Ragni Dhiwar
Ragni Dhiwar May 9, 2020

☘🍀🌱🌾🎄🌲🌴🌳 *समस्या आने पर न्याय नहीं समाधान होना चाहिये।* *क्योंकि न्याय में एक के घर दीप जलते हैं, तो दूसरे के घर अँधेरा होता है।* *मगर समाधान में दोनों के घर दीप जलते हैं ।* 🌞 सुप्रभात 🌞 आप का दिन शुभ हो। ☘🍀🌱🌾🎄🌲🌴🌳

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कामेंट्स

Anilkumar Marathe May 9, 2020
जय श्री कृष्णा नमस्कार आदरणीय प्यारी रागनी जी !! 🌹बजरंगबली हर बुरी नज़र से बचाये आपको, दुनिया की तमाम खुशियों से सजाये आपको, दुःख क्या होता है यह कभी पता न चले, फूल खिलते रहे ज़िंदगी की राह में, हंसी चमकती रहे आपकी निगाहें में कदम कदम पर मिले ख़ुशी और कामयाबी की बहार आपको !! 🌹 आपका दिन शुभ व मंगलमय हो

Manoj manu May 9, 2020
🚩🙏🌺जय श्री शनि देव जी राधे राधे जी,प्रभु श्री जी की अनंत सुंदर,सदा कल्याणी,न्यायप्रिय,ममतामयी एवं मधुर-मंगल कृपा के साथ में शुभ दिन सादर वंदन जी दीदी 🌿🌺🙏

🔔 VEERUDA 🔔 May 9, 2020
Dopahar Ka Ram Ram Ji Deva Aapki Sabhi Manokamna Puri Kare Ji 🌹🙏🌹

मेरे साईं ( Indian women) May 9, 2020
🕉शनिदेवाय नमः 🌹🙏 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 👉चलते रहे कदम तो                किनारा जरुर मिलेगा । अन्धकार से लड़ते रहे                सवेरा जरुर खिलेगा । जब ठान लिया मंजिल पर जाना                रास्ता जरुर मिलेगा । ए राही न थक, चल.           एक दिन समय जरुर फिरेगा…। *🌞आप का हर पल मंगलमय हो 🌹🙏

Ragni Dhiwar May 9, 2020
@रमेशशर्मा 🌷शनि देव जी हनुमान जी की कृपा आप सब पर सदैव बनी रहे 🌷🌱🌿 *आपका दिन शुभ हो...*🌿 *ऐसी मंगलभावनाओं सहित सादर......*नमन 🙏🌷भैया जी 🙏

Ragni Dhiwar May 9, 2020
@dilipmunya 🌷शनि देव जी हनुमान जी की कृपा आप सब पर सदैव बनी रहे 🌷🌱🌿 *आपका दिन शुभ हो...*🌿 *ऐसी मंगलभावनाओं सहित सादर......*नमन 🙏🌷

Ragni Dhiwar May 9, 2020
@shankarkigulabo 🌷शनि देव जी हनुमान जी की कृपा आप सब पर सदैव बनी रहे 🌷🌱🌿 *आपका दिन शुभ हो...*🌿 *ऐसी मंगलभावनाओं सहित सादर......*नमन 🙏🌷

Dr. SEEMA SONI May 9, 2020
राम राम मेरी प्यारी बहना जी 🌹🙏श्री हनुमानजी श्री शनिदेव जी की कृपा दृष्टि से आपके सभी कार्य सिद्ध हो।आपका दिन मंगलमय हो।आप सदा स्वस्थ सुखी रहें।भगवान आपको हर खुशी दे।🌹🙏

Ramswaroop Chaurasia May 9, 2020
jai shre sita ram ji jai shre🍁🍁🌷🌷🌷🍁🍁🍁 shani maharaj ji ki kirpa hamesa bani rahe ji 🌺🌹❤🌱🌱⚘⚘with your famliy jai Mata di 🙏🏼🙏🏼🙏🏻🙏🏼

r h Bhatt May 9, 2020
Jai Ram ji ki Ram ram ji aapka Den magalmay or Shubh ho ji Vandana ji

