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जय जय बागेश्वर

जय जय बागेश्वर

*🌹काशी व कैलाश से ज्यादा फलदायी है, बागेश्वर*
*🌹रहस्य,रोंमाच व आस्था का अद्भूतसंगम बागेश्वर*
*राजेन्द्रपन्त‘रमाकान्त*ब्यूरो चीफ कुमाऊँ,उत्तराखण्ड़ आज*
बागेश्वर/* * इस क्षेत्र को हिमालय का काशी भी कहते है। पर्यटन व तीर्थाटन की दृष्टि से बागेश्वर धाम का महत्व निराला है पुराणों में इस क्षेत्र का अतुलनीय वर्णन आता है। लेकिन बदहाल बागेष्वर की ब्यथा की ओर किसी का भी ध्यान नही है* बागेश्वर के आंचल में मनाये जाने वाले मेलों की महिमा का यदि हम वर्णन करें तो बागीश्वर महात्म्य के वर्णन के बिना मेलो का वर्णन अस्तित्वहीन मालूम पड़ता है। बागीश्वर महिमा का वर्णन जितना विराट है बदहाली उतनी ही विकट इस पावन तीर्थ की कथा पुराणों में विस्तार से आती है।
*🌹स्कंद पुराण के मानसखण्ड में ऋषि दुर्वासा बागीश महिमा का वर्णन करते हुए कहते हैं। बागीश्वर कथा का श्रवण मनुष्य जीवन के लिए महान् फलदायी है। इस स्थान के दर्शन सैकड़ों जन्मों के पापों का नाश करती है* *सरयू व गोमती के संगम पर स्थित बाबा बागनाथ जी के दर्शन कैलाश व काशी से भी ज्यादा फलदायी है क्योंकि भू-मण्डल का यह स्थान भगवान शिव को बेहद प्रिय है*

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MasterJi Jul 17, 2019

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gopal Krishna Jul 17, 2019

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Archana Mishra Jul 17, 2019

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MasterJi Jul 16, 2019

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🐒नमस्कार सभी को🚩किसी भाई ने कमेन्ट में यह स्टोरी लिखी थी मुझे बेहद अच्छा लगा इसलिए आप सभी के साथ शेयरकर रहा हूँ 💕💕🐒🐒🐒💕💕💕🐒🐒🐒💕💕 ☝भाई अब 50+की पीढ़ी को बहुत समझदार होने की जरूरत है। इस तरह के केस हर दूसरे घर की कहानी हो गई है। *एक ऐसा ही सच्चा किस्सा आप को बताता हूं क्रपया पढें व अन्य बुजुर्गों को अवश्य भेजें* ✌ मेरे एक दोस्त के माता-पिता बहुत ही शान्त स्वभाव के थे मेरा मित्र उनकी इकलौती संतान था उसकी शादी हो चुकी थी। व उसके दो बच्चे थे। अचानक मां का देहांत हो जाता है। एक दिन मेरा मित्र अंकल को कहता है कि पापा आप गैरेज में शिफ्ट हो जाओ क्योंकि आपकी वजह से आपकी बहू को परेशानी होती है। माताजी के गुजरने के बाद घर के सारे काम उसे करने पड़ते हैं। और आपके सामने उसे साड़ी पहन कर कार्य करने में परेशानी होती है। अंकल बिना कोई बात किये गैरेज में शिफ्ट हो जाते हैं। करीब पन्द्रह दिन बाद बेटे को बुलाकर दस दिन का उसके पूरे परिवार के लिए विदेश ट्रिप का पास देते हैं और कहते हैं कि जा बेटा सभी को घुमा ला सभी का मन हल्का हो जाएगा। पुत्र के जाने के बाद अंकल ने अपना छः करोड़ का मकान तुरंत तीन करोड़ में बेच दिया। अपने लिए एक अपार्टमेंट में अच्छा फ्लैट लिया। तथा बेटे का सारा सामान एक दूसरा फ्लैट किराये पर ले कर उसमें शिफ्ट कर दिया। जब बेटा घूम कर वापस आया तो घर पर एक दरबान बैठा था उसने बेटे को बताया कि यह मकान तो बिक चुका है। जब बेटे ने पिता को फोन लगाया तो वह बन्द आ रहा था। उसे परेशानी में देख गार्ड बोला क्या पुराने मालिक को फोन कर रहे हो। उसके हां कहने पर वह बोला भाई उन्होंने अपना नंबर बदल लिया है आपके आने पर आपसे बात कराने की बोल कर गये थे। और गार्ड ने अपने फोन से नंबर लगा कर मेरे मित्र की अंकल से बात कराई फोन पर अंकल ने उसे वहीं रुकने के लिए कहा। थोड़ी देर में वहां एक कार आकर रुकी उसमें से अंकल नीचे उतरे उन्होंने मेरे मित्र को उसके किराये वाले फ्लैट की चाबी देते हुए कहा कि यह रही तेरे फ्लैट की चाबी एक साल का किराया मैंने दे दिया है अब तेरी मर्जी हो वैसे अपनी पत्नी को रख। और यह कह कर अंकल जी वहां से चले गए। और मेरा मित्र देखता रह गया। *यह एक नितांत सत्य जयपुर की ही घटना है* अतः अब बुजुर्गों को ऐसे नालायक बच्चों से साफ कह देना चाहिए कि हम तुम्हारे साथ नहीं रह रहे हैं तुम्हें हमारे साथ रहना है तो रहो अन्यथा अपना ठिकाना ढूंढ लो। 🙏आशा करता हूँ की आप सभी को पसंद आए भोले बाबा की की कृपा सदा बनी रहे🙏सदा खुश रहें मस्त रहे और मुश्कुराते रहीए🙏🙏

