रामयण से जुडी यह जानकारी जो शायद आपको मालूम न हो जरूर पढें

रामयण से जुडी यह जानकारी जो शायद आपको मालूम न हो जरूर पढें
रामयण से जुडी यह जानकारी जो शायद आपको मालूम न हो जरूर पढें
रामयण से जुडी यह जानकारी जो शायद आपको मालूम न हो जरूर पढें
रामयण से जुडी यह जानकारी जो शायद आपको मालूम न हो जरूर पढें

रामायण से जुडी कुछ ऐसी बाते जो शायद ही पहले आप ने कभी सुनी हो !💐💐💐💐💐💐

भगवान राम के जीवन काल को लेकर अनेक ग्रन्थ लिखे गए है इनमे दो ग्रन्थ मुख्य माने गए है, पहला ग्रन्थ ”राम चरित मानस” गोस्वामी तुलशीदास द्वारा लिखा गया है तथा ”रामयण” के रचियता वाल्मीकि जी है. परन्तु क्या आप को पता है की इन दोनों ही ग्रंथो में अनेको बाते असमान है आइये जानते की कौनसी ऐसी बाते है जो इन दोनों ग्रंथो में अलग-अलग प्रकार से बताई गयी है तथा रामायण से संबंधित कुछ ऐसी घटना जो शायद ही आप को पता हो.

1. रामचरित मानस में कहा गया है की राजा जनक ने सीता के विवाह के लिए स्वयंवर रचाया था जिसमे अनेको देशो के राजा आये थे. इस स्वयंवर में श्री राम ने शिव धनुष को उठाया था तथा प्रत्यंचा चढ़ाते समय वह बीच से टूट गया था. परन्तु रामायण में यह बात कहि गयी है की ऋषि विश्वामित्र अपने दोनों शिष्यों के साथ मिथिला पहुंचे थे तथा विश्वामित्र ने ही राजा जनक से उस शिव धनुष को दिखाने को कहा था जिसे राम ने उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया पर वह बीच से टूट गया. क्योकि राजा जनक ने प्रतिज्ञा ली थी की जो भी शिव धनुष को उठाएगा वे उसका विवाह अपनी पुत्री से करा देंगे अतः उन्होंने श्री राम से अपनी पुत्री सीता का विवाह कराया. वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में सीता स्वयंवर का वर्णन ही नही हुआ है.2. रामचरित मानस में यह बताया गया है की परशुराम सीता स्वयंवर के समय वहा आये थे तथा उनका लक्ष्मण के साथ वाद-विवाद भी हुआ था वही रामायण में कहा गया है की जब सीता के साथ विवाह कर राम वापस अयोध्या की ओर लोट रहे तो मार्ग में परशुराम उनके पास आये थे. उनसे अपने धनुष पर बाण चढ़वाने के बाद वे पुनः वापस लोट गए थे.

3. हिन्दू सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवताओ की मान्यता है जबकि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के अरण्यकाण्ड के चौदहवे श्लोक के चौदहवे सर्ग में सिर्फ 33 देवताओ की ही बात कहि गयी है जिनमे बारह आदित्य, 11 रूद्र, 8 वसु, तथा 2 आदित्य है.4. एक बार जब रावण भगवान शिव से मिलने कैलाश पर्वत पहुंचा तो उसे मार्ग में नंदी आते दिखाई दिए. नंदी को देख रावण जोर-जोर से हसने लगा तथा मजाक में उसने नंदी को बंदर के मुख वाला कहा. नंदी ने रावण से क्रोधित होकर उसे श्राप दिया की वानरों के कारण ही तेरी मृत्यु होगी.

‌5. भरत को अपने पिता दशरथ की मृत्यु का आभास पूर्व ही उनके एक स्वप्न के माध्यम से हो चूका था. इस स्वप्न में उन्होंने राजा दशरथ को काला वस्त्र, लाल चन्दन, व फूलो की माला पहने तथा गधे से जुते हुए रथ पर सवार होकर तेजी से यम की दिशा दक्षिण की ओर जाते देखा.6. विश्व विजय की इच्छा लिए जब रावण स्वर्गलोक में पहुंचा तो उसे वहा रम्भा नाम की एक अप्सरा दिखी. उसे प्राप्त करने के लिए जब रावण उसकी ओर बढ़ा तो वह अप्सरा बोली की मुझे स्पर्श करने का प्रयास ना करे में आपके भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर के लिए आरक्षित हु अतः में आपकी पुत्रवधु हु, परन्तु रावण ने उस अपसरा के साथ दुराचार किया. जब यह बात नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को श्राप देते हुए कहा की आज के बाद जब भी रावण बिना इच्छा के किसी स्त्री को छूने का प्रयास करेगा तो उसके सर के 100 टुकड़े हो जायेंगे.

