रुद्रावतार श्रीहनुमान कथा

रुद्रावतार श्रीहनुमान कथा

रुद्रावतार श्रीहनुमान
श्रीरामावतार के समय ब्रह्माजी ने देवताओं को वानर और भालुओं के रूप में पृथ्वी पर प्रकट होकर श्रीराम की सेवा करने का आदेश दिया था। सभी देवता अपने-अपने अंशों से वानर और भालुओं के रूप में उत्पन्न हुए। सृष्टि के संहारक भगवान रुद्र भी अपने प्रिय श्रीहरि की सेवा करने तथा कठिन कलिकाल में भक्तों की रक्षा करने की इच्छा से पवनदेव के औरस पुत्र और वानरराज केसरी के क्षेत्रज पुत्र हनुमान के रूप में अवतरित हुए। वायुपुराण में भगवान शिव के हनुमान के रूप में अवतार लेने के सम्बन्ध में कहा गया है–
महादेव सत्यपराक्रमी पवनपुत्र हनुमान के रूप में अंजनी के गर्भ से उत्पन्न हए। स्कन्दपुराण में भी ऐसा ही उल्लेख मिलता है।
एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु के मोहिनीस्वरूप पर आसक्त शिवजी के स्खलित तेज को देवताओं ने गौतम ऋषि की पुत्री अंजनी के गर्भ में वायु द्वारा स्थापित कर दिया, जिससे शिव के अंशावतार हनुमानजी प्रकट हुए। अत: हनुमानजी रुद्रावतार माने जाते हैं। हनुमान तन्त्रग्रन्थों में उनका ध्यान, जप, मन्त्र आदि रुद्र रूप में ही किया जाता है। हनुमद् गायत्री में भी उन्हें रुद्र कहा गया है–
‘ॐ वायुपुत्राय विद्महे वज्रांगाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।’
राजा दशरथ के पुत्रेष्टि-यज्ञ के चरु से हनुमानजी का जन्म
पुराणों में ऐसा वर्णन मिलता है कि राजा दशरथ द्वारा किए गए पुत्रेष्टि-यज्ञ में हवनकुण्ड से उद्भूत चरु (खीर) का जो भाग कैकेयी को दिया गया था, उसे एक चील झपट कर ले गयी। चील के चंगुल से छूटकर वह चरु तपस्या में लीन वानरराज केसरी की पत्नी अंजनी की अंजलि में जा गिरा। तभी आकाशवाणी द्वारा अंजनी को आदेश मिला कि वह इस चरु को ग्रहण करे, जिससे उसे परम पराक्रमी पुत्र की प्राप्ति होगी। उसी चरु के प्रभाव से हनुमानजी का जन्म हुआ। कैकेयी का चरु जब चील झपट कर ले गयी, तब कौसल्या और सुमित्रा ने अपने हिस्से के चरु में से कैकेयी को दिया। इस प्रकार एक चरु से राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमानजी प्रकट हुए।
