Babita Sharma
Babita Sharma Dec 25, 2020

*प्रार्थना सदा* *कुछ माँगने के लिए* *नहीं* *अपितु* *ईश्वर ने जो कुछ दिया है* *उसके प्रति आभार* *व्यक्त करने के लिए होनी चाहिए* ! सुप्रभात🙏 हरि ॐ नमो नारायण 🙏🙏 🌿मोक्षदा एकादशी आज जानें महत्व और पूजा विधि: विष्‍णु पुराण के अनुसार मोक्षदा एकादशी का व्रत हिंदू वर्ष की अन्‍य 23 एकादशियों पर उपवास रखने के बराबर है. इस एकादशी का पुण्‍य पितरों को अर्पण करने से उन्‍हें मोक्ष की प्राप्ति होती है. मोक्षदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है. इस दिन भक्त भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं. मान्‍यता है कि मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से मनुष्‍यों के सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं इस व्रत के प्रभाव से पितरों को भी मुक्ति मिल जाती है. माना जाता है कि यह व्रत मनुष्‍य के मृतक पूर्वजों के लिए स्‍वर्ग के द्वार खोलने में मदद करता है. जो भी व्‍यक्ति मोक्ष पाने की इच्‍छा रखता है उसे इस एकादशी पर व्रत रखना चाहिए. इस दिन भगवान श्रीकृष्‍ण के मुख से पवित्र श्रीमदभगवद् गीता का जन्‍म हुआ था. इसलिए इस दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है. भारत की सनातन संस्कृति में श्रीमद्भगवद्गीता न केवल पूज्य बल्कि अनुकरणीय भी है. यह दुनिया का इकलौता ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है. 🌿मोक्षदा एकादशी व्रत की पूजा विधि: इस दिन सुबह उठकर स्‍नान करने के बाद स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण कर भगवान श्रीकृष्‍ण का स्‍मरण करते हुए पूरे घर में गंगाजल छिड़कें. पूजन सामग्री में तुलसी की मंजरी, धूप-दीप, फल-फूल, रोली, कुमकुम, चंदन, अक्षत, पंचामृत रखें. विघ्‍नहर्ता भगवान गणेश, भगवान श्रीकृष्‍ण और महर्ष‍ि वेदव्‍यास की मूर्ति या तस्‍वीर सामने रखें. श्रीमदभगवद् गीता की पुस्‍तक भी रखें. सबसे पहले भगवान गणेश को तुलसी की मंजरियां अर्पित करें. इसके बाद विष्‍णु जी को धूप-दीप दिखाकर रोली और अक्षत चढ़ाएं. पूजा पाठ करने के बाद व्रत-कथा सुननी चाहिए. इसके बाद आरती कर प्रसाद बांटें. व्रत एकदाशी के अलग दिन सूर्योदय के बाद खोलना चाहिए. 🌿इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से मनोकामना पूर्ण होती हैं। आप मोक्षदा एकादशी के दिन ये उपाय कर सकते हैं - मनोकामना पूर्ति के लिए करें ये काम एकादशी पर भगवान विष्णु की पीले रंग के फूलों से पूजा अवश्य करनी चाहिए। इससे आपकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है। पीले रंग के पुष्प जगत के पालनहार विष्णु जी को बेहद ही प्रिय होते हैं। कर्जमुक्ति के लिए करें यह उपाय एकादशी पर पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं। पीपल में भगवान विष्णु का वास मन जाता है। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है। साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद पाने के लिये एकादशी पर पीले रंग के फल, कपड़े व अनाज भगवान विष्णु को अर्पित करें। बाद में ये सभी चीजें गरीबों को दान कर देनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। परिजनों के सुखी जीवन के लिए करें यह काम एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाना चाहिए। खीर में तुलसी के पत्ते डाल कर भोग लगाएं। इससे घर में शांति बनी रहती है। परिजनों के बीच भाईचारा बना रहता है। एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक लगाए और ॐ वासुदेवाय नमः मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और घर में किसी भी तरह का संकट नहीं आता है। 