवन में ज्ञात-अज्ञात भय बना रहता है या आपके शत्रु आप पर हावी हो रहे हैं तो ऐसे में आपके लिए संजीवनी बूटी का काम करेंगे हनुमान जी के ये बारह नाम। ऐसे लोगों को रात को सोने से पहले इन बारह नामों का जाप करना चाहिए।* *हनुमान के इन बारह नामों का नियमित रूप से जाप करने से उनकी कृपा आपके ऊपर रूप विशेष से बनी रहती है।* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *#हनुमान_जी_की_उपासना_अत्यंत_प्रभावशाली_क्यों_मानी_जाती_है?* 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *हनुमान जी कलयुग के सबसे प्रभावशाली देव माने जाते हैं।* *माना जाता है कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं और आज भी जीवित हैं।* *अपनी अद्भुत और कठोर भक्ति के कारण इनको अष्टसिद्धि और नवनिधि का वरदान मिला है।* *इसी वरदान और अपने ईष्ट श्रीराम की कृपा के कारण हनुमान जी अपने भक्तों के कष्ट हरने में सक्षम हैं।* *इनकी उपासना तुरंत फलदायी होती है और हर तरह के संकट का नाश करती है।* *हनुमान जी की उपासना में एक तरीका इनके द्वादश (बारह) नाम के पाठ का भी है।* 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *#कैसे_करें_इन_12_नामों_का_प्रयोग_और_इनके_लाभ_क्या_हैं?* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 *प्रातकाल, रात्रि में सोने के पूर्व, किसी नए कार्य के आरम्भ के पूर्व या यात्रा के पूर्व इन नामों का प्रयोग करें।* *पीले कागज पर लाल रंग से लिखकर इन नामों को घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थान पर भी लगा सकते हैं।* *भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखकर इसे लॉकेट की तरह गले में धारण कर सकते हैं।* *इन नामों का प्रयोग करने से व्यक्ति की दसों दिशाओं और आकाश पाताल से रक्षा होती है।* *प्रातःकाल ये नाम लेने से व्यक्ति दीर्घायु होता है।* *दोपहर को ये नाम लेने से धनवान होता है।* *रात्रि को ये नाम लेने से विरोधी परास्त होते हैं और शत्रु शांत होते हैं।* *मनोकामना पूरी करने के लिए इन बारह नामों का नित्य प्रात नौ बार जाप करना चाहिए।* 🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔🔔 *#नोट : उक्त जानकारी सोशल मीडिया से प्राप्त किया गया है।* 📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰📰 *( इस आलेख में दी गई जानकारियाँ धार्मिक आस्था और लौकिक मान्यताओं पर आधारित है जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। )* 🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔🕉️🚩🔔

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🚩🚩हनुमान जी के ग्यारह अवतार🚩🚩 11 मुखी हनुमान जी की पूजा से मिलते हैं कई लाभ, जानें किस मूर्ति से कौन सी मनोकामना होती है पूरी 1. पूर्वमुखी हुनमान जी-🌺 🌸❤️🌸❤️🌸❤️🌸❤️🌸 पूर्व की तरफ मुख वाले बजरंबली को वानर रूप में पूजा जाता है। इस रूप में भगवान को बेहद शक्तिशाली और करोड़ों सूर्य के तेज के समान बताया गया है। शत्रुओं के नाश के बजरंगबली जाने जाते हैं। दुश्मन अगर आप पर हावी हो रहे तो पूर्वमूखी हनुमान की पूजा शुरू कर दें। 2. पश्चिममुखी हनुमान जी-🌹 🥀🌻🙏🌻🥀🌻🥀🌻🥀 पश्चिम की तरफ मुख वाले हनुमानजी को गरूड़ का रूप माना जाता है। इसी रूप संकटमोचन का स्वरूप माना गया है। मान्यता है कि भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ अमर है उसी के समान बजरंगबली भी अमर हैं। यही कारण है कि कलयुग के जाग्रत देवताओं में बजरंगबली को माना जाता है। 