Tikaram Ayre
Tikaram Ayre Jul 23, 2017

Har Har mahadev

Har Har mahadev
Har Har mahadev

#महादेव
Har Har mahadev

+34 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
PDJOSHI Oct 21, 2020

+6 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स • 0 शेयर
Heeralal Prajapati Oct 20, 2020

+8 प्रतिक्रिया 1 कॉमेंट्स • 1 शेयर
Kumarpal Shah Oct 20, 2020

🕉️ Namah shivay 🙏 @ *"हिन्दू"*शब्द की खोज* *'हिन्दू'* शब्द, करोड़ों वर्ष प्राचीन, संस्कृत शब्द है! अगर संस्कृत के इस शब्द का सन्धि विछेदन करें तो पायेंगे .... *हीन+दू* = हीन भावना + से दूर *अर्थात* जो हीन भावना या दुर्भावना से दूर रहे, ...मुक्त रहे ....वो हिन्दू है ! हमें बार-बार, हमेशा झूठ ही बतलाया जाता है कि ...हिन्दू शब्द मुगलों ने हमें दिया, जो.... *"सिंधु" से "हिन्दू"* हुआ, *हिन्दू शब्द की वेद से ही उत्पत्ति है !* जानिए, कहाँ से आया हिन्दू शब्द, और कैसे हुई इसकी उत्पत्ति! भारत में बहुत से लोग हिन्दू हैं, एवं वे हिन्दू धर्म का पालन करते हैं। अधिकतर लोग.... *"सनातन धर्म" को हिन्दू धर्म मानते हैं*। कुछ लोग यह कहते हैं कि *हिन्दू शब्द सिंधु से बना है*, औऱ यह फारसी शब्द है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है! हमारे "वेदों" और "पुराणों" में *हिन्दू शब्द का उल्लेख* मिलता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि हमें हिन्दू शब्द कहाँ से मिला है! "ऋग्वेद" के *"ब्रहस्पति अग्यम"* में हिन्दू शब्द का उल्लेख इस प्रकार आया हैं:- *“हिमलयं समारभ्य* *यावत इन्दुसरोवरं ।* *तं देवनिर्मितं देशं* *हिन्दुस्थानं प्रचक्षते।* *अर्थात :* हिमालय से इंदु सरोवर तक, देव निर्मित देश को *हिंदुस्तान* कहते हैं! केवल *"वेद"* ही नहीं, बल्कि *"शैव" ग्रन्थ* में हिन्दू शब्द का उल्लेख इस प्रकार किया गया हैं:- *"हीनं च दूष्यतेव्* *हिन्दुरित्युच्च ते प्रिये।”* *अर्थात :-* जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं! इससे मिलता जुलता लगभग यही श्लोक *"कल्पद्रुम"* में भी दोहराया गया है : *"हीनं दुष्यति इति हिन्दूः।”* *अर्थात* जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे उसे हिन्दू कहते हैं। *"पारिजात हरण"* में हिन्दू को कुछ इस प्रकार कहा गया है :- *”हिनस्ति तपसा पापां* *दैहिकां दुष्टं ।* *हेतिभिः श्त्रुवर्गं च* *स हिन्दुर्भिधियते।”* *अर्थात :* जो अपने तप से शत्रुओं का, दुष्टों का, और पाप का नाश कर देता है, वही हिन्दू है ! *"माधव दिग्विजय"* में भी हिन्दू शब्द को कुछ इस प्रकार उल्लेखित किया गया है :- *“ओंकारमन्त्रमूलाढ्य* *पुनर्जन्म द्रढ़ाश्य:।* *गौभक्तो भारत:* *गरुर्हिन्दुर्हिंसन दूषकः ।* *अर्थात :* वो जो *"ओमकार"* को ईश्वरीय धुन माने, कर्मों पर विश्वास करे, गौपालक रहे, तथा बुराइयों को दूर रखे, वो हिन्दू है! केवल इतना ही नहीं, हमारे *"ऋगवेद" (८:२:४१)* में *विवहिन्दू* नाम के बहुत ही पराक्रमी और दानी राजा का वर्णन मिलता है, जिन्होंने ४६,००० गौमाता दान में दी थी! और *"ऋग्वेद मंडल"* में भी उनका वर्णन मिलता है! *"ऋगवेद"* में एक ऋषि का उल्लेख मिलता है, जिनका नाम "सैन्धव" था, जो मध्यकाल में आगे चलकर *“हैन्दव/हिन्दव”* नाम से प्रचलित हुए! जिसका बाद में अपभ्रंश होकर हिन्दू बन गया। औरो को भी बतायें। *शिवओम मिश्र*

+25 प्रतिक्रिया 4 कॉमेंट्स • 57 शेयर
Sumitra Soni Oct 19, 2020

+1304 प्रतिक्रिया 220 कॉमेंट्स • 484 शेयर

भारत का एकमात्र धार्मिक सोशल नेटवर्क

Rate mymandir on the Play Store
5000 से भी ज़्यादा 5 स्टार रेटिंग
डेली-दर्शन, भजन, धार्मिक फ़ोटो और वीडियो * अपने त्योहारों और मंदिरों की फ़ोटो शेयर करें * पसंद के पोस्ट ऑफ़्लाइन सेव करें
सिर्फ़ 4.5MB