🌿मोक्षदा एकादशी व्रत कथा: महाराज युधिष्ठिर ने कहा- हे भगवन! आप तीनों लोकों के स्वामी, सबको सुख देने वाले और जगत के पति हैं। मैं आपको नमस्कार करता हूँ। हे देव! आप सबके हितैषी हैं अत: मेरे संशय को दूर कर मुझे बताइए कि मार्गशीर्ष एकादशी का क्या नाम है? उस दिन कौन से देवता का पूजन किया जाता है और उसकी क्या विधि है? कृपया मुझे बताएँ। भक्तवत्सल भगवान श्रीकृष्ण कहने लगे कि धर्मराज, तुमने बड़ा ही उत्तम प्रश्न किया है। इसके सुनने से तुम्हारा यश संसार में फैलेगा। मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी अनेक पापों को नष्ट करने वाली है। इसका नाम मोक्षदा एकादशी है। इस दिन दामोदर भगवान की धूप-दीप, नैवेद्य आदि से भक्तिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। अब इस विषय में मैं एक पुराणों की कथा कहता हूँ। गोकुल नाम के नगर में वैखानस नामक राजा राज्य करता था। उसके राज्य में चारों वेदों के ज्ञाता ब्राह्मण रहते थे। वह राजा अपनी प्रजा का पुत्रवत पालन करता था। एक बार रात्रि में राजा ने एक स्वप्न देखा कि उसके पिता नरक में हैं। उसे बड़ा आश्चर्य हुआ। प्रात: वह विद्वान ब्राह्मणों के पास गया और अपना स्वप्न सुनाया। कहा- मैंने अपने पिता को नरक में कष्ट उठाते देखा है। उन्होंने मुझसे कहा कि हे पुत्र मैं नरक में पड़ा हूँ। यहाँ से तुम मुझे मुक्त कराओ। जब से मैंने ये वचन सुने हैं तब से मैं बहुत बेचैन हूँ। चित्त में बड़ी अशांति हो रही है। मुझे इस राज्य, धन, पुत्र, स्त्री, हाथी, घोड़े आदि में कुछ भी सुख प्रतीत नहीं होता। क्या करूँ? राजा ने कहा- हे ब्राह्मण देवताओं! इस दु:ख के कारण मेरा सारा शरीर जल रहा है। अब आप कृपा करके कोई तप, दान, व्रत आदि ऐसा उपाय बताइए जिससे मेरे पिता को मुक्ति मिल जाए। उस पुत्र का जीवन व्यर्थ है जो अपने माता-पिता का उद्धार न कर सके। एक उत्तम पुत्र जो अपने माता-पिता तथा पूर्वजों का उद्धार करता है, वह हजार मुर्ख पुत्रों से अच्छा है। जैसे एक चंद्रमा सारे जगत में प्रकाश कर देता है, परंतु हजारों तारे नहीं कर सकते। ब्राह्मणों ने कहा- हे राजन! यहाँ पास ही भूत, भविष्य, वर्तमान के ज्ञाता पर्वत ऋषि का आश्रम है। आपकी समस्या का हल वे जरूर करेंगे। ऐसा सुनकर राजा मुनि के आश्रम पर गया। उस आश्रम में अनेक शांत चित्त योगी और मुनि तपस्या कर रहे थे। उसी जगह पर्वत मुनि बैठे थे। राजा ने मुनि को साष्टांग दंडवत किया। मुनि ने राजा से सांगोपांग कुशल पूछी। राजा ने कहा कि महाराज आपकी कृपा से मेरे राज्य में सब कुशल हैं, लेकिन अकस्मात मेरे च्ति में अत्यंत अशांति होने लगी है। ऐसा सुनकर पर्वत मुनि ने आँखें बंद की और भूत विचारने लगे। फिर बोले हे राजन! मैंने योग के बल से तुम्हारे पिता के कुकर्मों को जान लिया है। उन्होंने पूर्व जन्म में कामातुर होकर एक पत्नी को रति दी किंतु सौत के कहने पर दूसरे पत्नी को ऋतुदान माँगने पर भी नहीं दिया। उसी पापकर्म के कारण तुम्हारे पिता को नर्क में जाना पड़ा। तब राजा ने कहा ‍इसका कोई उपाय बताइए। मुनि बोले- हे राजन! आप मार्गशीर्ष एकादशी का उपवास करें और उस उपवास के पुण्य को अपने पिता को संकल्प कर दें। इसके प्रभाव से आपके पिता की अवश्य नर्क से मुक्ति होगी। मुनि के ये वचन सुनकर राजा महल में आया और मुनि के कहने अनुसार कुटुम्ब सहित मोक्षदा एकादशी का व्रत किया। इसके उपवास का पुण्य उसने पिता को अर्पण कर दिया। इसके प्रभाव से उसके पिता को मुक्ति मिल गई और स्वर्ग में जाते हुए वे पुत्र से कहने लगे- हे पुत्र तेरा कल्याण हो। यह कहकर स्वर्ग चले गए। मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी का जो व्रत करते हैं, उनके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। इस व्रत से बढ़कर मोक्ष देने वाला और कोई व्रत नहीं है। इस कथा को पढ़ने या सुनने से वायपेय यज्ञ का फल मिलता है। यह व्रत मोक्ष देने वाला तथा चिंतामणि के समान सब कामनाएँ पूर्ण करने वाला है। हरि ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🙏 जय श्रीकृष्ण 🙏