Ragni Dhiwar May 9, 2020
@rhbhatt 🌷शनि देव जी हनुमान जी की कृपा आप सब पर सदैव बनी रहे 🌷🌱🌿 *आपका दिन शुभ हो...*🌿 *ऐसी मंगलभावनाओं सहित सादर......*नमन 🙏🌷

Renu Singh May 9, 2020
Shubh Dophar Pyari Bahena ji 🙏🌹🙏 Shanidev Ji ki kripa Aap aur Aàpke Pariwar pr hamesha Bni rhe Aàpka Har pal Shubh V Mangalmay ho Bahena Ji 🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏

राजेश अग्रवाल May 9, 2020
केसरी नंदन हनुमान जी एवं सूर्य पुत्र शनि देव जी की शीतल छाया आप पर सदैव बनी रहे,आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो,प्रभु हर सुख सुविधा से आप का दामन सदैव भरा रखें मंगल कामना के साथ राजेश भाई का आपको सादर नमन वंदन 🙏🌹

Brajesh Sharma May 9, 2020
आज शनिवार है, आज हम आपको बतायेगें कि,शनिदेव - कैसे हुआ जन्म और कैसे टेढ़ी हुई नजर?????? अक्सर शनि का नाम सुनते ही शामत नजर आने लगती है, सहमने लग जाते हैं, शनि के प्रकोप का खौफ खा जाते हैं। कुल मिलाकर शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है लेकिन असल में ऐसा है नहीं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि न्यायधीश या कहें दंडाधिकारी की भूमिका का निर्वहन करते हैं। वह अच्छे का परिणाम अच्छा और बूरे का बूरा देने वाले ग्रह हैं। अगर कोई शनिदेव के कोप का शिकार है तो रूठे हुए शनिदेव को मनाया भी जा सकता है। शनि जयंती का दिन तो इस काम के लिये सबसे उचित माना जाता है। आइये जानते हैं शनिदेव के बारे में, क्या है इनके जन्म की कहानी और क्यों रहते हैं शनिदेव नाराज। शनिदेव जन्मकथा?????? शनिदेव के जन्म के बारे में स्कंदपुराण के काशीखंड में जो कथा मिलती वह कुछ इस प्रकार है। राजा दक्ष की कन्या संज्ञा का विवाह सूर्यदेवता के साथ हुआ। सूर्यदेवता का तेज बहुत अधिक था जिसे लेकर संज्ञा परेशान रहती थी। वह सोचा करती कि किसी तरह तपादि से सूर्यदेव की अग्नि को कम करना होगा। जैसे तैसे दिन बीतते गये संज्ञा के गर्भ से वैवस्वत मनु, यमराज और यमुना तीन संतानों ने जन्म लिया। संज्ञा अब भी सूर्यदेव के तेज से घबराती थी फिर एक दिन उन्होंने निर्णय लिया कि वे तपस्या कर सूर्यदेव के तेज को कम करेंगी लेकिन बच्चों के पालन और सूर्यदेव को इसकी भनक न लगे इसके लिये उन्होंने एक युक्ति निकाली उन्होंने अपने तप से अपनी हमशक्ल को पैदा किया जिसका नाम संवर्णा रखा। संज्ञा ने बच्चों और सूर्यदेव की जिम्मेदारी अपनी छाया संवर्णा को दी और कहा कि अब से मेरी जगह तुम सूर्यदेव की सेवा और बच्चों का पालन करते हुए नारीधर्म का पालन करोगी लेकिन यह राज सिर्फ मेरे और तुम्हारे बीच ही बना रहना चाहिये। अब संज्ञा वहां से चलकर पिता के घर पंहुची और अपनी परेशानी बताई तो पिता ने डांट फटकार लगाते हुए वापस भेज दिया लेकिन संज्ञा वापस न जाकर वन में चली गई और घोड़ी का रूप धारण कर तपस्या में लीन हो गई। उधर सूर्यदेव को जरा भी आभास नहीं हुआ कि उनके साथ रहने वाली संज्ञा नहीं सुवर्णा है। संवर्णा अपने धर्म का पालन करती रही उसे छाया रूप होने के कारण उन्हें सूर्यदेव के तेज से भी कोई परेशानी