karam
karam May 13, 2020

🌹❤ 🙏 जय बद्रीबिशाल जी हर हर महादेव ।

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Preeti jain May 13, 2020
🌱💞🌹🙏 ओम श्री गणेशाय नमः बप्पा का कृपा सदा आप और आपकी फैमिली पर बना रहे आपका हर पल शुभ एवं मंगलमय हो शुभ प्रभात जी 🌱💞🌹🙏🌿🐾 आपका हर पल खुशियों भरा हो आप सदा स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें बप्पा आपको हर खुशियां दे 🌹💞🙏🌿

Renu Singh May 13, 2020
Om Namah Shivaya 🙏 Shubh Sandhya Vandan Ji 🙏🌹 Bhole Nath Aapki Har Manokamna Puri Karein Aapka Har pal Shubh V Mangalmay ho Bhai Ji 🙏🌹

karam May 13, 2020
@preetijain1 जी ❤ 🙏 🌷 🌷 ऊॅ श्री गणेशाय नमः🌹🌷🌹🌹🌹🌹राधे ही राधे जी कृष्णा ही राधे ❤ 🙏 🙏 बप्पा की कृपा और आप का शुभाशीष सदैव मेरे लिए अतुलनीय है 🌷🌹 शुभ और मंगल कामनाओ सहित माँ गौरी जी आप की हर मनोकामना पूर्ण करें सुख और समृद्धि से हमेशा परिपूर्ण रहे ❤ 🌹 शुभ रात्रि

karam May 13, 2020
@renusingh15 जी ❤ 🌷 🌷 Om nameh shivaye 🌹 🌹 🌹 🌹 🌹 Har Har Mahadev 🌷🌹Bhole Nath ji ki kripa ke sathh Aap Ka sneh mere liye Atulniye hai Behan 🌺 Mangalmaye kamnayon sahit sukh smaridhi aur deerghaayu ki Parmeshwar se prathna karta hoon Behan 🌷 shubh Ratri ji 🌺

मूम्बादेवी माता मूम्बई दर्शन जय मा मूम्बादेवी ।। 8 साल का एक बच्चा 1 रूपये का सिक्का मुट्ठी में लेकर एक दुकान पर जाकर कहा, --क्या आपके दुकान में ईश्वर मिलेंगे? दुकानदार ने यह बात सुनकर सिक्का नीचे फेंक दिया और बच्चे को निकाल दिया। बच्चा पास की दुकान में जाकर 1 रूपये का सिक्का लेकर चुपचाप खड़ा रहा! -- ए लड़के.. 1 रूपये में तुम क्या चाहते हो? -- मुझे ईश्वर चाहिए। आपके दुकान में है? दूसरे दुकानदार ने भी भगा दिया। लेकिन, उस अबोध बालक ने हार नहीं मानी। एक दुकान से दूसरी दुकान, दूसरी से तीसरी, ऐसा करते करते कुल चालीस दुकानों के चक्कर काटने के बाद एक बूढ़े दुकानदार के पास पहुंचा। उस बूढ़े दुकानदार ने पूछा, -- तुम ईश्वर को क्यों खरीदना चाहते हो? क्या करोगे ईश्वर लेकर? पहली बार एक दुकानदार के मुंह से यह प्रश्न सुनकर बच्चे के चेहरे पर आशा की किरणें लहराईं৷ लगता है इसी दुकान पर ही ईश्वर मिलेंगे ! बच्चे ने बड़े उत्साह से उत्तर दिया, ----इस दुनिया में मां के अलावा मेरा और कोई नहीं है। मेरी मां दिनभर काम करके मेरे लिए खाना लाती है। मेरी मां अब अस्पताल में हैं। अगर मेरी मां मर गई तो मुझे कौन खिलाएगा ? डाक्टर ने कहा है कि अब सिर्फ ईश्वर ही तुम्हारी मां को बचा सकते हैं। क्या आपके दुकान में ईश्वर मिलेंगे? -- हां, मिलेंगे...! कितने पैसे हैं तुम्हारे पास? -- सिर्फ एक रूपए। -- कोई दिक्कत नहीं है। एक रूपए में ही ईश्वर मिल सकते हैं। दुकानदार बच्चे के हाथ से एक रूपए लेकर उसने पाया कि एक रूपए में एक गिलास पानी के अलावा बेचने के लिए और कुछ भी नहीं है। इसलिए उस बच्चे को फिल्टर से एक गिलास पानी भरकर दिया और कहा, यह पानी पिलाने से ही तुम्हारी मां ठीक हो जाएगी। अगले दिन कुछ मेडिकल स्पेशलिस्ट उस अस्पताल में गए। बच्चे की मां का अॉप्रेशन हुआ। और बहुत जल्द ही वह स्वस्थ हो उठीं। डिस्चार्ज के कागज़ पर अस्पताल का बिल देखकर उस महिला के होश उड़ गए। डॉक्टर ने उन्हें आश्वासन देकर कहा, "टेंशन की कोई बात नहीं है। एक वृद्ध सज्जन ने आपके सारे बिल चुका दिए हैं। साथ में एक चिट्ठी भी दी है"। महिला चिट्ठी खोलकर पढ़ने लगी, उसमें लिखा था- "मुझे धन्यवाद देने की कोई आवश्यकता नहीं है। आपको तो स्वयं ईश्वर ने ही बचाया है ... मैं तो सिर्फ एक ज़रिया हूं। यदि आप धन्यवाद देना ही चाहती हैं तो अपने अबोध बच्चे को दिजिए जो सिर्फ एक रूपए लेकर नासमझों की तरह ईश्वर को ढूंढने निकल पड़ा। उसके मन में यह दृढ़ विश्वास था कि एकमात्र ईश्वर ही आपको बचा सकते है। विश्वास इसी को ही कहते हैं। ईश्वर को ढूंढने के लिए करोड़ों रुपए दान करने की ज़रूरत नहीं होती, यदि मन में अटूट विश्वास हो तो वे एक रूपए में भी मिल सकते हैं।" आइए, इस महामारी से बचने के लिए हम सभी मन से ईश्वर को ढूंढे ... उनसे प्रार्थना करें... उनसे माफ़ी मांगे..!!! बहुत अच्छा मैसेज है आपको धन्यवाद🙏

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