*प्रार्थना सदा* 
    *कुछ माँगने के लिए* *नहीं*
              *अपितु*
    *ईश्वर ने जो कुछ दिया है*
       *उसके प्रति आभार*
*व्यक्त करने के लिए होनी चाहिए* !           
  
 सुप्रभात🙏 हरि ॐ नमो नारायण 🙏🙏

🌿मोक्षदा एकादशी आज जानें महत्व और पूजा विधि:

विष्‍णु पुराण के अनुसार मोक्षदा एकादशी का व्रत हिंदू वर्ष की अन्‍य 23 एकादशियों पर उपवास रखने के बराबर है. इस एकादशी का पुण्‍य पितरों को अर्पण करने से उन्‍हें मोक्ष की प्राप्ति होती है.

 मोक्षदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है. इस दिन भक्त भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं. मान्‍यता है कि मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से मनुष्‍यों के सभी पाप नष्‍ट हो जाते हैं. सिर्फ इतना ही नहीं इस व्रत के प्रभाव से पितरों को भी मुक्ति मिल जाती है. माना जाता है कि यह व्रत मनुष्‍य के मृतक पूर्वजों के लिए स्‍वर्ग के द्वार खोलने में मदद करता है. जो भी व्‍यक्ति मोक्ष पाने की इच्‍छा रखता है उसे इस एकादशी पर व्रत रखना चाहिए. इस दिन भगवान श्रीकृष्‍ण के मुख से पवित्र श्रीमदभगवद् गीता का जन्‍म हुआ था. इसलिए इस दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है. भारत की सनातन संस्कृति में श्रीमद्भगवद्गीता न केवल पूज्य बल्कि अनुकरणीय भी है. यह दुनिया का इकलौता ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है.

🌿मोक्षदा एकादशी व्रत की पूजा विधि:

इस दिन सुबह उठकर स्‍नान करने के बाद स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण कर भगवान श्रीकृष्‍ण का स्‍मरण करते हुए पूरे घर में गंगाजल छिड़कें. पूजन सामग्री में तुलसी की मंजरी, धूप-दीप, फल-फूल, रोली, कुमकुम, चंदन, अक्षत, पंचामृत रखें. विघ्‍नहर्ता भगवान गणेश, भगवान श्रीकृष्‍ण और महर्ष‍ि वेदव्‍यास की मूर्ति या तस्‍वीर सामने रखें. श्रीमदभगवद् गीता की पुस्‍तक भी रखें. सबसे पहले भगवान गणेश को तुलसी की मंजरियां अर्पित करें. इसके बाद विष्‍णु जी को धूप-दीप दिखाकर रोली और अक्षत चढ़ाएं. पूजा पाठ करने के बाद व्रत-कथा सुननी चाहिए. इसके बाद आरती कर प्रसाद बांटें. व्रत एकदाशी के अलग दिन सूर्योदय के बाद खोलना चाहिए.

