श्रीशैलम मंदिर के प्रवेश द्वार श्रीशैलम मंदिर

श्रीशैलम मंदिर के प्रवेश द्वार

श्रीशैलम मंदिर

श्रीशैलम मंदिर के प्रवेश द्वार

श्रीशैलम मंदिर की प्रमुख विशेषताओं में से एक है इसका चित्ताकर्षक स्थापत्य, जो इसे विशिष्टता के साथ ही अपूर्व प्रसिद्धि भी प्रदान कराता है। इस विशाल मंदिर का परिसर चारों ओर से प्राकार दीवार (चाहरदीवारी) से घिरा हुआ है, जिसमें चार मुख्य दिशाओं में चार प्रवेश द्वार बने हुए हैं। इन सभी द्वारों पर बने सुन्दर और ऊँचे गोपुरम इनकी शोभा बढ़ाते हैं। श्रीशैलम मंदिर के इन प्रवेश द्वारों (गोपुरम) को उनके विशिष्ट नामों और ऐतिहासिक संदर्भों के लिए भी जाना जाता है।

पूर्वी गोपुरम – श्री कृष्णदेव राय गोपुरम / राजगोपुरम श्रीशैलम मंदिर के पूर्वी गोपुरम का निर्माण विजयनगर साम्राज्य के प्रसिद्ध शासक ‘श्री कृष्णदेव राय’ ने कराया था। उनके नाम पर ही इस गोपुरम का नाम ‘कृष्णदेव राय गोपुरम’ रखा गया। पारम्परिक रूप से, इस गोपुरम को ‘राजगोपुरम’ अथवा ‘महाद्वार’ भी कहा जाता है।

पश्चिमी गोपुरम – अम्मावारी गोपुरम इस मंदिर के पश्चिमी गोपुरम का निर्माण ‘श्रीशैलम देवस्थानं’ द्वारा 1960 के दशक में कराया गया था। इस गोपुरम को ‘अम्मावारी गोपुरम’ के नाम से जाना जाता है।

उत्तरी गोपुरम – शिवाजी गोपुरम माना जाता है कि उत्तरी गोपुरम का निर्माण मराठा शासक ‘छत्रपति शिवाजी’ ने, अपनी श्रीशैलम यात्रा के दौरान, सन् 1677 में कराया था। इसी कारण इसे ‘शिवाजी गोपुरम’ नाम दिया गया।

दक्षिणी गोपुरम मंदिर के दक्षिणी गोपुरम का निर्माण विजयनगर साम्राज्य के शासक ‘हरि हर द्वित्तीय’ (हरि हर राय) द्वारा सन् 1405 में कराया गया था।

 

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कामेंट्स

Manoj Chawda Aug 7, 2017
नमः शिवाय, धन्यवाद शिव शिवा, धन्यवाद बाबाजी

Tinku Singh Jan 27, 2020

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