सूर्यनारायण मंदिर सिद्ध पीठ गढ़ी नगला श्योराम खैर अलीगढ़ उत्तरप्रदेश। सांध्य दर्शन

सूर्यनारायण मंदिर सिद्ध पीठ गढ़ी नगला श्योराम खैर अलीगढ़ उत्तरप्रदेश।
सांध्य दर्शन

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sn vyas Jan 19, 2022

🥀👌👍🌷👌👍🌺👌👍🥀 *🙏सादर वन्दे🙏* *🚩धर्मयात्रा🚩* *👌स्टेचू आफ इक्वलिटी👌* राजीव गाॅंधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा शमशाबाद हेदराबाद से 17 कि. मी. की दूरी पर *मुचिन्तल* गाँव में रामानुजाचार्य स्वामीजी की प्रतिमा को स्थापित किया गया है l इस संरचना का आधार , जिसे भद्रपीता कहते हैं , करीब 58 फीट ऊंचा है जिस पर यह प्रतिमा स्थापित की गई है l स्टैचू आफ इक्वलिटी में 2 प्रतिमाएँ है --- *पहली मूर्ति* 216 फिट ऊॅंची है , जो अष्ट धातु से बनाई गई है , जिसका नाम *स्टेचू ऑफ़ इक्वलिटी* दिया गया है l रामानुजाचार्य स्वामीजी की इस प्रतिमा की लागत करीब 400 करोड है और यह मूर्ति चीन में बनी है l इस मूर्ति पर किये गए खर्च की राशि को दान के द्वारा ही इकट्ठा किया गया है l यह अष्ट धातु से बनी सबसे बड़ी मूर्ति है जिसे *गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड* रिकॉर्ड में शामिल किया गया है l *दूसरी प्रतिमा* को मन्दिर के गर्भ ग्रह में स्थापित किया गया है जो 120 किलो शुद्ध सोने से बनाई गई है l रामानुजाचार्य धरती पर 120 वर्ष तक रहे थे इसलिए इनकी मूर्ति को 120 किलो सोने से बनाया गया है l इस प्रतिमा का अनावरण , संत रामानुजाचार्य स्वामीजी के जन्म के 1000 वर्ष पूरे होने पर किया जा रहा है l रामानुजाचार्य स्वामी का जन्म 1017 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में हुआ था l उनके माता का नाम कांतिमती और पिता का नाम केशवचार्युलु था l भक्तों का मानना है कि यह अवतार स्वयं भगवान आदिश ने लिया था l रामानुजाचार्य स्वामीजी ने उपदेश दिया था कि आध्यात्मिक आनंद सभी मानव आत्माओं के लिए उपलब्ध है , चाहे उनका जन्म कुछ भी हो। रामानुजन के अनुसार भक्ति का अर्थ पूजा , पाठ , भजन या कीर्तन करना नहीं बल्कि ईश्वर का ध्यान करना या ईश्वर की प्रार्थना करना है lआपने भक्ति को जाति वर्ग से अलग सभी के लिए संभव माना है l रामानुजाचार्य 1137 मे ब्रह्मलीन हो गए l सनातन धर्म के किसी भी संत के लिए इतना भव्य मन्दिर आज तक नहीं बनाया गया है l इस मन्दिर का निर्माण कार्य सन् 2014 से ही प्रारंभ किया जा चुका था l सनातन धर्म के किसी भी संत के लिए इतना भव्य मन्दिर आज तक नहीं बनाया गया है l यह भव्य मन्दिर 45 एकड़ जमीन पर बनाया गया है ; मन्दिर में दर्शन के लिए पाॅंच भाषाओं में गाइड मिलेगा इन पाॅंच भाषाओं में अंग्रेजी , हिंदी , तमिल , तेलुगू और एक और भाषा शामिल की गई है l मन्दिर के भीतर रामानुजाचार्य के पूरे जीवन को चित्र और वीडियो के माध्यम से दिखाया जाएगा यह मन्दिर दुनिया के सबसे सुंदर मन्दिरों में से एक है l *मुचिन्तल गांव :-----* राजीव गाॅंधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा शमशाबाद हेदराबाद से 17 कि. मी. की दूरी पर मुचिन्तल गाँव में इस प्रतिमा को स्थापित किया गया है l प्रतिमा और मन्दिर परिसर , आध्यात्मिक प्रमुख त्रिदंडी चिन्ना जीयर स्वामी के दिमाग की उपज है। यह दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची बैठी हुई प्रतिमा ( दुनिया की सबसे ऊंची मुर्ति थाईलैंड में 302 फीट की है जो महान गोतम बुद्ध की है ) है । यह प्रतिमा ( स्टेचू आफ इक्वलिटी ) जमीन से , 216 फीट ऊॅंची है l इमारत का बेस , तीन मंजिल का है। चिन्ना जीयर स्वामी की निगरानी में , एक 3डी डिजिटल स्केल की गई छवि बनाई गई , जिसे एरोसन कॉर्पोरेशन को भेजा गया और उन्होंने इसका इस्तेमाल 1,500 टुकड़ों को बनाने के लिए किया है जिन्हें मूर्ति में इकट्ठा किया गया है। सबसे बड़ा और सबसे भारी खंड वह चेहरा है जो 24 फीट गुणा 24 फीट का है। मूर्ति पर कोई वेल्डिंग के निशान नहीं है l *मूर्ति को 36 विशाल हाथियों द्वारा धारण किए गए कमल पर विराजमान किया गया है।* मन्दिर परिसर और मूर्ति के आधार पर डिजिटल साउंड एंड लाइट शो सहित पूरी परियोजना पर करीब 1,000 करोड़ रू खर्च हुए है l यह समतावादी द्रष्टा रामानुजाचार्य के लिए एक आदर्श संदेश है l स्टेचू आफ इक्वलिटी प्रतिमा शमशाबाद हवाई अड्डे हेदराबाद पर ऊतरने और उड़ान भरने वाली उड़ानों से दिखाई देगी। राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट शमशाबाद हैदराबाद से मात्र 17 कि.मी.दूर मुचिन्तल नामक गांव है जहाँ यह मूर्ति प्रतिस्थापित गई है l मूर्ति के अनावरण का कार्यक्रम 02 फरवरी 2022 से 14 फरवरी 2022 तक सम्पन्न होने जा रहा है ; इस कार्यक्रम में , जनकल्याण के लिए सहस्रहुंदात्माक लक्ष्मीनारायण यज्ञ किया जाएगा l मेगा इवेंट के लिए बनाए गए 1035 हवन कुंडों में लगभग दो लाख किलो गाय के घी का उपयोग किया जाएगा l यह चिन्ना जीयर का सपना है कि “दिव्य साकेतम”, मुचिन्तल की विशाल स्पिरिचुअल फैसिलिटी जल्द ही एक विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थान के रूप में उभरेगी l पार्क के चारों ओर 108 दिव्यदेशम या मन्दिर बनाए गए हैं l पत्थर के खंभों को राजस्थान में विशेष रूप से तराशा गया है रामानुजाचार्य स्वामी के अनुसार सर्वशक्तिमान के सामने सभी समान हैं , उन्होंने दलितों के साथ कुलीन वर्ग के समान व्यवहार किया l उन्होंने छुआछूत और समाज में मौजूद अन्य बुराइयों को जड़ से उखाड़ फेंका l स्वामी जी ने सभी को भगवान की पूजा करने का समान विशेषाधिकार दिया l इस कार्यक्रम का निमंत्रण , भारत के राष्ट्रपति महामहीम श्री रामनाथ कोविंद , प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी , गृहमंत्री श्री अमित शाह , आर. एस. एस. के प्रमुख श्री मोहन भागवत रक्षामंत्री श्री राजनाथसिंह , केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरीजी आदि को दिया गया है l मुचिन्तल गाँव के रामनगर में ये प्रतिमाएँ स्थापित की गई है l 🥀👌👍🌺👌👍🌷👌👍🥀

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