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Sunil upadhyaya Jul 15, 2019

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MasterJi Jul 15, 2019

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🕉️🕉️जय श्री सच्चिदानंद स्वरूपाय नमः 🕉️🕉️ 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 सतसंग वाणी 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 एक समय ऋषभदेव के पुत्र नौ योगी ऋषियों के साथ चौमासा व्यतीत करने के लिए महाराज जनक जी के यहाँ ठहरने के लिए आये हुए थे। तब वही पर महाराज जनक जी ने योगीश्वर से हाथ जोड़कर पूछा हे-- महात्मन ! भक्ति किस प्रकार हो सकती है। ***** योगी सुखद और सुहावने वचन के साथ बोला ---हे विदेहराज जनक मै उसके सुन्दर लक्षण बतलाता हू सुनो- कभी हँसते हुए जब चित प्रसन्न हो जाता है, तो उसी को कभी क्रोध के लक्षण भी हो जाते हैं। इसलिए तुम भगवान् से स्नेह कर सकने के लिए भक्ति धारण करो।सगुण ज्ञान से ही सब भवसागर से तर जाते हैं। **** हमारी आयु बड़ी बीत गई , हम ममता में फसे रहे आयु रोती है कि बिना हरि भक्ति के इतनी आयु बीत गई। **** भक्ति के तीन लक्षण बताये गए हैं--उत्तम, मध्यम और निष्कृत । जो सारे चराचर जगत में उस एक ही परब्रम्ह को देखता है वही भक्ति का सर्वोत्तम लक्षण है। *** संतजनों की संगति से सत्यमार्ग पर चलना मध्यम भक्ति के लक्षण है। ***** जो रज के बराबर भी एक को नही समझते हैं उस निष्कृत लक्षण में तो सारी दुनिया मोह माया में फँसी हुयी है। जब तक तृष्णा नही मिटती तब तक विरक्त नही होता है। ******************************************* सत्यमेव जयति नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः। अर्थात :- सर्वदा सत्य की विजय और असत्य की पराजय और सत्य से ही विद्वानों व् महर्षियो का मार्ग विस्तृत होता है। ।।। 🌷🌷🕉️ जय श्री गुरुदेवाय नमः 🕉️🌷🌷 🔲✔️ सत्य सनातन धर्म की सदा जय हो।👏 🔲✔️ धर्म की जय हो। 🔲✔️अधर्म का नाश हो। 🔲✔️मानव समाज का कल्याण हो। 🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷 🕉️जय श्री राम🕉️

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Ritu Sen Jul 17, 2019

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