जन्म के कुछ समय बाद बालक हनुमान को भूख से व्याकुल देखकर मां अंजना वन से फल लाने चली गयीं। उस समय सूर्योदय हो रहा था। सूर्य के अरुण बिम्व को फल समझकर बालक हनुमान ने छलांग लगायी और पवन के समान वेग से सूर्यमण्डल में पहुंच गए और सूर्य का भक्षण करना चाहा– उस दिन ग्रहणकाल होने से राहु भी सूर्य को ग्रसने के लिए पहुंचा था। हनुमानजी ने फल पकड़ने में उसे बाधा समझकर धक्का दे दिया। घबराकर राहु इन्द्र के पास पहुंचा। सृष्टि-व्यवस्था में विघ्न समझकर इन्द्र ने हनुमानजी पर वज्र से प्रहार कर दिया, जिससे हनुमानजी की बायीं ओर की ठुड्डी (हनु) टेढ़ी हो गयी और पृथ्वी पर गिरकर अचेत हो गए। अपने पुत्र पर वज्र के प्रहार से वायुदेव अत्यन्त कुपित हो गए और उन्होंने संसार में अपना संचार बंद कर दिया। वायु ही समस्त जीवों के प्राणों का आधार है, अत: वायु के संचरण के अभाव में संसार में हाहाकार मच गया। सभी जीवों को व्याकुल देखकर पितामह ब्रह्मा उस स्थान पर गए जहां वायुदेव अपने मूर्छित पुत्र को गोद में लिए बैठे थे। ब्रह्माजी के हाथ के स्पर्श से हनुमानजी की मूर्च्छा टूट गयी। सभी देवताओं ने उन्हें अस्त्र-शस्त्रों से अवध्यता का वरदान दिया। ब्रह्माजी ने वरदान देते हुए कहा–’वायुदेव! तुम्हारा यह पुत्र शत्रुओं के लिए भयंकर होगा। रावण के साथ युद्ध में इसे कोई जीत नहीं सकेगा। यह श्रीराम की प्रसन्नता प्राप्त करेगा।’
श्रीरामचरित्र को प्रकाश में लाने के लिए हनुमानजी का अवतार
संसार में ऐसे तो उदाहरण हैं जहां स्वामी ने सेवक को अपने समान कर दिया हो, किन्तु स्वामी ने सेवक को अपने से ऊंचा मानकर सम्मान दिया है, यह केवल श्रीरामचरित्र में ही देखने को मिलता है–
श्रीरामचरित्र को प्रकाश में लाने के लिए हनुमानजी का अवतार हुआ। रामायणरूपी महामाला के महारत्न हनुमानजी यदि रामलीला में न हों तो वनवास के आगे की लीला अपूर्ण ही रह जाएगी। भगवान श्रीराम को हनुमान परम प्रिय हैं तो हनुमानजी के रोम-रोम में राम बसते हैं। श्रीरामरक्षास्तोत्र में हनुमानजी कहते हैं–
’श्रीराम ही मेरे माता, पिता, स्वामी तथा सखा हैं, दयालु श्रीरामचन्द्र ही मेरे सर्वस्व हैं। उनके अतिरिक्त मैं किसी और को जानता ही नहीं।’
प्रभु श्रीराम ने भी हनुमानजी को हृदय से लगाकर कहा–’हनुमान को मैं केवल अपना प्रगाढ़ आलिंगन प्रदान करता हूँ; क्योंकि यही मेरा सर्वस्व है।’ श्रीरामजी के द्वार पर हनुमानजी सदैव विराजमान रहते हैं। उनकी आज्ञा के बिना कोई भी रामजी की ड्योढ़ी में प्रवेश नहीं कर सकता–‘राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।’ हनुमानजी श्रीराम के अंग बतलाए गए हैं। इसलिए हनुमानजी की पूजा किए बिना श्रीराम की पूजा पूर्ण फलदायी नहीं होती।
जय श्री राम ~ जय रूद्र के रूप हनुमान