7. रावण की बहन सुपर्णखा ने स्वयं रावण को उसके सर्वनाश का श्राप दिया था. सुपर्णखा के पति का नाम विद्युतजिव्ह था जो कालकेय नाम के राजा का सेनापति था. जब रावण अपने विश्व विजय के लिए निकला था तो उसने कालकेय के साथ विद्युतजिव्ह का भी वध कर दिया था तब सुपर्णखा ने रावण को श्राप देते हुए मन ही मन ये कहा था की में ही तेरे मृत्यु का कारण बनूँगी.8. अपने विश्व विजय की इच्छा लिए रावण यमलोग भी पहुंचा जहा उसका यम के साथ बहुत भयंकर युद्ध हुआ. यम ने क्रोध में आकर रावण पर कालदंड से प्रहार करने का प्रयास किया तो उसी समय ब्रह्मा उनके सामने प्रकट हुए तथा उन दोनों के बीच का युद्ध रोका क्योकि रावण को किसी भी देवता के हाथो न मरने का वरदान था.

‌9. एक बार रावण के पुत्र मेघनाद ने अपने बल से देवराज इंद्र को बंदी बना लिया था तब स्वयं ब्रह्मा ने उसके सामने प्रकट हो इंद्र को मुक्त करने को कहा. इंद्र को बंदी बनाने के कारण ही मेघनाद का नाम इंद्रजीत पड़ा था. 10. जिस समय राम और रावण का युद्ध चल रहा था उस समय देवराज इंद्र ने रावण के वध के लिए राम को अपना दिव्य रथ दिया था जिस पर चढ़ कर राम ने रावण का वध किया था.

Pranam Like Belpatra +113 प्रतिक्रिया 5 कॉमेंट्स • 99 शेयर

कामेंट्स

उमा सिंह Nov 8, 2017
अति सुन्दर ज्ञान दर्शन ,जय श्री राम

Amar Jeet Mishra Dec 9, 2018

Like Pranam Lotus +31 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 264 शेयर
Har Har Mahadev Dec 9, 2018

Om jai jai

Pranam Like Bell +32 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 323 शेयर
kavita sharma Dec 9, 2018

Pranam Like Belpatra +138 प्रतिक्रिया 126 कॉमेंट्स • 355 शेयर
RenuSuresh Dec 9, 2018

Like Dhoop Jyot +82 प्रतिक्रिया 45 कॉमेंट्स • 302 शेयर
Narayan Tiwari Dec 9, 2018

🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹
यह एक बात समझ लेंगे तो नहीं करना पड़ेगा दुखों का सामना:🚩
श्लोक-नास्ति तृष्णासमं दुःखं नास्ति त्यागसमं सुखम्।
सर्वान् कामान् परित्यज्य ब्रह्मभूयाय कल्पते।।
अर्थात-भगवान शिव मनुष्यो को एक चेतावनी देते हुए कहते हैं क...

(पूरा पढ़ें)
Lotus Dhoop Belpatra +189 प्रतिक्रिया 38 कॉमेंट्स • 33 शेयर
sumitra Dec 9, 2018

Like Pranam Lotus +168 प्रतिक्रिया 109 कॉमेंट्स • 269 शेयर
Sudarshan Parik Dec 9, 2018

Milk Tulsi Lotus +50 प्रतिक्रिया 9 कॉमेंट्स • 374 शेयर

Jyot Flower Bell +74 प्रतिक्रिया 25 कॉमेंट्स • 197 शेयर
sanjay vishwakarma Dec 9, 2018

🌺राधे राधे जी 🌺🌺🌺🌺सुप्रभात जी🌺

Like Flower +6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 38 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB