Ⓜ@Nisha
Ⓜ@Nisha Dec 14, 2019

🌹☘🌹सभी भाई बहेनो को नमस्कार 🌹☘🌹 ✍️✍️❄✍✍आज का अनमोल मोती ✍✍❄✍✍ 🌹☘️🌹 जय श्री राम 🌹☘🌹 **🌹✍️*🌹आज का सुविचार🌹* *गुस्सा अकेला आता हैं, मगर हमसे सारी अच्छाई ले जाता हैं।* *सब्र भी अकेला आता हैं, मगर हमें सारी अच्छाई दे जाता हैं !!* *परिस्थितियाँ जब विपरीत होती है, तब व्यक्ति का "प्रभाव और पैसा" नहीं "स्वभाव और सम्बंध" काम आते है।* *जो ईश्वर के सामने झुकता है*.... *ईश्वर उसे किसी के सामने झुकने नही देता है।* 🌹🌹 *🌹🌹 🌹🌿 🌹🌿 🙏🌹आपका दिन मंगलमय हो🌹 🌹🙏🏻🌹जय श्रीराम🌹🙏🌹 🙏🌹 जय श्री हनुमान 🌹🙏 🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹 ✍✍❄✍✍ अमृतवाणी ✍✍❄✍✍ श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था? नहीं तो जानिये- 1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए, 2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए, 3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे, 4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था, 5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की | 6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए, 7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था, 8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए, 9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए, 10- अनरण्य से पृथु हुए, 11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ, 12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए, 13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था, 14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए, 15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ, 16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित, 17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए, 18- भरत के पुत्र असित हुए, 19- असित के पुत्र सगर हुए, 20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था, 21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए, 22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए, 23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे | 24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है | 25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए, 26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे, 27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए, 28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था, 29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए, 30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए, 31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे, 32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए, 33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था, 34- नहुष के पुत्र ययाति हुए, 35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए, 36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था, 37- अज के पुत्र दशरथ हुए, 38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए | इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने.. 🏹रामचरित मानस के कुछ रोचक तथ्य🏹 1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे। 2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं। 3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है। 4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है। 5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है। 6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है। 7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है। 8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का। 9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में। 10:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी। 11:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी। 12:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला। 13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला। 14:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ। 15:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं। 16:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं। 17:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए। 18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में। 19:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर। ✍✍❄✍✍ जय श्री राम ✍✍❄✍✍

🌹☘🌹सभी भाई बहेनो को नमस्कार 🌹☘🌹
✍️✍️❄✍✍आज का अनमोल मोती ✍✍❄✍✍

       🌹☘️🌹 जय श्री राम 🌹☘🌹

**🌹✍️*🌹आज का सुविचार🌹*                                                                 *गुस्सा अकेला आता हैं, मगर हमसे सारी अच्छाई ले जाता हैं।*  *सब्र भी अकेला आता हैं, मगर हमें सारी अच्छाई दे  जाता हैं !!* *परिस्थितियाँ जब विपरीत होती है, तब व्यक्ति  का "प्रभाव और पैसा" नहीं "स्वभाव और सम्बंध" काम आते है।* *जो ईश्वर के सामने झुकता है*.... *ईश्वर उसे किसी के सामने झुकने नही देता है।* 🌹🌹 *🌹🌹 🌹🌿 🌹🌿 🙏🌹आपका दिन मंगलमय हो🌹     🌹🙏🏻🌹जय श्रीराम🌹🙏🌹
  🙏🌹 जय श्री हनुमान 🌹🙏
🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹

✍✍❄✍✍ अमृतवाणी ✍✍❄✍✍
श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?
नहीं तो जानिये-
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने..

🏹रामचरित मानस के कुछ रोचक तथ्य🏹

1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।

8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
10:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी।
11:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
12:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला।
13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
14:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ।

15:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं।
16:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं।

17:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए।
18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में।
19:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।

✍✍❄✍✍ जय श्री राम ✍✍❄✍✍
🌹☘🌹सभी भाई बहेनो को नमस्कार 🌹☘🌹
✍️✍️❄✍✍आज का अनमोल मोती ✍✍❄✍✍

       🌹☘️🌹 जय श्री राम 🌹☘🌹

**🌹✍️*🌹आज का सुविचार🌹*                                                                 *गुस्सा अकेला आता हैं, मगर हमसे सारी अच्छाई ले जाता हैं।*  *सब्र भी अकेला आता हैं, मगर हमें सारी अच्छाई दे  जाता हैं !!* *परिस्थितियाँ जब विपरीत होती है, तब व्यक्ति  का "प्रभाव और पैसा" नहीं "स्वभाव और सम्बंध" काम आते है।* *जो ईश्वर के सामने झुकता है*.... *ईश्वर उसे किसी के सामने झुकने नही देता है।* 🌹🌹 *🌹🌹 🌹🌿 🌹🌿 🙏🌹आपका दिन मंगलमय हो🌹     🌹🙏🏻🌹जय श्रीराम🌹🙏🌹
  🙏🌹 जय श्री हनुमान 🌹🙏
🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹

✍✍❄✍✍ अमृतवाणी ✍✍❄✍✍
श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?
नहीं तो जानिये-
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने..

🏹रामचरित मानस के कुछ रोचक तथ्य🏹

1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।

8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
10:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी।
11:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
12:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला।
13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
14:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ।

15:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं।
16:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं।

17:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए।
18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में।
19:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।

✍✍❄✍✍ जय श्री राम ✍✍❄✍✍
🌹☘🌹सभी भाई बहेनो को नमस्कार 🌹☘🌹
✍️✍️❄✍✍आज का अनमोल मोती ✍✍❄✍✍

       🌹☘️🌹 जय श्री राम 🌹☘🌹

**🌹✍️*🌹आज का सुविचार🌹*                                                                 *गुस्सा अकेला आता हैं, मगर हमसे सारी अच्छाई ले जाता हैं।*  *सब्र भी अकेला आता हैं, मगर हमें सारी अच्छाई दे  जाता हैं !!* *परिस्थितियाँ जब विपरीत होती है, तब व्यक्ति  का "प्रभाव और पैसा" नहीं "स्वभाव और सम्बंध" काम आते है।* *जो ईश्वर के सामने झुकता है*.... *ईश्वर उसे किसी के सामने झुकने नही देता है।* 🌹🌹 *🌹🌹 🌹🌿 🌹🌿 🙏🌹आपका दिन मंगलमय हो🌹     🌹🙏🏻🌹जय श्रीराम🌹🙏🌹
  🙏🌹 जय श्री हनुमान 🌹🙏
🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹

✍✍❄✍✍ अमृतवाणी ✍✍❄✍✍
श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?
नहीं तो जानिये-
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने..

🏹रामचरित मानस के कुछ रोचक तथ्य🏹

1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।

8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
10:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी।
11:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
12:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला।
13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
14:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ।

15:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं।
16:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं।

17:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए।
18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में।
19:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।

✍✍❄✍✍ जय श्री राम ✍✍❄✍✍
🌹☘🌹सभी भाई बहेनो को नमस्कार 🌹☘🌹
✍️✍️❄✍✍आज का अनमोल मोती ✍✍❄✍✍

       🌹☘️🌹 जय श्री राम 🌹☘🌹

**🌹✍️*🌹आज का सुविचार🌹*                                                                 *गुस्सा अकेला आता हैं, मगर हमसे सारी अच्छाई ले जाता हैं।*  *सब्र भी अकेला आता हैं, मगर हमें सारी अच्छाई दे  जाता हैं !!* *परिस्थितियाँ जब विपरीत होती है, तब व्यक्ति  का "प्रभाव और पैसा" नहीं "स्वभाव और सम्बंध" काम आते है।* *जो ईश्वर के सामने झुकता है*.... *ईश्वर उसे किसी के सामने झुकने नही देता है।* 🌹🌹 *🌹🌹 🌹🌿 🌹🌿 🙏🌹आपका दिन मंगलमय हो🌹     🌹🙏🏻🌹जय श्रीराम🌹🙏🌹
  🙏🌹 जय श्री हनुमान 🌹🙏
🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹☘🌹

✍✍❄✍✍ अमृतवाणी ✍✍❄✍✍
श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?
नहीं तो जानिये-
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने..

🏹रामचरित मानस के कुछ रोचक तथ्य🏹

1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।

8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
10:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी।
11:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
12:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला।
13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
14:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ।

15:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं।
16:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं।

17:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए।
18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में।
19:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।

✍✍❄✍✍ जय श्री राम ✍✍❄✍✍

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कामेंट्स

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@sanjna ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@yogendrasharmapandit ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@kamala ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@nareshrawat1 ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@rhbhatt ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@ramswaroopchaurasia ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@kamala ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@renusingh15 ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@sitarampareek4 ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@यूपीसिद्धार्थनगर ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@kailashprasad16 ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@sangeetalal ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@sonu.yogiraj ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@राधारानीराधारानी ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@rambabu.mahor.morena.mp.1 ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@naresh1928nareshdodia ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@arjanbhailaljikhandar आपका बहुत बहुत धन्यवाद भाई जय श्री कृष्ण राधे राधे शुभ दोपहर नमस्कार हमेशा खुश रहो स्वस्थ रहो 🌷🌷👏🌷🌷👏🌷🌷 ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

Arjan. Lalji. Khandar. Dec 15, 2019
@भक्तिवंदना .बहेन, का धन्यवाद. आशीर्वाद, सदा मेरे (भाई) के शिर पर रहेगा 🌹🙏जय श्री राधे राधे जय श्री कृष्णा 🙏मेरी बहना हमशां खुस रहो 🙏 स्वस्थ रहो, शुभ शंघ्या नमस्कार बहेन 🙏🌹🌷🙏 मेरी बहना का दिन शुभ मंगलमय हो 🔔🌳🌹👏

Ⓜ@Nisha Dec 15, 2019
@arjanbhailaljikhandar आपका बहुत बहुत धन्यवाद शुभ संध्या नमस्कार भाई हमेशा खुश रहो स्वस्थ रहो आपका हर पल खुशियों से भरा हो ✍✍ 🌻शुभ रविवार 🌻✍✍ ✍✍❄✍✍❄✍✍❄✍✍ *✍🌺 जय श्री कृष्ण🌺✍* *'अहंकार' दूसरों को* *झुकाने में आनंदित होता है...* *और* *'संस्कार' खुद* *झुकने में आनंदित होता है...* ✍✍❄✍❄✍✍❄✍✍ 👏 आपका दिन मंगलमय हो 👏 🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳🌹🌳

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Sahil Grover Jan 26, 2020

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Sahil Grover Jan 26, 2020

एक दिन माता पार्वती ने महादेव से पूछा -" प्रभु श्री राम और रावण दोनो ही आपके परम भक्त थे तो आप किसके साथ थे? महादेव ने कहा -" देवी ! दोनो के साथ क्योंकि मै दोनो ही पक्ष मे था " इससे माता पार्वती ने आश्चर्य से पूछा ये कैसे सम्भव है आप दोनो पक्ष मे कैसे हो सकते है? तब महादेव ने कहा - " देवी ! अपने ग्यारहवे अंश हनुमान के रूप मे मै प्रभु का सहायक बना परन्तु रावण के पक्ष मे रह कर मै अपने प्रभु के योद्धा रूप को देख रहा था ? जिज्ञासा वश माता ने पूछा क्या देखा आपने? महादेव ने कहा - सुनिए देवी ! ऐसा लगा जैसे खुद काल विकराल रूप धारण कर रण मे आ गया है पाप और अधर्म करने वालो के ह्रदय मे भय उत्पन्न कर रहे थे मेरे राम परन्तु भक्तो और साधुजनो को निर्भय कर रहे थे मेरे राम सत्य कहूं तो ज्ञान की देवी सरस्वती भी मेरे प्रभु श्री राम के रूप का वर्णन करने मे असमर्थ है देवी " ऐसे कह महादेव प्रभु के रूप मे डूब गए ।।

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Makhan Gurjar Jan 26, 2020

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Minakshi Tiwari Jan 25, 2020

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