3. उत्तरामुखी हनुमान जी-🥀 ☘️🌟☘️🌟☘️🌟☘️🌟☘️ उत्तर दिशा की तरफ मुख वाले हनुमान जी की पूजा शूकर के रूप में होती है। एक बात और वह यह कि उत्तर दिशा यानी ईशान कोण देवताओं की दिशा होती है। यानी शुभ और मंगलकारी। इस दिशा में स्थापित बजरंगबली की पूजा से इंसान की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। इस ओर मुख किए भगवान की पूजा आपको धन-दौलत, ऐश्वर्य, प्रतिष्ठा, लंबी आयु के साथ ही रोग मुक्त बनाती है। 4. दक्षिणामुखी हनुमान जी-🌷 💕🌿💕🌿💕🌿💕🌿💕 दक्षिण मुखी हनुमान जी को भगवान नृसिंह का रूप माना जाता है। दक्षिण दिशा यमराज की होती है और इस दिशा में हनुमान जी की पूजा से इंसान के डर, चिंता और दिक्कतों से मुक्ति मिलती है। दक्षिणमुखी हनुमान जी बुरी शक्तियों से बचाते हैं। 5.ऊर्ध्वमुख-❣️ 🏵️♦️🏵️♦️🏵️♦️🏵️ इस ओर मुख किए हनुमान जी को ऊर्ध्वमुख रूप यानी घोड़े का रूप माना गया है। इस स्वरूप की पूजाकरने वालों को दुश्मनों और संकटों से मुक्ति मिलती है। इस स्वरूप को भगवान ने ब्रह्माजी के कहने पर धारण कर हयग्रीवदैत्य का संहार किया था। 6. पंचमुखी हनुमान-🕉️ 🌷💝🌷💝🌷💝🌷 पंचमुखी हनुमान के पांच रूपों की पूजा की जाती है। इसमें हर मुख अलग-अलग शक्तियों का परिचायक है। रावण ने जब छल से राम लक्ष्मण बंधक बना लिया था तो हनुमान जी ने पंचमुखी हनुमान का रूप धारण कर अहिरावण से उन्हें मुक्त कराया था। पांच दीये एक साथ बुझाने पर ही श्रीराम-लक्षमण मुक्त हो सकते थे इसलिए भगवान ने पंचमुखी रूप धारण किया था। उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह मुख, पश्चिम में गरुड़ मुख, आकाश की तरफ हयग्रीव मुख एवं पूर्व दिशा में हनुमान मुख में वह विराजे हैं। 7. एकादशी हनुमान-💞 🕉️💮🕉️💮🕉️💮🕉️ ये रूप भगवान शिव का स्वरूप भी माना जाता है। एकादशी रूप रुद्र यानी शिव का 11वां अवतार है। ग्यारह मुख वाले कालकारमुख के राक्षस का वध करने के लिए भगवान ने एकादश मुख का रुप धारण किया था। चैत्र पूर्णिमा यानी हनमान जयंती के दिन उस राक्षस का वध किया था। यही कारण है कि भक्तों को एकादशी और पंचमुखी हनुमान जी पूजा सारे ही भगवानों की उपासना समना माना जाता है। 8. वीर हनुमान- हनुमान जी के इस स्वरूप की पूजा भक्त साहस और आत्मविश्वास पाने के लिए करते हें। इस रूप के जरिये भगवान के बल, साहस, पराक्रम को जाना जाता है। अर्थात तो भगवान श्रीराम के काज को संवार सकता है वह अपने भक्तों के काज और कष्ट क्षण में दूर कर देते हैं। 9. भक्त हनुमान-💐 ⚛️🍀⚛️🍀⚛️🍀⚛️ भगवान का यह स्वरूप में श्रीरामभक्त का है। इनकी पूजा करने से आपको भगवान श्रीराम का भी आर्शीवद मिलता है। बजरंगबली की पूजा अड़चनों को दूर करने वाली होती है। इस पूजा से भक्तों में एग्राता और भक्ति की भावना जागृत होती है। 10. दास हनुमान-🌹 🔱💖🔱💖🔱💖🔱 बजरंबली का यह स्वरूप श्रीराम के प्रति उनकी अनन्य भक्ति को दिखाता है। इस स्वरूप की पूजाकरने वाले भक्तों को धर्म कार्य और रिश्ते-नाते निभाने में निपुणता हासिल होती है। सेवा और समर्णण का भाव भक्त इस स्वरूप के जरिये ही पाते हैं। 11. सूर्यमुखी हनुमान-🌻 🙏🌺🙏🌺🙏🌺🙏 यह स्वरूप भगवान सूर्य का माना गया है। सूर्य देव बजरंगबली के गुरु माने गए हैं। इस स्वरूप की पूजा से ज्ञान, प्रतिष्ठा, प्रसिद्धि और उन्नति का रास्ता खोलता है। क्योंकि श्रीहनुमान के गुरु सूर्य देव अपनी इन्हीं शक्तियों के लिए जाने जाते हैं। 🌷💖#श्री राम जय राम जय जय राम#💖🌷 ❣️#ॐ हनुमते दुःखभंजन,#अंजनिसुत केसरीनंदन# #रामदूत संकटमोचन,#❣️ 🙏💞!! जय श्री राम!!💞🙏 🌹ईश्वर का अस्तित्व तुम्हें साकार नजर आ जाएगा श्रद्धा से नतमस्तक हो आधार नजर आ जाएगा🌹 🥀🌻!! जय श्री राम !!🌻🥀

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Jasbir Singh nain Jan 17, 2022

पौष पूर्णिमा व्रत 17 जनवरी, 2022 (सोमवार) शुभ प्रभात जी 🪔🪴🙏🙏 हर माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के अगले दिन पूर्णिमा मनाई जाती है। इस प्रकार पौष माह की पूर्णिमा 17 जनवरी 2022 को मनाई जाएगी। पूर्णिमा के दिन चन्द्रदेव पूर्ण आकार में होते हैं। इस दिन पूजा, जप, तप, स्नान, सूर्य अर्घ्य और दान से न केवल चंद्रदेव ही नहीं बल्कि भगवान श्रीहरि की भी कृपा बरसती है। पूर्णिमा और अमावस्या को पूजा और दान करने से व्यक्ति के समस्त पाप कट जाते हैं। सनातन शास्त्रों में पूर्णिमा के दिन पूर्णिमा व्रत और सत्यनारायण पूजा का विधान है। इस दिन साधक पवित्र नदियों में स्नान कर तिल तर्पण करते हैं, इससे पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन काशी, प्रयागराज और हरिद्वार में गंगा स्नान करना बेहद शुभ बताया जाता है। आइए अब जानते है पूर्णिमा तिथि का शुभ समय पौष पूर्णिमा तिथि - 17 जनवरी, 2022 पौष पूर्णिमा तिथि आरंभ - 17 जनवरी को रात 3:18 मिनट से। पौष पूर्णिमा तिथि समाप्त - 18 जनवरी सुबह 5:17 मिनट तक। उदया तिथि मान्य होती है, इसलिए पौष पूर्णिमा 17 जनवरी को ही मनाई जाएगी। वैदिक मान्यताओं अनुसार, पौष सूर्य देव का माह कहलाता है और इस मास सूर्य देव की आराधना करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पूर्णिमा चंद्रमा की तिथि है। अतः सूर्य और चंद्रमा का यह अद्भूत संगम पौष पूर्णिमा की तिथि को होता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों के पूजन से मनोकामनाएं पूर्ण होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती है। ऐसा कहा जाता है कि पौष मास के समय में किए जाने वाले धार्मिक कर्मकांड की पूर्णता पूर्णिमा पर स्नान करने से सार्थक होती है। आइए अब जानते है पौष पूर्णिमा के दिन की जाने वाली पूजा विधि के बारे में इस दिन प्रात: जल्दी उठकर घर की साफ़-सफाई करें। उसके बाद स्नान आदि करके व्रत का संकल्प लें। सर्वप्रथम भगवान सूर्य को ॐ नमो नारायणाय मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य और तिलांजलि दें। इसके लिए सूर्य के सामने खड़े होकर जल में तिल डालकर उसका तर्पण करें। फिर ठाकुर और नारायण जी की पूजा करें। भगवान को भोग में चरणामृत, पान, तिल, मोली, रोली, कुमकुम, फल, फूल, पंचगव्य, सुपारी, दूर्वा आदि अर्पित करें। अंत में आरती-प्रार्थना कर पूजा संपन्न करें। इसके बाद जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दें। दान में तिल, गुड़, कंबल और ऊनी वस्त्र विशेष रूप से देने चाहिए। तो दोस्तो ये थी पूर्णिमा के दिन की जाने वाली पूजा विधि, आइए अब जानते है इस दिन किए जाने वाले धार्मिक आयोजन के बारे में संपूर्ण जानकारी। पौष पूर्णिमा पर देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर स्नान और धार्मिक आयोजन होते हैं। पौष पूर्णिमा से तीर्थराज प्रयाग में माघ मेले का आयोजन शुरू होता है। इस धार्मिक उत्सव में स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार माघ माह के स्नान का संकल्प पौष पूर्णिमा पर लेना चाहिए। आइए जानते है कि इस दिन क्या करें और क्या नहीं पूर्णिमा के दिन चावल का दान करना शुभ होता है। चावल का संबंध चंद्रमा से होता है और पूर्णिमा के दिन चावल का दान करने से चंद्रमा की स्थिति कुंडली में मजबूत होती है। पूर्णिमा के दिन सफेद रंग की चीजों का दान करना चाहिए। इस दिन सत्यनारायण की कथा सुननी चाहिए और भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आज के दिन महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि पीपल में मां लक्ष्मी का वास होता है। इसी के साथ इस दिन लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा आदि का सेवन नहीं ना करें। इस दिन परिवार में सुख-शांति बनाकर रखें और घर पर आने वाले गरीब या जरुरतमंद को दान दें।

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