🌿इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से मनोकामना पूर्ण होती हैं। आप मोक्षदा एकादशी के दिन ये उपाय कर सकते हैं - 

मनोकामना पूर्ति के लिए करें ये काम
एकादशी पर भगवान विष्णु की पीले रंग के फूलों से पूजा अवश्य करनी चाहिए। इससे आपकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है। पीले रंग के पुष्प जगत के पालनहार विष्णु जी को बेहद ही प्रिय होते हैं।

कर्जमुक्ति के लिए करें यह उपाय
एकादशी पर पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं। पीपल में भगवान विष्णु का वास मन जाता है। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है। साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।

भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद पाने के लिये एकादशी पर पीले रंग के फल, कपड़े व अनाज भगवान विष्णु को अर्पित करें। बाद में ये सभी चीजें गरीबों को दान कर देनी चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

परिजनों के सुखी जीवन के लिए करें यह काम
 एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाना चाहिए। खीर में तुलसी के पत्ते डाल कर भोग लगाएं। इससे घर में शांति बनी रहती है। परिजनों के बीच भाईचारा बना रहता है।

एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक लगाए और ॐ वासुदेवाय नमः मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और घर में किसी भी तरह का संकट नहीं आता है।

🌿मोक्षदा एकादशी व्रत कथा:

महाराज युधिष्ठिर ने कहा- हे भगवन! आप तीनों लोकों के स्वामी, सबको सुख देने वाले और जगत के पति हैं। मैं आपको नमस्कार करता हूँ। हे देव! आप सबके हितैषी हैं अत: मेरे संशय को दूर कर मुझे बताइए कि मार्गशीर्ष एकादशी का क्या नाम है?

उस दिन कौन से देवता का पूजन किया जाता है और उसकी क्या विधि है? कृपया मुझे बताएँ। भक्तवत्सल भगवान श्रीकृष्ण कहने लगे कि धर्मराज, तुमने बड़ा ही उत्तम प्रश्न किया है। इसके सुनने से तुम्हारा यश संसार में फैलेगा। मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी अनेक पापों को नष्ट करने वाली है। इसका नाम मोक्षदा एकादशी है।

इस दिन दामोदर भगवान की धूप-दीप, नैवेद्य आदि से भक्तिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। अब इस विषय में मैं एक पुराणों की कथा कहता हूँ। गोकुल नाम के नगर में वैखानस नामक राजा राज्य करता था। उसके राज्य में चारों वेदों के ज्ञाता ब्राह्मण रहते थे। वह राजा अपनी प्रजा का पुत्रवत पालन करता था। एक बार रात्रि में राजा ने एक स्वप्न देखा कि उसके पिता नरक में हैं। उसे बड़ा आश्चर्य हुआ।

प्रात: वह विद्वान ब्राह्मणों के पास गया और अपना स्वप्न सुनाया। कहा- मैंने अपने पिता को नरक में कष्ट उठाते देखा है। उन्होंने मुझसे कहा कि हे पुत्र मैं नरक में पड़ा हूँ। यहाँ से तुम मुझे मुक्त कराओ। जब से मैंने ये वचन सुने हैं तब से मैं बहुत बेचैन हूँ। चित्त में बड़ी अशांति हो रही है। मुझे इस राज्य, धन, पुत्र, स्त्री, हाथी, घोड़े आदि में कुछ भी सुख प्रतीत नहीं होता। क्या करूँ?

राजा ने कहा- हे ब्राह्मण देवताओं! इस दु:ख के कारण मेरा सारा शरीर जल रहा है। अब आप कृपा करके कोई तप, दान, व्रत आदि ऐसा उपाय बताइए जिससे मेरे पिता को मुक्ति मिल जाए। उस पुत्र का जीवन व्यर्थ है जो अपने माता-पिता का उद्धार न कर सके। एक उत्तम पुत्र जो अपने माता-पिता तथा पूर्वजों का उद्धार करता है, वह हजार मुर्ख पुत्रों से अच्छा है। जैसे एक चंद्रमा सारे जगत में प्रकाश कर देता है, परंतु हजारों तारे नहीं कर सकते। ब्राह्मणों ने कहा- हे राजन! यहाँ पास ही भूत, भविष्य, वर्तमान के ज्ञाता पर्वत ऋषि का आश्रम है। आपकी समस्या का हल वे जरूर करेंगे।