नहीं हुई। सूर्यदेव और संवर्णा के मिलन से भी मनु, शनिदेव और भद्रा (तपती) तीन संतानों ने जन्म लिया। एक अन्य कथा के अनुसार शनिदेव का जन्म महर्षि कश्यप के अभिभावकत्व में कश्यप यज्ञ से हुआ। छाया शिव की भक्तिन थी। जब शनिदेव छाया के गर्भ में थे तो छाया ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कि वे खाने-पीने की सुध तक उन्हें न रही। भूख-प्यास, धूप-गर्मी सहने के कारण उसका प्रभाव छाया के गर्भ मे पल रही संतान यानि शनि पर भी पड़ा और उनका रंग काला हो गया। जब शनिदेव का जन्म हुआ तो रंग को देखकर सूर्यदेव ने छाया पर संदेह किया और उन्हें अपमानित करते हुए कह दिया कि यह मेरा पुत्र नहीं हो सकता। मां के तप की शक्ति शनिदेव में भी आ गई थी उन्होंने क्रोधित होकर अपने पिता सूर्यदेव को देखा तो सूर्यदेव बिल्कुल काले हो गये, उनके घोड़ों की चाल रूक गयी। परेशान होकर सूर्यदेव को भगवान शिव की शरण लेनी पड़ी इसके बाद भगवान शिव ने सूर्यदेव को उनकी गलती का अहसास करवाया। सूर्यदेव अपने किये का पश्चाताप करने लगे और अपनी गलती के लिये क्षमा याचना कि इस पर उन्हें फिर से अपना असली रूप वापस मिला। लेकिन पिता पुत्र का संबंध जो एक बार खराब हुआ फिर न सुधरा आज भी शनिदेव को अपने पिता सूर्य का विद्रोही माना जाता है। क्यों है शनिदेव की दृष्टि टेढ़ी????? शनिदेव के गुस्से की एक वजह उपरोक्त कथा में सामने आयी कि माता के अपमान के कारण शनिदेव क्रोधित हुए लेकिन वहीं ब्रह्म पुराण इसकी कुछ और ही कहानी बताता है। ब्रह्मपुराण के अनुसार शनिदेव भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त थे। जब शनिदेव जवान हुए तो चित्ररथ की कन्या से इनका विवाह हुआ। शनिदेव की पत्नी सती, साध्वी और परम तेजस्विनी थी लेकिन शनिदेव भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में इतना लीन रहते कि अपनी पत्नी को उन्होंनें जैसे भुला ही दिया। एक रात ऋतु स्नान कर संतान प्राप्ति की इच्छा लिये वह शनि के पास आयी लेकिन शनि देव हमेशा कि तरह भक्ति में लीन थे। वे प्रतीक्षा कर-कर के थक गई और उनका ऋतुकाल निष्फल हो गया। आवेश में आकर उन्होंने शनि देव को शाप दे दिया कि जिस पर भी उनकी नजर पड़ेगी वह नष्ट हो जायेगा। ध्यान टूटने पर शनिदेव ने पत्नी को मनाने की कोशिश की उन्हें भी अपनी गलती का अहसास हुआ लेकिन तीर कमान से छूट चुका था जो वापस नहीं आ सकता था अपने श्राप के प्रतिकार की ताकत उनमें नहीं थी। इसलिये शनि देवता अपना सिर नीचा करके रहने लगे। शनि देव से जुड़ी महत्त्वपूर्ण बातें!!!! शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। शनि देव का वाहन गिद्ध, कुत्ता, भैंस आदि हैं। शनिवार को तेल, काले तिल, काले कपड़े आदि दान करने से शनि देव प्रसन्न रहते हैं। मान्यता है कि शनि देव की अपने पिता सूर्यदेव से अच्छे रिश्ते नहीं हैं। एक कथानुसार हनुमान जी ने शनि देव को रावण की कैद से मुक्त कराया था। तभी से हनुमान जी की आराधना करने वाले जातकों को शनि देव नहीं सताते। शनि देव की गति मंद यानि बेहद धीमी है। इसी कारण एक राशि में वह करीब साढ़ेसात साल तक रहते हैं।