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कामेंट्स

🚩🚩जय श्री राम 🚩🚩

⛳⛳जय वीर हनुमान⛳⛳

🌹 #मंगलवार_व्रत के लाभ व विधि🌹

जो आपकी ,आर्थिक, शारीरिक अौर मानसिक समस्या का समाधान कर आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा l

#व्रत_करने_से_लाभ ✔

मंगलवार व्रत हनुमान जी की साधना से व ज्योतिष के अनुसार भी ...

(पूरा पढ़ें)
Pranam Flower Jyot +32 प्रतिक्रिया 31 कॉमेंट्स • 27 शेयर
Ayush mishra Aug 21, 2018
महादेव रोमांटिक अखँड ताबीज उछलता जुल्म ताज तैयार पराया नज़र मेरे_महांकाल’ शोला थोड़ी चरसी नशेडी mhankal नाथो अर ताडंव_करे_मेरा गदर_मचा भोले😘 सजा राज_घराना son_of_mahakal🐯 छोड सरसा_आले के_भक्त_है पलट बाजन बेइंतहा अनजान_हु नाचेगी बजाने बाबा😘#महाकाल भोले_के_भक्त🕉 मुट्ठी दूहर भोले#बनकर महाकाल#भोलेनाथ रमे_तन_भस्म बस_उस_भगतणी_त_मिलवादे_भोले,, धीरे_धीरे#सीख़_जाऊंगा धरती, jai_ho_12_jyotirling_ki… दीवाने कोशिश यारा धुंए फिरते system का_चोला इतणी_मटक किसी_के_सामने झुमेगा jai_ho_baba_mahakal_ki… खौफ फ़कीर सुल्फा #बारह_ज्योत्रिलोंगों जानते महाकाल! भागं_पीट भौले बनाऊंगा पहन लेकिन😢हम दोस्त🕴 whisky चेला इसलिये रजाई शीशे🚩🚩सा तीनों_लोक_दीखे। बादशाहत મહાકાલ लड़किया👩 रै_भोले लावे कभी_कभी फ़क़ीरी चीलम_खीच एक_तेरे_ए_जितणी_प्यारी_है_ झुक_कर दुल्हन jai_ho_mahakal_bhakt_ki. ए_महाकाल छोरी चेली बैरण चढ़ता भगतो भोला⛳☝ सवरने jai_mahakal jay_mahakal🙏🙏🙏🙏 देखे vodka नित शीशी दिवानेपन थर_थर_कापे ‎महादेव‬… हे_महाकाल दुनिया🌍 पार्टी🍻 जोर_के_भर_दम खबर रखना निकलन दीवाना🚩!⚔जय चाहे_सुली_ डर गगन 70 खिलाफ जय_महाकाल🚩 हर_हर_महादेव#ॐ_नमः_शिवाय् चिता राजा भोले‘ जय_महाकाल#हर_हर_महादेव। होगा तांडव ‎श्रीराम‬ भोले_बाबा जय_शिव_शंकर माला तरह नदी_नालों_में_क्या_रखा_है,* मोहब्बत महाकाल🙏 देखने मस्ती करना सीने ‎श्रद्धा‬ ‎india‬ ‎moj‬ ‎पूजाकरू‬ चले ‎माया‬ ‎जटा‬ ‎नीलकंठ‬ चाहते ‎जय_महाँकाल‬ ‎चन्द्रमा‬,गंग ‎शिवलिंग‬ ‎fogg‬ ‎wish‬ ‎वो‬ जय_महाँकाल हर_हर समय हर_हर_महादेव। अधर्म शौर्य लकीर कैलास नगर गांजा भ्रमण बोलो_हर_हर🚩🚩 गुनाह चीलम खूंखार👹ही नगरी जय_महांकाल हनुमान लगाते इकाई front महाकाल जग भक्त बस्ती jay जय जब शिव ‎बाबा‬ दौलत ‎महादेव‬ हर mahakal ‎बिखर‬ ‎खोते‬ ‎मदहोश‬ ‎नाम‬ भंडारा जय_महाकाल ‎फकीरोँ‬ डमरू हर_हर_महादेव नजर नाम श्री ‎निखर‬ ‎चले‬ ‎अमीर‬ भोलेनाथ किस्मत ‎चिलम‬ हाथ दिल ‎चाहते‬ ‎धुंये‬ शोहरत जय_श्री_महाकाल उज्जैन महाँकाल स्वभाव है जय_श्री_महाँकाल मौत तस्वीर तकदीर याद दम दिवाना दुनिया अभाव महांकाल महफिल मैं चिलम श्रृंगार मुझसे ख़ूबसूरत मैंने अच्छे बदनाम बाबा भोले_के_भक्त_है भी अच्छाई बुराई हम_तो खोते रुद्राक्ष धुंये गांजे मदहोश फुक ताकत भांग खिड़की🚪 भक्तो दरबार ___जय_महाकाल___​* ॐ_नमः_शिवाय जय_श्री_महाकाल🚩 shree अपना काल पहचान मौसम ना प्रभाव खज़ाना दीवानों नशा कलयुग दीवाना ‎मैँ‬ ‎सीना‬ पर audiकार महादेव” बुलाते जिनको निकल चलनेवाला झांकी! शुन्य करम ‎महादेव‬!!! शिवाय! धड़कने जय_श्री_महाकाल💀🚩 ऊँची मासूम कहता जाऊंगा आएगा भोले? महाकालआपके चिल्लम rum बम जय_श्री ‎‬महाकाल

आग लगे उसजवानी कों ज़िसमे
#महाकाल नाम की दिवानगी न होजय श्री महाकाल भोले KA भक्त
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सुनो महाँकाल में सांस नही लेता हु महाकाल तुम्हारा नाम लेता हुभगत_भोलेनाथ_का
#जय_श्री_महाकाल



सबसे बड़ा तेरा दरबार है, तू ही सब का पालनहार है
सजा ...

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