ऐसा सुनकर राजा मुनि के आश्रम पर गया। उस आश्रम में अनेक शांत चित्त योगी और मुनि तपस्या कर रहे थे। उसी जगह पर्वत मुनि बैठे थे। राजा ने मुनि को साष्टांग दंडवत किया। मुनि ने राजा से सांगोपांग कुशल पूछी। राजा ने कहा कि महाराज आपकी कृपा से मेरे राज्य में सब कुशल हैं, लेकिन अकस्मात मेरे च्ति में अत्यंत अशांति होने लगी है। ऐसा सुनकर पर्वत मुनि ने आँखें बंद की और भूत विचारने लगे। फिर बोले हे राजन! मैंने योग के बल से तुम्हारे पिता के कुकर्मों को जान लिया है। उन्होंने पूर्व जन्म में कामातुर होकर एक पत्नी को रति दी किंतु सौत के कहने पर दूसरे पत्नी को ऋतुदान माँगने पर भी नहीं दिया। उसी पापकर्म के कारण तुम्हारे पिता को नर्क में जाना पड़ा।

तब राजा ने कहा ‍इसका कोई उपाय बताइए। मुनि बोले- हे राजन! आप मार्गशीर्ष एकादशी का उपवास करें और उस उपवास के पुण्य को अपने पिता को संकल्प कर दें। इसके प्रभाव से आपके पिता की अवश्य नर्क से मुक्ति होगी। मुनि के ये वचन सुनकर राजा महल में आया और मुनि के कहने अनुसार कुटुम्ब सहित मोक्षदा एकादशी का व्रत किया। इसके उपवास का पुण्य उसने पिता को अर्पण कर दिया। इसके प्रभाव से उसके पिता को मुक्ति मिल गई और स्वर्ग में जाते हुए वे पुत्र से कहने लगे- हे पुत्र तेरा कल्याण हो। यह कहकर स्वर्ग चले गए।

मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी का जो व्रत करते हैं, उनके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। इस व्रत से बढ़कर मोक्ष देने वाला और कोई व्रत नहीं है। इस कथा को पढ़ने या सुनने से वायपेय यज्ञ का फल मिलता है। यह व्रत मोक्ष देने वाला तथा चिंतामणि के समान सब कामनाएँ पूर्ण करने वाला है।

हरि ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 🙏
जय श्रीकृष्ण 🙏

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कामेंट्स

दादाजी 🌹 Dec 28, 2020
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय🌹🙏 सुप्रभात बहन💐🙏🌹🌹

BK WhatsApp STATUS Dec 28, 2020
जय श्री कृष्ण शुभ प्रभात स्नेह वंदन धन्यवाद 🌹🙏🙏

🌷🌷Poonam Dahiya 🌷🌷 Dec 29, 2020
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे बोल जय जय श्री राधे राधे राधे

brijmohan kaseara Dec 29, 2020
जय श्री राधे कृष्णा जी ।।🙏🌷सुप्रभात 🌹🙏 आ दिदि जी ।🙏🙏

indraj Dec 29, 2020
Jai shri Ram 🙏 Jai shri hanuman ji 🙏 Jai shri Radhe Krishna ji 🙏 sister ji 🙏 prbhu shri Ram ji or shri hanuman ji ki Anant Kirpa AAP or apke Parivar par sadev bni rhe ji Thakur ji aap or apke Parivar Ko hamesha swasth sukhi v Khush rakhe ji apka har pal Shubh or mangalmay ho sister ji 🙏🌷🙏🌷🙏🌷🙏🌷🚩

pramod singh Dec 29, 2020
jai Shri Radhe krishna ji 🙏 good morning ji 🙏

Mohini 🙏 Dec 29, 2020
जय श्री कृष्णा जी

Mansing bhai Sumaniya Dec 29, 2020
शिव शिव बहेना जी🥀 शुभ मंगल प्रभात बहेना जी🥀 जय बजरंग बली की🥀 सदा शिवजी की कृपादृष्टि रहे,🥀 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱

💞 Ranjit Chavda 💞 Dec 29, 2020
🌄very sweet good morning sister ji jai shree hanuman ji jai shree ram ji 👍🌹🌹☺️☺️🙏🙏

GOVIND CHOUHAN Dec 29, 2020
Jai Shree Radhe Radhe Ji 🌷 Jai Shree Radhe Krishna ji 🌷 subh prabhat Vandan pranaam jii Didi 🌷🌷🙏🙏

Gour.... Dec 29, 2020
Jai Shri Krishna Jai Shri Radhe G... Bhagwan Aapko sada Khush Rakkhen G. Aapka Har Pal Khushion Se Bhara Ho G.

अर्जुन वर्मा Dec 29, 2020
!! जय जय श्री राधे गोविंद!!🙏 !! आपका दिन सुखमय एवं मंगलमय बना रहे!!🙏🙏🌿🌿🌿

Shivbrat divedi rewa mp Kaaku Dec 29, 2020
जय श्री राधे राधे कृष्णा जी शुभ मंगलवार सुप्रभात आप हर पल मुस्कुराती रहिये जी 🌿🥀🌿🥀🌿🙏🙏🥀🌿🥀🌿🥀

Shivbrat divedi rewa mp Kaaku Dec 29, 2020
राम का हूँ भक्त मैं, रूद्र का अवतार हूँ अंजनी का लाल हूँ मैं, दुर्जनों का काल हूँ साधुजन के साथ हूँ मैं, निर्बलो की आस हूँ सद्गुणों का मान हूँ मैं, हां मैं हनुमान हूँ. जय श्री राम जय श्री हनुमान ❤️❤️ जय श्री राम🌹🌺🙏🙏🌹🌺🌿🌹शुभ रात्री वंदन जी 🌹🌿🌹आने वाला साल आपको ढेर सारी खुशियां प्रदान करे 🌹🌿🌹आप हर पल मुस्कुराती रहिये जी 🌹🌿🌹🌿🌹🌿🌹🌹🌿🌹🌿🌹

Ravi Kumar Taneja Dec 29, 2020
🌹🌹🌹!!!शुभ रात्रि सादर सप्रेम वंदन !!!🦚🦢🙏🌹🙏🦢🦚 🙏🌹भक्त तेरे बुलाये हनुमान रे तुझे आज रे, ओ मेरे बाला बलवान रे, भक्त तेरे बुलाए हनुमान रे... तुझे आज रे ओ मेरे बाला........ 🙏🌹🙏🌹🙏

ramgopal pareek Dec 30, 2020
जयश्री बालाजी की । जय अंजनी माता की।

R K Jan 29, 2021
श्री राधे राधे

varsha lohar Mar 8, 2021

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Sarita Mar 8, 2021

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manish.s Mar 8, 2021

🙏🌹 जय राधे कृष्णा जय राधे कृष्णा जी राधे🌹🙏 🙏🌹 हर हर महादेव जय भोलेनाथ जय भोले🌹🙏 🌹🌹🌹🌹🙏 जय राधे कृष्णा जी🙏🌹🌹🌹🌹 🖋,, खुशनसीब होते हैं बादल जो दूर रहकर भी.. .... जमीन पर बरसते हैं.. और एक हम हैं जो एक .. .... ही दुनिया में रहकर भी मिलने को तरसते हैं👉🌹 🖋,, प्यार भी हुआ तो ऐसे इंसान से हुआ.. जिसे भूलना ... बस में नहीं और पाना किस्मत में नहीं👉🌹 🖋,, बहुत होंगे दुनिया में तुम्हें चाहने वाले. मगर .... इस पागल की तो दुनिया ही तुम👉🌹 🖋,, उसका गुस्सा और मेरा प्यार एक जैसा है.. ... क्योंकि ना तो उसका गुस्सा कम होता है .... और ना मेरा प्यार👉🌹 🖋,, हजारों अपने हैं मगर याद सिर्फ तेरी .... ........ आती है👉🌹 !! जय राधे कृष्णा जी !!

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Radha Bansal Mar 8, 2021

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PujaMehta Mar 8, 2021

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Ramesh Agrawal Mar 8, 2021

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