Anjana Gupta May 9, 2020
राम राम मेरी प्यारी बहना जी आपकी हर मनोकामना राम जी पूरी करे आप का हर पल खुशियों भरा हो शुभ रात्रि वंदन मेरी प्यारी बहना जी 🙏🌹

sanjay Awasthi May 10, 2020

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Ragni Dhiwar May 10, 2020

*17 मई का इंतज़ार ना करें* सरकार एक निश्चित समय तक ही lockdown रख सकती है धीरे धीरे lockdown खत्म हो जाएगा सरकार भी इतनी सख्ती नहीं दिखाएगी क्योंकि *सरकार ने आपको कोरोना बीमारी के बारे में अवगत करा दिया है, सोशल डिस्टैंसिंग, हैण्ड सेनिटाइजेशन इत्यादि सब समझा दिया है* *बीमार होने के बाद की स्थिति भी आप लोग देश में देख ही रहे हैं* अब जो समझदार हैं वह आगे लंबे समय तक अपनी दिनचर्या, काम करने का तरीका समझ ले। *सरकार 24 घंटे 365 दिन आपकी चौकीदारी नहीं करेगी* *आपके एवं आपके परिवार का भविष्य आपके हाथ में है* Lockdown खुलने के बाद सोच समझ कर घर से निकलें एवं काम पर जायें... व नीयत नियमानुसार ही अपना कार्य करें l😊क्या लगता है आपको, 17 मई के बाद एकाएक कोरोना चला जायेगा, हम पहले की तरह जीवन जीने लगेंगे ? *नहीं, कदापि नहीं।* ये वायरस अब हमारे देश में जड़ें जमा चुका है, हमे इसके साथ रहना सीखना पड़ेगा। कैसे ? सरकार कब तक lockdown रखेगी ? कब तक बाहर निकलने में पाबंदी रहेगी ? हमे स्वयं इस वायरस से लड़ना पड़ेगा, अपनी जीवन शैली में बदलाव करके, अपनी इम्युनिटी स्ट्रांग करके। हमे सैकड़ों साल पुरानी जीवन शैली अपनानी पड़ेगी। शुद्ध आहार लें, शुद्ध मसाले खाएं। आंवला, एलोवेरा, गिलोय, काली मिर्च, लौंग आदि पर निर्भर हों, एन्टी बाइटिक्स के चंगुल से खुद को आज़ाद करें। अपने भोजन में पौष्टिक आहार की मात्रा बढ़ानी होगी, फ़ास्ट फ़ूड, पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड्रिंक भूल जाएं। अपने बर्तनों को बदलना होगा, एल्युमिनियम, स्टील आदि से हमें भारी बर्तन जैसे पीतल, कांसा, तांबा को अपनाना होगा जो प्राकृतिक रूप से वायरस की खत्म करते हैं। अपने आहार में दूध, दही, घी की मात्रा बढ़ानी होगी। भूल जाइए जीभ का स्वाद, तला-भुना मसालेदार, होटल वाला कचरा। कम से कम अगले 2 -3 साल तक तो ये करना ही पड़ेगा। तभी हम सरवाइव कर पाएंगे। जो नहीं बदले वो खत्म हो जाएंगे। इस बात को मान कर इन पर अमल करना शुरू कर दें। *बाकी*🤷🏻‍♂🤷🏻‍♂🤷🏻‍♂ *जिंदगी आपकी फैसला आपका

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NEha sharma 💞💞 May 10, 2020

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Sanjay Dubey May 10, 2020

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Raj May 10, 2020

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